• HOME
  • AWARDS
  • Search
  • Help
Current time: 29-07-2018, 11:39 PM
Hello There, Guest! ( Login — Register )
› XXX STORIES › Hindi Sex Stories v
« Previous 1 2 3 4 5 6 7 ..... 61 Next »

Incest BADMASH SASUR AUR NAADAN BAHU

Verify your Membership Click Here

Pages ( 2 ): 1 2 Next »
Thread Modes
Incest BADMASH SASUR AUR NAADAN BAHU
studboyripzy Offline
Archer Bee
***
Thread Of The MonthThread Of The Year 3rd Place
Joined: 29 Feb 2016
Reputation: 813


Posts: 1,712
Threads: 25

Likes Got: 1,163
Likes Given: 52


db Rs: Rs 54.26
#1
02-05-2017, 01:15 PM
BADMASH SASUR AUR NAADAN BAHU


   


                                                                             
presented by studboyripzy
Heart Eye teasing Fuck teasing Heart Eye
 •
      Find
Reply


studboyripzy Offline
Archer Bee
***
Thread Of The MonthThread Of The Year 3rd Place
Joined: 29 Feb 2016
Reputation: 813


Posts: 1,712
Threads: 25

Likes Got: 1,163
Likes Given: 52


db Rs: Rs 54.26
#2
02-05-2017, 01:20 PM
राजीव माथुर अपने कमरे में उदास बैठा है, और TV के रिमोट से चैनल बदल बदल कर अपने दुखी मन को शांत करने की कोशिश कर रहा है। वह ५० साल का एक तंदूरूस्त हट्टा क़ट्टा सुदर्शन गोरा व्यक्ति है और उसकी इस २० लाख की आबादी वाले शहर में कपड़ों की बड़ी दुकान है।
उसने यह काम बड़े ही छोटे लेवल पर चालू किया था पर आज वह एक बहुत ही शानदार दुकान का मालिक था। पर पिछले एक महीने से वह दुकान पर नहीं गया था। दुकान पर उसका जवान बेटा शिवा ही बैठ रहा था जो कि २५ साल का हो चला था। उसकी एक २४ साल की बेटी भी है जिसकी शादी को तीन साल हो चुके हैं और वह एक दूसरे शहर में रहती है।
राजीव के दुःख का कारण यह है कि एक महीने पहले उसकी पत्नी का कैन्सर की बीमारी से देहांत हो गया। वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था और उसे दुःख इस बात का है कि बिना किसी पूर्वाभास के वह बीमार हुई और क़रीब एक महीने में स्वर्गवासी भी हो गयी। सब रिश्तेदार आए थे और अब सब अपने घर वापस चले गए । आख़िर में जाने वाली उसकी बेटी थी । अब सबके जाने के बाद वह फिर अकेला महसूस कर रहा था। बेटे शिवा ने कहा भी कि काम में मन लगाइए ताकि दुःख कुछ कम हो जाए, पर वह अभी भी सामान्य नहीं हो पाया था।
अचानक TV का चैनल बदलते हुए एक फ़िल्म लग गयी जिसमें एक भरे बदन की हीरोईंन बारिश के पानी में भीग रही थी और उसके बहुत ही मादक अंग साड़ी से दिख ज़्यादा रहे थे और छुप कम रहे थे। ये देखकर अचानक उसके लंड ने झटका मारा और उसका हाथ अपने लंड पर चला गया और वह उसे दबाने लगा। उसे अभी अभी महसूस हुआ कि आज पूरे दो महीने के बाद उसके लंड में हरकत हुई है। वरना एक महीने की सविता की बीमारी और एक महीने का शोक - उसका तो लंड- जैसे खड़ा होना ही भूल गया था।
उसे बड़ा अच्छा लगा और वह लंड को सहलाता ही चला गया। फिर उसने उसे अपनी लूँगी और चड्डी से बाहर निकाल लिया और अपने बड़े बड़े बॉल्ज़ को सहलाते हुए उसने मूठ्ठ मारनी शुरू की। उसका क़रीब ८ इंचि मोटा लौड़ा उसकी मूठ्ठी में आधा भी समा नहीं रहा था। क़रीब १० मिनट उसे हिलाते हुए सविता के साथ बिताए हुए मादक लमहों को याद करते हुए वह झड़ने लगा। उसे लगा कि वह सविता के मुँह में झड़ रहा है। और वह पहले की तरह उसका गाढ़ा वीर्य स्वाद लेकर पीते जा रही है।
पर जब उसने आँख खोली तो अपने को अकेला पा कर उसने आह भरी और सविता को याद करके उसकी आँख भर आइ।
