12-09-2017, 02:07 PM
अपने ब्रदर के यहाँ से वापस आ गई थी..
मुझे पता नहीं था की वो कैसा रिक्ट करेगी.. पर बाइ लक वो ओ के थी की मैंने आदर्श और शुभम दोनों से एक ही साथ चुदवाया..
मेरी उससे फोन पे बात हुई –
निशा – हाय जान,
पिंकी – हाय निशा.. कैसा रहा तेरा ट्रिप..
निशा – ओ के .., तू उसे रहने दे.. मुझे शुभम ने बताया की उस रात क्या क्या हुआ..
पिंकी – निशा, तेरी कसम कुछ भी प्लान नहीं था.. सब हो गया.. ड्रिंक्स का भी असर था..
निशा – ओये होये, कोई बात नहीं पिंकी डार्लिंग, मैं तुमसे सफाई नहीं माँग रही..
पिंकी – तू ओ के तो है ना..
निशा – हाँ हाँ, बस मैं सोच सोच के पागल हो रही हूँ की तूने 2-2 लंड से क्या क्या किया होगा.. कैसा था बता..?..
पिंकी – निशा, तुझसे झूठ भी नहीं बोल सकती.. इट वाज़ ग्रेट.. आगे पीछे दोनों और से लंड मिला तो लगा की कुछ नया और मज़ेदार हो रहा है.. वन ऑफ थे बेस्ट सेक्स नाइट निशा..
निशा – सोच के ही मेरी चूत गीली हो जा रही है.. अब तुझसे नाराज़ नहीं हूँ तो मुझे भी कुछ मिलना चाहिए ना..
पिंकी – बोल ना निशा, जो तू बोले..
निशा – नहीं रहने दे, मुझे अभी तेरी चूत नहीं.. मुझे भी 2-2 लंड लेने हैं एक साथ.. और तुझे भी पता है की इसके लिए आदर्श और शुभम ही बेस्ट हैं..
पिंकी – मुझे कोई दिक्कत नहीं है निशा.. तू बोल तो मैं आदर्श से बात करती हूँ..
निशा – उसकी भी ज़रूरत नहीं है, शुभम ने आदर्श से बात कर ली है.. वो ओ के .. है यदि तुझे कोई परेशानी नहीं है.. तुझे तो कोई प्राब्लम नहीं है ना पिंकी..
पिंकी – मुझे क्या प्राब्लम होगी.. चल दिए मैंने तुझे.. एक पूरी रात आदर्श और शुभम के साथ एंजाय कर..
निशा – तूने जब 2-2 लंड लिए, मैं नहीं थी वहाँ..
पिंकी – हाँ मालूम है, मैं नहीं रहूंगी तुम तीनों के बीच में..
निशा – आए हाए, यदि तुझे भी आना है तो आ जाना.. पर पता नहीं क्यूँ मेरा मन कर रहा है की मैं अकेले दोनों का लूँ..
पिंकी – पक्का निशा, नो प्राब्लम.. मैं एक रात आदर्श के बिना रह सकती हूँ.. पर तुमलोग कहाँ ये करने की सोच रहे हो..
निशा – मैंने सुना इस वीकेंड आहना और सुयश अपने दोस्तों के साथ हॉलिडे ट्रिप पे जा रहे हैं.. तो उसी दिन मेरे ही घर पे..
पिंकी – ओ के .., हाँ वो जा तो रहे हैं..
निशा – तू अकेले रह लेगी ना एक रात.. तेरी चूत को नींद आएगी..
पिंकी – हाँ बाबा, रह लूँगी..
निशा – चल फिर मैं शुभम को बोलती हूँ की प्लान चालू है..
फिर नेक्स्ट वीकेंड को उन तीनों का प्लान बन गया.. सुयश भी आहना और अपने दोस्तों के साथ ट्रिप पे चला गया..
मैं अपने घर पे फ्राइडे नाइट अकेली थी.. मुझे अकेले कहीं जाना पसंद भी नहीं था इसलिए मैं अकेले ही रात काटने की कोशिश कर रही थी.. आदर्श ऑफीस से ही डाइरेक्ट निशा के घर चला गया था..
मैंने डिनर बनाया खाया और घर के सारे काम कर लिए.. पर अकेले मन नहीं नहीं लग रहा था..
मैंने जल्दी सोने की कोशिश भी करी पर मुझे नींद भी नहीं आ रहा थी.. समझ नहीं आ रहा था की क्या करूँ.. रूचि-अमन, दीपक और अंकिता सब एक दूसरे के साथ होंगे इसलिए उन्हें भी डिस्टर्ब नहीं किया मैंने..
फिर मुझे अदिति का ख़याल आया..
अदिति वोही लड़की जो मुझे उस दिन पब में मिली थी.. काफ़ी कम समय में ही उसने मुझ पे अच्छा इंप्रेशन छोड़ा था..
