• HOME
  • AWARDS
  • Search
  • Help
Current time: 29-07-2018, 11:20 PM
Hello There, Guest! ( Login — Register )
› XXX STORIES › Hindi Sex Stories v
« Previous 1 ..... 52 53 54 55 56 57 58 ..... 61 Next »

Romantic चूत और चूची के दर्शन

Verify your Membership Click Here

Pages ( 2 ): 1 2 Next »
Thread Modes
Romantic चूत और चूची के दर्शन
kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#1
10-06-2014, 01:49 PM
चूत और चूची के दर्शन
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#2
10-06-2014, 01:50 PM
मेरा नाम राकेश है, 4 साल पहले मैंने एम बी ए किया था। अभी हाल मैं ही मैंने एक नई कम्पनी कल्याण में ज्वाइन की। मेरी उम्र 27 साल, और मैं औरंगाबाद का रहने वाला हूँ।
मैंने कम्पनी से 5 किलोमीटर दूर एक कमरा किराए पर ले लिया। मकान मालिक मुंबई में सरकारी बाबू हैं। मेरी मकान मालकिन सपना एक साधारण काली सी 35 साल की घरेलू महिला हैं। उसके दो बच्चे 8 और 10 साल के हैं। सपना की चूचियाँ बड़ी बड़ी और मोटी घरेलू औरतों जैसी हैं। मेरा कमरा पहली मंजिल पर है। मैं सितम्बर में इस किराए के मकान में आ गया था और पहले दिन 11 बजे घर पहुँचा था।
मुझे देखकर सपना मुस्कराई और बोली- नमस्ते राकेश जी, आओ, आपको घर दिखा देती हूँ।
नीचे सपना और उसका परिवार रहता है, नीचे साथ में ही एक कमरा है, सपना ने बताया कि इसमें 24 साल की रजनी नाम की लड़की किराए पर रहती है, वो कल्याण में एक होटल में फ़ूड मैनेजर है, सुबह 8 बजे जाती है और रात को 7 बजे आती है।
उसके बाद हम लोग ऊपर आ गए। मेरे कमरे के सामने थोड़ी दूरी पर एक कमरे और किचन का सेट था जिसमें एक पति-पत्नी रहते हैं।
पति का नाम अरुण और पत्नी का सुरेखा है। सुरेखा बाहर निकल कर आई और उसने मुझे नमस्ते की। सुरेखा की उम्र 22-24 साल लग रही थी। सुरेखा दिखने में मुझे बहुत सुंदर लगी। मेरा और अरुण का बाथरूम एक ही है और हम दोनों के कमरों के बीच खाली जगह है। बाथरूम के बाहर एक नल लगा हुआ है। पहली मंजिल पूरी ऊपर से ढकी है। नीचे और ऊपर जाने की सीढियाँ है। उन पर दरवाज़ा लगा है। दरवाजे बंद करने के बाद ऊपर का हिस्सा पूरा अलग सा हो जाता है। छत पर कुछ नहीं है।
इसके बाद हम नीचे आ गए, सपना मेरे लिए चाय बना लाई, उसने मुझसे ढेर सी बातें की जैसे कि मुझे पहले से जानती हो।
रात को नींद अच्छी आई, सुबह 8 बजे जब नींद खुली तो सामने सुरेखा कपड़े धो रही थी। उसकी चूचियाँ ब्लाउज़ से बाहर निकल रही थीं।सुबह के कुनमुनाते हुए लंड को हवा मिल गई और वो आसमान छूने की कोशिश करने लगा।
मैंने लंड पजामे से बाहर निकाल लिया और छुप कर लोड़ा सहलाते हुए सुरेखा की चूचियों को निहारने लगा। मन कर रहा था कि बाहर निकल कर चूचियां पकड़ लूं।
कपड़े धोते धोते सुरेखा की साड़ी का पल्लू गिर गया था। नीचे वो ब्रा नहीं पहने थीं उनके ब्लाउज से दोनों उरोज बाहर निकलने को आतुर हो रहे थे। मेरा लोड़ा हुंकार भर रहा था। सुरेखा कपड़े धोने के बाद उठी और उसने अपनी साड़ी उतार दी गीले ब्लाउज से भूरी भूरी निप्पल पूरी दिख रही थीं, मेरे लोड़े मैं आग लगी हुई थी। सुरेखा झुककर साड़ी धोने लगी ढीले ब्लाउज़ के अंदर से उसकी चूचियां आगे पीछे हिल रही थीं।
साड़ी धोने के बाद उसने अपना ब्लाउज उतार दिया उसकी नंगी चूचियां खुलकर बाहर आ गईं, पूरी दिख गईं थी, ग़ज़ब की सुंदर और कसी हुई गोरी गोरी संतरियां थी, उसकी नुकीली भूरी निप्पल मेरे लंड को परेशान कर रही थीं।
झुककर वो ब्लाउज धोने लगी, नंगी हिलती चूचियाँ मेरे लंड को परेशान कर रही थीं।
मैं कल ही आया था शायद वो इस धोखे में थी कि घर में कोई आदमी नहीं है। उसकी हिलती नंगी चूचियों ने मेरे लंड को हरा दिया और उसने हार मानते हुए पानी छोड़ना शुरू कर दिया।
तभी सीढ़ी के दरवाजे पर खट खट की आवाज़ आई।
सपना भाभी थीं।
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#3
10-06-2014, 01:50 PM
सुरेखा बोली-
दीदी, मैं तो नहा रही हूँ।
सपना बोली- राकेश जी उठ गए क्या?
यह सुनते ही सुरेखा ने अपनी चूचियां हाथों से ढक लीं, इसके बाद अपने बदन पर तौलिया डाल लिया और सीढ़ी का दरवाज़ा खोल कर दौड़ती हुई बाथरूम में घुस गई।
मेरे लंड ने अब पानी छोड़ दिया था। मैंने पजामा ऊपर चढ़ा लिया।
मेरा पहला दिन था, मैं कमरे मैं बैठ गया। तभी खट खट हुई, सामने सपना जी थीं, बोलीं- रात को नींद अच्छी आई होगी?
मैंने कहा- हाँ ! नींद तो अच्छी आई।
सपना बोलीं- आपका बाथरूम सामने वाला है, अभी उसमें सुरेखा नहा रही है। बहुत अच्छी औरत है।
भाभी ने बताया कि सुरेखा का पति बहुत गंदा रहता है और दारू पीकर कभी कभी सुरेखा को पीट भी देता है। सुरेखा की उम्र 24 साल है और उसके पति की 35 साल ! दोनों ने 3 साल पहले घर से भाग कर शादी की थी, सुरेखा के अपने घर से अब कोई सम्बन्ध नहीं हैं। दोनों के कोई बच्चा भी नहीं है। सुरेखा को रोज़ 2-2 घंटे पीटता था, नीचे तक सुरेखा के पिटने और रोने की आवाज़ आती थी, एक दिन इन्होंने डांटा तब हरामी थोड़ा सा सुधरा।
सपना बिंदास होकर बात कर रही थीं।
थोड़ी देर बाद सुरेखा 3 कप चाय बना कर ले आई, मैंने सुरेखा से नमस्ते की, सुरेखा बोली- अरुण तो आज 6 से 2 बजे की शिफ्ट में हैं शाम को बजे आएँगे।
मैं सुरेखा को ऊपर से नीचे तक निहार रहा था। कुछ दारुबाज निकम्मों की किस्मत बहुत अच्छी होती है, दारु के मज़े भी लेते हैं और सुंदर बीवी को भी जैसे चाहें, वैसे भोगते हैं। सुरेखा गज़ब की माल थी, तराशा हुआ बदन था सुरेखा का, ब्लाउज़ में सुंदर चूचियाँ छुपी हुई थीं। सुबह का याद करके मेरा लंड हिनहिनाया लेकिन मैंने उसे चुप करा दिया।
सुरेखा चुपचाप चाय पी रही थी, मुझे ऐसा लगा जैसे कि वो मुझे प्यार भरी नज़रों से घूर रही हो।
चाय खत्म करने के बाद सपना बोली- आप 12 बजे से पहले जब चाहें तब आ जाइएगा। उसके बाद आना हो तो पहले बता देना।
मैंने कहा- ठीक है दीदी !
सपना बोली- आप आप मुझे दीदी की जगह भाभी कहा करना।
आँख मारते हुए सपना बोली- भाभी का मज़ा अलग ही है।
उसके बाद सपना नीचे चली गई।
मैं थोड़ी देर बाद नहाने चला गया बाथरूम बहुत छोटा था अंदर टॉयलेट सीट लगी हुई थी। बल्ब ओन करना चाह तो वो भी ओन नहीं हुआ अंदर बहुत अँधेरा था किसी तरह मैंने नहाने का मन बनाया बनियान उतार कर टांगने जा रहा था तो वहां मुझे एक लाल रंग की पैंटी दिखी शायद सुरेखा की थी। सुबह जब सुरेखा नहाई होगी तब छोड़ गई होगी। पैंटी देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था।
तभी दरवाजे पर हलका सा धक्का पड़ा, मैंने दरवाज़े से झाँका तो सुरेखा खड़ी थी, शरमाते हुए बोली- मेरी वो होगी अंदर, दे दीजिए न ! मैंने पीछे हटते हुए मुस्करा कर कहा- यह लीजिए।
मैंने पैंटी सुरेखा को दे दी।
सुरेखा जाते जाते बोली- पहनना भूल गई थी !
उसकी इस बात ने मेरे लंड में आग लगा दी और मुझे मुठ मारनी पड़ी। मैं जब नहा कर आया तो सुरेखा मेरे लिए नाश्ता ले आई।
मैं बोला- भाभी, इस की क्या जरूरत?