हालाँकि वह सविता को बहुत प्यार करता था पर अनेक सफल मर्दों की तरह वह भी कभी कभी यहाँ वहाँ मुँह मार लिया करता था उसकी कमज़ोरी भरे बदन की कम उम्र की लड़कियाँ थीं। उसने कई लड़कियों से मज़े लिए पर कभी भी किसी से रिश्ता नहीं बनाया। ज़्यादातर लड़कियाँ एक रात की ही मेहमान होती थीं। बस सिर्फ़ तीन लड़कियों से ही उसके सम्बंध अपेक्षाकृत लम्बे चले, यही कोई तीन चार महीने। इसके बारे में आगे कहानी में पता चलेगा, कि किन हालातों में उन तीन लड़कियों से उसका रिश्ता बना।
आज उसने अपना वीर्य साफ़ किया और बाद में सोफ़े पर आकर दुकान का हिसाब देखने की कोशिश किया। दिन के ११ बज गए थे। शिवा को दुकान गए १ घंटा हो चुका था। तभी कॉल बेल बजी। उसने दरवाज़ा खोला और सामने शीला खड़ी थी। वह घर की नौकरानी थी और सविता की बहुत चहेती थी। उसकी उम्र करींब ५० साल की थी और वह एक चूसे हुए आम की तरह थी। वह आकर किचन में चली गई। वह घर के सब काम करती थी और अब सविता के जाने के बाद खाना भी बना देती थी।
शिवा अपने काम में लग गया और तभी शीला वहाँ झाड़ू लगाने लगी। उसके सुखी हुई काया उसके सामने थी और दो महीने का प्यासा राजीव ये सोचने लगा कि क्या इसे ही चोद लूँ? पर जब साड़ी से उसकी नीचुड़ि हुई चूचियाँ देखा तो उसका लौड़ा शांत हो गया। उसने अपना ध्यान काम में लगाया।
तभी शीला का मोबाइल बज उठा और वह किचन में उसे लेकर बात करने लगी। थोड़ी देर बाद वह बाहर आयी और बोली: साहब, मुझे छुट्टी जाना होगा क्योंकि मेरी बहु को बच्चा होने वाला है। कम से कम तीन महीने लगेंगे।
राजीव: अरे तो हमारा क्या होगा? तुम किसी को काम पर लगा कर जाओ।
शीला: जी साहब, कल से मेरी भतीजी आएगी , उसका नाम रानी है वही काम करेगी, मेरी अभी उससे बात भी हो गई है।
राजीव: ओह उसको खाना बनाना आता है ना?
शीला: हाँ आता है वो कई साल एक परिवार में काम की है उसको सब आता है। आजकल ख़ाली है तो आपके यहाँ काम कर लेगी।
राजीव: क्या शादीशुदा है?
शीला: जी हाँ शादी को ७ साल हो गए हैं। मगर बेचारी को कोई बच्चा नहीं है। इसके कारण दुखी रहती है।
राजीव: ओह ऐसा क्या? अब ये तो भगवान की मर्ज़ी है ना ?
शीला फिर अपने काम में व्यस्त हो गई और राजीव भी अपने काम में लग गया। फिर उसने शिवा को फ़ोन लगाया: बेटा तुम्हारा कल का हिसाब ठीक है , अब तुम बढ़िया काम कर रहे हो। आज मुझे तुमसे एक ज़रूरी बात भी करनी है। रात को मिलते हैं।
रात को शिवा क़रीब ९ बजे घर पहुँचा और वो दोनों खाना खाए। बाद में राजीव बोला: बेटा, आज मैं तुमको एक बात कहना चाहता हूँ, मैं सविता के जाने के बाद बहुत अकेला हो गया हूँ, मैं सोच रहा था कि मैं दूसरी शादी कर लूँ। तुम्हारा क्या ख़याल है इस बारे में?
शिवा चौक कर बोला: क्या पापा, ये क्या बोल रहे हैं आप? कितना अजीब लगेगा प्लीज़ ऐसा मत करिए।
राजीव: अगर मैं नहीं कर सकता तो तुम कर लो। बेटा, घर में एक औरत होनी ही चाहिए। घर औरत के बिना अधूरा होता है।
शिवा: ठीक है पापा, अगर आप ऐसा चाहते हो तो यही सही।
राजीव: अब ये बताओ कि तुम्हारी कोई गर्ल फ़्रेंड है?
शिवा: पापा आप जानते ही हो कि मेरी किसी लड़की से दोस्ती नहीं है। मुझे तो दुकान से ही फ़ुर्सत नहीं मिलती।
राजीव: तो फिर मैं तेरे लिए लड़की देखनी शुरू करूँ?
शिवा: ठीक है पापा आप देखिए । काश मॉ होती तो ये काम वो करतीं? है ना?
राजीव: हाँ बेटा वो तुम्हारी शादी का बहुत अरमान रखती थी पर बेचारी के अरमान पूरे ही नहीं हो सके।
थोड़ी देर और बातें करके वह दोनों अपने अपने कमरे में सोने चले गए।
Heart Eye teasing Fuck teasing Heart Eye
 •
      Find
Reply


