Click Here to Verify Your Membership
First Post Last Post
Desi कमसिन कलियाँ और हरामी लाला

मीनल ने भी अपना टॉप एक झटके में उतार फेंका
नीचे की पायजामी भी उसने नीचे खिसका दी
पल भर में ही वो नंगी खड़ी थी.

वो अपने मुम्मे और उन पर लगे दाने दबाने लगी, और वो दाने दबाते हुए बुदबुदा भी रही थी : "साला हरामी लाला....भेंन का लौड़ा ...हरामी उल्टा पड़े-2 ही झड़ गया था...इसलिए सीधा नही हुआ.....हाय .....काश मैं होती वहां पर....सारा माल चाट जाती उस लाला का.....अहह

पिंकी और निशि को मर्दो के बारे में इतना डीटेल से नही पता था की वो भी झड़ते है...

और झड़ने के बाद उनके लंड से ढेर सारा मीठा रस निकलता है...

निशि ने ही उत्सुकततावश पूछ लिया : "दीदी....ये झड़ने के बाद क्या होता है....'??

वो अपनी बहन की तरफ पलटी और उसके करीब आकर उसने उसका मुम्मा पकड़ कर ज़ोर से दबा दिया...

वो चिहुंक उठी...

और फिर अपने दाँये हाथ की एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी....

और ज़ोर-2 से अंदर बाहर करने लगी...



बेचारी निशि पहले से ही झड़ने के कगार पर थी
उपर से अपनी बहन के जादुई हाथो की करामात से वो बुरी तरह से छटपटाने लगी

और एक मिनट में ही उसकी चूत से शुद्ध देसी घी निकल कर बाहर आ गया...

मीनल ने अपनी उंगलियो पर लगे उस माल को चाट लिया और धीरे से फुसफुसाई : "ये होता है झड़ना...

और जब मर्द झड़ता है ना, तो उसके लंड से ढेर सारा रस निकलता है...वो होता है असली माल....जो चूत में जाए तो बच्चा बना दे और मुँह मे जाए तो स्वाद जगा दे....''

उसने बड़ी डीटेल से, डेमो देकर ये बात उन दोनो अल्हड़ लड़कियों को समझा दी...

पिंकी की हालत भी खराब हो रही थी...
उसकी आँखे लाल हो चुकी थी ये सब देखकर और सुनकर...

वो तो यही सोचने मे लगी थी की उसकी वजह से लालाजी के लंड का रस निकल गया था

और वो भी उन्ही के बेड पर...
काश वो देख पाती वो रसीला रस.

पर अभी का सीन देखकर तो उसकी खुद की चूत में से रस निकलने लगा था...

उपर से अपनी सहेली सोनी का ऑर्गॅज़म देखकर और मीनल के सैक्सी हाव भाव देखकर, उसकी रही सही ताक़त भी जवाब दे गयी...

पर इससे पहले की वो या कोई और कुछ कर पाते
बाहर का दरवाजा खड़क गया...

और साथ ही निशि की माँ और भाई की आवाज़ आई

''दरवाजा खोल निशि .....इतनी देर क्यो लगा रही है....मीनल.....निशि ...दरवाजा खोलो....''

निशि बेचारी नंगी ही भागती हुई वापिस बाथरूम के अंदर चली गयी....

पिंकी ने अपना हुलिया ठीक किया और मीनल ने अपने कपडे पहने और बाहर जाकर दरवाजा खोल दिया.

आज उनके आ जाने से कुछ ''ख़ास'' होने से बच गया था.

पर ये सब ज्यादा देर तक बचकर नहीं रहने वाला था, मीनल के इस खेल में आ जाने से पिंकी और निशि की टीम थोड़ी और जानदार हो गयी थी ,

पर उन्हें क्या पता था की लाला कितना हरामी है, एक तो साहूकार और ऊपर से ठरकी भी

उनकी टीम और चुतों का उसने वो हाल करना था की उन्हें भी जीवनभर याद रहने वाला था..

सोनी की माँ और भाई के आने के बाद पिंकी ने भी वहां देर तक रुकना सही नही समझा...

वो बाहर निकल गयी, पर जाने से पहले मीनल ने उसका हाथ पकड़ा और उसके कान में फुसफुसा कर बोली : "मुझे पता है की अभी भी तेरे मन में बहुत कुछ चल रहा है, तू फ़िक्र मत कर, इसका इंतज़ाम मैं जल्द ही करूँगी...''

पिंकी का तो चेहरा ही लाल हो गया ये सुनकर...
यानी अभी कुछ देर पहले जो डेमो मीनल दीदी ने उन्हे दिया था, वो अब खुद करके दिखाएगी...
लाला के साथ.

ये मीनल दीदी तो बड़ी चालू निकली
उनकी आड़ में वो लाला से मज़े लेने के मूड में थी.

पर जो भी था, अपनी चूत मरवाना तो पिंकी और सोनी भी नही चाहते थे अभी...

ऐसे में लाला के लंड की करामात वो मीनल दीदी के साथ देखकर कम से कम कुछ मज़ा तो ले ही सकते है..
और शायद मीनल को ऐसा करते देखने के बाद उनमे भी चुदवाने की हिम्मत आ जाए..

यही सब सोचते-2 वो घर चली गयी...

अगली सुबह मीनल अच्छे से तैयार हुई और सीधा लाला की दुकान पर पहुँच गयी...

लाला ने जब दूर से उसे मटकते हुए अपनी दुकान की तरफ़ आते हुए देखा तो वो कसमसा कर अपने लंड (रामलाल) से बोला : "अरे ...देख तो रामलाल...वो कौन आ रही है....तेरे दिल की रानी..

साली जब से शादी करके गयी है , पहली बार दिखी है...शादी के बाद तो कमाल की लग रही है साली चुदक्कड़ ...

ज़रा देख तो उसके रसीले आमों को ...पहले तो साली चुन्नी में छुपा कर रखती थी.. और अब साली सीना उभार कर दिखा रही है...


लाला के देखते-2 मीनल के मुम्मे पास आते चले गये और बड़े होते गये...
लाला का हाथ अपनी आदतानुसार एक बार फिर से अपनी धोती में घुस गया.

लाला :"अरी आजा मीनल आजा.....आज तो बड़े दिनों के बाद दिखाई दी है...लगता है शादी के बाद तेरा मन अच्छे से लग गया है अपने ससुराल में ...''

मीनल ने एक कातिल सी मुस्कान लाला को दी और बोली : "मन तो लग ही गया है, पर लाला तेरी याद खींच लाई मुझे , इसलिए मिलने चली आई...''

मीनल के इस बेबाक से जवाब को सुनकर लाला को करंट सा लगा...

आज से पहले उसने ऐसी फ्लर्ट भरी बातो को हमेशा से ही इग्नोर किया था...

शायद तब वो कुँवारी थी

और अपने माँ भाई की इज़्ज़त का उसे डर था..

Quote

(28-06-2017, 05:09 PM)arav1284 : मीनल ने भी अपना टॉप एक झटके में उतार फेंका
नीचे की पायजामी भी उसने नीचे खिसका दी
पल भर में ही वो नंगी खड़ी थी.

वो अपने मुम्मे और उन पर लगे दाने दबाने लगी, और वो दाने दबाते हुए बुदबुदा भी रही थी : "साला हरामी लाला....भेंन का लौड़ा ...हरामी उल्टा पड़े-2 ही झड़ गया था...इसलिए सीधा नही हुआ.....हाय .....काश मैं होती वहां पर....सारा माल चाट जाती उस लाला का.....अहह

पिंकी और निशि को मर्दो के बारे में इतना डीटेल से नही पता था की वो भी झड़ते है...

और झड़ने के बाद उनके लंड से ढेर सारा मीठा रस निकलता है...

निशि ने ही उत्सुकततावश पूछ लिया : "दीदी....ये झड़ने के बाद क्या होता है....'??

वो अपनी बहन की तरफ पलटी और उसके करीब आकर उसने उसका मुम्मा पकड़ कर ज़ोर से दबा दिया...

वो चिहुंक उठी...

और फिर अपने दाँये हाथ की एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी....

और ज़ोर-2 से अंदर बाहर करने लगी...



बेचारी निशि पहले से ही झड़ने के कगार पर थी
उपर से अपनी बहन के जादुई हाथो की करामात से वो बुरी तरह से छटपटाने लगी

और एक मिनट में ही उसकी चूत से शुद्ध देसी घी निकल कर बाहर आ गया...

मीनल ने अपनी उंगलियो पर लगे उस माल को चाट लिया और धीरे से फुसफुसाई : "ये होता है झड़ना...

और जब मर्द झड़ता है ना, तो उसके लंड से ढेर सारा रस निकलता है...वो होता है असली माल....जो चूत में जाए तो बच्चा बना दे और मुँह मे जाए तो स्वाद जगा दे....''

उसने बड़ी डीटेल से, डेमो देकर ये बात उन दोनो अल्हड़ लड़कियों को समझा दी...

पिंकी की हालत भी खराब हो रही थी...
उसकी आँखे लाल हो चुकी थी ये सब देखकर और सुनकर...

वो तो यही सोचने मे लगी थी की उसकी वजह से लालाजी के लंड का रस निकल गया था

और वो भी उन्ही के बेड पर...
काश वो देख पाती वो रसीला रस.

पर अभी का सीन देखकर तो उसकी खुद की चूत में से रस निकलने लगा था...