सुरेखा बोली- आप ले लीजिए, आज पहला दिन है।
सुरेखा बोली- आप मेरे पेइंग गेस्ट बन जाइये न, रमेश जी 2000 रुपए देते थे आप भी 2000 रुपए दे देना।
मैंने हामी भर दी।
उसके बाद मेरा सामान आ गया, सपना भाभी की मदद से मैंने अपना सामान कमरे में लगा लिया।
सपना से बातों बातों में मुझे पता चला कि बाथरूम की लाइट ख़राब है और 500 रुपए सही करने में लगेंगे।सपना मुझसे बोली- बाथरूम तो बहुत छोटा है, आप खुले में बाहर नहा लिया करिए। अरुण तो खुले मैं नहा कर जाते ही हैं। सुरेखा भी सुबह जल्दी उठती है और 6 बजे से पहले ही खुले में नहा लेती है, ऊपर से बंद है कौन देख रहा है। आज तो कपड़े धो रही थी और आप भी उठ गए थे इसलिए बाथरूम में नहाने चली गई।
रात को सुरेखा के पति अरुण से मेरी मुलाकात हो गई, उसके मुँह से देसी दारु की बदबू आ रही थी। अरुण सामान्य से पतला दुबला एक साधारण सा आदमी था।
मैं रात को 10 बजे सोने चला गया, सोने से पहले मैंने सुबह 5 बजे का अलार्म भर दिया, सुबह सुरेखा को नहाते हुए जो देखना था।
सुबह 4 बजे ही मेरी नींद खुल गई बार बार दरवाजे की झिर्री से मैं सुरेखा के घर की तरफ देख रहा था। सामने कमरे मैं अरुण जाने की तैयारी कर रहे थे, 4:30 बजे वो निकल गए। सुरेखा मैक्सी पहन कर नीचे उन्हें छोड़ने गई और वापस अपने कमरे में चली गई।
बार-बार मैं सुरेखा के दरवाज़े की तरफ देख रहा था। 5:00 बजे के करीब सुरेखा बाहर निकल कर छुटपुट काम करने लगी, मेरी उत्सुकता बढ़ती जा रही थी कि कब वो नहाए और मैं उसकी चूचियों के दर्शन करूँ।
आखिर वो घड़ी आ गई 5:30 बजे वो नहाने आ गई, उसने बाहर का नल खोल लिया और बाल्टी नीचे रख दी। उसके बाद वो मेरे कमरे की तरफ बढ़ी। मेरी समझ में नहीं आया पर मैं वापस आकर पलंग पर बैठ गया।
सुरेखा ने बाहर से मेरे कमरे की सांकल लगा दी थी और वापस चली गई, मैं दुबारा उठकर बाहर झाँकने लगा।
नीचे और ऊपर जाने का दरवाज़ा बंद था और मेरा दरवाज़ा बाहर से उसने बंद कर दिया था। अब वो आराम से नहा सकती थी।
अगले मिनट उसने अपनी मैक्सी उतार दी। सुरेखा के बदन पर अब सिर्फ एक लाल पैंटी थी। उसने एक जोर की अंगड़ाई ली।
वाह ! क्या नंगा हसीन बदन था ! तनी हुई चूचियाँ और उन पर सजी हुई भूरी निप्पल, सेक्सी नाभि के नीचे का प्रदेश और गरम गरम जांघें ! सुरेखा की कमसिन जवानी ने मेरे लंड में तो आग लगा दी।
सुरेखा झुककर अपनी मैक्सी धोने लगी, उसकी हिलती नंगी चूचियों ने मुझे पजामा उतारने पर मजबूर कर दिया, मैंने अपना पजामा उतार दिया और अपना 7 इंची लंड हाथ में पकड़ लिया।
मैक्सी धोने के बाद सुरेखा ने उसे आगे बढ़कर डोरी पर डाल दिया, डोरी मेरे दरवाज़े के आगे ही थी, उसका हसीन नंगा बदन मैक्सी डालते समय मेरे से थोड़ी दूर पर ही था, मन कर रहा था जाकर साली को जकड़ लूँ।
अब वो आराम से नहा सकती थी।
अगले मिनट उसने अपनी मैक्सी उतार दी। सुरेखा के बदन पर अब सिर्फ एक लाल पैंटी थी। उसने एक जोर की अंगड़ाई ली।
वाह ! क्या नंगा हसीन बदन था ! तनी हुई चूचियाँ और उन पर सजी हुई भूरी निप्पल, सेक्सी नाभि के नीचे का प्रदेश और गरम गरम जांघें ! सुरेखा की कमसिन जवानी ने मेरे लंड में तो आग लगा दी।
सुरेखा झुककर अपनी मैक्सी धोने लगी, उसकी हिलती नंगी चूचियों ने मुझे पजामा उतारने पर मजबूर कर दिया, मैंने अपना पजामा उतार दिया और अपना 7 इंची लंड हाथ में पकड़ लिया।
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#4
10-06-2014, 01:51 PM (This post was last modified: 22-06-2014, 05:43 AM by rajbr1981.)
मैक्सी धोने के बाद सुरेखा ने उसे आगे बढ़कर डोरी पर डाल दिया, डोरी मेरे दरवाज़े के आगे ही थी, उसका हसीन नंगा बदन मैक्सी डालते समय मेरे से थोड़ी दूर पर ही था, मन कर रहा था जाकर साली को जकड़ लूँ।
इसके बाद सुरेखा अपनी जांघें फ़ैला कर पटरे पर नहाने बैठ गई। उसकी चिकनी जांघें देखकर मेरे लंड ने कुछ बूंदें वीर्य की त्याग दी। सुरेखा ने पहले अपने पैरों और हाथों पर साबुन लगाया उसके बाद उसने अपने गले और गाल पर साबुन लगाया। उसकी लगातार हिलती हुई नंगी गोल चूचियों ने मुझे पागल कर दिया। साबुन लगाने के बाद पानी बदन पर डालने से सुरेखा का पूरा बदन भीग रहा था, दोनों निप्पल से पानी की बूंदें गिर रही थीं। अब उसके दूधों पर साबुन दौड़ रहा था, दोनों स्तन अपने हाथों से दबाते हुए उसने उन पर साबुन मला इसके बाद लोटे से पानी डालने लगी।
सुरेखा की नंगी कमसिन जवानी मुझे पगला रही थी। वो अपनी पैंटी में हाथ डालकर अपनी चूत पर साबुन मलने लगी। साबुन लगाने के बाद सुरेखा पानी से नहाने लगी,15 मिनट तक सुरेखा नहाती रही और मैं उसके जवान नग्न शरीर का मज़ा लेता रहा। आखिर में उसने बचा हुआ पूरा पानी अपने बदन पर डाल लिया और तौलिए से अपना बदन पोंछने लगी।
सुरेखा ने तौलिया बाँध कर अपनी पैंटी उतार दी। मुझे लगा अब सुरेखा का स्नान पूरा हो गया है और मुझे अब सुरेखा की चूत रानी के दर्शन नहीं होंगे।
नहाने के बाद सुरेखा ने पीछे जाकर तेल की शीशी निकाली और पास मैं पड़े तख्त पर बैठकर अपने बदन पर तेल मलने लगी बाहर के बल्ब की रोशनी सीधे उसके बदन पर पड़ रही थी। अपने हाथों पर तेल मलने के बाद उसने अपनी चूचियों को दबाते हुए तेल मालिश करनी शुरू कर दी। मेरे लंड ने हार मानते हुए ढेर सारा वीर्य जमीन पर छोड़ दिया।
सुरेखा 5 मिनट तक अपनी चूची और पेट पर तेल मलती रही। लंड दुबारा खड़ा हो गया था। स्तनों पर तेल मालिश के बाद सुरेखा ने मेरे दरवाज़े की तरफ देखा और फिर अपना तौलिया हटा दिया। चूत प्रदेश काली झांटों में छिपा हुआ था। उसने झुककर पहले अपने पैरों पर तेल लगाया इसके बाद अपनी जांघें फ़ैला लीं और जाँघों पर तेल मालिश करने लगी।
चूत का दरवाज़ा मेरी आँखों के सामने था, आह ! पूरी खुली हुई चूत मेरे लंड को चोदने के लिए उकसा रही थी।
जाँघों की मालिश के बाद चूत की बारी थी, बहुत सारा तेल उसने चूत पर डाल लिया और अंदर उंगली डाल कर चूत की मालिश करने लगी।दस मिनट तक मैंने उसकी नंगी चूत के हर कोण से दर्शन किये।इसके बाद उसने ब्लाउज और पेटीकोट पहन लिया और मेरे दरवाज़े की सांकल खोल कर अंदर चली गई। 6 बज़ रहे थे।
8 बजे सुरेखा चाय नाश्ता लेकर आ गई। सुरेखा इस समय साड़ी ब्लाउज़ में थी, बोली- आज से आप मेरे पेइंग गेस्ट हैं, आप चाय और खाने में क्या और किस समय लेंगे?
मैंने कहा- भाभी आप जो चाहें वो खिलाओ। सुबह 8 बजे नाश्ता और रात को 10 बजे मैं खाना लेता हूँ।
सुरेखा मुस्कराती हुई बोली- आप चाहें तो मुझे सुरेखा कह कर बुला लिया करें।
सुरेखा मुस्करा रही थी। सुबह के स्नान का याद करके मैं सोच रहा था सुरेखा को अपनी गोद में बैठा लूँ और उसकी चूचियों और चूत से खेलूं। मेरा लंड उसको देख कर खड़ा हो गया था, बड़ी मुश्किल से अपने लंड को संभाले हुआ था।
10-12 दिन इसी तरह से निकल गए। रोज़ सुबह सुरेखा की नंगी जवानी का आनंद लेने लगा था मैं, सुरेखा को चोदने की इच्छा बढ़ती जा रही थी।
एक दिन नीचे वाली भाभी बोलीं- सुरेखा को खुजली की शिकायत हो रही है, कुछ प्रॉब्लम है, उसे लेडी डॉक्टर को दिखा लाओ, उसका पति तो नालायक है और दो दिन को बाहर भी गया है। तुम्हारे पास बाइक भी है और कल तुम्हारा ऑफ भी है, तुम तो आराम से ले जाओगे उसे।
मैं बोला- सुरेखा चली जाएगी?
सपना हँसते हुए बोली- चिपक कर बैठ कर जाएगी। तुम्हें पसंद करने लगी है, कह रही थी कि राकेश भाईसाहब बहुत अच्छे हैं। काश मुझे भी ऐसे पति मिलते।
मुझे कुछ गुदगुदी सी हुई, मैं बोला- ठीक है, आप उससे कह दो कल ले जाऊंगा।
शाम को सुरेखा जब खाना देने आई तो बोली- भाभी कह रहीं थीं...!!मैंने कहा- हाँ कल चले चलेंगे।
मैंने पूछा- आपको क्या दिक्कत है?
सुरेखा शर्माते हुए बोली- नीचे कुछ औरतों वाली दिक्कत है। इनके मुँह से तो दारु की बदबू आती रहती है ये एक दो बार डॉक्टर के यहाँ गए हैं तो उसने इन्हें कमरे से भगा दिया था।
सुरेखा बोली- 10 बजे चलेंगे।और वो बाहर चली गई।
अगले दिन सुबह 6 बजे सुरेखा जब नंगी नहा रही थी तो मुझे लगा कि सुरेखा की चूत में अब लंड घुसाने के दिन आने वाले हैं।
सुबह 10 बजे सुरेखा साड़ी ब्लाउज़ पहन कर तैयार हो गई, मुझसे बोली- थोड़ी दूर वाले हॉस्पिटल में चलेंगे, यहाँ जान-पहचान वाला कोई मिल जाता है तो बड़ी शर्म आती है।
हम लोग घर से 15 किलोमीटर दूर एक हॉस्पिटल में गए, रास्ते में सुरेखा बड़ी शालीनता से बैठी रही। वहाँ गीता नाम की लेडी डॉक्टर को दिखाने सुरेखा अंदर चली गई। मैं बाहर बैठ गया।
थोड़ी देर बाद एक नर्स आई और बोली- सुरेखा जी के साथ आप ही हैं?