dpmangla Offline
Archer Bee
***
Joined: 22 Jul 2016
Reputation: 60


Posts: 4,861
Threads: 0

Likes Got: 212
Likes Given: 6,365


db Rs: Rs 59.79
#3
03-05-2017, 05:07 PM
(02-05-2017, 01:20 PM)studboyripzy :
राजीव माथुर अपने कमरे में उदास बैठा है, और TV के रिमोट से चैनल बदल बदल कर अपने दुखी मन को शांत करने की कोशिश कर रहा है। वह ५० साल का एक तंदूरूस्त हट्टा क़ट्टा सुदर्शन गोरा व्यक्ति है और उसकी इस २० लाख की आबादी वाले शहर में कपड़ों की बड़ी दुकान है।
उसने यह काम बड़े ही छोटे लेवल पर चालू किया था पर आज वह एक बहुत ही शानदार दुकान का मालिक था। पर पिछले एक महीने से वह दुकान पर नहीं गया था। दुकान पर उसका जवान बेटा शिवा ही बैठ रहा था जो कि २५ साल का हो चला था। उसकी एक २४ साल की बेटी भी है जिसकी शादी को तीन साल हो चुके हैं और वह एक दूसरे शहर में रहती है।
राजीव के दुःख का कारण यह है कि एक महीने पहले उसकी पत्नी का कैन्सर की बीमारी से देहांत हो गया। वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था और उसे दुःख इस बात का है कि बिना किसी पूर्वाभास के वह बीमार हुई और क़रीब एक महीने में स्वर्गवासी भी हो गयी। सब रिश्तेदार आए थे और अब सब अपने घर वापस चले गए । आख़िर में जाने वाली उसकी बेटी थी । अब सबके जाने के बाद वह फिर अकेला महसूस कर रहा था। बेटे शिवा ने कहा भी कि काम में मन लगाइए ताकि दुःख कुछ कम हो जाए, पर वह अभी भी सामान्य नहीं हो पाया था।
अचानक TV का चैनल बदलते हुए एक फ़िल्म लग गयी जिसमें एक भरे बदन की हीरोईंन बारिश के पानी में भीग रही थी और उसके बहुत ही मादक अंग साड़ी से दिख ज़्यादा रहे थे और छुप कम रहे थे। ये देखकर अचानक उसके लंड ने झटका मारा और उसका हाथ अपने लंड पर चला गया और वह उसे दबाने लगा। उसे अभी अभी महसूस हुआ कि आज पूरे दो महीने के बाद उसके लंड में हरकत हुई है। वरना एक महीने की सविता की बीमारी और एक महीने का शोक - उसका तो लंड- जैसे खड़ा होना ही भूल गया था।
उसे बड़ा अच्छा लगा और वह लंड को सहलाता ही चला गया। फिर उसने उसे अपनी लूँगी और चड्डी से बाहर निकाल लिया और अपने बड़े बड़े बॉल्ज़ को सहलाते हुए उसने मूठ्ठ मारनी शुरू की। उसका क़रीब ८ इंचि मोटा लौड़ा उसकी मूठ्ठी में आधा भी समा नहीं रहा था। क़रीब १० मिनट उसे हिलाते हुए सविता के साथ बिताए हुए मादक लमहों को याद करते हुए वह झड़ने लगा। उसे लगा कि वह सविता के मुँह में झड़ रहा है। और वह पहले की तरह उसका गाढ़ा वीर्य स्वाद लेकर पीते जा रही है।