उपर से अपनी सहेली सोनी का ऑर्गॅज़म देखकर और मीनल के सैक्सी हाव भाव देखकर, उसकी रही सही ताक़त भी जवाब दे गयी...

पर इससे पहले की वो या कोई और कुछ कर पाते
बाहर का दरवाजा खड़क गया...

और साथ ही निशि की माँ और भाई की आवाज़ आई

''दरवाजा खोल निशि .....इतनी देर क्यो लगा रही है....मीनल.....निशि ...दरवाजा खोलो....''

निशि बेचारी नंगी ही भागती हुई वापिस बाथरूम के अंदर चली गयी....

पिंकी ने अपना हुलिया ठीक किया और मीनल ने अपने कपडे पहने और बाहर जाकर दरवाजा खोल दिया.

आज उनके आ जाने से कुछ ''ख़ास'' होने से बच गया था.

पर ये सब ज्यादा देर तक बचकर नहीं रहने वाला था, मीनल के इस खेल में आ जाने से पिंकी और निशि की टीम थोड़ी और जानदार हो गयी थी ,

पर उन्हें क्या पता था की लाला कितना हरामी है, एक तो साहूकार और ऊपर से ठरकी भी

उनकी टीम और चुतों का उसने वो हाल करना था की उन्हें भी जीवनभर याद रहने वाला था..

सोनी की माँ और भाई के आने के बाद पिंकी ने भी वहां देर तक रुकना सही नही समझा...

वो बाहर निकल गयी, पर जाने से पहले मीनल ने उसका हाथ पकड़ा और उसके कान में फुसफुसा कर बोली : "मुझे पता है की अभी भी तेरे मन में बहुत कुछ चल रहा है, तू फ़िक्र मत कर, इसका इंतज़ाम मैं जल्द ही करूँगी...''

पिंकी का तो चेहरा ही लाल हो गया ये सुनकर...
यानी अभी कुछ देर पहले जो डेमो मीनल दीदी ने उन्हे दिया था, वो अब खुद करके दिखाएगी...
लाला के साथ.

ये मीनल दीदी तो बड़ी चालू निकली
उनकी आड़ में वो लाला से मज़े लेने के मूड में थी.

पर जो भी था, अपनी चूत मरवाना तो पिंकी और सोनी भी नही चाहते थे अभी...

ऐसे में लाला के लंड की करामात वो मीनल दीदी के साथ देखकर कम से कम कुछ मज़ा तो ले ही सकते है..
और शायद मीनल को ऐसा करते देखने के बाद उनमे भी चुदवाने की हिम्मत आ जाए..

यही सब सोचते-2 वो घर चली गयी...

अगली सुबह मीनल अच्छे से तैयार हुई और सीधा लाला की दुकान पर पहुँच गयी...

लाला ने जब दूर से उसे मटकते हुए अपनी दुकान की तरफ़ आते हुए देखा तो वो कसमसा कर अपने लंड (रामलाल) से बोला : "अरे ...देख तो रामलाल...वो कौन आ रही है....तेरे दिल की रानी..

साली जब से शादी करके गयी है , पहली बार दिखी है...शादी के बाद तो कमाल की लग रही है साली चुदक्कड़ ...

ज़रा देख तो उसके रसीले आमों को ...पहले तो साली चुन्नी में छुपा कर रखती थी.. और अब साली सीना उभार कर दिखा रही है...


लाला के देखते-2 मीनल के मुम्मे पास आते चले गये और बड़े होते गये...
लाला का हाथ अपनी आदतानुसार एक बार फिर से अपनी धोती में घुस गया.

लाला :"अरी आजा मीनल आजा.....आज तो बड़े दिनों के बाद दिखाई दी है...लगता है शादी के बाद तेरा मन अच्छे से लग गया है अपने ससुराल में ...''

मीनल ने एक कातिल सी मुस्कान लाला को दी और बोली : "मन तो लग ही गया है, पर लाला तेरी याद खींच लाई मुझे , इसलिए मिलने चली आई...''

मीनल के इस बेबाक से जवाब को सुनकर लाला को करंट सा लगा...

आज से पहले उसने ऐसी फ्लर्ट भरी बातो को हमेशा से ही इग्नोर किया था...

शायद तब वो कुँवारी थी

और अपने माँ भाई की इज़्ज़त का उसे डर था..

Minal lalako tarsayegi aur maza legi

Quote

लाला : "अच्छा किया ये तो तूने जो मिलने चली आई...बता क्या खातिरदारी करूँ तेरी...''

मीनल का मन तो हुआ की लाला से कहे की ये बकचोदी बंद करे और सीधा मुद्दे की बात पर आए...
अंदर चलकर चुदाई कर दे बस..

पर वो भी मज़े लेकर हर काम करना चाहती थी...
भले ही लंड लेने की उसे जल्दी थी पर इतनी भी नही की खुद ही चुदाई के लिए बोल दे...

उसे तो पहले लाला को तरसाना था
सताना था
और जब वो खुद उसके सामने लंड हाथ में लेकर गिड़गिडाएगा
तब वो अपनी चूत देगी उसे...

अभी तक तो यही प्लान था उसका...
बाकी उपर वाला जाने..

मीनल : "खातिरदारी तो आजकल आप सोनी और पिंकी की बहुत कर रहे हो लाला...सुना है बच्चियों को बड़े क्रीम रोल खिलाए जा रहे है आजकल...''

क्रीमरोल बोलते हुए मीनल की नज़रें लाला के लंड की तरफ थी, जो काउंटर के पीछे छुपा हुआ था...
और लाला के हिल रहे हाथ देखकर मीनल को सॉफ पता चल रहा था की वो साला ठरकी ज़रूर अपने लंड को मसल रहा होगा..

लाला ने जब क्रीम रोल वाला ताना सुना तो वो खिसियाई हुई सी हँसी हंसता हुआ बोला : "अररी वो...वो तो बस ऐसे ही....

तुझे तो पता है की लाला का दिल कितना बड़ा है...बच्चो को क्रीम रोल देने से वो अगर खुश हो जातीं है तो मुझे भी खुशी होती है..''



मीनल ने आँखे तरेर कर कहा : "हमे तो ना खिलाया तुमने आज तक अपना क्रीम रोल.... हमारा बचपन और जवानी तो ऐसे ही निकल गयी...

शादी होकर दूसरे शहर चली गयी..पर क्रीम रोल ना चखा मैने आज तक तेरा लाला...''

उसके द्विअर्थी संवाद को सुनकर लाला के चेहरे पर पसीना चमकने लगा...

साली कितनी चालाकी से वो लाला के लंड को लेने की बात कह रही थी...

पर लाला को अभी भी उसपर विश्वास नही हो रहा था, उसकी खुल्ली बातो को सुनकर

कहीं वो ऐसा-वैसा काम कर दे और बाद में गाँव भर में बदनामी हो , ये बात लाला हरगिज़ नही चाहता था...

भले ही कम मिले पर आराम से मिले, यही सिद्धांत था लाला का..जो उसके दोस्त रामलाल ने उसे सिखाया था..

उसकी बातो को परखने के लिए लाला ने झट्ट से मर्तबान से एक क्रीम रोल निकाल कर उसे थमा दिया..

मीनल ने मुँह बनाते हुए वो रोल पकड़ा और उसे बड़े ही बेमन से मुँह में लेकर चूस डाला...

ठीक वैसे ही जैसे कोई लंड को मुँह में लेकर चूसता है...


एक - दो चुप्पे मारने के बाद उसने उसे काटा तो अंदर भरी क्रीम उसके होंठो और मुँह पर लग गयी...
जिसे उसने अपनी गुलाबी जीभ निकाल कर चाट लिया..

लाला ये सब बड़े ध्यान से देख रहा था...
उसका तो दिल तभी से धाड़-2 बजने लगा था

जब उसने रोल को मुँह में लेकर लंड की तरह चूसा था...
ऐसे तो शबाना चूसती है उसके लंड को...

लाला : "अब बोल...कैसा लगा मेरा क्रीम रोल...!!

मीनल ने मुँह बिचका कर कहा : "एकदम ढीला...नर्म सा..मुझे तो कड़क पसंद है...कड़क क्रीम रोल है तो वो चखा लाला...''

लाला का मन तो किया की उसको घोड़ी बना कर, एक टाँग काउंटर पर रखे और घचाक से अपना लंड उसकी चूत में पेल कर उसे बेदर्दी से तब तक चोदे जब तक वो चिल्लाते हुए अपने मुँह से ये ना बोल दे की 'बस कर लाला....मार ही डालेगा तू तो...ये कड़क क्रीम रोल तो मेरी जान निकाल रहा है'



पर लाला जानता था की ऐसा करना अभी के लिए पॉसिबल नही है..

पर लाला अब इतनी बात तो समझ ही चुका था की वो लाला के लंड की ही बात कर रही है...

वो काउंटर से बाहर निकल आया..
और बाहर निकलते ही उसकी धोती में जो तंबू बना हुआ था वो मीनल को दिखाई दे गया...

अब चेहरे पर पसीना चमकने की बारी मीनल की थी...
लाला के लंड का उभार उसके शरीर से करीब एक फुट आगे तक निकला हुआ था...

जैसे उसके धोती के कपड़े को किसी खूँटे पर टाँग रखा हो.

धूर्त लाला के होंठो पर एक कुटिल मुस्कान आ गयी, वो बोला : "अर्रे, देख तो , तेरे माथे पर तो पसीना है...रुक ज़रा, मैं तुझे केम्पा पिलाता हूँ ...आजा अंदर...''

