• HOME
  • AWARDS
  • Search
  • Help
Current time: 29-07-2018, 11:11 PM
Hello There, Guest! ( Login — Register )
› XXX STORIES › Hindi Sex Stories v
« Previous 1 2 3 4 5 6 7 ..... 61 Next »

Desi माँ के साथ गर्म सेक्स

Verify your Membership Click Here

Pages ( 2 ): 1 2 Next »
Thread Modes
Desi माँ के साथ गर्म सेक्स
rajbr1981 Online
en.roksbi.ru Aapna Sabka Sapna
****
Verified Member100000+ PostsVideo ContributorMost ValuableExecutive Minister Poster Of The YearSupporter of en.roksbi.ruBee Of The Year
Joined: 26 Oct 2013
Reputation: 4,404


Posts: 118,530
Threads: 3,631

Likes Got: 20,942
Likes Given: 9,112


db Rs: Rs 2,905.1
#1
08-03-2018, 10:42 PM
माँ के साथ गर्म सेक्स
[Image: 52.gif]
 •
      Website Find
Reply


rajbr1981 Online
en.roksbi.ru Aapna Sabka Sapna
****
Verified Member100000+ PostsVideo ContributorMost ValuableExecutive Minister Poster Of The YearSupporter of en.roksbi.ruBee Of The Year
Joined: 26 Oct 2013
Reputation: 4,404


Posts: 118,530
Threads: 3,631

Likes Got: 20,942
Likes Given: 9,112


db Rs: Rs 2,905.1
#2
08-03-2018, 10:43 PM
प्रेषक : रामजी
हैल्लो दोस्तों, आज में आप सभी देसिबीस डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए जो यह घटना लेकर आया हूँ, मेरे जीवन का एक बड़ा ही शानदार और मज़ेदार अनुभव है और यह उस समय की बात है जब मेरी उम्र 18 साल थी, मेरे बदन में जवानी का असर दिखने लगा था और में औरतों और लड़कियों में बहुत रूचि दिखाने लगा था। दोस्तों मेरी माँ बहुत प्यार से मेरा ध्यान रखती थी और में हमेशा उनके पास रहना पसंद करता था, मेरी माँ बहुत ही हॉट सेक्सी और सुंदर है। उनके जिस्म का क्या मस्त आकार था? वो एकदम गोरी उनके लंबे काले बाल और उनके बूब्स का आकार करीब 38-26-38 था। दोस्तों मैंने कई बार मेरी माँ और पिताजी को चुदाई करते हुए भी देखा था। उस समय माँ और पिताजी को एकदम नंगे देखा है और कभी तो मेरी माँ के बूब्स को पिताजी किसी छोटे बच्चे की तरह चूसते थे और कभी तो मेरी माँ भी मेरे पिताजी का लंड चूस लिया करती थी। फिर पिताजी मम्मी के ऊपर लेट जाते और पिताजी अपना लंड माँ की चूत में डालकर धक्के देने लगते और माँ के मुहं से हल्की सी सिसकी निकलती और फिर पिताजी ज़ोर ज़ोर से झटके देने लगते। अब माँ भी नीचे से अपने कूल्हों को उठाकर मज़ा लेती थी और फिर कुछ देर बाद वो दोनों शांत भी हो जाते और इधर यह सब देखकर मेरा भी बुरा हाल हो जाता था।


दोस्तों क्योंकि में भी उसी कमरे में सोता था और वो दोनों सोचते थे कि में सो रहा हूँ, लेकिन में उनकी चुदाई देखने के लिए अपनी दोनों आँखों को बंद करके सोने का नाटक करता और जब उनका खेल शुरू हो जाता तो में चोरीछिपे देखा करता था। दोस्तों जब कभी काम करते समय मेरी माँ उनका आँचल उनकी छाती से फिसलकर नीचे गिरता या वो नीचे झुकती में उनके बूब्स की एक झलक पाने के कोशिश करता, मेरी माँ को इस बात का पता था और वो जानबूझ कर मुझे अपने बूब्स का जलवा दिखा देती थी। फिर बहुत सालों बाद मेरी माँ को एक बच्चा हुआ, जिसकी वजह से माँ उस समय आराम में थी और में अपनी माँ को घर के काम में भी मदद कर देता था, जिसकी वजह से वो खुश रहती थी और कुछ दिनों के बाद माँ ठीक हो गयी। दोस्तों यह घटना तब हुई जब मेरे पिताजी उनके किसी काम की वजह से बाहर चले गए। वो सुबह दस बजे की ट्रेन से चले गये। फिर उसी दिन शाम को बच्चे की तबीयत कुछ खराब हो गयी, जिसकी वजह से उसने दूध पीना भी बंद कर दिया और अब माँ के निप्पल से दूध ना निकलने से वो भारी हो गयी। अगले दिन डॉक्टर को दिखाया और उसने कहा कि बच्चा अगर दूध नहीं पीता है तो आपको पंप से छाती का दूध बाहर निकालना पड़ेगा और उस समय में भी माँ के साथ डॉक्टर के पास गया था।
[Image: 52.gif]
1 user likes this post1 user likes this post  • dpmangla
      Website Find
Reply


rajbr1981 Online
en.roksbi.ru Aapna Sabka Sapna
****
Verified Member100000+ PostsVideo ContributorMost ValuableExecutive Minister Poster Of The YearSupporter of en.roksbi.ruBee Of The Year
Joined: 26 Oct 2013
Reputation: 4,404