मैं बोला- हाँ !
"अंदर चलिए, डॉक्टर साहब बुला रही हैं।"
डॉक्टर के कमरे के अंदर एक कमरा था, डॉक्टर मुझे अंदर ले गईं, अंदर सुरेखा चादर ओढ़े लेटी थी।
डॉक्टर बोली- आपको पता है इनको क्या दिक्कत है?
मैं बोला- नहीं !
तो डॉक्टर ने सुरेखा की चादर हटा दी। सुरेखा पूरी नंगी मेरे सामने लेटी थी उसने हाथ और पैर से अपनी चूत और चूची छिपाने की कोशिश की।
डॉक्टर ने सुरेखा को डांटा और बोलीं- इतना नाटक करने की जरूरत नहीं, रात को तो बिना नहाए धोए गंदे ही एक दूसरे से चिपक जाते हो और डॉक्टर के पास शर्मा रही हो?
डॉक्टर मुझे सुरेखा का पति समझ रही थीं। सुरेखा ने दयनीय स्थिति में मुझे इशारा किया कि मैं डॉक्टर को कुछ नहीं बताऊँ।
डॉक्टर ने सुरेखा की टांगें फैला दीं और उसकी चूत की झांटे दिखाती हुई सुरेखा से बोली- इन बालों को समय से साफ़ किया करो।
मेरी तरफ देखती हुई डॉक्टर ने कहा- देखो, इसकी वेजिना कितनी लाल हो रही है, यह एलर्जी है, आप लोग बिना साफ़ सफाई के अंदर डाल देते हो, उससे होती है। शर्म आनी चाहिए, आपकी पत्नी है, ठीक से आराम से किया करो, साफ सुथरे होकर सेक्स करने में ज्यादा मज़ा आता है।
सुरेखा के हाथ को हटाते हुए बोलीं- यह क्या है?
चूची पर दो कटे के निशान थे ,डॉक्टर ने मेरा हाथ सुरेखा की चूची पर रख दिया और बोली- देखो, काटने से खाल तक छिल गई है। आप प्यार से सेक्स क्यों नहीं करते हैं।
सुरेखा की हालत पतली हो रही थी, मेरा भी बुरा हाल था। सुरेखा की गुलाबी चूची पर हाथ रखने से मेरा लंड जाग चुका था।
डाक्टर ने इसके बाद नर्स को बुलाया और कहा- इन्हें दवाई दे दो और बाकी बातें समझा दो।
डॉक्टर बाहर अपने कमरे में चली गईं। नर्स एक 50-55 की औरत थी। इसके बाद नर्स ने एक ट्यूब ली और बोलीं इसकी क्रीम इनकी योनि के अंदर और बाहर धीरे धीरे उंगली से सहलाते हुए रात को अच्छी तरह से साफ़ हाथ से लगानी है।
उसने मेरे हाथ धुलवाए और मेरी उंगली पर क्रीम लगा दी और बोली- जरा लगा कर दिखाओ !
मेरी और सुरेखा की हालत पतली हो रही थी, मैंने उसकी चूत में उंगली घुसा दी और काँपते हाथों से बाहर बाहर मालिश करने लगा। मेरा लोड़ा पूरा खड़ा हो गया था।
do not advertise other story site
rajbr1981


नर्स बोली- यह बाहर बाहर क्यों लगा रहा है? पूरी अंदर तक घुसा कर लगा ! रात को तो बड़ी जल्दी चढ़ता होगा।
नर्स का यह शायद रोज़ का ही काम था। मैंने भी अब बेशरम होकर सुरेखा की चूत की मालिश अंदर बाहर शुरू कर दी। सुरेखा धीरे धीरे उई ऊई कर रही थी। मेरा लोड़ा पूरा गरम हो रहा था।
2 मिनट बाद नर्स बोली- ठीक है, एसे ही रात को सोने से पहले 5 मिनट तक मालिश कर देना।
इसके बाद उसने कुछ गोलियाँ दी और बोली- दो-दो गोली सुबह शाम खानी हैं, 7-8 दिन लगेंगे ठीक होने में, तब तक चूत में लोड़ा अंदर नहीं डालना है।
नर्स के मुँह से ये बातें सुनकर सुरेखा शर्म से जमीन में गड़ी जा रही थी, नर्स मेरी तरफ देखती हुई रुखी सी देसी भाषा में बोली- तू दिखता तो साफ़ सुथरा और सीधा सा है लेकिन है बदमाश ! इसने सब बता दिया है। अपने लोड़े को अच्छी तरह साफ़ करके अंदर डालना।ये दाने साफ़ नहीं रहने के कारण होते हैं।
सुरेखा की तरफ देखती हुई नर्स बोली- तू भी अपनी चूत साफ़ रखा कर ! झांटे देख कितनी बड़ी बड़ी हो रहीं हैं। सन्डे की सन्डे झांटे साफ़ करने की क्रीम लगा कर डेटोल से चूत साफ़ करा कर।
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#5
10-06-2014, 01:51 PM (This post was last modified: 22-06-2014, 05:42 AM by rajbr1981.)
आँख दबाती हुई नर्स बोली- तू भी कम नहीं लग रही है, डलवाती होगी तभी तो आगे पीछे दोनों तरफ से ये तेरी रोज़ मारता है। अब 7- 8 दिन चूत में लोड़ा मत घुसवाना और ज्यादा मन करे तो मुँह मैं ले लियो और इतने पे भी चैन न पड़े तो गांड में डलवा लेना लेकिन साफ़ सफाई से और गांड में जब भी डलवाए तो कंडोम लगा के डलवाना। चलो अब तुम लोग जाओ और अगर एक हफ्ते में दाने सही नहीं हुए तो दुबारा आना।




बाइक पर अब सुरेखा मुझसे चिपक कर बैठी हुई थी, दोनों चूचियाँ मेरी पीठ से दब रही थीं, बड़ा अच्छा लग रहा था।
सुरेखा की तरफ देखती हुई नर्स बोली- तू भी अपनी चूत साफ़ रखा कर ! झांटे देख कितनी बड़ी बड़ी हो रहीं हैं। सन्डे की सन्डे झांटे साफ़ करने की क्रीम लगा कर डेटोल से चूत साफ़ करा कर।
आँख दबाती हुई नर्स बोली- तू भी कम नहीं लग रही है, डलवाती होगी तभी तो आगे पीछे दोनों तरफ से ये तेरी रोज़ मारता है। अब 7- 8 दिन चूत में लोड़ा मत घुसवाना और ज्यादा मन करे तो मुँह मैं ले लियो और इतने पे भी चैन न पड़े तो गांड में डलवा लेना लेकिन साफ़ सफाई से और गांड में जब भी डलवाए तो कंडोम लगा के डलवाना। चलो अब तुम लोग जाओ और अगर एक हफ्ते में दाने सही नहीं हुए तो दुबारा आना।
बाइक पर अब सुरेखा मुझसे चिपक कर बैठी हुई थी, दोनों चूचियाँ मेरी पीठ से दब रही थीं, बड़ा अच्छा लग रहा था।
सुरेखा बोली- 10 मिनट कहीं बैठ सकते हैं?
मैंने कहा- ठीक है।
और हम एक काफी हाउस में घुस गए, कोने में एक सीट पर बैठ गए।
सुरेखा ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- आज जो हुआ किसी को मत बताना, मुझे तो बहुत शर्म आ रही है।
सुरेखा बोली- डॉक्टर साहिबा ने नंगी कराने के बाद जब मेरी बड़ी बड़ी झांटें देखीं तो बहुत डाँटा था। उन्होंने मुझसे पूछा कि मेरे पति कैसे सेक्स करते हैं तो मुझे सच सच बताना पड़ा। अरुण रोज़ रात को अपना नंगा लंड मेरी चूत और गांड दोनों में डाल देते हैं, कई बार तो गांड से निकला लंड वैसे का वैसा ही चूत में डाल देते हैं। डॉक्टर यह सुन कर गुस्सा हो गई और उन्होंने तुम्हें बुला लिया।
मैं बोल उठा- आपकी चूचियाँ बहुत सुंदर हैं।
सुरेखा शरमा कर बोली- आपकी उंगली ने तो मेरी जान निकाल ली।
सुरेखा और मैं मुस्करा पड़े।
सुरेखा बोली- दवा आप अपने पास रख लें। इन्होंने देख ली तो मेरी जान ले लेंगे। सुरेखा ने मेरा हाथ उठाकर अपनी जाँघों पर रख लिया, धीरे धीरे उसकी जांघें सहलाते हुए मैं उससे बातें करने लगा। काफी आ गई, पीते-पीते मुझे पता चला कि सुरेखा पैसों की कमी के कारण क्रीम और कॉस्मेटिक नहीं खरीद पाती है। मेरा हाथ अब उसकी जाँघों के बीच चल रहा था, उसको मज़ा आ रहा था।काफी पीने के बाद मैंने उसे 1000 रुपए के कॉस्मेटिक और क्रीम दिलवाई। इसके बाद वो बाइक पर मुझसे चिपक कर बैठ गई और हाथ उसने मेरे तने हुए लंड के ऊपर रख दिया। पूरे रास्ते वो मेरा लंड सहलाती हुई आई। मैं भी बाइक 20 की स्पीड से चला रहा था। उसके बाद हम घर आ गए।
चार बज़ रहे थे, हम दोनों ऊपर आ गए और अपने अपने कमरे में चले गए।
रात को सुरेखा ने खाना 10 बजे तैयार किया ऊपर आज रात मैं और सुरेखा अकेले थे, सुरेखा और मैंने एक साथ खाना खाया, उसके बाद सुरेखा बोली- मैं 11 बजे आपके लिए दूध लेकर आती हूँ।
11 बजे सुरेखा पारदर्शी मैक्सी में दूध लेकर आई। उसकी लाल पैंटी और दूधिया चूचियाँ साफ़ दिख रही थीं। मुझे देख कर वह मुस्करा रही थी।
मैंने दूध पीते हुए पूछा- क्रीम लगवानी है?