इतना कहकर लाला अंदर वाले कमरे की तरफ चल दिया....

और उसके पीछे -2 एक सम्मोहन में बँधी मीनल भी चल दी...

भले ही वो दुनिया भर की प्लानिंग करके आई थी
पर लाला के लंड के उभार ने ही उसकी चूत के पसीने निकाल दिए थे...

अब तो वो पूरी तरह से चुदने को तैयार थी...
बस लाला के कहने भर की देर थी और उसने अपना नाड़ा खोल देना था..

लाला ने उसके हाथ में कोल्ड ड्रिंक पकड़ाई तो उसका हाथ लाला से छू गया...

ऐसा लगा जैसे कोई कठोर चट्टान से घिस्सा लग गया हो उसका...

मीनल तो उसके रंग रूप और मर्दानेपन की कायल होती जा रही थी...

अचानक मीनल को महसूस हुआ की उसकी जाँघ पर कुछ रेंग रहा है...

उसने नीचे देखा तो उसका शरीर काँप सा गया..
वो लाला के लंड का सुपाड़ा था, जो उसकी धोती से निकल कर उसकी जाँघो को टच कर रहा था...

और ये ठीक वैसा ही था, जैसा की पिंकी ने बताया था...
एक दम काला नाग, कलाई जितना मोटा और एकदम कड़क....

लाला ने अपने दाँत निपोर कर कहा : "हाँ तो तू क्या कह रही थी..लाला का क्रीम रोल कड़क नही है...

वो तो दुनिया को दिखाने के लिए मर्तबान में रखा है..असली तो गोडाउन में रहता है...''

मीनल की नज़रें कभी लाला के चेहरे पर जाती और कभी उसके लंड पर...

बेचारी कुछ बोलने के काबिल ही नही रह गयी थी...
ऐसे कड़क रोल को तो मुँह में लेकर चूसने में ही उसका जबड़ा फट्ट जाना है...

और जब ये चूत में जाकर हाहाकार मचाएगा तो क्या हाल होगा ये तो बताने की ज़रूरत ही नही है....

मीनल का पूरा शरीर और दिमाग़ सुन्न सा हो चुका था...
अगर वो चाहती तो एक ही पल में लाला के लंड को पकड़ कर अपनी चूत में घुसवा लेती..

पर दिमाग़ के एक कोने में कुछ और भी चल रहा था
वो पिंकी को जो वादा करके आई थी, वो भी तो उसे ही पूरा करना था...

और वो पूरा करने के बाद वो पिंकी और सोनी की लाइफ में एक स्टार बन जाएगी, इसका भी उसे विश्वास था...

इसलिए एन्ड टाइम पर उसने अपने आप पर कंट्रोल करते हुए अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया और बाहर की तरफ चल दी..

लाला को तो लगा था की उसके लंड को देखकर वो चुदे बिना नही रह सकेगी...

पर यहाँ तो उल्टा ही हो गया था...वो तो भाग रही थी...
कही उसे बुरा तो नही लग गया...

लाला को लग रहा था की उसका पासा उल्टा पड़ गया है...

ऐसे जल्दबाजी में अपने लंड की नुमाइश करके उसने शायद कोई ग़लती कर दी है..

और यही सोचकर वो उसके पीछे भागा..

लाला : "अररी सुन तो...क्या हो गया एकदम से तुझे...कोल्ड ड्रिंक तो पी ले पूरी...''

मीनल : "अचानक कुछ ज़्यादा ही गर्मी लग रही है लाला...अब तो पहाड़ी के पास वाले झरने पर जाकर नहाउंगी , तभी ये गर्मी निकलेगी...''

इतना कहकर वो हिरनी की तरह कुलाँचे भरती हुई उसकी आँखो से ओझल हो गयी..

लाला अपना सिर पकड़ कर बैठ गया..

''साला ...ये लड़कियां मेरे रामलाल को देखकर भी उसकी तरफ आकर्षित नही होती....यही फ़र्क है औरतों और इन छोरियों में ..

बड़ी चीज़ देखकर डर जाती है....इन्हे गर्मी लगने लगती है...बताओ...ये भी कोई बकत है उस सुनसान सी जगह पर जाकर नहाने का...''

और फिर अपनी ही बात सुनकर उसकी आँखे चमक उठी...

''ओह्ह तेरी माँ की चूत .....यानी वो साली मीनल मुझे न्योता देकर गयी है...झरने में चुदाई करवाने के लिए...और मैं लक्कड़ बुद्धि का इंसान, उसकी ये बात नही समझ सका...''

और खुद ही बड़बड़ाता हुआ सा वो उठ खड़ा हुआ और अपनी दुकान का शटर डाउन करके, अपनी बुलेट मोटर साइकल उठा कर पहाड़ी के पास वाले झरने की तरफ चल दिया..

Quote

Lala ko tublight der se hui, durust ho tab sahi.

Quote

(28-06-2017, 05:29 PM)urc4me : Lala ko tublight der se hui, durust ho tab sahi.

Good One

Quote

सड़क वाला रास्ता थोड़ा घूम कर जाता था...
पर गाँव के पास वाली छोटी पहाड़ी से पैदल का रास्ता काफ़ी छोटा था, इसलिए मीनल जल्द ही वहां पहुँच गयी..

वहां पर उसे पिंकी और सोनी पहले से ही मिल गयी, आज पूरी प्लानिंग के हिसाब से वो दोनो पहले ही आ गयी थी...
अपनी मीनल दीदी की ब्लू फिल्म देखने..

मीनल ने उन्हे एक बड़ी सी चट्टान की ओट में छुपने को कहा, और किसी भी हालत में बिना किसी आवाज़ के वहीँ छुपे रहने का निर्देश दिया..

कुछ ही देर में लाला की बुलेट की आवाज़ सुनाई दे गयी उन्हे...
दोनो लड़कियां जल्दी से जाकर छुप गयी और मीनल ने अपने जलवे बिखेरने शुरू कर दिए..

उसने अपनी घाघरा चोली उतारी और उन्हे एक पेड़ के नीच रख दिया...
अंदर उसने कुछ नही पहना हुआ था...
उसका जवानी के रस से भरा शरीर उस जंगल में पूरा नंगा था अब..

वो धीरे-2 चलती हुई झरने के पास पहुँच गयी...
और उपर से गिर रहे ठंडे पानी के नीचे खड़ी होकर नहाने लगी..

ऐसा वो अपने बचपन और जवानी में भी किया करती थी...

अपनी सहेलियो के साथ उस झरने के नीचे नंगी होकर नहाते हुए वो कितनी मस्तियाँ किया करती थी , इस बात को सोचकर ही उसकी चूत गीली होने लगी..

उसे याद आया की यही वो झरना था , जहाँ पहली बार उसने अपनी सहेली बिजली की चूत चूसी थी और तब से वो सिलसिला चलता आ रहा था..

पर आज उसने जो कदम उठाया था
उसके बाद वो इसी झरने में लंड भी चूस लेगी
और फिर उसके बाद
पूरे ज़िल्ले में
एक ही झरने के नीचे
चूत और लंड चूसने का खिताब
उसके नाम हो जाना था..

वो अपने रसीले आमों और नर्म तरबूजों को ठंडे पानी से रगड़ते हुए सिसकारियां मार रही थी..

उस झरने से थोड़ी ही दूर छुपकर बैठी हुई दोनो सहेलियो का तो मीनल को नंगा देखकर बुरा हाल था..

उन्हे तो ऐसा लग रहा था जैसे साक्षात काम की देवी उनके सामने नंगी होकर नहा रही है..

योवन से लदे मीनल के रसीले अंगो को देखकर उन्हे अपने नन्हे मुन्ने बूब्स और छोटी गांड को लेकर आत्मगलानी हो रही थी...

दोनो के मन में बस यही चल रहा था की काश उनके मुम्मे भी मीनल दीदी जैसे हो जाए...

जैसी उनकी गांड बाहर की तरफ निकली हुई है वैसी ही उनकी भी निकल आए..

पर उन नादान लड़कियों को ये नही पता था की ये रसीले अंग रातो रात नही बन गये है...

इसके लिए कितनी मेहनत की है मीनल ने...
अपनी चूत और मुम्मे बिजली से चुस्वा कर उनमे हवा भरवाई थी उसने...

और शादी के बाद, भले ही छोटे लंड से, पर लगभग रोज चुदी थी वो अपने पति से..

और हाल ही में उसने अपने ससुराल के पड़ोस में रहने वाले नंद किशोर को भी फँसा लिया था...
जो एक हट्टा कट्टा 6 फुट का किसान था

उसने जब से उसे पेलना शुरू किया था, उसके योवन में चार चाँद लग गये थे...
इसलिए अब उसका शरीर इतना रसीला बन चूका था

और एक बार जब किसी औरत को बाहर के लंड का चस्का लग जाए तो उसे अपने पति का लंड हमेशा छोटा ही लगता है...

उसके पति का तो था ही छोटा...

इसलिए बाहरी दुनिया के लंड का चस्का लगने के बाद जब मीनल ने लाला के लंड के बारे में सुना और आज उसकी एक झलक देख भी ली तो उसकी चूत उसे अंदर लेने को कुलबुलाने लगी थी...