Posts: 118,530
Threads: 3,631

Likes Got: 20,942
Likes Given: 9,112


db Rs: Rs 2,905.1
#3
08-03-2018, 10:45 PM


फिर में उस दिन घर ही था, में अपनी पढ़ाई कर रहा था और कुछ देर बाद मैंने देखा कि माँ की छाती में दोबारा दर्द होने लगा था और वो अपने बूब्स को दबाए जा रही थी। फिर मुझे अचानक ही डॉक्टर की वो बात याद आ गई और मैंने माँ से कहा कि डॉक्टर ने कहा था कि छाती में दूध जमा होने की वजह से आपको तकलीफ़ होगी, हम ऐसा करते है कि में आपके बूब्स को दबाकर दूध निकाल देता हूँ, क्योंकि आज तो में भी पंप नहीं लेकर आया हूँ और मैंने पूछा क्यों माँ ठीक है ना? अब वो कहने लगी कि तुम जैसे भी कुछ भी करो, लेकिन मुझे इस दर्द से छुटकारा दिलाओ, मुझे बड़ा तेज दर्द हो रहा है। अब माँ ने यह कहते हुए ब्लाउज का एक बटन खोला और तुरंत ही उनका एक बड़े आकार का बूब्स बाहर निकाल आया। फिर मैंने निप्पल को दबाया, जिसकी वजह से उन्हे दर्द हुआ और वो कहने लगी कि ऐसे मुझे दर्द हो रहा है। अब में उनको कहने लगा कि इसके अलावा भी मेरे पास एक और तरीका है, आप कहे तो में छोटे बच्चे की तरह आज आपका दूध चूसकर पी लेता हूँ? तभी वो कहने लगी कि चल तू इतना बड़ा हो गया है और यह सब करेगा। अब में उनको बोला कि क्यों क्या हुआ, में भी तो आपका बेटा हूँ।


दोस्तों उन्हे बहुत ही ज़ोर का दर्द हो रहा था, इसलिए वो कहने लगी कि हाँ ठीक है, लेकिन तुम जल्दी करो। फिर में खुश होकर उनको बोला कि में अभी चूसकर आपके बूब्स को खाली कर देता हूँ और मैंने उनके निप्पल को अपने होंठो पर लगाया और निप्पल को मुहं में लेकर चूसना शुरू किया, जिसकी वजह से अब मेरे मुहं में दूध आने लगा और फिर में चूस चूसकर पीने लगा। दोस्तों लगातार चूसने की वजह से मेरे मुहं में दूध भर गया था और मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था और फिर मैंने माँ से पूछा क्यों में दूध पीना भूला तो नहीं? माँ हंसकर बोली कि माँ का दूध कोई बेटा नहीं भूल सकता और में अब बूब्स को दबा दबाकर दूध पीने लगा था, जिसकी वजह से माँ को बड़ा आराम मिलने लगा था। फिर कुछ देर में मैंने बूब्स का पूरा दूध पी लिया, जिसकी वजह से मेरी माँ की छाती हल्की हो गयी और उनका वो दर्द भी दूर हो गया। अब वो मुझसे कहने लगी कि बेटा आज तूने मेरी बहुत मदद की है आज तो में इस दर्द से मर ही जाती और तूने मुझे बचा लिया। फिर मैंने कहा कि माँ कोई बात नहीं है अब तुम्हे इस वजह से तकलीफ़ नहीं होगी, बच्चा जब तक दूध नहीं पीने लगता तब तक में पी लूँगा। अब माँ बोली कि हाँ यह बात हम दोनों किसी को नहीं बताएँगे। तुम यह बात पिताजी को भी मत बताना।


फिर मैंने बोला कि हाँ पक्का में किसी को भी नहीं बताऊंगा, सिर्फ़ हम दोनों के बीच में ही रहेगी और रात को में ट्यूशन से घर लौटा, खाना खाया। अब माँ मुझसे कहने लगी कि आज तो तेरे पिताजी घर में नहीं है तू मेरे पास ही सो जाना और मैंने हाँ कह दिया। में मन ही मन बहुत खुश था और फिर रात को जब हम दोनों सोने लगे तभी माँ मुझसे बोली कि बेटा दो तीन दिनों की बात है तुम्हे तकलीफ़ उठानी होगी और मेरा दूध पीना होगा। अब में उनको बोला कि माँ इसमे तकलीफ़ की क्या बात है? फिर रात को भी में माँ के पास में लेटकर उनका दूध पीने लगा था और में उनके बूब्स को सहलाता भी जा रहा था। दोस्तों मुझे तो मानो स्वर्ग मिल गया था, मुझे वाह क्या मस्ती आ रही थी। मैंने एक एक करके दोनों बूब्स का दूध पिया और दूध पीते समय में अपना हाथ उनकी कमर पर ले जाता और एक बार तो मैंने उनके कूल्हों पर भी अपने हाथ को रख दिया और ज़ोर से दबा भी दिया, लेकिन वो कुछ नहीं बोली। फिर मैंने तभी देखा कि माँ अपनी चूत पर साड़ी के ऊपर से ही ज़ोर से हाथ फेर रही थी और फिर वो पेटीकोट के अंदर हाथ डालकर चूत को खुजाने लगी।
अब में तुरंत समझ गया कि माँ गरम हो गयी है और में अब उनको ज्यादा गरम करके जोश में लाने के लिए बूब्स को चूसते हुए उनके पेट के नीचे तक अपने एक हाथ को ले गया और फिर अपना एक पैर उनकी जाँघो के ऊपर रख दिया। फिर उसी समय माँ कहने लगी कि हाँ अब तू रहने दे मुझे आराम मिल गया और उसी समय मैंने हंसकर कहा कि तेरा मतलब पूरा होते ही मुझे दूर हटा दिया। अब माँ मुस्कुराते हुए बोली कि चल बदमाश कहीं का, अभी तो तुझे कई बार मेरा दूध ऐसे ही पीना है। दोस्तों उस रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी, इसलिए में माँ की जांघ के ऊपर अपने पैर को रखकर लेट गया, लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोली। फिर उनको कुछ देर बाद नींद आ गयी और मैंने उनकी साड़ी को ऊपर कर दिया और उसी समय गहरी नींद में होने की वजह से वो मुझसे लिपट गयी और मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा था। अब मेरे पूरे बदन में एक अजीब सी गुदगुदी होने लगी थी। फिर कुछ देर बाद वो घूमकर सो गयी और मैंने अपने लंड को उनके दोनों कूल्हों की दरार में सटा दिया, जिसकी वजह से मुझे तो अब बहुत मज़ा आने लगा था। फिर कुछ देर बाद मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर तक उठा दिया और अब अपने लंड को उनकी गांड से सटाते हुए में उनसे चिपककर सोने का नाटक करने लगा था।