सुरेखा बोली- लगा दीजिएगा।
उसकी आँखों में एक कामुक चमक थी।
दूध का गिलास रखने के बाद मैंने उसे अपनी गोद में खींच लिया और अपने से चिपका लिया। उसके होंठ अब मेरे होंटों से चिपक गए थे। हम दोनों एक दूसरे को चूस रहे थे।
इसके बाद मैंने सुरेखा को बिस्तर पर गिरा दिया। उसकी मैक्सी खुल गई थी, नीचे सिर्फ एक लाल पैंटी थी, गुलाबी स्तन चमक उठे थे, जिन स्तनों को देखकर मैं 10 दिन से मुठ मार रहा था, आज वो मेरे हाथों में थे, उन्हें दबाते हुए बोला- सच, गज़ब के सेक्सी हैं तुम्हारे ये स्तन।
सुरेखा ने मेरे मुँह में अपनी निप्पल लगा दी और बोली- आप इसे चूसो ना ! आज सुबह से मेरा बहुत मन कर रहा है कि आप मेरे इनसे खेलें।
मैंने उसके दूधिया स्तनों को दबाते हुए चूसना शुरू कर दिया। सुरेखा की उह आह उह कमरे में गूँज रही थी। उसकी निप्पल्स तन गई थीं, मसलाई अच्छी हो रही थी।
थोड़ी देर बाद मेरे हाथों से उसकी पैंटी भी नीचे उतर गई, चूत बिल्कुल चिकनी हो रही थी, शाम को ही साफ़ करी लग रही थी। मैंने उसकी चूत के होंटों पर अपनी उंगलियाँ फ़िराईं।
सुरेखा पागल हो रही थी- बोली चोदो राकेश ! चोदो बहुत मन कर रहा है।
मैंने उठकर अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपनी जाँघों पर उसे बैठाते हुए उसकी जांघें और चूत सहलाने लगा।
मैंने कहा- एक हफ्ते तक तो चूत का दरवाज़ा बंद है।
सुरेखा मेरे 7 इंची तने हुए लंड को दबाते हुए बोली- आज चोद दो, एक दिन से कुछ नहीं होता है। सच तुम्हें मैं अपने अंदर लेना चाहती हूँ, मेरी चूत चोदो।
उसकी चूत से काफी पानी बह रहा था, मेरा लंड भी चोदने को पागल हो रहा था।
सुरेखा को मैंने लेटा दिया, उसने अपनी जांघें चौड़ी कर दी थीं, अपनी चूत में उंगली करते हुए बोली- राकेश, अंदर घुसाओ न !
अब हमारे बीच की दूरी ख़त्म होने वाली थी, मैंने देर किए बिना अपना लोड़ा उसकी चूत की फलकों पर लगा दिया और घुसाने लगा। थोड़ी देर में लंड पूरा अंदर था। उसने टांगें मेरी पीठ पर लगा दी थीं, हम दोनों की साँसें तेज चल रही थीं। मैंने पेलना शुरू कर दिया था सुरेखा अब चुदने लगी थी, आह ! उह आह ! और करो ! आअहा की आवाज़ों से कमरा गूँज रहा था। कुछ धक्कों के बाद सुरेखा का गर्भ वीर्य से नहा गया था। वो मुझसे चिपक गई, हम दोनों बातें करने लगे। दो बजे के करीब हम सो गए।
सुबह चार बजे उसने मुझे उठा दिया, मुझसे चिपक गई और अपने हाथ से वो मेरा लंड सहलाने लगी। थोड़ी देर में लंड चोदने के लिए तैयार था।
अबकी बार आराम से मैंने उसे कोहनी के बल घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड घुसा दिया और आराम आराम से उसको चोदने लगा।
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#6
10-06-2014, 01:52 PM
चुदते चुदते सुरेखा बोली- सच राकेश, बहुत मज़ा आ रहा है तुमसे चुदने में ! थोड़ी तेज चोदो, आह आह मज़ा आ गया।
कुछ देर में सुरेखा झड़ गई लेकिन मेरा लंड पूरा खड़ा था, मैंने उससे कहा- लो मुँह से करो !
थोड़ी न नुकुर करते हुए उसने मुँह मेंब लंड ले लिया और उसे चूसने लगी। उसकी आँखों से आनन्द चमक रहा था। लंड मुँह से बाहर निकाल कर बोली- मुँह में चूसने में मज़ा आ गया। एक बार और चोदिये, ऊ उह उइ उई एक बार और चोदिये ना ! बड़ा अच्छा लग रहा है।
इस बार मैंने उसे लेटते हुए अपनी गोद में लोड़े पर चढ़ा लिया और लंड अंदर घुसा कर धीरे धीरे चोदते हुए उसके होंठ चूसने लगा।
15 मिनट होंट चूसने के बाद मेरा वीर्य उसकी चूत में बह गया।
सुबह के 6 बज़ रहे थे, मैक्सी पहन कर सुरेखा नहाने चली गई।
मैं 2-3 घंटे सोया और उसके बाद ऑफिस निकल गया।
उसकी आँखों से आनन्द चमक रहा था। लंड मुँह से बाहर निकाल कर बोली- मुँह में चूसने में मज़ा आ गया। एक बार और चोदिये, ऊ उह उइ उई एक बार और चोदिये ना ! बड़ा अच्छा लग रहा है।
इस बार मैंने उसे लेटते हुए अपनी गोद में लोड़े पर चढ़ा लिया और लंड अंदर घुसा कर धीरे धीरे चोदते हुए उसके होंठ चूसने लगा।
15 मिनट होंट चूसने के बाद मेरा वीर्य उसकी चूत में बह गया।
सुबह के 6 बज़ रहे थे, मैक्सी पहन कर सुरेखा नहाने चली गई।
मैं 2-3 घंटे सोया और उसके बाद ऑफिस निकल गया।
ऑफिस में मेरा काम कम्पनी में आने वाले मेहमानों का प्रबन्ध और उनका ख्याल रखना होता है। आज बॉस ने बताया कि दो विदेशी आ रहे हैं, ऑफिस के गेस्ट हाउस में आज रात रुकेंगे, उनके लिए लड़की का इंतजाम करना है।
मैंने अपने एजेंट को फोन किया, उसने मुझे तीन बजे बुलाया। इसके बाद मैं तीन दिन बाद होने वाले सेमीनार के लिए होटल बुक करने चला गया। इन सब काम में 2 बज़ गए। तब मैं अपने एजेंट के ऑफिस गया, ऑफिस एक होटल में था, मुझे वो अंदर ले गया, वहाँ उसने मुझे 10-12 लड़कियों की नंगी एल्बम दिखाई। उनमें से मैंने 4 लड़कियाँ देखनी चाहीं, उसने चारों को ऊपर बुला लिया।
एजेंट के कहने पर चारों ने अपने टॉप उतार कर नंगे स्तन दिखाए, सबका बदन एक से बढ़कर एक था। उनसे बात करने के बाद मैंने 2 लड़कियाँ 12-12 हज़ार में पूरी रात के लिए बुक करा दीं।
एजेंट का नाम संजीव था, हम लोग साथ साथ खाना खाने लगे, उसने बताया कि वो भी मेरी तरह एक कर्मचारी है, 10 लड़कियाँ उसे रोज़ की बुक करनी होती हैं। महीने के 1 लाख उसे मिल जाते हैं। लड़कियाँ अधिकतर 20-22 साल की बार गर्ल हैं। कभी फंस जाती हैं तो जमानत भी करानी पड़ती है। कभी कोई काम हो तो बताना, इस धंधे में अच्छे बुरे कई लोगों से पहचान हो जाती है, और कभी चोदने का मन हो तो बताना, फ्री में दिलवा दूँगा।
हम लोग एक घण्टा साथ साथ रहे, इसके बाद मैं वापस ऑफिस आ गया।
रात को मैं 9 बजे वापस आया तो भाभी नीचे मिल गईं, रजनी के साथ चाय पी रही थीं। मुझे 15 दिन हो गए थे आए हुए, आज पहली बार रजनी से मिल रहा था।
रजनी कमसिन बदन की सुंदर सी 24 साल की लड़की थी लेकिन मुझे थोड़ी घमंडी सी लगी।
रजनी से मैंने पूछा- क्या काम करती हो?
रजनी बोली- राज होटल में फ़ूड मैनेजर हूँ।
उसके बाद नमस्ते करके अंदर चली गई।
भाभी बोलीं- अच्छा कमा लेती है, अभी एक लाख का सोने का हार खरीदा है।
इसके बाद भाभी बोलीं- कल कैसा रहा?
मैं बोला- ठीकठाक था।
भाभी ने मेरी चुटकी काटी और बोलीं- सुरेखा से कुछ मज़ा लिया या ऐसे ही गए और आ गए, साली के दूध बड़े सुंदर हैं दबा देते कुछ ऊँच नीच होती तो मैं संभाल लेती।
मैंने भाभी का हाथ दबाते हुए कहा- पहले क्यों नहीं बताया? मैं दबा देता।
भाभी मुस्करा कर बोलीं- अब दबा दो, आज तो अकेली है।
मैं हिम्मत करके बोला- भाभी, चुच्चे तो आपके भी माल हैं।
भाभी बोलीं- चूसने हैं क्या?
मुस्कराते हुए मैंने कहा- आपकी मर्जी।
मेरा हाथ दबाते हुए बोलीं- ठीक है, मौका मिला तो चुसवा दूंगी।
तभी दरवाज़े से भाईसाहब आ गए मेरे और उनके बीच 10 मिनट बाद हुई, फिर मैं ऊपर अपने कमरे मैं चला आया।
सुरेखा 10 बजे खाना ले आई और बोली- कल अरुण के मामा जी आ रहे हैं, एक शादी मैं जाना है, आपसे एक हफ्ते बात नहीं हो पाएगी।मैंने उसे खींच लिया और चिपकाते हुए बोला- आज साथ साथ सो जाते हैं।
सुरेखा ने मेरे होंटों को चूसा और बोली- नीचे खुजली ज्यादा हो रही है, क्रीम लगा देना, साथ साथ सोए तो आप अंदर डाल देंगे।
मैंने कहा- ठीक है।
खाने के बाद 11 बजे वो दूध ले आई उसने पास में रखी क्रीम उठाकर अपनी मैक्सी उतार दी। आज वो नीचे कुछ नहीं पहने थी, अब सुरेखा पूरी नंगी थी।
नंगी सुरेखा को मैंने उठाकर अपनी गोद में बिठा लिया। उसकी नंगी चूत मेरे लंड को पागल करने लगी उसने मेरी उंगली पर क्रीम लगा कर उंगली चूत के मुँह पर रख दी। उसकी चूत के दाने को सहलाते हुए 10 मिनट तक मैंने उसकी चूत में अंदर तक मालिश करी। वो भी गरम हो रही थी और पानी छोड़ रही थी, बोली- मुँह में डाल दो, रहा नहीं जा रहा है।
मैंने अपना पजामा उतार दिया और उसे गोद में लेटा लिया। सुरेखा ने कुछ देर तक मेरा लोड़ा पकड़ कर सहलाया और बाद में मुड़ कर लंड अपने मुँह में ले लिया और मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। मेरे हाथ उसके स्तनों और जाँघों पर चल रहे थे। सुरेखा के स्तनों की घुंडियों को मैंने खूब मसला। 10 मिनट के खेल में सुरेखा ने मुझे मस्त कर दिया, मेरा वीर्य स्खलन होने वाला था, मैंने सुरेखा को बताया लेकिन सुरेखा लोड़ा चूसती रही कुछ देर बाद सुरेखा के मुँह मैं मैंने अपना वीर्य उड़ेल दिया। सुरेखा पूरा वीर्य अंदर गटक गई और मुझसे कस कर चिपक गई। 5 मिनट बाद उसने मेरे 3-4 चुम्बन लिए।
उसके बाद उठकर सुरेखा अपने कमरे में चली गई। अगले दिन सुरेखा अपने मामा के साथ 7 दिन के लिए गाँव चली गई।
तीन दिन बाद शनिवार था, मैं रात 9 बजे घर आया और अपने कमरे में चला आया। आजकल सुरेखा नहीं थी, मैं बाहर खाना खाकर आता था।
सपना ने मुझे आवाज़ लगाई- राकेश, कॉफी पिओगे?