फिर सोचा की उसे ही कॉल करती हूँ.. मैंने उसके विज़िटिंग कार्ड को खोजा और उसे कॉल लगाया
मुझे पता नहीं था की वो कैसा रिक्ट करेगी.. पर बाइ लक वो ओ के थी की मैंने आदर्श और शुभम दोनों से एक ही साथ चुदवाया..
मेरी उससे फोन पे बात हुई –
निशा – हाय जान,
पिंकी – हाय निशा.. कैसा रहा तेरा ट्रिप..
निशा – ओ के .., तू उसे रहने दे.. मुझे शुभम ने बताया की उस रात क्या क्या हुआ..
पिंकी – निशा, तेरी कसम कुछ भी प्लान नहीं था.. सब हो गया.. ड्रिंक्स का भी असर था..
निशा – ओये होये, कोई बात नहीं पिंकी डार्लिंग, मैं तुमसे सफाई नहीं माँग रही..
पिंकी – तू ओ के तो है ना..
निशा – हाँ हाँ, बस मैं सोच सोच के पागल हो रही हूँ की तूने 2-2 लंड से क्या क्या किया होगा.. कैसा था बता..?..
पिंकी – निशा, तुझसे झूठ भी नहीं बोल सकती.. इट वाज़ ग्रेट.. आगे पीछे दोनों और से लंड मिला तो लगा की कुछ नया और मज़ेदार हो रहा है.. वन ऑफ थे बेस्ट सेक्स नाइट निशा..
निशा – सोच के ही मेरी चूत गीली हो जा रही है.. अब तुझसे नाराज़ नहीं हूँ तो मुझे भी कुछ मिलना चाहिए ना..
पिंकी – बोल ना निशा, जो तू बोले..
निशा – नहीं रहने दे, मुझे अभी तेरी चूत नहीं.. मुझे भी 2-2 लंड लेने हैं एक साथ.. और तुझे भी पता है की इसके लिए आदर्श और शुभम ही बेस्ट हैं..
पिंकी – मुझे कोई दिक्कत नहीं है निशा.. तू बोल तो मैं आदर्श से बात करती हूँ..
निशा – उसकी भी ज़रूरत नहीं है, शुभम ने आदर्श से बात कर ली है.. वो ओ के .. है यदि तुझे कोई परेशानी नहीं है.. तुझे तो कोई प्राब्लम नहीं है ना पिंकी..
पिंकी – मुझे क्या प्राब्लम होगी.. चल दिए मैंने तुझे.. एक पूरी रात आदर्श और शुभम के साथ एंजाय कर..
निशा – तूने जब 2-2 लंड लिए, मैं नहीं थी वहाँ..
पिंकी – हाँ मालूम है, मैं नहीं रहूंगी तुम तीनों के बीच में..
निशा – आए हाए, यदि तुझे भी आना है तो आ जाना.. पर पता नहीं क्यूँ मेरा मन कर रहा है की मैं अकेले दोनों का लूँ..
पिंकी – पक्का निशा, नो प्राब्लम.. मैं एक रात आदर्श के बिना रह सकती हूँ.. पर तुमलोग कहाँ ये करने की सोच रहे हो..
निशा – मैंने सुना इस वीकेंड आहना और सुयश अपने दोस्तों के साथ हॉलिडे ट्रिप पे जा रहे हैं.. तो उसी दिन मेरे ही घर पे..
पिंकी – ओ के .., हाँ वो जा तो रहे हैं..
निशा – तू अकेले रह लेगी ना एक रात.. तेरी चूत को नींद आएगी..
पिंकी – हाँ बाबा, रह लूँगी..
निशा – चल फिर मैं शुभम को बोलती हूँ की प्लान चालू है..
फिर नेक्स्ट वीकेंड को उन तीनों का प्लान बन गया.. सुयश भी आहना और अपने दोस्तों के साथ ट्रिप पे चला गया..
मैं अपने घर पे फ्राइडे नाइट अकेली थी.. मुझे अकेले कहीं जाना पसंद भी नहीं था इसलिए मैं अकेले ही रात काटने की कोशिश कर रही थी.. आदर्श ऑफीस से ही डाइरेक्ट निशा के घर चला गया था..
मैंने डिनर बनाया खाया और घर के सारे काम कर लिए.. पर अकेले मन नहीं नहीं लग रहा था..
मैंने जल्दी सोने की कोशिश भी करी पर मुझे नींद भी नहीं आ रहा थी.. समझ नहीं आ रहा था की क्या करूँ.. रूचि-अमन, दीपक और अंकिता सब एक दूसरे के साथ होंगे इसलिए उन्हें भी डिस्टर्ब नहीं किया मैंने..
फिर मुझे अदिति का ख़याल आया..
अदिति वोही लड़की जो मुझे उस दिन पब में मिली थी.. काफ़ी कम समय में ही उसने मुझ पे अच्छा इंप्रेशन छोड़ा था..
फिर सोचा की उसे ही कॉल करती हूँ.. मैंने उसके विज़िटिंग कार्ड को खोजा और उसे कॉल लगाया
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