फिर थोड़ी देर के बाद माँ ने करवट ली, शायद उनकी नींद खुली होगी, उन्होंने अपनी साड़ी को थोड़ा सा नीचे किया और वो सीधी लेट गयी और कुछ देर के बाद में उनके ऊपर अपने पैर और हाथ रखकर लिपटकर सो गया। दोस्तों उस रात को और कुछ भी नहीं हुआ, लेकिन मेरी इच्छा थी कि में एक बार उनकी चूत को देखूं और सेक्स का भी मज़ा लूँ और इस तरह फिर सुबह हो गयी। अब में उठकर तैयार होकर खा पीकर अपने कॉलेज चला गया, दोपहर को में अपने घर था और दोपहर के समय मैंने उनका दूध पिया और बीच में मैंने बूब्स को ज़ोर से दबाकर दाँत भी गड़ाए। अब वो दर्द की वजह से चीख मारकर कहने लगी कि यह क्या करता है क्या दूध ऐसे पिया जाता है? और कुछ देर बाद उसने मुझे अपने से दूर हटा दिया। फिर में शाम को ट्यूशन चला गया और रात तक वापस आ गया, तब तक माँ ने खाना बना लिया था और हम दोनों ने साथ में खाना खाया। दोस्तों उस दिन वो मेरे ऊपर कुछ ज़्यादा ही मेहरबान थी और वो बार बार किसी ना किसी बहाने से मुझे अपने बूब्स का जलवा दिखा रही थी और खाने के बाद माँ ने मुझे फल खाने को दिया। फिर वो एक आम को चाकू से काटने लगी और में उनको कहने लगा कि में तो इसको ऐसे ही चूसकर खा लूँगा, मुझे चूसकर खाने में बड़ा मज़ा आता है।


अब में उनके सामने आम को धीरे धीरे दबाते हुए चूसने लगा। अब वो मुस्कुराते हुए मुझसे कहने लगी कि तुझे तो आम बहुत अच्छे से चूसना आता है। फिर में भी दो मतलब के शब्दों में बोला कि तुम बोलो तो दोनों आम को चूस चूसकर खा लूँ बड़ा मज़ा आता है और वो भी देखकर जोश में आ रही थी। अब मैंने बोला कि माँ तुम्हे आम नहीं खाना तो केले खा लो बड़े अच्छे और आकार में भी यह बड़े है, तुम्हे बहुत मज़ा आएगा और वो केला खाने लगी, वो केले पर अपने होंठो को फेरते हुए जीभ से चूसती हुई खा रही थी। अब में उसको कहने लगा कि माँ तुम भी आज केला बड़ी मस्ती में खा रही हो और वो मुझसे कहने लगी कि तू जब आम को चूस सकता है तो क्या में केला नहीं खा सकती? में शरमा गया क्योंकि यह सब कहने का मतलब कुछ अलग था और उसमे शरारत झलक रही थी। फिर वो खाने के बाद में पढ़ने बैठ गया और वो अपने कपड़े बदलने लगी थी वो गर्मियों के दिन थे और गरमी कुछ ज्यादा ही थी। दोस्तों में उस समय शर्ट उतारकर बस लूँगी पहनकर पढ़ने बैठा था, मेरी उस टेबल के ऊपर दीवार पर एक शीशा लगा हुआ था और में अपनी माँ को उस शीशे से देख रहा था।

फिर वो मेरी तरफ देख रही थी और अपने कपड़े उतार रही थी, लेकिन वो सोच भी नहीं सकती थी कि में कांच से देख रहा था, उन्होंने अपना ब्लाउज खोलकर उतार दिया और में पहली बार डोरी वाली ब्रा में बँधे उनके बूब्स को देख रहा था। दोस्तों उनके बूब्स बहुत बड़े आकार के थे और वो उस ब्रा में समा भी नहीं रहे थे, इसलिए आधे नंगे बूब्स ब्रा के ऊपर से साफ झलक रहे थे। अब कपड़े उतारकर वो बिस्तर पर लेट गयी और अपनी छाती को एक हल्की सी चुन्नी से ढक लिया। दोस्तों एक पल के लिए तो मेरा मन करने लगा कि में उसी समय उनके पास जकड़ उनके बूब्स को देख लूँ और फिर मैंने सोचा कि यह सब ठीक नहीं होगा और में दोबारा अपना ध्यान लगाकर पढ़ने लगा। दोस्तों कुछ देर लेटे ही वो सो गयी और कुछ ही देर में वो चुन्नी उनकी छाती से सरक गई और अब साँसों के साथ ऊपर नीचे होती उनकी मस्त रसीली छाती मुझे साफ नजर आ रही थी। अब तक रात के बारह बज चुके थे मैंने अपनी पढ़ाई को बंद किया और में बत्ती को बुझाने ही वाला था कि उसी समय माँ की सुरीली आवाज़ मेरे कानो में पड़ी, बेटे इधर आओ ना। फिर में सुनकर उनकी तरफ बढ़ गया और अब उन्होंने अपनी छाती को दोबारा चुन्नी से ढक लिया था।