साथ ही साथ वो अपनी बहन और उसकी सहेली को चुदाई का वो पाठ भी पढ़ाना चाहती थी जो उसे पढ़ाने वाला कोई नही था...
ताकि वो दोनो अपनी जवानियों का अच्छे से मज़ा लूट सके...

सही ढंग से लंड की पहचान करने का तरीका अगर उन्हे पहले से ही बता दिया जाए तो वो पूरी जिंदगी एक ही लंड के पीछे बर्बाद नही करेगी...

और आज वही पहचान करवानी थी मीनल को...
लाला के लंड से..

लाला ने बुलेट खड़ी की और झरने की तरफ चल दिया...

थोड़ी दूर जाते ही उसे पेड़ के नीचे रखे मीनल के वही कपड़े दिख गये जो कुछ देर पहले तक उसने पहन रखे थे...

लाला तो सीसीया कर रह गया..

''ये भेंन की लौड़ी आज मेरी जान लेकर रहेगी....''

और वो अपने रामलाल को मसलता हुआ झरने के पास पहुँच गया..

और वहां जो नज़ारा उसने देखा, उसे देखकर तो वो एक पल के लिए साँस लेना भी भूल गया...

मीनल पूरी नंगी होकर झरने के नीचे खड़ी होकर नहा रही थी...

एकदम बेबाकी से...

जैसे उसे अपने हुस्न को छुपाने की कोई ज़रूरत ही नही हो..

ऐसा बेबाक अंदाज तो उसने आज से पहले किसी भी गाँव की लड़की या औरत का नही देखा था...

मीनल की चिकनी कमर से फिसलता हुआ पानी उसकी गांड की दरार में विलीन हो रहा था...
लाला तो उसे मंत्रमुगध सा होकर देखता रह गया..

पहले तो लाला ने सोचा की वो छुप कर उसे नहाते हुए देखे...

पर फिर उसे ख़याल आया की मीनल ने तो खुद ही उसे वहां आने का न्योता दिया था...

और यहाँ नंगी होकर नहाने का यही मतलब है की वो भी चुदना चाहती है...

इसलिए धोती में खड़े अपने रामलाल को मसलता हुआ वो मीनल के करीब पहुँच गया..

चट्टान के पीछे छुपी पिंकी ने अपनी नन्ही चुचि मसलते हुए सोनी से कहा ''आ गया शिकार....अब तेरा क्या होगा लाला....''

दोनो धीमी आवाज़ में खिलखिला कर हंस दी..

नहाते हुए जब मीनल पलटी तो लाला को अपने बिल्कुल सामने खड़े हुए पाया...

उपर से गिर रहे पानी ने लाला को भी थोड़ा बहुत भिगो दिया था...

पर लाला को देखकर भी मीनल ने अपने नंगे शरीर को छुपाने का कोई प्रयत्न नही किया...

बल्कि उन्हे देखकर वो अपनी गोरी-2 चुचिया दबा दबाकर रगड़ने लगी...
उनपर लगी वो मैल निकालने लगी जो वहां थी ही नही..

मीनल : "अरे लाला....तुम भी आ गये यहाँ पर...तुम्हारी दुकान का क्या होगा...'??'

लाला ने लार टपकाते हुए कहा : "अररी, दुकान गयी भाड़ में ....तेरी बाते सुनकर तो मुझे भी गर्मी लग रही थी...तो सोचा की मैं भी चलकर नहा लू....और तुझे वो क्रीम रोल भी तो देना था, कड़क वाला...''

मीनल ने अपना निचला होंठ दांतो से काटा और बोली : "जो मुँह में लिया था वो तो कड़क ना था...अब कौनसा कड़क क्रीम रोल लेकर आया है लाला...''

लाला : "मैने कहा था ना....असली रोल तो गोडाउन में होता है...और वो देखने से पहले ही तू भाग आई यहां पर...''

मीनल ने अपनी उंगली से अपनी चूत को सहलाया और तड़पकर बोली : "तो दिखा ना लाला...अपने गोडाउन का शटर खोल ..मैं भी तो देखु, कितना कड़क है ये वाला क्रीमरोल ...''

मीनल के कहने भर की देर थी और लाला ने एक झटके से अपनी धोती उतार कर हवा में लहरा दी...

और उसके बाद जो मीनल ने देखा , उसकी तो आँखे फटने को हो गयी...

सामने था लाला का कड़क लंड ....
एकदम 90 डिग्री के कोंन में तना हुआ...

उस पर लगा हुआ जामुनी रंग का सुपाड़ा ही इतना मोटा था की मीनल को डर लगने लगा की जब ये अंदर जाएगा तो उसकी चूत की लकीरे फिर कभी आपस में नहीं मिल पाएगी...

एक परमानेंट गेप बना देगा ये लंड तो उसकी चूत में ...

और यही हाल पिंकी और सोनी का भी हो रहा था....

उन्होने भी पहली बार लंड देखा था और वो भी लाला का...

जो नॉर्मल लंडो के मुक़ाबले काफ़ी लंबा और मोटा था...

उन दोनो की जान भी ये सोचकर सूख गयी की ये लंड उनकी नन्ही चुतों में कैसे फिट होगा..

पिंकी का हाथ तो अपनी चूत की तरफ खिसक गया...
और उसने एक उंगल अंदर घुसेड कर मुठ मारनी शुरू कर दी...

सोनी ने भी लाला के लंड को देखकर अपनी चार उंगलियां एक साथ अपने मुँह में डाली और उसे लाला का लंड समझ कर चूसने लगी...

दोनो ही अपनी खुली आँखो से सपने देखकर लाला के उस लंड का मज़ा लेने लगी..

पर असली मजा तो मीनल ले रही थी

मीनल : "ओफफफ्फ़......लाला....ये क्या है......हे भगवान......ये तो तबाही मचा देगा अंदर जाकर.....''

लाला के लंड को देखकर एक पल भी नही लगा मीनल को पिघलने में ...

उसने अपना एक कांपता हुआ हाथ आगे बढाकर उस लंड को पकड़ लिया...
और ज़ोर से सीसीया उठी

''उम्म्म्मममममममम .... लाला.........अहह.............सच में ...ये है कड़क क्रीम रोल .......''

लाला ने अपना कुर्ता भी उतार फेंका और मीनल से बोला : "तो इंतजार किस बात का कर रही है छोरी ....खा ले अपना ये कड़क क्रीम रोल....तेरे लिए ही लेकर आया हूँ इतनी दूर से....''

लाला की बात सुनकर वो मुस्कुरा दी और झरने के नीचे बैठकर उसने लाला के लंड को चूस लिया...

ठंडे पानी के बीच गर्म लंड को चूसना उसे बहुत आनंदित कर रहा था...

उसने दोनो हाथ से लंड को पकड़ा और उसे धीरे-2 अंदर निगलना शुरू कर दिया...

लाला ने भी उसके सिर पर हाथ रखा और अपनी तरफ से जोरदार झटका मारकर अपना लंड उसके मुँह में पूरा पेल दिया...

''आआआआआआआआआहह लाला......मेरा मुँह फाड़ेगा क्या.....''

बेचारी से लंड पूरा निगला नही गया और उसने वो बाहर निकाल दिया...

वो सोचने लगी की जब ये मुँह में पूरा नही जा रहा तो चूत में कैसे घुसेगा...

पर लाला के लंड ने उसे ऐसा मदहोश कर दिया था की वो उसे दोबारा मुँह में लेकर चूसने लगी..

अब तो ऐसे लग रहा था जैसे कोई भीमकाय जानवर एक हिरनी से लंड चुस्वा रहा है...

लाला का लंड जितना बड़ा था उनका आकार भी उतना ही बड़ा था मीनल के सामने..

लाला तो कब से उसके कड़क कबूतरों को देखकर लार टपका रहा था...

उससे अब और सहन नही हुआ और उसने लंड चूसती मीनल को एक ही झटके में उपर उठाया और अपनी गोद में लेकर उसके मुम्मे को मुँह में लेकर चूसने लगा...

लाला ने बड़ी आसानी से मीनल के यौवन से लदे शरीर को अपनी गोद में उठा रखा था...
जैसे कोई फूल हो...

उसके दोनो मुम्मो को वो अपने नुकीले दांतो से कुतरने में लगा था...

लाला की घनी दादी मूँछे मीनल के मुम्मो पर रगड खाकर उनपर लाल निशान बना रही थी...
पर मीनल को इस वक़्त उनसे कुछ फ़र्क नही पड़ रहा था...

वो तो जंगल में जंगलीपन दिखाती हुई...
ज़ोर-2 से चीखे मारती हुई, अपने योवन कलश से लाला को अमृतपान करवा रही थी..

''आआआआआआआआआहह लाला................सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स..... ख़ाआ जाओ इन्हे........ बड़े प्यासे है ये भी............

तेरे लंड के बारे में पहले से पता होता ना लाला....तो कब का इसे अपनी चूत में ले चुकी होती.....शादी से पहले ही....स्कूल टाइम से ही......चुदवा लेती तेरे इस मादरचोद लंड से.....''

लाला ने एक जोरदार हुंकार भरते हुए कहा : "आदर से नाम ले इसका....रामलाल नाम है....अदब से पेश आएगी, तभी मज़े देगा ये तेरी चूत को ....समझी.....''

चट्टान की ओट में छुपी दोनो सहेलियो ने जब 'रामलाल' सुना तो एक दूसरे को देखा और फिर दोनो खिलखिला कर हंस दी...