मैंने हाँ कर दी।
दस मिनट बाद मैं नीचे कॉफी पीने आ गया, भाभी अकेली थीं, उन्होंने बताया कि बच्चों की कल छुट्टी है, भाईसाहब उन्हें पनवल बुआ के यहाँ ले गए हैं, कल रात को वापस आ जाएँगे।
कॉफी पीने के बाद भाभी ने टीवी चला दिया टीवी पर मूवी आ रही थी, बोली यहीं पलंग पर बैठो, बातें करते हुए देखेंगे।
सपना ने मुझे आवाज़ लगाई- राकेश, कॉफी पिओगे?
मैंने हाँ कर दी।
दस मिनट बाद मैं नीचे कॉफी पीने आ गया, भाभी अकेली थीं, उन्होंने बताया कि बच्चों की कल छुट्टी है, भाईसाहब उन्हें पनवल बुआ के यहाँ ले गए हैं, कल रात को वापस आ जाएँगे।
कॉफी पीने के बाद भाभी ने टीवी चला दिया टीवी पर मूवी आ रही थी, बोली यहीं पलंग पर बैठो, बातें करते हुए देखेंगे।
भाभी सट कर बैठ गईं और मेरा हाथ पकड़ लिया। भाभी ने बातों बातों में बताया- शनिवार और इतवार की रात को होटल में देर तक पार्टी होती है इसलिए रजनी रात को होटल में ही रुकती है।
हम दोनों एक दूसरे को नॉन वेज चुटकले सुनाने लगे, बातें करते करते मेरे हाथ भाभी के ब्लाउज में घुस गए और मैं उनकी चूचियाँ दबाते हुए मूवी का मज़ा लेने लगा। भाभी भी मेरा लोड़ा सहला रही थीं।
थोड़ी देर बाद भाभी उठीं और उन्होंने अपनी साड़ी उतार दी, अब वो ब्लाउज और पेटीकोट में थीं, मेरे को आँख मारते हुए बोलीं- दूध पीना है क्या?
मैं बोला- पिला दो !
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#7
10-06-2014, 01:52 PM
उन्होंने अपना ब्लाउज उतार दिया, नंगी चूचियाँ बाहर आ गईं। भाभी की बड़ी बड़ी चूचियाँ मुझे चोदने के लिए उकसाने लगीं। भाभी ने एक अंगड़ाई लेते हुए अपनी दोनों चूचियाँ हिलाईं और आँख मारते हुए मुझसे बोलीं- कैसी लगीं?
मैंने कहा- भाभी, अब जल्दी से दूध पिलाओ, अब नहीं रहा जा रहा है।
भाभी आकर पलंग पर बैठ गईं, मैंने अपना मुँह उनकी निप्पल पर लगा दिया और चूसने लगा, मैंने दोनों निप्पल चूस चूस कर नुकीली कर दीं। उसके बाद उन्होंने मेरा पजामा खोल दिया और उसे उतरवा दिया, मेरा लोड़ा अब उनके हाथों में आ गया था।
मेरे लोड़े को सहलाते हुए बोली- आह, कितना साफ़ सुथरा लंड है।
थोड़ी देर बाद मैंने अपना कुरता भी उतार दिया और उन्हें लेटा कर उनके स्तन दबाते हुए होंट चूसने लगा। भाभी भी मुझसे चिपक कर मेरे होंट चूसने लगीं। हम दोनों की जीभें एक दूसरे के मुँह में घुसी हुईं थीं।
भाभी ने मुझे हटाया और अपना पेटीकोट उतार दिया, दूधिया रोशनी में उनकी गोरी गोरी मासल जाँघों के बीच में उनकी साफ़ सुथरी चूत चमक रही थी।
मेरे लोड़े को सहलाते हुए बोली- आह, उइ ! चूसने का मन कर रहा है।
मैं उनकी चूचियों को दोनों हाथों से दबाते हुए बोला- भाभी चूसो न !
सपना भाभी ने मेरे सुपाड़े पर जीभ फिराई, लोड़ा मुँह में ले लिया और चूसने लगीं, मुझसे बोलीं- मेरी चूत भी चूसो न !
मैं अब 69 में लेट गया। सच, साफ़ सुथरा बदन हो तो सेक्स का मज़ा दुगना हो जाता है, भाभी की चूत चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था।5 मिनट बाद भाभी हट गईं और दीवार से टिककर उन्होंने अपनी जांघें चौड़ी कर लीं और बोली- चोदो राकेश चोदो ! अब नहीं रहा जा रहा, आह तुमसे चुदने में मज़ा आ जाएगा।
भाभी की चिकनी चूत पर मैंने अपना लोड़ा लगा दिया, भाभी ने मुझे अपने में भींच लिया, मेरा लोड़ा उनकी चूत में अंदर तक घुस चुका था, मुँह एक दूसरे के मुँह में घुसा हुआ था, चूचियाँ मेरे सीने से दब रही थी और चूत मेरे लंड के झटके खा रही थी।
10 मिनट तक हमने जन्नत का मज़ा लिया। इसके बाद मेरा वीर्य भाभी की चूत में छूट गया। हम लोग 10 मिनट तक ऐसे ही चिपके रहे। भाभी ने उठकर तौलिये से मेरा लोड़ा साफ़ किया और हम बातें करने लगे।
12 बजे करीब मैं ऊपर अपने कमरे में आ गया। सपना देखने में काली थी लेकिन चुदने में उसने सुरेखा से ज्यादा मज़ा दिया था। मुझे किरायेदार बनकर बड़ा मज़ा आ रहा था, दो दो औरतों की चूत मैं फतह कर चुका था।
सुरेखा घर पर नहीं थी, रविवार को मैं और सपना भाभी साथ साथ नीचे भाभी के बाथरूम में नहाने चले गए। भाभी का बाथरूम अच्छा बड़ा था, भाभी ने पहले मुझे नंगा कराया और मेरे हाथ पीछे करके नल से बाँध दिए। इसके बाद उन्होंने अपने कपड़े एक एक करके उतार दिए और मेरे सारे बदन पर अच्छी तरह से साबुन लगाने लगी, मेरे लोड़े को मुँह में ले लिया और शावर चला दिया। मेरा बड़ा मन कर रहा था कि भाभी की जवानी से खेलूं, लेकिन मैं मजबूर था, उह आह की आवाजें मेरे मुँह से निकल रहीं थीं। मेरा लोड़ा गरम हो रहा था।
भाभी ने अपने हाथों से पकड़ कर उसे चूचियों के ऊपर फिराया। मेरा रस जब निकलने को हो रहा था, भाभी हट गईं एक तेज धार मेरे वीर्य की निकली जो उनकी चूचियों पर जाकर गिरी।
इसके बाद भाभी ने मुझे खोल दिया अब मेरी बारी थी।
मैंने उनके हाथ अपनी तरह से नल से बाँध दिए और उनकी चूचियाँ कस कस कर दबाने लगा शावर खोलकर उनकी निप्पल नोच नोच कर कड़ी कर दीं और उनकी चूत के दाने को अपनी उँगलियों से रगड़ने लगा।
भाभी की सिसकारियाँ गूंजने लगीं, चूत से पानी बहने लगा।
10 मिनट बाद उन्हें मैंने खोल दिया हम दोनों एक दूसरे से चिपक गए। मेरा लोड़ा उनकी चूत में घुस गया। 5 मिनट एक दूसरे से चिपक कर चुदाई का खेल खेलते हुए हम नहाए, उसके बाद अलग हो गए, कपड़े पहन कर भाभी और मैं 1 से 4 मूवी देखने बाहर चले गए।
रात को भाईसाहब और बच्चे आ गए। मैं 10 बजे सो गया, एक अच्छे रविवार का अंत हो गया।
अगले दिन सुबह बाहर कुछ खट पट हुई तो मुझे लगा सुरेखा आ गई है। मैंने झांककर देखा तो सुरेखा का पति अरुण था, बाहर निकल कर मैंने हाल चाल पूछे। अरुण के बदन से गन्दी बदबू आ रही थी और मुँह से दारु की दुर्गन्ध आ रही थी।
मुझे सुरेखा की किस्मत पर दुःख हुआ।
अरुण ने बताया- सुरेखा दो दिन बाद आएगी।
दो दिन बाद सुबह नल चलने की आवाज़ आई मैंने देखा तो 5 बज़ रहे थे। सुरेखा नहाने की तैयारी कर रही थी, मतलब वो वापस आ गई थी।
सुरेखा अब भी मेरा दरवाज़ा बाहर से बंद कर देती थी। मैंने सुरेखा को अभी तक नहीं बताया था कि मैं रोज़ उसे नहाते हुए देखता हूँ। उसको नहाते हुए देखने का अलग मज़ा था।
थोड़ी देर में सुरेखा नंगी होने लगी। आज उसने अपनी पैंटी भी पहले ही उतार दी थी। नंगी होकर सुरेखा नहाने लगी, रोज़ की तरह चूचियाँ हिल रही थीं, जाँघों पर साबुन लगते समय चूत पूरी चमक रही थी।
नहाने के बाद सुरेखा अपने कमरे में चली गई।
आठ बजे रोज़ की तरह नाश्ता लेकर मुझसे मिलने आई…
दो दिन बाद सुबह नल चलने की आवाज़ आई मैंने देखा तो 5 बज़ रहे थे। सुरेखा नहाने की तैयारी कर रही थी, मतलब वो वापस आ गई थी।
सुरेखा अब भी मेरा दरवाज़ा बाहर से बंद कर देती थी। मैंने सुरेखा को अभी तक नहीं बताया था कि मैं रोज़ उसे नहाते हुए देखता हूँ। उसको नहाते हुए देखने का अलग मज़ा था।
थोड़ी देर में सुरेखा नंगी होने लगी। आज उसने अपनी पैंटी भी पहले ही उतार दी थी। नंगी होकर सुरेखा नहाने लगी, रोज़ की तरह चूचियाँ हिल रही थीं, जाँघों पर साबुन लगते समय चूत पूरी चमक रही थी।
नहाने के बाद सुरेखा अपने कमरे में चली गई।
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#8
10-06-2014, 01:53 PM
आठ बजे रोज़ की तरह नाश्ता लेकर मुझसे मिलने आई और मेरी बाँहों में चिपक गई। मैंने उसका एक चुम्बन ले लिया।
सुरेखा बोली- अरुण 2-10 की शिफ्ट में हैं, 15 दिन ये रात को 1 बजे आएँगे। रात में आपसे बातें करुँगी इतना कहकर वो चली गई।
रात को 10 बजे खाना खिलाने के बाद सुरेखा मेरे पास आकर बैठ गई, उसने बिना ब्रा-पैंटी के मैक्सी पहन रखी थी। मैंने उसे उठाकर अपनी गोद में बैठा लिया और उसकी मैक्सी के सारे बटनों को खोलकर मैं उसकी चूचियाँ सहलाने लगा।
सुरेखा बोली- चूत में खुजली बढ़ गई है।
मैंने उसके होंटों पे होंट लगाते हुए कहा- खुजली तो बढ़ेगी ही ! दवा तो तुम्हारी मेरे पास रखी है।