अब मैंने पूछा कि माँ क्या हुआ? उन्होंने कहा कि बेटा तुम मेरे दूध को चूसो यह फिर से भारी हो गए है। अब मैंने कहा कि तुम पहले बोलती तो में पहले ही चूस लेता, तुम्हे आराम मिल जाता। फिर वो कहने लगी कि तुम पढ़ाई कर रहे थे, इसलिए मैंने तुम्हे परेशान करना उचित नहीं समझा और कोई बात नहीं है अब चूस लो, आओ मेरे पास ही लेट जाओ और वो कहने लगी कि बल्ब को भी बंद कर दो। फिर मैंने बल्ब को बंद कर दिया और छोटा बल्ब जलाकर में बिस्तर पर उनके पास लेट गया। दोस्तों जिस बदन को में सालों से निहारता रहा आज में उसी के पास चिपककर लेटा हुआ था और उसके निप्पल को चूस रहा था। अब में चूसते हुए निप्पल को दबा दबाकर बूब्स के चारों तरफ से हाथ फेरते हुए, दबाते हुए पूरी मस्ती भी ले रहा था और हाथ उनके बदन पर भी घुमा रहा था और वो अधनंगा शरीर मेरे बिल्कुल पास था। फिर में बोला कि माँ तुम घुटनों के बल सामने हाथ टिकाकर घोड़ा बनकर खड़ी हो जाओ में नीचे से मुहं लगाकर दूध पीऊँगा जिसकी वजह से दूध जल्दी से नीचे उतार जाएगा। अब वो तुरंत ही ऐसा करने के लिए तैयार हो गयी और में नीचे से उनके निप्पल को अपने मुहं में लेकर खींचकर चूसने लगा था और मैंने अपना एक हाथ उनकी कमर में डाल दिया।


अब उन्हे भी बहुत मज़ा आने लगा था, वो भी मन ही मन खुश हो रही थी और तभी वो अचानक से कहने लगी कि हाँ बेटा ऐसे ही ज़ोर ज़ोर से चूस मुझे बहुत अच्छा लग रहा है ऊह्ह्ह हाँ आज तू ठीक से चूस रहा है। अब मेरे भी पूरे बदन में सनसनी होने लगी थी और लंड भी खड़ा होकर टाइट हो गया था, उसी समय वो बोली कि बेटे यह ब्रा का हुक भी खोल दो और ठीक से चूसो। फिर मैंने बूब्स का दूध पीते हुए अपने एक हाथ से उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा को अलग कर दिया और अब में भी बहुत उत्तेजित हो गया और जोश में आकर पागल हो गया। अब में अपने पैर से माँ के पैर को सहलाने लगा था और तभी अचानक से उनका संतुलन बिगड़ गया और वो मेरे ऊपर गिर गयी। अब उनके बड़े आकार के बूब्स मेरी छाती से सट गये और मेरे खड़े लंड का दबाव उनकी जांघो, चूत के कुछ हिस्से पर पड़ा, जिसकी वजह से उन्हे भी करंट सा लगा और उनके मुहं से निकला उईईईईई। अब मैंने पूछा क्या हुआ? वो बोली कि कुछ नहीं रे चल तू ठीक से पी वो सीधी होकर लेट गई और में उनके ऊपर लेटकर बूब्स को चूस चूसकर दूध पीने लगा था। अब माँ अपनी चूत पर लगातार हाथ घुमा रही थी और फिर पेटीकोट में हाथ डाकर शायद चूत में ऊँगली भी डालने लगी थी।


दोस्तों उस समय उनका पेटीकोट जाँघो के ऊपर आ गया था, मैंने मैंने उनको पूछा कि माँ क्या हो गया आज क्या नीचे भी भारी हो गया? तुम्हे कुछ तकलीफ़ हो रही है तो वहाँ भी ठीक कर दूँ। अब वो बोली तू यह क्या बोलता है? मैंने कहा तुम कहो वहाँ भी कुछ चूसना हो तो चूस लेता हूँ सिर्फ़ तुम्हे आराम मिलना चाहिए और मैंने अब माँ का चूम लिया और बोला कि मेरी प्यारी माँ मेरी अच्छी माँ तुम कितनी सुंदर हो, यह बदन बड़ा ही कोमल है। दोस्तों मेरा लंड अब अंडरवियर से बाहर निकलने के लिए ज़ोर लगा रहा था। मेरा सात इंच का लंड बहुत जोश में आ गया था, बूब्स को मसलते हुए में उनके बदन के बिल्कुल पास आ गया था और मेरा लंड उनकी जाँघो में रगड़ मारने लगा था। फिर उसी समय वो मुझसे कहने लगी कि बेटा यह मेरे पैरों में क्या चुभ रहा है? मैंने हिम्मत करके जबाब दिया कुछ भी नहीं तो है। अब उन्होंने पूछा क्या में हाथ लगाकर देखूं? और मेरे जबाब देने से पहले ही अपना एक हाथ वो मेरे लंड पर रखकर उसको टटोलने लगी थी। अब अपनी मुट्ठी में मेरे लंड को कसकर वो कहने लगी बाप रे बहुत कड़क है तेरा तो एकदम खड़ा हो गया और वो मुझसे पूछने लगी तू अभी क्या बातें कर रहा था? अब मैंने बोला कि माँ तुम बुरा मत मानना, आज तुम मुझे अपना सब कुछ दिखाओ ना।