बड़ी मुश्किल से उन्होने अपनी हँसी रोकी और एक दूसरे को देखकर फिर से हँसने लगी...

पिंकी : "रामलाल....और कोई नाम नही मिला लाला को....हे हे....''

सोनी : "अपने लंड का भी भला कोई नाम रखा है.. हे हे , अब तो हमें भी अपनी चुतों का कुछ नाम रखना पड़ेगा ''

हंसते हुए वो मुट्ठ मारना भी भूल गयी...
पर लाला की तरफ देखा तो एक बार फिर से पिंकी का हाथ अपनी चूत की तरफ सरक गया..

सीन ही ऐसा था वहां ...

लाला ने हवा ही हवा में , अपने लंड को मीनल की चूत पर टीकाया और एक जोरदार प्रहार से उसे अंदर घुसा दिया....

पूरे जंगल में मीनल की चीख गूँज गयी....

''आआआआआआआआआआआआआआआआआअहह मररर्ररर गयी रे.......... फाड़ डाली मेरी चूत लाला तूने.....आआआआआआआआआहह''

पिंकी और सोनी का भी ये सीन देखकर बुरा हाल था...

मीनल दीदी की चूत फाड़ दी तो उनकी चुतों का क्या हाल करेगा ये दरिन्दा....

पर उनकी सोच को वही विराम लग गया जब दर्द में तड़पती मीनल ने अगले ही पल अपना रंग बदला और उसी चूतफाड़ लंड पर ऐसे कूदने लगी जैसे बरसो से उसे अपनी चूत में लेती आ रही है...

जो दर्द भरी सिसकारियां वो पहले ले रही थी उनका स्थान अब मस्ती भरी सिसकारियों ने ले लिया था...

अपनी मीनल दीदी का ये गिरगिटी रूप देखकर दोनो एक बार फिर से एक दूसरे को हैरानी भरी नज़रों से देखने लगी...

फिर उन्हे यकीन आया की लड़की की चूत में ही जादू होता है....

वो बड़े से बड़ा लंड अपनी चूत में ले सकती है....
भले ही पहली बार में तकलीफ़ होती है, पर बाद में जो मज़ा मिलता है वो सब तकलीफो को दूर भी कर देता है...

आज का ये ज्ञान सोनी और पिंकी की लाइफ बदल देने वाला था..

उसके बाद तो उन दोनो ने लाला को मीनल के साथ ऐसे-2 करतब करते देखा जो शायद उन्होने सपने में भी नही सोचे होंगे...

लाला कभी उसे घोड़ी बनाकर उसकी चूत पीछे से पेलता, और कभी चिकनी चट्टान पर बैठकर उसे अपने लंड पर बिठा लेता...

कहा जाए तो लाला को जितने भी आसन आते थे, उनका उपयोग करके उसने उस नयी नवेली जवान कसी हुई चूत का वो मुरब्बा बनाया जिसका स्वाद उसके लंड को हमेशा याद रहने वाला था..

Quote

(29-06-2017, 07:00 PM)arav1284 : सड़क वाला रास्ता थोड़ा घूम कर जाता था...
पर गाँव के पास वाली छोटी पहाड़ी से पैदल का रास्ता काफ़ी छोटा था, इसलिए मीनल जल्द ही वहां पहुँच गयी..

वहां पर उसे पिंकी और सोनी पहले से ही मिल गयी, आज पूरी प्लानिंग के हिसाब से वो दोनो पहले ही आ गयी थी...
अपनी मीनल दीदी की ब्लू फिल्म देखने..

मीनल ने उन्हे एक बड़ी सी चट्टान की ओट में छुपने को कहा, और किसी भी हालत में बिना किसी आवाज़ के वहीँ छुपे रहने का निर्देश दिया..

कुछ ही देर में लाला की बुलेट की आवाज़ सुनाई दे गयी उन्हे...
दोनो लड़कियां जल्दी से जाकर छुप गयी और मीनल ने अपने जलवे बिखेरने शुरू कर दिए..

उसने अपनी घाघरा चोली उतारी और उन्हे एक पेड़ के नीच रख दिया...
अंदर उसने कुछ नही पहना हुआ था...
उसका जवानी के रस से भरा शरीर उस जंगल में पूरा नंगा था अब..

वो धीरे-2 चलती हुई झरने के पास पहुँच गयी...
और उपर से गिर रहे ठंडे पानी के नीचे खड़ी होकर नहाने लगी..

ऐसा वो अपने बचपन और जवानी में भी किया करती थी...

अपनी सहेलियो के साथ उस झरने के नीचे नंगी होकर नहाते हुए वो कितनी मस्तियाँ किया करती थी , इस बात को सोचकर ही उसकी चूत गीली होने लगी..

उसे याद आया की यही वो झरना था , जहाँ पहली बार उसने अपनी सहेली बिजली की चूत चूसी थी और तब से वो सिलसिला चलता आ रहा था..

पर आज उसने जो कदम उठाया था
उसके बाद वो इसी झरने में लंड भी चूस लेगी
और फिर उसके बाद
पूरे ज़िल्ले में
एक ही झरने के नीचे
चूत और लंड चूसने का खिताब
उसके नाम हो जाना था..

वो अपने रसीले आमों और नर्म तरबूजों को ठंडे पानी से रगड़ते हुए सिसकारियां मार रही थी..

उस झरने से थोड़ी ही दूर छुपकर बैठी हुई दोनो सहेलियो का तो मीनल को नंगा देखकर बुरा हाल था..

उन्हे तो ऐसा लग रहा था जैसे साक्षात काम की देवी उनके सामने नंगी होकर नहा रही है..

योवन से लदे मीनल के रसीले अंगो को देखकर उन्हे अपने नन्हे मुन्ने बूब्स और छोटी गांड को लेकर आत्मगलानी हो रही थी...

दोनो के मन में बस यही चल रहा था की काश उनके मुम्मे भी मीनल दीदी जैसे हो जाए...

जैसी उनकी गांड बाहर की तरफ निकली हुई है वैसी ही उनकी भी निकल आए..

पर उन नादान लड़कियों को ये नही पता था की ये रसीले अंग रातो रात नही बन गये है...

इसके लिए कितनी मेहनत की है मीनल ने...
अपनी चूत और मुम्मे बिजली से चुस्वा कर उनमे हवा भरवाई थी उसने...

और शादी के बाद, भले ही छोटे लंड से, पर लगभग रोज चुदी थी वो अपने पति से..

और हाल ही में उसने अपने ससुराल के पड़ोस में रहने वाले नंद किशोर को भी फँसा लिया था...
जो एक हट्टा कट्टा 6 फुट का किसान था

उसने जब से उसे पेलना शुरू किया था, उसके योवन में चार चाँद लग गये थे...
इसलिए अब उसका शरीर इतना रसीला बन चूका था

और एक बार जब किसी औरत को बाहर के लंड का चस्का लग जाए तो उसे अपने पति का लंड हमेशा छोटा ही लगता है...

उसके पति का तो था ही छोटा...

इसलिए बाहरी दुनिया के लंड का चस्का लगने के बाद जब मीनल ने लाला के लंड के बारे में सुना और आज उसकी एक झलक देख भी ली तो उसकी चूत उसे अंदर लेने को कुलबुलाने लगी थी...

साथ ही साथ वो अपनी बहन और उसकी सहेली को चुदाई का वो पाठ भी पढ़ाना चाहती थी जो उसे पढ़ाने वाला कोई नही था...
ताकि वो दोनो अपनी जवानियों का अच्छे से मज़ा लूट सके...

सही ढंग से लंड की पहचान करने का तरीका अगर उन्हे पहले से ही बता दिया जाए तो वो पूरी जिंदगी एक ही लंड के पीछे बर्बाद नही करेगी...

और आज वही पहचान करवानी थी मीनल को...
लाला के लंड से..

लाला ने बुलेट खड़ी की और झरने की तरफ चल दिया...

थोड़ी दूर जाते ही उसे पेड़ के नीचे रखे मीनल के वही कपड़े दिख गये जो कुछ देर पहले तक उसने पहन रखे थे...

लाला तो सीसीया कर रह गया..

''ये भेंन की लौड़ी आज मेरी जान लेकर रहेगी....''

और वो अपने रामलाल को मसलता हुआ झरने के पास पहुँच गया..

और वहां जो नज़ारा उसने देखा, उसे देखकर तो वो एक पल के लिए साँस लेना भी भूल गया...

मीनल पूरी नंगी होकर झरने के नीचे खड़ी होकर नहा रही थी...

एकदम बेबाकी से...

जैसे उसे अपने हुस्न को छुपाने की कोई ज़रूरत ही नही हो..

ऐसा बेबाक अंदाज तो उसने आज से पहले किसी भी गाँव की लड़की या औरत का नही देखा था...

मीनल की चिकनी कमर से फिसलता हुआ पानी उसकी गांड की दरार में विलीन हो रहा था...
लाला तो उसे मंत्रमुगध सा होकर देखता रह गया..

पहले तो लाला ने सोचा की वो छुप कर उसे नहाते हुए देखे...

पर फिर उसे ख़याल आया की मीनल ने तो खुद ही उसे वहां आने का न्योता दिया था...

और यहाँ नंगी होकर नहाने का यही मतलब है की वो भी चुदना चाहती है...

इसलिए धोती में खड़े अपने रामलाल को मसलता हुआ वो मीनल के करीब पहुँच गया..