मैंने पलंग के नीचे से दवा निकाल ली और बोला- अपनी चूत रानी को खोलो, क्रीम लगा देता हूँ।
उसने अपनी मैक्सी उतार दी, अब वो पूरी नंगी थी और जाँघों को चौड़ा करके मेरी गोद में बैठ गई, मैं अपनी उंगली से उसकी चूत में क्रीम की मालिश करने लगा।
सुरेखा बोली- मामाजी के घर में खुजली कम हो गई थी लेकिन कल रात को ये चढ़ गए और चोदने लगे। 20 दिन से नहीं नहाए हैं, कुछ कहती हूँ तो मारने लगते हैं। मेरे पीछे सस्ती रंडी भी चोद आते हैं, बड़ी दुखी हूँ, बहुत गंदे रहते हैं।




सुरेखा अपनी कहानी बताने लगी, बोली- मैंने घर से भाग कर शादी की थी, तब मैं 21 साल की थी। पापा की पोस्टिंग अहमदनगर में थी। अरुण अहमदनगर में मेरे पड़ोस में किराए पर रहने वाली आंटी के भांजे थे, इनसे दो साल से मेरे सम्बन्ध चल रहे थे। इन्होंने मुझे ये बता रखा था कि ये एक कम्पनी में मैनेजर हैं। हर शनिवार और रविवार को आंटी के घर आते थे। पापा ने अपने एक दोस्त के बेटे से मेरी शादी तय कर दी थी, तुम्हारी तरह बहुत सुंदर और एम बी ए लड़का था, मुझे भी पसंद था। लेकिन मैंने अरुण के साथ सेक्स कर लिया था। मेरे मन में यह बात बैठी हुई थी कि जिसके साथ सेक्स कर लो, वो ही पति होता है। पापा मम्मी राजी नहीं थे, मैं इनके साथ भाग गई और इनसे शादी कर ली, माँ बाप ने नाता तोड़ लिया। मुझे धीरे धीरे इनकी असलियत पता लगने लगी ये दसवीं फ़ेल थे और बहुत दारु पीते थे। जिस कम्पनी में मुझे ये मैनेजर बताते थे, उसमें ये मजदूर थे। अब मैं क्या कर सकती थी। मैं बी लिब पास हूँ।
उसकी आँखों से आंसू आ गए थे।
" अगर मेरी शादी माँ बाप की पसंद से हो जाती तो मैं आज शायद बहुत खुश होती।"
मैंने उस लड़के का नाम पूछा लेकिन सुरेखा ने मुझे नाम नहीं बताया। सुरेखा की आँखों से आंसू बहने लगे।
मैंने अपने दोनों हाथों से उसके आँसू पोंछे और होटों से होंट चिपका कर एक गहरा चुम्बन लिया। सुरेखा ने मेरे हाथ अपने स्तनों पर रख लिए और मेरे हाथ के ऊपर अपने हाथ रख दिए 10 मिनट तक हम एक दूसरे की आँखों में देखते हुए ऐसे ही लेटे रहे, इसके बाद सुरेखा ने मेरी उंगली अपनी चूत में घुसवा ली और बोली- मालिश करिए ना ! आपसे मालिश करवाना अच्छा लगता है।
11 बज़ गए थे, सुरेखा ने मेरा पजामा खोल कर लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मेरे हाथ उसकी चूत और जाँघों पर चल रहे थे। सुरेखा पूरे मन से लोड़ा चूस रही थी। थोड़ी देर बाद उसे उठाकर मैंने बिस्तर पर लेटा दिया नंगी सुरेखा किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी, उसकी चूचियाँ दबाते हुए लंड चूचियों के बीच घुसा दिया थोड़ी देर की, इस चुदाई के बाद ढेर सा वीर्य उसके बदन पर गिर गया था।
5 मिनट हम दोनों एक दूसरे से चिपके रहे उसके बाद उसने उठकर अपना बदन साफ़ किया और मुझसे चिपक कर एक पप्पी ली और अपनी मैक्सी पहन कर अपने कमरे में चली गई।
अगले दिन शाम को भाभी और मैं गप्पें मार रहे थे, रजनी संतरे लेकर अंदर आई और मेरे पास बैठ गई।
भाभी बोलीं- रजनी, राकेश जी का संतरे खाने का मन कर रहा है।
रजनी बोली- शादी कर लें, बीवी रोज़ संतरे खिलाएगी।
मुझसे रहा नहीं गया, मैं बोला- आपके पास इतने अच्छे संतरे हैं, दो मुझे भी खिला दो।
भाभी मुस्कराते हुए बोली- खिला दे ! ये तुझे बदले में केला खिला देंगे।
रजनी एकदम से गरम हो गई और बोली- भाभी, मुझे ये सब बिल्कुल नहीं पसंद है आप सबके सामने एसा मजाक मत करा करो।
मुझे लगा रजनी पर लाइन मारना ठीक नहीं है। रजनी वहाँ से चली गई।
भाभी झेंपते हुए बोलीं- सुरेखा तो इस से भी तेज है, एक बार पिछले किराएदार ने उसके चूतडों पर अकेले में हाथ फेर दिया था तो सुरेखा ने दो थप्पड़ जड़ दिए थे। मैंने छुपकर यह देख लिया था किसी को बताना नहीं।
मैं सोच में पड़ गया कि अगर सुरेखा इतनी तेज है तो मेरे से उसने इतने आराम से कैसे संबंध बना लिए।
थोड़ी देर बाद मैं वहाँ से उठकर चला आया। हमारे और रजनी के बीच नमस्ते होती रही लेकिन कभी ज्यादा बात नहीं हुई।
रोज़ रात को 10-11 बजे सुरेखा मेरे कमरे में आ जाती और पूरी नंगी होकर मेरी गोद में बैठ जाती। मुझसे अपनी चूत में क्रीम लगवाती और जाने से पहले मेरा लोड़ा कम से कम एक बार जरूर चूसती। मेरी रातें सुरेखा के साथ मजेदार कट रही थीं। 10 दिन में उसकी खुजली गायब हो गई थी। इस बीच मैंने उसकी चूत में लोड़ा एक भी दिन नहीं डाला था। सुरेखा ने मुझसे बहुत कहा था कि मैं उसकी चूत चोदूँ, उसके पति तो हर दूसरे दिन उसे चोद ही रहे थे लेकिन मैंने एसा नहीं किया।
शनिवार को मैंने वादा किया कि सोमवार को उसकी चूत चोदूंगा।
सोमवार से उसके पति की रात की 10-6 शिफ्ट आ गई थी। रात की शिफ्ट में 8 बजे वो जाते थे और सुबह 8 बजे आते थे।
मैं सोमवार रात को 10 बजे आया, सुरेखा और दिन की तरह 11 बजे आकर मेरी गोद में नंगी बैठ गई और मुझसे चिपकते हुए बोली- आज तो चोदोगे न?
मैं सोमवार रात को 10 बजे आया, सुरेखा और दिन की तरह 11 बजे आकर मेरी गोद में नंगी बैठ गई और मुझसे चिपकते हुए बोली- आज तो चोदोगे न?
मैंने निप्पल उमेठते हुए कहा- क्यों नहीं।
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#9
10-06-2014, 01:53 PM
सुरेखा से मैंने पूछा- तुम्हारी गांड में भी डाल दूँ? तुम बता रही थीं कि अरुण जब ज्यादा नशे में होते हैं तब वो तुम्हारी गांड भी चोद देते हैं।
सुरेखा बोली- आप का मन है तो मेरी गांड में भी डाल दो ! अरुण तो गांड ज्यादा चोदते हैं चूत कम।
सुरेखा की चूत गीली हो रही थी, मैंने उसे तकिये के ऊपर लेटाया और उसकी चूत में पीछे से लंड डाल दिया और दोनों चूचियाँ अपने हाथों में दबा लीं और चोदने लगा।
उह आह की आवाज़ों से कमरा गूँज रहा था, सुरेखा की चूत में लंड सरपट दौड़ रहा था। सुरेखा को चोदने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। कुछ देर बाद मैंने लंड बाहर निकाल लिया और सुरेखा के चूतड़ों को सहलाते हुए बोला- रानी, ऐसे ही लेटी रहो।
उसके बाद मैंने कंडोम लंड पर चढ़ा लिया, सुरेखा की गांड में उंगली घुमाते हुए बोला- रानी, जरा अच्छी तरह टांगें फ़ैला कर चूतड़ ऊपर उठाओ।
सुरेखा समझ गई कि मैं उसकी गांड चोदना चाहता हूँ, उसने अच्छी तरह से अपनी टांगें फ़ैला लीं। मैंने सुरेखा की गांड पर लंड छुला दिया। उह उइ की एक सिसकारी सी उसने भरी, थोड़ी देर में लंड उसकी गांड में घुसने लगा।
"ऊ ओइ ऊ ओऊ मर गई !" की आवाज़ों से सुरेखा मचलने लगी। थोड़ी देर में ही 7 इंची लोड़ा उसकी गांड में था। सुरेखा की गांड चुदनी शुरू हो गई, कभी धीरे, कभी तेज झटकों से उसकी गांड चुद रही थी। 10 मिनट बाद मेरे लंड ने जवाब दे दिया।
सुरेखा उठ गई, उसकी गांड फट चुकी थी और वो मुझसे चिपक कर सो गई। सुबह 6 बजे मेरी नींद खुली तो सुरेखा मेरे बिस्तर पर नहीं थी, बाहर से नहाने की आवाज़ सी आ रही थी। मैंने छुपकर देखना शुरू कर दिया।
सुरेखा अपनी जांघें धो रही थी, उसके स्तन मस्त हिल रहे थे, मैं उसके नग्न स्नान दर्शन का आनंद लेने लगा।
तीन दिन बाद सपना भाभी का फ़ोन मेरे पास चार बजे आया। उन्होंने बताया की रजनी को होटल में धंधा करने के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया है। तुम्हारे पास कोई जुगाड़ हो तो उसे बचा लो।
मेरा दिमाग घूम गया। तभी मेरे दिमाग में लड़कियों के दलाल संजीव का नाम आया, मैंने उसे फ़ोन किया और उसे पूरी बात बताई। संजीव ने कहा- चिंता न करो मैं छुड़वाता हूँ। आधे घंटे बाद फ़ोन करो।
20 मिनट के बाद संजीव का फ़ोन आया, वो बोला- रजनी छूट गई है, आधा घंटे बाद वो मेरे होटल में आ जाएगी। तुम भी इधर आ जाओ।
मेरे ऑफिस से होटल दूर था, मैं एक घंटे में वहां पहुँच गया, संजीव मुझे एक कमरे में ले गया, वहाँ रजनी बैठी हुई थी।
संजीव बोला- घबरा गई थी, अब ठीक है।
मैंने पूछा- क्या बात हो गई थी?