अब माँ कहने लगी कि यह तो सिर्फ़ पति पत्नी के बीच ही होता है और तुम अभी बच्चे हो अभी तुम्हारी शादी भी नहीं हुई है और यह सब शादी के बाद ही होता है। अब मैंने कहा तो क्या हुआ हम सिर्फ़ आज करेंगे, प्लीज़ माँ आज यह मौका तुम मुझे दो ना, शादी के बिना भी तो कर सकते है। फिर उसके उत्तर दिया, लेकिन यह पाप है। अब में उसकी निप्पल को अपनी उंगली के बीच लेकर मसलते हुए बोला कि यह पाप करने में बहुत मज़ा आता है प्लीज़ माँ मुझे वो मज़ा दे दो ना प्लीज़ करने दो ना। अब वो मेरी तरफ मुड़ गई और अपना एक हाथ मेरी अंडरवियर में डालकर मेरे फड़फड़ाते हुए लंड को ऊपर निकाल लिया और लंड को कसकर पकड़े हुए वो अपना हाथ लंड की आखरी हिस्से तक ले गयी। फिर मैंने भी तुरंत ही उनकी चूत तक अपनी उँगलियों को पहुंचा दिया और मेरे लंड का आकार महसूस करके वो बहुत हैरान हो गयी और कहने लगी कि बेटा तू तो बड़ा हो गया है। फिर मैंने कहा कि यह तुम्हारा ही है और अब माँ कहने लगी कि मुझे क्या पता था कि तुम्हारा इतना बड़ा होगा? वो मुझसे बातें करते हुए मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर खींच रही थी और कसकर दबा भी रही थी।


फिर मैंने भी बिना देर किए पेटिकोट को ऊपर उठा दिया और वो कहने लगी तू यह क्या करता है? मैंने कहा कि सिर्फ़ आज एक बार फिर नहीं कहूँगा देखने दो ना, आज तो कोई भी नहीं है। फिर वो मेरे तने हुए लंड को अपने हाथों में लेकर सहलाते हुए वो मेरी तरफ करवट लेकर लेट गयी। अब उनके बूब्स मेरे मुँह के बिल्कुल पास थे और में उन्हे कसकर दबा रहा था और फिर वो बोली कि अच्छा ले चल और अचानक उन्होंने अपने एक बूब्स को मेरे मुँह में डालते हुए कहा कि चूसो इनको और आज अपनी इच्छा पूरी कर लो, जी भरकर दबाओ, चूसो और मज़े लो। फिर मैंने यह बात सुनकर खुश होकर दोनों बूब्स को बारी बारी से अपने मुँह में भर लिया और में जोश में आकर ज़ोर से चूसने लगा और वो सिसकियाँ भरने लगी, कहने लगी ऊफ्फ्फ वाह मज़ा आ गया, हाँ ज़ोर ज़ोर से चूस ना। अब में कसकर बूब्स को दबा रहा था, जैसे कि आज में उनका पूरा रस निचोड़ दूंगा और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। उनके मुहं से अब ओह्ह्ह्ह स्सीईईई की आवाज़ निकल रही थी। अब में कहने लगा कि तुम नहीं जानती कि तुमने मुझे और मेरे लंड को कितना परेशान किया है? और में दोनों अनारों को कसकर पकड़े हुए था और बारी बारी से उन्हे चूस रहा था।
अब उनसे भी नहीं जा रहा था, इसलिए गरम होकर वो भी मेरे लंड को बुरी तरह से मसल रही थी और फिर उन्होंने अपनी एक जांघ को मेरी जांघ के ऊपर चड़ा दिया और मेरे लंड को अपनी जांघ के बीच रख लिया। फिर उसी समय मुझे उनकी जाँघो के बीच एक मुलायम रेशमी एहसास हुआ, दोस्तों यह उनकी चूत थी, क्योंकि उस समय माँ ने पेंटी नहीं पहन रखी थी। अब मेरे लंड का टोपा उनकी झांटो में घूम रहा था, मैंने कहा कि माँ तेरा नीचे वाला अंग तो बहुत ही मुलायम है और अब मेरे सबर का बाँध टूट रहा था। फिर में कहने लगा कि माँ मुझे कुछ हो रहा और अब में अपने आपे में नहीं हूँ, प्लीज़ तुम ही मुझे अब बताओ कि में क्या करूं? वो कहने लगी कि मुझे लगता है कि तू आज मानेगा नहीं, चल तेरी जो भी इच्छा है वो तू कर ले। दोस्तों वो बड़े ही मादक अंदाज़ में मुस्कुराने लगी और मेरे लंड को आज़ाद करते हुए बोले कि ठीक है, मुझे लगता है कि अपने इस बेटे को मुझे ही सब कुछ सीखना पड़ेगा, लेकिन तुम मुझे गुरु दक्षिणा पूरे मन से देना। अब मैंने तुरंत ही उनके पेटीकोट का नाड़ा खींचा और कहा कि अब तो इसके दर्शन करा दो, कहते हुए मैंने उनका पेटिकोट को नीचे किया और माँ अपने कूल्हों ऊपर कर दिया, जिसकी वजह से पेटिकोट उनके पैरों से उतरकर अलग हो गया।