चट्टान के पीछे छुपी पिंकी ने अपनी नन्ही चुचि मसलते हुए सोनी से कहा ''आ गया शिकार....अब तेरा क्या होगा लाला....''

दोनो धीमी आवाज़ में खिलखिला कर हंस दी..

नहाते हुए जब मीनल पलटी तो लाला को अपने बिल्कुल सामने खड़े हुए पाया...

उपर से गिर रहे पानी ने लाला को भी थोड़ा बहुत भिगो दिया था...

पर लाला को देखकर भी मीनल ने अपने नंगे शरीर को छुपाने का कोई प्रयत्न नही किया...

बल्कि उन्हे देखकर वो अपनी गोरी-2 चुचिया दबा दबाकर रगड़ने लगी...
उनपर लगी वो मैल निकालने लगी जो वहां थी ही नही..

मीनल : "अरे लाला....तुम भी आ गये यहाँ पर...तुम्हारी दुकान का क्या होगा...'??'

लाला ने लार टपकाते हुए कहा : "अररी, दुकान गयी भाड़ में ....तेरी बाते सुनकर तो मुझे भी गर्मी लग रही थी...तो सोचा की मैं भी चलकर नहा लू....और तुझे वो क्रीम रोल भी तो देना था, कड़क वाला...''

मीनल ने अपना निचला होंठ दांतो से काटा और बोली : "जो मुँह में लिया था वो तो कड़क ना था...अब कौनसा कड़क क्रीम रोल लेकर आया है लाला...''

लाला : "मैने कहा था ना....असली रोल तो गोडाउन में होता है...और वो देखने से पहले ही तू भाग आई यहां पर...''

मीनल ने अपनी उंगली से अपनी चूत को सहलाया और तड़पकर बोली : "तो दिखा ना लाला...अपने गोडाउन का शटर खोल ..मैं भी तो देखु, कितना कड़क है ये वाला क्रीमरोल ...''

मीनल के कहने भर की देर थी और लाला ने एक झटके से अपनी धोती उतार कर हवा में लहरा दी...

और उसके बाद जो मीनल ने देखा , उसकी तो आँखे फटने को हो गयी...

सामने था लाला का कड़क लंड ....
एकदम 90 डिग्री के कोंन में तना हुआ...

उस पर लगा हुआ जामुनी रंग का सुपाड़ा ही इतना मोटा था की मीनल को डर लगने लगा की जब ये अंदर जाएगा तो उसकी चूत की लकीरे फिर कभी आपस में नहीं मिल पाएगी...

एक परमानेंट गेप बना देगा ये लंड तो उसकी चूत में ...

और यही हाल पिंकी और सोनी का भी हो रहा था....

उन्होने भी पहली बार लंड देखा था और वो भी लाला का...

जो नॉर्मल लंडो के मुक़ाबले काफ़ी लंबा और मोटा था...

उन दोनो की जान भी ये सोचकर सूख गयी की ये लंड उनकी नन्ही चुतों में कैसे फिट होगा..

पिंकी का हाथ तो अपनी चूत की तरफ खिसक गया...
और उसने एक उंगल अंदर घुसेड कर मुठ मारनी शुरू कर दी...

सोनी ने भी लाला के लंड को देखकर अपनी चार उंगलियां एक साथ अपने मुँह में डाली और उसे लाला का लंड समझ कर चूसने लगी...

दोनो ही अपनी खुली आँखो से सपने देखकर लाला के उस लंड का मज़ा लेने लगी..

पर असली मजा तो मीनल ले रही थी

मीनल : "ओफफफ्फ़......लाला....ये क्या है......हे भगवान......ये तो तबाही मचा देगा अंदर जाकर.....''

लाला के लंड को देखकर एक पल भी नही लगा मीनल को पिघलने में ...

उसने अपना एक कांपता हुआ हाथ आगे बढाकर उस लंड को पकड़ लिया...
और ज़ोर से सीसीया उठी

''उम्म्म्मममममममम .... लाला.........अहह.............सच में ...ये है कड़क क्रीम रोल .......''

लाला ने अपना कुर्ता भी उतार फेंका और मीनल से बोला : "तो इंतजार किस बात का कर रही है छोरी ....खा ले अपना ये कड़क क्रीम रोल....तेरे लिए ही लेकर आया हूँ इतनी दूर से....''

लाला की बात सुनकर वो मुस्कुरा दी और झरने के नीचे बैठकर उसने लाला के लंड को चूस लिया...

ठंडे पानी के बीच गर्म लंड को चूसना उसे बहुत आनंदित कर रहा था...

उसने दोनो हाथ से लंड को पकड़ा और उसे धीरे-2 अंदर निगलना शुरू कर दिया...

लाला ने भी उसके सिर पर हाथ रखा और अपनी तरफ से जोरदार झटका मारकर अपना लंड उसके मुँह में पूरा पेल दिया...

''आआआआआआआआआहह लाला......मेरा मुँह फाड़ेगा क्या.....''

बेचारी से लंड पूरा निगला नही गया और उसने वो बाहर निकाल दिया...

वो सोचने लगी की जब ये मुँह में पूरा नही जा रहा तो चूत में कैसे घुसेगा...

पर लाला के लंड ने उसे ऐसा मदहोश कर दिया था की वो उसे दोबारा मुँह में लेकर चूसने लगी..

अब तो ऐसे लग रहा था जैसे कोई भीमकाय जानवर एक हिरनी से लंड चुस्वा रहा है...

लाला का लंड जितना बड़ा था उनका आकार भी उतना ही बड़ा था मीनल के सामने..

लाला तो कब से उसके कड़क कबूतरों को देखकर लार टपका रहा था...

उससे अब और सहन नही हुआ और उसने लंड चूसती मीनल को एक ही झटके में उपर उठाया और अपनी गोद में लेकर उसके मुम्मे को मुँह में लेकर चूसने लगा...

लाला ने बड़ी आसानी से मीनल के यौवन से लदे शरीर को अपनी गोद में उठा रखा था...
जैसे कोई फूल हो...

उसके दोनो मुम्मो को वो अपने नुकीले दांतो से कुतरने में लगा था...

लाला की घनी दादी मूँछे मीनल के मुम्मो पर रगड खाकर उनपर लाल निशान बना रही थी...
पर मीनल को इस वक़्त उनसे कुछ फ़र्क नही पड़ रहा था...

वो तो जंगल में जंगलीपन दिखाती हुई...
ज़ोर-2 से चीखे मारती हुई, अपने योवन कलश से लाला को अमृतपान करवा रही थी..

''आआआआआआआआआहह लाला................सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स..... ख़ाआ जाओ इन्हे........ बड़े प्यासे है ये भी............

तेरे लंड के बारे में पहले से पता होता ना लाला....तो कब का इसे अपनी चूत में ले चुकी होती.....शादी से पहले ही....स्कूल टाइम से ही......चुदवा लेती तेरे इस मादरचोद लंड से.....''

लाला ने एक जोरदार हुंकार भरते हुए कहा : "आदर से नाम ले इसका....रामलाल नाम है....अदब से पेश आएगी, तभी मज़े देगा ये तेरी चूत को ....समझी.....''

चट्टान की ओट में छुपी दोनो सहेलियो ने जब 'रामलाल' सुना तो एक दूसरे को देखा और फिर दोनो खिलखिला कर हंस दी...

बड़ी मुश्किल से उन्होने अपनी हँसी रोकी और एक दूसरे को देखकर फिर से हँसने लगी...

पिंकी : "रामलाल....और कोई नाम नही मिला लाला को....हे हे....''

सोनी : "अपने लंड का भी भला कोई नाम रखा है.. हे हे , अब तो हमें भी अपनी चुतों का कुछ नाम रखना पड़ेगा ''

हंसते हुए वो मुट्ठ मारना भी भूल गयी...
पर लाला की तरफ देखा तो एक बार फिर से पिंकी का हाथ अपनी चूत की तरफ सरक गया..

सीन ही ऐसा था वहां ...

लाला ने हवा ही हवा में , अपने लंड को मीनल की चूत पर टीकाया और एक जोरदार प्रहार से उसे अंदर घुसा दिया....

पूरे जंगल में मीनल की चीख गूँज गयी....

''आआआआआआआआआआआआआआआआआअहह मररर्ररर गयी रे.......... फाड़ डाली मेरी चूत लाला तूने.....आआआआआआआआआहह''

पिंकी और सोनी का भी ये सीन देखकर बुरा हाल था...

मीनल दीदी की चूत फाड़ दी तो उनकी चुतों का क्या हाल करेगा ये दरिन्दा....

पर उनकी सोच को वही विराम लग गया जब दर्द में तड़पती मीनल ने अगले ही पल अपना रंग बदला और उसी चूतफाड़ लंड पर ऐसे कूदने लगी जैसे बरसो से उसे अपनी चूत में लेती आ रही है...

जो दर्द भरी सिसकारियां वो पहले ले रही थी उनका स्थान अब मस्ती भरी सिसकारियों ने ले लिया था...

अपनी मीनल दीदी का ये गिरगिटी रूप देखकर दोनो एक बार फिर से एक दूसरे को हैरानी भरी नज़रों से देखने लगी...

फिर उन्हे यकीन आया की लड़की की चूत में ही जादू होता है....

वो बड़े से बड़ा लंड अपनी चूत में ले सकती है....
भले ही पहली बार में तकलीफ़ होती है, पर बाद में जो मज़ा मिलता है वो सब तकलीफो को दूर भी कर देता है...