रजनी बोली- होटल में पुलिस ने मुझे गलती से पकड़ लिया।
संजीव बोला- रजनी, अब तुम झूठ मत बोलो, मैं लड़कियाँ सप्लाई करता हूँ और इस धंधे में मुझे सच के आगे का भी पता है। इसलिए तुम अपने मुँह से सब सच सच बताओ। राकेश हमारे बहुत बड़े क्लाइंट है हर महीने 30-40 लड़कियां इनकी कम्पनी को सप्लाई होती हैं। आज तुम इनके ही कारण बची हो।
रजनी बोली- मैं हफ्ते में 1-2 बार धंधा कर लेती थी। मेरे होटल में 8-10 लड़कियाँ रोज़ सेक्स के लिए सप्लाई होती हैं, होटल मालिक जब बाहर होता था तो मैं भी 5000 -7000 रु में ग्राहक पटा लेती थी और उसके साथ सो जाती थी। आज सिर्फ दो लड़कियाँ धंधे पर आइ थीं और आज मालिक भी नहीं था। मैं संजय नाम के ग्राहक के साथ सेक्स कर रही थी, पुलिस ने रेड डाली और दो लड़कियों के साथ साथ मुझे भी पकड़ लिया।
संजीव बोला- पुलिस ने जब इसे पकड़ा तब ये पूरी नंगी थी और संजय का लंड इसकी चूत चोद रहा था।
तभी कॉफी लेकर वेटर आ गया, उसने हम तीनों को कॉफी दे दी और वो चला गया। रजनी झेंपी सी बैठी हुई थी।
संजीव बोला- इसके आगे का सच मैं बताता हूँ। रजनी 6 महीने से इस होटल में फ़ूड मैनेजर का काम कर रही है। होटल में एक कॉल गर्ल कम्पनी का कॉन्ट्रैक्ट है, वो रोज़ 8-10 लड़कियाँ सप्लाई करती है। पहले महीने में ही इसकी कॉल गर्ल्स से दोस्ती हो गई। उसके बाद रजनी भी अपनी मर्जी से महीने में 2-3 धंधे पर जाने लगी, एक रात के 5000 -7000 रु मिलने लगे। 3 महीने तक कोई दिक्कत नहीं थी। 3 महीने के बाद हर शनिवार और इतवार को यह धंधे पर बैठने लगी और महीने में 12-15 बार चुदने लगी। कम्पनी के सुपरवाइजर ने इससे कहा कि हमारी कम्पनी ज्वाइन कर लो। महीने के 50000 रु मिलेंगे लेकिन महीने में 20 दिन कम्पनी जहाँ कहेगी वहाँ जाना पड़ेगा, इसने मना कर दिया और उसके बाद भी यह धंधे पर लगी रही।
रजनी बोली- मुझसे तो यह बात राजू वेटर ने कही थी, उसकी तो कोई जरा भी इज्ज़त नहीं करता है सब उसे पागल कहते हैं।
संजीव हँसते हुए बोला- धंधे करने वाली लड़कियों को ये बात पता नहीं होती और जिसे तुम होटल मालिक कह रही हो वो होटल मैनेजर है, उसे सिर्फ होटल का काम देखना है, वो 10 से 5 अपनी नौकरी करता है और शनिवार, रविवार को छुट्टी रखता है। आज होटल मैं कम्पनी ने जान बूझ कर सिर्फ दो लड़कियाँ भेजी थीं, कम्पनी को उन्हें फ़साना था, दोनों ने निजी ग्राहक बना लिए थे साथ ही साथ तुम्हें भी फंसवाना था। संजय ने जब तुम्हें 10000 रुपए ऑफर किए तब तुम आसानी से फंस गईं। दोनों अब सर्टिफाइड रंडियां हो जाएंगी, उसके बाद कम्पनी उनकी जमानत लेगी और उन्हें दुबारा धंधे पर लगा देगी।
संजीव ने बताया कि कम्पनी अगले दिन सुबह-सुबह ही इन लड़कियों की जमानत ले लेगी किसी को पता भी नहीं चलेगा कि ये धंधा करते पकड़ी गईं हैं। उसके बाद कम्पनी इन्हें अपनी शर्तों पर ज़बरदस्ती धंधे पे लगा देगी और शुरू शुरू में ये रोज़ 3 से 4 बार चुदवाई जाएँगी इस तरह फंसी हुई लड़कियों को 1000 से 3000 रुपए एक चुदाई के मिलते हैं जबकि ग्राहकों से 5 से 20 हज़ार तक लिए जाते हैं। संजय भी कम्पनी का गुंडा है। गनीमत है तुम बच गईं। अगर धंधा करना है तो कोई कॉल गर्ल कम्पनी ज्वाइन कर लो नहीं तो आराम से नौकरी करो और बॉय फ्रेंड बनाकर उनसे चुदो।
रजनी ने अपने कान पकड़े और बोली- मैं तोबा करती हूँ।
इसके बाद मैंने रजनी से कहा- आओ चलते हैं। भाभी से बस यह कहना कि पुलिस को ग़लतफहमी हो गई थी, उसने मुझे छोड़ दिया।
बाइक पर रजनी चिपक कर बैठ गई उसने मुझसे अपने पुराने बर्ताव की माफ़ी मांगी और बोली- अगर आज मैं जेल चली जाती तो सर्टिफाइड रंडी बन जाती। मेरे जीजाजी मुझे चोदते थे इसलिए मुझे चुदने की आदत पड़ गई थी यहाँ चुदाई देखकर मैं चुदवाने लगी थी। महीने में मुझे 60-70 हज़ार की कमाई हो रही थी। बाल बाल बच गई नहीं तो परमानेंट रंडी बन जाती।
आधे घंटे में हम घर पहुँच गए। भाभी हम दोनों को देखकर बोलीं- रजनी क्या हो गया था? तेरे होटल से फोन आया था, तीन लड़कियाँ धंधा करते हुए पकड़ी गई हैं, उनमें तू भी है।
राकेश बीच मैं बोल पड़ा- एसा कुछ नहीं था, होटल में दो लड़कियाँ पकड़ी गईं थी, यह बहुत घबरा गई थी इसलिए वहाँ से भाग गई थी और फोन ऑफ कर दिया था। हम दोनों कॉफी पीते हुए आ रहे हैं, सब ठीक है।
अंदर आकर रजनी अपने कमरे में चली गई और मैं अपने कमरे में चला गया।
Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#10
10-06-2014, 01:53 PM
आधे घंटे में हम घर पहुँच गए। भाभी हम दोनों को देखकर बोलीं- रजनी क्या हो गया था? तेरे होटल से फोन आया था, तीन लड़कियाँ धंधा करते हुए पकड़ी गई हैं, उनमें तू भी है।
राकेश बीच मैं बोल पड़ा- एसा कुछ नहीं था, होटल में दो लड़कियाँ पकड़ी गईं थी, यह बहुत घबरा गई थी इसलिए वहाँ से भाग गई थी और फोन ऑफ कर दिया था। हम दोनों कॉफी पीते हुए आ रहे हैं, सब ठीक है।
अंदर आकर रजनी अपने कमरे में चली गई और मैं अपने कमरे में चला गया।
सुरेखा से मेरा प्यार बढ़ता जा रहा था, आज रात वो फिर मेरी गोद में नंगी बैठी थी। जब भी अरुण 2-10 और 10-6 की शिफ्ट में होते थे तो सुरेखा अक्सर रात को नंगी होकर मेरी गोदी में बैठ जाती थी और अपनी चूत चुदवाती थी।
मैंने उसे बताया कि एक स्कूल मैं लाइब्रेरी अस्सिस्टेंट की जरूरत है, उसे एक फॉर्म उसे दे दिया और बोला- तुम इसे भरो, 10000 रुपए वेतन है, तुम बी लिब हो, सलेक्ट हो जाओगी।
सुरेखा बोली- अरुण को पता चल गया तो बहुत मारेगा।
मैंने कहा- इसे यहीं भरो, किसी को नहीं पता चलेगा। जब सलेक्ट होगी तब आगे देखेंगे।
सुरेखा ने मेरी गोद में बैठकर फॉर्म भर दिया। इसके बाद रोज़ की तरह मैं सुरेखा की जवानी का रस पीने लगा।
रजनी ने नौकरी बदल ली थी। अब उसने एक मल्टीप्लेक्स में स्टोर इंचार्ज की नौकरी ज्वाइन कर ली थी, उसकी एक हफ्ते 8 से 4 और दूसरे हफ्ते 4 से 10 रात तक ड्यूटी रहती थी।
शनिवार का दिन था सपना भाभी की ननद के यहाँ कोई प्रोग्राम था, सपरिवार सपना वहाँ चली गई थी। सुरेखा को भी साथ ले गई थी। आज रात पहली बार मैं अकेला था। रोज़ सुरेखा की चूत मारने से मेरे लंड की आदत खराब हो रही थी, 10 बजे रात से ही टनकने लगा। बिना चड्डी के पतला नेकर और लंबा कुरता मैंने डाल रखा था। मैं सोने की कोशिश करने लगा तभी फोन बजा 11 बजने वाले थे।
सपना भाभी का था, बोली- रजनी 11 बजे आती है, दरवाज़ा खोल देना।
मेरे मन के किसी कोने में रजनी को चोदने का विचार आने लगा। दस मिनट बाद घंटी बजी दरवाज़ा खोला तो सामने रजनी थी, बोली- भाभी नहीं हैं क्या आज?