फिर में भी पलंग से नीचे उतर गया और मैंने अपनी अंडरवियर को उतार दिया, उसके बाद में अपने तने हुए लंड को लेकर अपनी माँ के सामने खड़ा था और अब माँ भी पूरी तरह से नंगी होकर मेरे सामने लेटी हुई थी और वो अपने रसेली होंठो को अपने दांतों में दबाकर मेरी तरफ देखती रही। फिर अपने दोनों पैरों को पूरा फैला दिया और मुझे रेशमी झांटों के जंगल के बीच छुपी हुई उनकी रसीली गुलाबी चूत का द्रश्य देखने को मिला। दोस्तों उस छोटे बल्ब की हल्की रोशनी में चमकते हुए नंगे जिस्म को देखकर में उत्तेजित हो गया और मेरा लंड मारे खुशी के झूमने लगा था। अब में तुरंत उनके ऊपर लेट गया और उनके बूब्स को दबाते हुए, उनके रसीले होंठो को चूसने लगा और उन्होंने भी मुझे कसकर अपने आलिंगन में कसकर जकड़ लिया और मेरे चुम्मे का जवाब देते हुए मेरे मुँह में अपनी जीभ को डाल दिया है। अब में भी उनकी जीभ को मज़े से चूसने लगा और फिर पूरे जोश के साथ कुछ देर तक तो हम दोनों ऐसे ही चिपके रहे। फिर माँ ने मेरी पीठ से हाथ ऊपर लाकर मेरा सर पकड़ लिया और नीचे की तरफ किया। अब में अपने होंठ उनके होंठो से नीचे ले आया और कंधो को चूमते हुए बूब्स पर पहुँच गया। एक बार फिर उनके बूब्स को मसलते हुए और खेलते हुए चूसने लगा।


अब उन्होंने बदन के निचले हिस्से को मेरे बदन के नीचे से निकाल लिया और अपने एक हाथ से वो मेरा लंड पकड़कर उसको मुट्ठी में लेकर सहलाने लगी और अपने दूसरे हाथ से मेरा एक हाथ पकड़कर अपने पैरों के बीच ले गयी। फिर जैसे ही मेरा हाथ उनकी चूत पर पहुँचा तो उन्होंने अपनी चूत को रगड़ दिया और किसी भी समझदार को बस एक इशारा ही बहुत होता था। अब में उनके बूब्स को चूसता हुआ उनकी चूत को रगड़ने लगा था और मैंने अपनी उंगली को चूत के मुँह पर दबा दिया और फिर मैंने अपनी उंगली को उनकी चूत की दरार में घुसा दिया, जिसकी वजह से मेरी ऊँगली पूरी तरह से अंदर चली गई। अब में अपनी ऊँगली को उनकी चूत में इधर उधर घुमाने लगा था। फिर जैसे ही मेरी उंगली उनकी चूत के दाने से टकराई तो उन्होंने ज़ोर से सिसकियाँ लेकर अपनी जाँघो को कसकर बंद कर लिया और वो दोनों कूल्हों को उठाकर मेरे हाथ से खेलने लगी। दोस्तों जोश की वजह से उनकी चूत से पानी बह रहा था, थोड़ी देर बाद तक ऐसे ही मज़ा लेने के बाद मैंने अपनी उंगली को चूत से बाहर निकाल लिया। अब में सीधा होकर उनके ऊपर लेट गया। उन्होंने अपने दोनों पैरों को फैला दिया और मैंने अपने फड़फड़ाते हुए लंड को चूत के मुहं पर रख दिया और हल्के से चूत के मुहं पर रगड़ने लगा, उनकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी।


फिर उसी समय अचानक से मेरा लंड उनकी चूत में थोड़ा सा अंदर चला गया और वो कहने लगी कि प्यार से डालो नहीं तो मुझे दर्द होगा आहह्ह्ह। अब उनकी झांटों और चूत का मुलायम स्पर्श मुझे पागल बना रहा था और फिर जैसे ही मैंने धक्का लगाया एक ही धक्के में लंड अंदर चला गया। दोस्तों इससे पहले कि माँ संभले या अपना आसान बदले मैंने दूसरा धक्का लगा दिया और पूरा का पूरा लंड मक्खन जैसी चूत के अंदर हो गया। अब वो दर्द की वजह से चिल्ला गई ऊऊईईईई आईईईईईई माँ ओह्ह्ह्ह तुम ऐसे ही कुछ देर हिलना नहीं मुझे बड़ी जलन हो रही है। फिर में अपना लंड उनकी चूत में डालकर वैसे ही चुपचाप पड़ा रहा और कुछ देर बाद मैंने हाथों को आगे बढ़ाकर दोनों बूब्स को पकड़ लिया और मुँह में लेकर चूसने लगा, जिसकी वजह से उनको बड़ी मस्ती आराम मिलने लगा था और अब उन्होंने अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया। अब वो कहने लगी कि अब तुम देर ना करो चोदो मुझे लो मज़ा इस जवानी का मेरे राजा और वो अपनी गांड को हिलाने लगी और मैंने वैसे ही करना शुरू किया। अब मेरा लंड धीरे धीरे उनकी चूत के अंदर बाहर होने लगा था। फिर कुछ देर बाद मैंने अपनी रफ्तार को बढ़ा दिया और मेरा लंड बड़ी तेज़ी से अंदर बाहर होने लगा था।