आज का ये ज्ञान सोनी और पिंकी की लाइफ बदल देने वाला था..

उसके बाद तो उन दोनो ने लाला को मीनल के साथ ऐसे-2 करतब करते देखा जो शायद उन्होने सपने में भी नही सोचे होंगे...

लाला कभी उसे घोड़ी बनाकर उसकी चूत पीछे से पेलता, और कभी चिकनी चट्टान पर बैठकर उसे अपने लंड पर बिठा लेता...

कहा जाए तो लाला को जितने भी आसन आते थे, उनका उपयोग करके उसने उस नयी नवेली जवान कसी हुई चूत का वो मुरब्बा बनाया जिसका स्वाद उसके लंड को हमेशा याद रहने वाला था..

Good one

Quote

Uttejak aur romanchak kahani hai. Lala ko fasane ki minal ki yojna puri ho gayi.

Quote

इस बीच मीनल करीब 5 बार झड़ गयी...
जो उसके लिए किसी वर्ल्ड रिकॉर्ड से कम नही था...

अपने पति के साथ तो वो मुश्किल से 1 बार ही झड़ पाती थी....

हालाँकि उसके नये आशिक नंद किशोर ने जब पहली बार उसे चोदा था तो वो 3 बार झड़ी थी...
पर लाला ने तो नंद किशोर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया था....

उसकी चूत से इतना रस निकाला था लाला ने की वो पूरी तरह निढाल सी होकर उसकी बाहो में झूल गयी...

पर लाला उसे तब तक चोदता रहा जब तक वो खुद उसकी चूत में नही झड़ गया...

और झड़ते हुए लाला के मुँह से जो हुंकार निकल रही थी उसे सुनकर ऐसा लग रहा था जैसे बब्बर शेर ने अपनी शेरनी चोद दी है आज जंगल में ...

लाला भी उसी झरने के नीचे बैठ कर अपने लंड और मीनल की चूत को सॉफ करने लगा..

वहां से निकलकर दोनो ने अपने -2 कपड़े पहने..
हालाँकि लाला के कपड़े गीले थे पर बाइक पर जाते-2 वो सूख ही जाने थे....
और वैसे भी उसे पूछने वाला कौन था..

मीनल की प्यास अभी भी नही बुझी थी...

वो लाला के लंड को पकड़ कर बोली : "अर्रे लाला....आज तो तूने अपने इस लंड पर परमानेंट मेरा नाम लिख दिया है...

आज से मीनल तेरी हुई....जब चाहे, जहाँ चाहे चोद देना मुझे...मैं आज से तेरी और तेरे इस लंड की गुलाम हूँ ...''

लाला मुस्कुराया और उसके रसीले होंठो को चूस्कर बोला : "तो ठीक है...आज की रात तेरे ही घर की छत्त पर आकर तुझे चोदूगा..''

इतना कहकर लाला वहां से निकल गया..

और मीनल मुस्कुराती हुई , नंगी ही अपनी बहन और उसकी सहेली की तरफ चल दी.

नंगी मीनल जब पिंकी और सोनी के करीब आई तो उसकी नज़रों में एक अलग ही चमक थी...

पिंकी : "वाउ दीदी...आपने तो कमाल ही कर दिया....लाला के इतने बड़े लंड को कितनी आसानी से अंदर ले कर चुदवाया आपने...सच में , देखकर ही मज़ा आ गया...''

मीनल : "आसानी से तो नही , थोड़ी तकलीफ़ तो हुई ही थी... इतने मोटे लंड को लेने की आदत नही है ना मेरी मुनिया को...देख ज़रा, क्या हाल बेहाल किया है लाला ने इसका...''

उसने अपनी चूत के फेले हुए होंठो को पकड़कर दोनो को दिखाया

वो दोनो सहेलियां भी सामने बैठकर उसकी चूत का मुआयना ऐसे करने लगे जैसे फ़ोरेंसिक साईंस का कोर्स करके आई हों...

मीनल की ताज़ा चुदी लाल सुर्ख चूत को देखकर दोनो की जाँघो के बीच एक बार फिर से गीलापन आ गया...

मन तो कर रहा था की उस गीली चूत पर मुँह लगाकर उसे चूस ले...

लाला के लंड से निकले पानी की जो बूंदे अभी तक अंदर से रिस कर निकल रही है, उन्हे पी कर अपनी प्यास बुझा ले..

मीनल ने अपनी चूत की परतों को बुरी तरह से रगड़ा और बोली : "हाय....अब तो बस रात का इंतजार है...लाला का मोटा लंड जब एक बार फिर से अंदर घुसेगा तब इस बेचैन मुनिया को चैन आएगा अब तो...''

उसकी ये बात सुनकर सोनी तो बहुत खुश हुई की चलो इसी बहाने एक बार फिर से मीनल दीदी की चुदाई देखने को मिलेगी...

पर पिंकी एक गहरी सोच में डूब गयी..

मीनल ने अपने कपड़े समेट कर पहने और तैयार होकर बोली : "चलो भी अब...चलना नही है क्या...??

गहरी सोच में डूबी पिंकी अचानक बोली : "आप जाओ दीदी...हम अभी आते है बस...''

मीनल ने ज़्यादा ज़ोर नही दिया...

वैसे भी घर पहुँचकर उसे अपनी चूत और टाँगो के बाल अच्छी तरह से सॉफ करने थे...

आज वो लाला से अपनी चूत चुस्वाकार वहां के भी मज़े लेना चाहती थी..

मीनल के जाते ही पिंकी ने अपने हाथ में छुपाया हुआ मीनल का मोबाइल निकाल लिया और उसे चैक करने लगी..

निशि : "तूने रुकने के लिए क्यों कहा...और ये मीनल दीदी का मोबाइल तेरे पास क्या कर रहा है....??

पिंकी : "तू तो एकदम भोली है री.... तूने देखा ना, अभी क्या हुआ था...!!

इतने दिनों से लाला के साथ मज़े लेने के चक्कर में हम दोनो ने कितनी तरकीबे लड़ाई, बेशर्म बनकर अपने अंगो के दर्शन भी करवाए...

और जब मज़ा लेने का समय आया तो तेरी बहन बीच में आकर सारे मज़े लूट रही है...''

बात तो सही थी....

निशि के दिमाग़ में तो ये बात आई ही नही थी....
उसकी बहन मीनल ने कितनी आसानी से उनकी की हुई मेहनत का फल अपनी चूत में लेकर मज़े ले लिए...

और वो दोनो एक कोने में बैठकर अपनी चूते मसलती रह गयी..

पिंकी : "और अब रात को भी लाला से वो एक बार फिर से चुदवायेगी,फिर कल भी, परसो भी ....

और ये मैं अब हरगिज़ नही होने दूँगी...इसलिए मैने चुपके से दीदी का मोबाइल उठा लिया था, जब उन्होने अपने कपड़े उतारे थे ...''

निशि के दिमाग़ में अब तक ये बात तो आ ही चुकी थी की उसकी बहन ने चालाकी से बीच में आकर उनके हिस्से के मज़े ले लिए है...

पर अब तक ये नही समझ पा रही थी की दीदी के मोबाइल से पिंकी क्या करना चाहती है..??

पिंकी ने खुद ही बोल दिया : "अब देखना, ऐसी चाल चलूंगी की दीदी भी नही जान सकेगी की उनके साथ हुआ क्या है...''

इतना कहकर उसने जल्दी से एक मैसेज टाइप किया, मीनल के पति के लिए..

''हाय जानू, आपका तो पता नही, पर मेरी हालत बड़ी खराब है, जब से यहाँ आई हूँ आपकी बड़ी याद आ रही है...ख़ासकर मेरी मुनिया को...और मुझे भी आपका 'वो' बहुत याद आ रहा है...''

इतना लिखकर पिंकी ने वो मैसेज मीनल के पति को भेज दिया...

मैसेज पड़कर निशि को भी काफ़ी हँसी आई और उसकी समझ में आ गया की पिंकी के शातिर दिमाग़ में क्या चल रहा है..

कुछ ही देर में उधर से रिप्लाइ आ गया

''हाय मेरी जान, तूने तो मेरा दिल ही जीत लिया ये लिखकर...मेरा तो एकदम से खड़ा हो गया है...कहे तो आज रात ही लेने आउँ तुझे वापिस...''

पिंकी ने लिखा ही ऐसा था की मीनल के पति को ये लिखना ही पड़ा...

जवाब में पिंकी ने लिखा : "मेरी जान...जल्दी आओ बस....आज की रात मैं तुम्हारी बाँहों में सोना चाहती हूँ ....

मुझे ले जाओ...यहाँ आकर कोई बहाना बना देना वरना माँ और भाई मज़ाक उड़ाएगे..''

मैसेज लिखते हुए पिंकी भी अपने कमीनेपन पर हंस रही थी...

वहां से रिप्लाइ आ गया की वो अभी निकल रहे है...

पड़ोस का ही गाँव था, वहां से आने में करीब एक घंटा लगना था मीनल के पति को..

दोनो सहेलियां आगे का प्लान बनाती हुई वापिस घर की तरफ चल दी..

जाने से पहले निशि ने सारे मैसेज डिलीट कर दिए और फोन जाकर मीनल को दे दिया , ये कहकर की वो झरने के पास ही भूल आई थी...

पर मीनल को अपने मोबाइल से ज़्यादा लाला की चिंता थी...