मैंने हँसते हुए कहा- आज मेरे सिवा कोई नहीं है, डर लग रहा हो तो मैं भी चला जाऊँ।
रजनी बोली- अब तो तुम फंस गए आज तो मैं तुम्हें जाने नहीं दूँगी। मज़ा आ गया आज पहली बार खुल कर बातें हो पाएंगी, आओ मेरे कमरे में बैठते हैं।
मैं रजनी के छोटे से कमरे में आ गया जमीन पर मोटा गद्दा और चद्दर पड़ी थी। पास मैं ही छोटी सी रसोई थी। रजनी दो कप कॉफी बना लाई, हम लोग कॉफी पीने लगे।
रजनी ने टीवी खोल दिया और अपनी सलवार मेरे सामने ही उतार दी कुरता घुटने तक आ रहा था। उसके बाद अपनी कुर्ती भी ऊपर करके उतार दी। उसने सफ़ेद पारदर्शी ब्रा और काली पैंटी पहन रखी थी। मेरा लोड़ा उसकी कसी चूचियाँ और गदराई जांघें देखकर खड़ा हो गया।
मैं बोला- आप खुल कर बातें करेंगी या खोल कर?
अंगड़ाई लेती हुई रजनी ने अपनी ब्रा पीछे से खोल दी, उसकी गोल गोल गदराई हुई दोनों चूचियाँ बाहर निकल आईं। रजनी बोली- आपकी संतरे खाने वाली इच्छा भी तो पूरी करनी है।
सुंदर सामने को कसी हुई गुलाबी चूचियों और काली निप्पल ने मेरा लोड़ा खड़ा कर दिया था, मेरे से रहा नहीं गया, मैंने आगे बढ़कर उसकी चूचियाँ दबाते हुए मुँह में भर लीं और चूसने लगा।
रजनी ने मुझे अपने से चिपका लिया, बोली- राकेश जी, चुदने का बड़ा मन कर रहा है, एक महीने से ज्यादा हो गया लंड डलवाए हुए ! अपना लंड मेरी भोंसड़ी में डालिए ना ! 100 से ज्यादा लंड खा चुकी निगोड़ी, अब बिना लंड के नहीं रहा जाता।
रजनी ने मेरा नेकर उतार दिया था और वो मेरा 7 इंची लंड सहला रही थी।
रजनी बोली- राकेश जी, चुदने का बड़ा मन कर रहा है।
उसने मेरा कुरता भी उतरवा दिया और अपनी पैंटी भी उतार दी। नंगी चूत पर नाम मात्र की झांटें थीं। उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और बेकाबू सी होती हुई चूसने लगी। थोड़ी देर बाद वो टांगें फ़ैला कर लेट गई और बोली- राकेश, फक मी ! चोदो अपनी रजनी रांड को चोदो ! अब नहीं रहा जा रहा है।
मैंने उठकर उसकी चूत पर अपना लंड फिराया और चूत के अंदर घुसेड़ दिया। उह आह से रजनी सिसकारी मारने लगी, उसने अपनी दोनों टांगें मेरी कमर से बाँध लीं और चुदने में पूरा साथ देने लगी, टट्टे बार बार उसकी चूत के दरवाज़े से टकरा रहे थे, गरम साँसों के बीच दो युवा चुदाई में मग्न थे, होंट एक दूसरे से चिपके जा रहे थे। चुदाई की आह उह पूरे कमरे में गूँज रही थी।
कुछ देर बाद हम दोनों साथ साथ झड़ गए। इसके बाद रजनी आधा घंटा मुझसे चिपकी रही। रात का एक बज़ रहा था। रजनी बोली- भूख लग रही है, आलू के परांठे खाएंगे?
मैं भी भूखा था, मैंने हां कर दी।
रजनी ने उठकर कुरता पहन लिया और मुझे भी सिर्फ कुरता पहनने दिया हम दोनों के कुरते घुटने से नीचे तक आ रहे थे। रजनी परांठे बनाने लगी। रजनी ने 2-2 मोटे परांठे अपने और मेरे लिए बना लिए। परांठे खाकर हम लोग छत पर आ गए।
मैंने और रजनी ने एक दूसरे की कमर में कुरते के अंदर से हाथ डाल रखा था.चांदनी रात के 2 बज़ रहे थे हवा अच्छी चल रही थी। एक दूसरे के नंगे चूतड़ों पर हमारे हाथ फिसल रहे थे, बड़ा अच्छा लग रहा था।
हम दोनों छत की मुँडेर पर बैठ गए।
रजनी बोली- मैंने अपने माँ बाप को शादी के लिए बोल दिया है। 2-3 महीने ममें शादी हो जानी चाहिए। बिना चुदे मुझसे अब रहा नहीं जाता है। जब तक मेरी शादी नहीं हो रही, तब तक महीने में एक दो बार तुम मुझे चोद दिया करो ना। बाहर तो चुदवाने की मेरी हिम्मत अब है नहीं।
मेरे मन में लड्डू फूट पड़े, मैंने कहा- अँधा क्या चाहे दो आँखें ! तुम्हारी चुदाई से तो मुझे ख़ुशी ही मिलेगी। मेरा तो अभी भी तुम्हे। एक बार और चोदने का मन कर रहा है।
हम लोग छत की मुंडेर पर बैठ कर ये बातें कर रहे थे।
रजनी उठी और उसने मुस्करा कर मुझे देखा और जमीन पर बैठते हुए मेरा कुरता ऊपर उठाकर लोड़ा मुँह में ले लिया और एकाग्रता से लोड़ा चूसने लगी। कुछ देर बाद मैंने उसे हटा दिया और मुंडेर पर हाथ रखकर घोड़ी बना दिया। उसने टांगें फ़ैला ली थीं, चूत पीछे से चांदनी रात में साफ़ दिख रही थी। मैंने लोड़ा उसकी चूत के द्वार पर पीछे से लगा दिया, एक जोर का झटका देते हुए उसकी चूत में पेल दिया। आराम से लोड़ा अंदर तक घुस गया, रजनी चुदने लगी। चुदने में वो वो पूरा सहयोग कर रही थी, अपनी गांड आगे पीछे हिलाते हुए चिल्ला रही थी- चोद हरामी चोद।
मैं भी उत्तेजित होकर एक कुतिया की तरह उसे पेल रहा था और बुदबुदा रहा था- रांडों की रांड ले खा ! याद रखेगी कि किसी चोदू ने तेरी चोदी थी।
10 मिनट तक इसी तरह वो चुदती रही, उसके बाद बोली...
Find
Reply


« Next Oldest | Next Newest »
Pages ( 2 ): 1 2 Next »


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Desi  लंड और चूत के बीच में दो दीवारें थी। एक तो उसकी सलवार और दूसरा उसकी कच्छी. Incest lover 24 2,247 3 hours ago
Last Post: Pooja das
Incest  अपनी बहन की कुंवारी चूत की सील को तोड़ दिया, Incest lover 0 1,043 25-07-2018, 12:20 PM
Last Post: Incest lover
Incest  जब मिल बैठेंगे 2 परिवारों के 3 लंड और 4 चूत. Incest lover 1 2,947 20-07-2018, 03:48 PM
Last Post: anita manoj
Incest  मैं अपनी ज़िंदगी मे पहली बार चूत के दर्शन तो कर लूँ” Incest lover 5 2,351 19-07-2018, 05:05 PM
Last Post: Pooja das
Incest  बेटेको चूत चाहिए और मां को लंड | दोनों की जरूरत पूरी हो जाएगी Incest lover 1 3,905 19-07-2018, 05:03 PM
Last Post: Pooja das
Incest  चूत श्रृंगार kunal56 73 198,691 13-07-2018, 06:19 AM
Last Post: Chaltarahe
Desi  विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक deshpremi 104 226,624 23-01-2018, 12:06 PM
Last Post: Benaam
Desi  ब्रा से चूत तक का सफर फिर चुदाई rajbr1981 2 10,065 27-12-2017, 05:38 PM
Last Post: dpmangla
Desi  भाभी की चिकनी चूत की चुदाई rajbr1981 2 7,163 17-12-2017, 01:19 PM
Last Post: dpmangla
Desi  मालिन की मस्त चूत Vickyrocksrd 2 8,981 25-11-2017, 04:51 PM
Last Post: urc4me

  • View a Printable Version
  • Subscribe to this thread


Best Indian Adult Forum XXX Desi Nude Pics Desi Hot Glamour Pics

  • Contact Us
  • en.roksbi.ru
  • Return to Top
  • Mobile Version
  • RSS Syndication
Current time: 29-07-2018, 11:20 PM Powered By © 2012-2018
Linear Mode
Threaded Mode


madarchod stories  xnx youtob  desi puss  bhai ki malish ki  andhra hot sex  hidden cameras scandals  tamilsex stort  clothed unclothed forum  incrst comics  हीजड़ा लन डलवाता  choot lund images  maa bete ki kahani in hindi  inscet sex stories  marathi sex store  pavitra aunty  7 inch penis photos  desi maa sex story  sex tagalog story  stories of brother and sister incest  real life aunty boobs  gand chudai kahani  telugu sex stories in telugu script  real life aunties pictures  tarak mehta babita angali ke uper late jati hai lesiban rape  gand and choot  urdu short sex stories  अधुरी जवानी बेदर्दकहानी  indian scandal mms videos  breast feeding sex stories  new tamil sex stories in tamil  tamilsex stories in pdf  fucked by my father in law  pilipino fuck  libug stories  www.desi yum sex stories with nude image. com  free sex story urdu  punjabi sexy sites  karthika nude  shakeela hottest  saathiya saath nibhana story  miss pooja xxx pic  tamil hidden cam videos  dada ka lund  soft core porn pic  behan ki chudai hindi story  marathi pucchi  saath nibhana saathiya story  penelope black diamond tits  www.tamil sex kathaigal  sex stories hindi fonts  aunties in bra photos  top ten famous pornstars  bhoot sex  dps school sex  aerobic exercise nude  अनोखी चुदाई जानवर के लन्ड का विदेशो मे  gay sx stories  mallu xx clips  www.telugu pooku kathalu.com  aunties navel show  nargis ki phudi  sexy kahani bhai behan  mami ki sex story  lund or chutti ke lari xxx  widow incest  boro bara  lesbo sex story  sex stories telugu latest  Uangli krna xxx muat mara video  crossdresser indian stories  incest photo captions  gujarati chodvani varta  sexy jokes tamil  indian hardcore images  சதை பிடிப்பான தொப்புள்  tanglish dirty stories  desi wife swap stories  bhabhi ki cudai  boli sex  hindi fucker  hindi fount sex story  sex kadhai tamil  madras aunty  matuer goddees diva desibees free video  kerala aunties navel  aunty backside  telugu comic sex stories