अब हम दोनों को पूरी मस्ती मज़ा आ रहा था और वो नीचे से अपनी कमर को उठाकर मेरे हर धक्के का जवाब देने लगी, लेकिन जैसे ही में ज्यादा रफ्तार बढ़ाता लंड बाहर निकल जाता। फिर माँ से रहा नहीं गया और करवट लेकर मुझे अपने ऊपर से उतार दिया और मुझे लेटाकर वो मेरे ऊपर आ गयी, वो अपनी दोनों जाँघो को पूरा फैलाकर अपने गद्देदार कूल्हों को मेरे ऊपर रखकर बैठ गयी। अब उनकी चूत मेरे लंड पर थी और हाथ मेरी कमर को पकड़े हुए थे और फिर वो मुझसे कहने लगी कि अब में तुम्हे बताती हूँ कि चुदाई कैसे करते है? मेरे ऊपर लेटकर एक धक्का लगा दिया और मेरा लंड घप से चूत के अंदर चला गया। फिर माँ ने अपने रसीले बूब्स को मेरी छाती पर रगड़ते हुए अपने गुलाबी होंठो को मेरे होंठो पर रख दिया और मेरे मुँह में जीभ को डाल दिया। फिर माँ ने बड़े ही मज़े से अपनी कमर को हिलाकर धक्के लगाना शुरू किया। वो बहुत कसकर धक्के लगा रही थी, उनकी चूत मेरे लंड को अपने में समाए हुए बड़ी तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी और मुझे लग रहा था कि में जन्नत में पहुँच गया हूँ। अब माँ मेरे ऊपर मेरे कंधो को पकड़कर घुटनों के बल बैठ गयी और ज़ोर ज़ोर से कमर को हिलाकर लंड को तेज़ी से अंदर बाहर लेने लगी थी।


फिर उनका पूरा बदन हिल रहा था और साँसे बड़ी तेज़ तेज़ चल रही थी और साथ ही बूब्स भी तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहे थे। अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने हाथ को आगे बढ़ाकर दोनों बूब्स को पकड़ लिया और में ज़ोर से मसलने लगा और उनकी रफ़्तार बढ़ती ही जा रही थी। अब कमरे में फच फच की आवाज़ गूँज रही थी और जब उनकी सांस फूल गयी। तब वो खुद ही नीचे आकर मुझे अपने ऊपर खींच लिया और पैरों को फैलाकर ऊपर उठा लिया। अब वो मुझसे कहने लगी कि में थक गयी हूँ मेरे राजा अब तुम अपना मोर्चा संभालो। फिर में झट से उनकी जाँघो के बीच बैठ गया और निशाना लगाकर झटके से लंड को अंदर डाल दिया और उनके ऊपर लेटकर धक्के लगाने लगा और माँ ने अपने पैरों को मेरी कमर पर रखकर मुझे जकड़ लिया और अपने कूल्हों को उठाकर चुदाई में साथ देने लगी। फिर में उनके बूब्स को मसलते हुए ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा रहा था और वो अपनी कमर को हिलाकर कूल्हों को उठाकर चुदाई के मज़े ले रही थी और वो मुझसे कहे जा रही थी आह्ह्ह्हह ऊओह्ह्ह ऊऊहह्ह्ह मेरे राजा मज़ा आ गया। यह कहते हुए मेरी माँ ने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसी समय उनकी चूत ने ज्वालामुखी का लावा छोड़ना शुरू कर दिया।


अब तक मेरा लंड भी वीर्य छोड़ने वाला था और में उनको कहने लगा कि में भी गया मेरी जान और मैंने भी अपने लंड का वीर्य छोड़ दिया और में हांफते हुए उनके बूब्स पर सर रखकर चिपककर लेट गया। दोस्तों यह मेरी पहली चुदाई थी, इसलिए मुझे बड़ी थकान महसूस हो रही थी और वो भी अपने एक हाथ से मेरे सर को धीरे धीरे से सहलाते हुए दूसरे हाथ से मेरी पीठ सहला रही थी। फिर माँ ने करवट लेकर मुझे अपने ऊपर से हटा दिया और मुझे अपनी बाहों में कसकर धीरे से मेरे कान में फुसफुसाकर कहने लगी, वाह बेटा तुमने तो कमाल कर दिया, तुम्हारे लंड में वाह क्या गजब की ताकत है? फिर मैंने कहा कि असली कमाल तो आपने कर दिया है आजतक तो मुझे पता ही नहीं था कि चूत और लंड के इस खेल से इतनी मस्ती आती है और यह तो बस आपकी मेहरबानी है जो कि आज मेरे लंड को आपकी चूत की सेवा करने का यह पहला मौका मिला। अब भी मेरा लंड उनकी चूत के बाहर झांटों के जंगल में रगड़ मार रहा था और फिर माँ ने अपनी मुलायम हथेलियों में मेरे लंड को पकड़कर सहलाना शुरू किया।
फिर अचानक ही बच्चे के रोने की आवाज़ आई और वो उसको सम्भालने लगी और फिर उसके बाद में सो गया ।।
धन्यवाद
[Image: 52.gif]
1 user likes this post1 user likes this post  • dpmangla
      Website Find
Reply


Raguhalkal Offline
Soldier Bee
**
Thread Of The Month
Joined: 21 Mar 2017
Reputation: 40