जिसके लिए वो अपने रूम में बैठकर अपनी चूत के बाल सॉफ कर रही थी....

इस बात से अंजान की उसकी ये चूत आज लाला नही बल्कि उसका छोटे लंड वाला पति चोदेगा...

पिंकी और निशि बाहर बैठकर गप्पे मार रही थी...
क़रीब एक घंटे में निशि की माँ और भाई भी खेतो से आ गये...

निशि उनके लिए चाय बनाकर लाई ही थी की मीनल के पति घर पहुँच गये...

अपने दामाद को एकदम से घर आया देखकर मीनल की माँ और भाई हैरान रह गये...

मीनल को जब पता चला तो वो भी भागती हुई बाहर आ गयी...

अपने पति को सामने देखकर उसकी तो समझ में ही नही आया की कैसे रिएक्ट करे..

मीनल के पति का नाम कस्तूरी लाल था...

कस्तूरी लाल : "वो क्या हुआ ना, हमारे मौसा जी के घर एक छोटा सा फंक्शन था कल, जिसमे मेरे साथ मीनल का जाना ज़रूरी है...इसलिए मैने सोचा की उसे लेता आउँ ....''

मीनल का तो मन कर रहा था की अपने पति का सिर फोड़ डाले....

पिछले एक घंटे से वो अपनी चूत और जाँघो के बाल सॉफ करने में लगी हुई थी लाला के लिए और एन वक़्त पर ये कमीना मुझे लेने आ गया..

मीनल (खिसियाती हुई सी आवाज में बोली) : "अच्छा ...जाना ज़रूरी है क्या मेरा... ?? एक दो दिन और रुकने देते मुझे ''

कस्तूरी तो यही समझा की वो अपने घर वालो को दिखाने के लिए वहां रुकने का नाटक कर रही है...

पर असल में तो उसकी चूत में आग लगी हुई है, जिसे अब उसका लंड ही बुझा सकता है...

वो ज़ोर देता हुआ बोला : "नही मीनल, ऐसा होता तो मैं ऐसे एकदम से तुम्हे लेने के लिए आता ही नही...चल अब, जल्दी से तैयार हो जा ...थोड़ी देर मे निकलते है बस...''

बेचारी मीनल मन मारकर अंदर गयी और अपने कपड़े समेटने लगी...

एक कोने में बैठी पिंकी और निशि मुँह छिपाकर हँसे जा रही थी...

कितनी आसानी से उन्होने मीनल दीदी को अपने रास्ते से हटा दिया था...

कुछ ही देर में मीनल अपना सारा समान पेक करके बाहर आ गयी...और जाते हुए वो निशि और पिंकी के करीब आई और बोली : "लाला तक ये खबर पहुँचा देना...वरना वो रात को मुँह उठाकर यहाँ पहुँच जाएगा...''

इतना कहकर वो सभी को बाइ बोलकर अपने पति के साथ उसकी बाइक पर बैठी और अपने घर के लिए निकल गयी...

उसके बाद पिंकी और निशि अपने कमरे में आकर काफ़ी देर तक हंसते रहे...

और जब दोनो की हँसी रुकी तो निशि बोली : "चलो अब...लाला की दुकान पर...उसे बातों ही बातों में बता देंगे की दीदी चली गयी है...वरना वो सच में रात को आ धमकेगा ...''

पिंकी थोड़ा सीरियस होकर बोली : "तो आने दे ना...आएगा तो कुछ मज़े देकर ही जाएगा वो...''

पिंकी की बात सुनकर निशि की आँखे फैल सी गयी...

वो बोली : "तू पागल हो गयी है क्या...तूने देखा था ना लाला का वो लंबा लंड ...

जब अंदर जाएगा तो चीर डालेगा वो...और ऐसी चीखे निकलेगी की पूरा गाँव उठ जाएगा...और भाई का तो तुझे पता है ना...वो तो मुझे जिंदा नही छोड़ेगा...''

पिंकी : "तू अपने भाई से इतना डरती क्यों है....भाई ना हो गया, भूत हो गया, हर बार उसके नाम से डरती रहती है...

इसका इलाज भी करना पड़ेगा जल्दी...पर अभी के लिए तो लाला का इलाज करना है...जो रात को मीनल दीदी की बीमारी का इलाज करने आएगा...''

निशि : "और मीनल दीदी तो जा चुकी है...''

पिंकी : "और ये बात अभी तक लाला को पता नही है...और तू तो उस ठरकी लाला को जानती ही है...वो आएगा ज़रूर...

और अगर तू चाहे तो मीनल को मिलने वाले मज़े तू ले सकती है...तू उनकी जगह जाकर लेट जाइयो...भले ही चूत ना मरवाईयो..पर बाकी के मज़े तो ले कम से कम...''

पिंकी की बात सुनकर निशि की आँखे चौड़ी हो गयी...

वो बोली : "तू पागल है क्या...तू तो ऐसे कह रही है जैसे लाला को कुछ पता ही नही चलेगा...

और इतना ही बिस्वास है तुझे अपने प्लान पर तो तू क्यो नही लेट जाती मीनल दीदी की जगह ....''

पिंकी : "मन तो बहुत कर रहा है मेरा पर तू देखने में मीनल जैसी ही है...और तेरी आवाज़ भी उनकी तरह ही है...इसलिए तेरे पकड़े जाने के चाँस कम ही है...अंधेरे में लाला को ज़्यादा पता नही चलने वाला...''

पिंकी की बात सुनकर निशि का शरीर काँप सा गया....

उसके जहन में एकदम से लाला का अक्स उभर आया जो रात के समय, खुल्ली छत पर उसके नंगे शरीर को किसी कुत्ते की तरह चाट रहा था...
उसकी चूत में अपनी जीभ डालकर वहां का रस निकाल रहा था...

ये सोचते ही उसके शरीर के सारे रोंगटे खड़े हो गये...

अब तो उसका भी मन कर रहा था लाला से मज़े लेने का..

पर फिर भी अपनी आख़िरी शंका का समाधान करने के लिए उसने पूछा : "पर मीनल दीदी के मुम्मे देखे है ना तुमने, कितने मोटे है...मेरे तो छोटे -2 है...मेरी गांड भी उनके जितनी निकली हुई नही है...''

पिंकी : "अरे ...लाला से तू अपनी चूत चुस्वाइयो ...और वैसे भी मर्दो को इन बातो का ज़्यादा ध्यान नही रहता है....

तू फ़िक्र मत कर...आज तो वैसे भी अमावस की रात है...अंधेरी रात में लाला को कुछ पता नही चलेगा....चल अब तैयारी करते है हम भी कुछ...''

इतना कहकर पिंकी ने रेजर निकाला....
निशि की चूत के बाल सॉफ करने के लिए...

उनके हिसाब से तो सब कुछ उनकी प्लानिंग से ही चल रहा था...

पर वो ये नही जानते थे की 1-2 चालें सफल होने का मतलब ये नही होता की वो माहिर खिलाड़ी बन चुके है...

ख़ासकर तब जब लाला जैसा मंझा हुआ खिलाड़ी मैदान में हो...

अब तो सभी को रात का इंतजार था...

Quote

Lala ke haramipane ka ilaj karne dono kaliyan fas jayegi.

Quote






new malayalam sex stories  sexi stories in hindi font  real suhagraat stories  desi sex scam  amma kodukula telugu sex stories  www.pussy.xom  telugu dirty sex stories  palana kathaigal  bua sex story  desi story urdu font  mausi ke saath  chavat katha in marathi  sexstores hindi  desi babs  glamour aunties  telugu sex story sites  hini sexy story  armpits xxx  didi ki chudai hindi sex story  girls armpit pic  pundai amma  pundai kanji  telugulo sex stories  www.desimaid.info  telugusex storied  chut aur gand  south indian exbii  bhabhi ko  big booby sex  bollywood heroines nude pic  didi k choda  हँसी के चटकारे जोकस  www.com malayalamsex  sex stories in hindi in pdf  malayalam sex a  nepali aunty xossip  bade bade doodh  ramya armpit  hairy armpit indian aunty  sexy hindi story pdf  mastram stories hindi  desi story urdu font  indian girl saree strip  hindi sex kahaniya exbii  pics of mallu aunty  middle east babes  dasi sexy stories  dressed and undressed females  behan gand  incent indian stories  kerala erotica malayalam stories  gand kahani  cute desi aunties  tamilincest sex story  romantic stories in hindi  maa ko choda sexy story  sex in urdu stories  bollywood actress nip slip pic  www.tamilsexstories.com  desi sex urdu stories  saniya mirza porn images  indiansexy images  sexy story in gujarati  nude pics of tollywood  8 sal ki bbachchi ka balatkar story  sexy indian hindi stories  poonam pandey hardcore  breastfeeding adults stories  chalo ab meri gand chato  chut lund sex  dastan saxy  xxxxx story hindi  telugu kathalu in telugu  indian desi poen  exbii threads  aunties removing blouse  kashmiri sex stories  hot indian aunties navel  lund chahiye  hot shakeela clips  six story urdu  boor lund  hot stories of telugu  hot bhabhi story in hindi  desi village xxx  telugu sex stories in mobile  tamilnadu aunty  kamwali sex story  shamna kasim incest story  vasna story  mujra nude hot  rupini actress photos  telugu aunties images  telugu kathalu aunty  hema aunty navel  incests comics  indian maid mms  malaysian sex stories  maids xxx videos