Posts: 423
Threads: 5

Likes Got: 138
Likes Given: 66


db Rs: Rs 46.19
#4
09-03-2018, 12:45 PM
Nice story
 •
      Find
Reply


urc4me Offline
Archer Bee
***
Joined: 17 Feb 2017
Reputation: 40


Posts: 1,555
Threads: 0

Likes Got: 60
Likes Given: 6


db Rs: Rs 20.6
#5
09-03-2018, 06:02 PM
Mast kahani.
 •
      Find
Reply


dpmangla Online
Archer Bee
***
Joined: 22 Jul 2016
Reputation: 60


Posts: 4,861
Threads: 0

Likes Got: 212
Likes Given: 6,365


db Rs: Rs 59.79
#6
09-03-2018, 08:00 PM
Gud Short Story
 •
      Find
Reply


rajbr1981 Online
en.roksbi.ru Aapna Sabka Sapna
****
Verified Member100000+ PostsVideo ContributorMost ValuableExecutive Minister Poster Of The YearSupporter of en.roksbi.ruBee Of The Year
Joined: 26 Oct 2013
Reputation: 4,404


Posts: 118,530
Threads: 3,631

Likes Got: 20,942
Likes Given: 9,112


db Rs: Rs 2,905.1
#7
24-03-2018, 12:31 AM
(09-03-2018, 12:45 PM)Raguhalkal : Nice story

(09-03-2018, 06:02 PM)urc4me : Mast kahani.

(09-03-2018, 08:00 PM)dpmangla : Gud Short Story

thanks
[Image: 52.gif]
 •
      Website Find
Reply


Dmadane Offline
New Bee
*
Joined: 13 May 2018
Reputation: 0


Posts: 1
Threads: 0

Likes Got: 0
Likes Given: 0


db Rs: Rs 5.01
#8
13-05-2018, 11:43 PM
Nice story
 •
      Find
Reply


Chaltarahe Offline
Soldier Bee
**
Joined: 11 Jun 2018
Reputation: 0


Posts: 106
Threads: 0

Likes Got: 9
Likes Given: 5


db Rs: Rs 6.33
#9
10-07-2018, 03:34 AM
कहानी बढ़िया है मजा आ गया लगे रहो
 •
      Find
Reply


Incest lover Offline
Soldier Bee
**
Joined: 09 Jun 2018
Reputation: 0


Posts: 537
Threads: 175

Likes Got: 477
Likes Given: 55


db Rs: Rs 29.17
#10
10-07-2018, 04:44 PM
Nice and hot we like it
 •
      Find
Reply


« Next Oldest | Next Newest »
Pages ( 2 ): 1 2 Next »


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Incest  माँ बेटी की अधूरी इच्छा Rakesh1999 79 22,158 3 hours ago
Last Post: Hotboy1769
Incest  माँ (PART-1) Incest lover 2 4,605 3 hours ago
Last Post: Pooja das
Incest  माँ (PART-2) Incest lover 2 2,954 3 hours ago
Last Post: Pooja das
Incest  माँ (part-3) Incest lover 2 2,455 3 hours ago
Last Post: Pooja das
Incest  माँ बेटी की बस यात्रा part-3 Incest lover 4 1,430 3 hours ago
Last Post: Pooja das
Incest  माँ बोली – मेरी बेटी बिलकुल मुझपर गयी है. Incest lover 4 1,019 3 hours ago
Last Post: Pooja das
Incest  माँ (part-4) Incest lover 4 2,485 4 hours ago
Last Post: Pooja das
Desi  छोटी बहन के साथ rajbr1981 140 577,466 Yesterday, 11:06 PM
Last Post: rajbr1981
Incest  माँ बेटी की बस यात्रा part-2 Incest lover 2 1,522 27-07-2018, 05:09 PM
Last Post: Pooja das
Incest  माँ बेटी की बस यात्रा Incest lover 2 1,817 27-07-2018, 05:08 PM
Last Post: Pooja das

  • View a Printable Version
  • Subscribe to this thread


Best Indian Adult Forum XXX Desi Nude Pics Desi Hot Glamour Pics

  • Contact Us
  • en.roksbi.ru
  • Return to Top
  • Mobile Version
  • RSS Syndication
Current time: 29-07-2018, 11:11 PM Powered By © 2012-2018
Linear Mode
Threaded Mode


desi mausi  exbii pics  hot mallu stories  nudist aerobics  new sex picture and sexcstory in hindi  amature pron  desi saree strip  apni sex kahani  exbii bollywood  bhai behan sex story in hindi  hindi big bobs  tamil sex kathai amma  பாவனா to exbii  erotic cousin  tatti khai  tamil aunty dirty stories  sex stories in hindi xxx  cuckold husbands pics  malayalam sex story books  teacher sex kahani  tamil incest  rani mukherjee fakes  stories on exbii  indian hairy armpit girls  thamil stories  desi adult mms  nude aerobics pics  xxx vidae  3x video desi  shakeela sex images  porn mujra.com  sambhog marathi katha  lund or gand  namitha booty  girl undressing pic  yoni sambhog  sexi mal  exbii tamil aunties  mastram hindi stories  undressed girl pics  desi girl thigh  tamil pengal image  meri bur chodo  sax stories  x mujra video  puku modda  sexy story urdo  bahan ka balatkar  mami choda  gand chatna  xxx pechrs  boor chod  indian mujra xxx  image vegina  paki home sex video  lush taboo  mallu porn stars  chut lund gand  sex story in urdu font  chut ka bhut  vadina sex stories in telugu  jethalal sexstoree.com  free mallu porn  desi itam  adult naruto comics  desi new mms video  tamil sex stories with photo  milfs galore  nangta meye  savita bhabhi sex hindi comic  kantutan ng mga batang pinoy  desi thigh  breast exbii  sex story of mastram  kerala hot clips  mast bhabi  hindi xxx blue movie  babes striping  tamil aunty free  exbhi stories  bahen ki gand  urdu kahani in urdu fount  hairy armpits pictures  doodhwali boobs  topless college girl  stories in hindi sexy  3dincest.mybb.ru  mature sec pics