पर जब उसने आँख खोली तो अपने को अकेला पा कर उसने आह भरी और सविता को याद करके उसकी आँख भर आइ।
हालाँकि वह सविता को बहुत प्यार करता था पर अनेक सफल मर्दों की तरह वह भी कभी कभी यहाँ वहाँ मुँह मार लिया करता था उसकी कमज़ोरी भरे बदन की कम उम्र की लड़कियाँ थीं। उसने कई लड़कियों से मज़े लिए पर कभी भी किसी से रिश्ता नहीं बनाया। ज़्यादातर लड़कियाँ एक रात की ही मेहमान होती थीं। बस सिर्फ़ तीन लड़कियों से ही उसके सम्बंध अपेक्षाकृत लम्बे चले, यही कोई तीन चार महीने। इसके बारे में आगे कहानी में पता चलेगा, कि किन हालातों में उन तीन लड़कियों से उसका रिश्ता बना।
आज उसने अपना वीर्य साफ़ किया और बाद में सोफ़े पर आकर दुकान का हिसाब देखने की कोशिश किया। दिन के ११ बज गए थे। शिवा को दुकान गए १ घंटा हो चुका था। तभी कॉल बेल बजी। उसने दरवाज़ा खोला और सामने शीला खड़ी थी। वह घर की नौकरानी थी और सविता की बहुत चहेती थी। उसकी उम्र करींब ५० साल की थी और वह एक चूसे हुए आम की तरह थी। वह आकर किचन में चली गई। वह घर के सब काम करती थी और अब सविता के जाने के बाद खाना भी बना देती थी।
शिवा अपने काम में लग गया और तभी शीला वहाँ झाड़ू लगाने लगी। उसके सुखी हुई काया उसके सामने थी और दो महीने का प्यासा राजीव ये सोचने लगा कि क्या इसे ही चोद लूँ? पर जब साड़ी से उसकी नीचुड़ि हुई चूचियाँ देखा तो उसका लौड़ा शांत हो गया। उसने अपना ध्यान काम में लगाया।
तभी शीला का मोबाइल बज उठा और वह किचन में उसे लेकर बात करने लगी। थोड़ी देर बाद वह बाहर आयी और बोली: साहब, मुझे छुट्टी जाना होगा क्योंकि मेरी बहु को बच्चा होने वाला है। कम से कम तीन महीने लगेंगे।
राजीव: अरे तो हमारा क्या होगा? तुम किसी को काम पर लगा कर जाओ।
शीला: जी साहब, कल से मेरी भतीजी आएगी , उसका नाम रानी है वही काम करेगी, मेरी अभी उससे बात भी हो गई है।
राजीव: ओह उसको खाना बनाना आता है ना?
शीला: हाँ आता है वो कई साल एक परिवार में काम की है उसको सब आता है। आजकल ख़ाली है तो आपके यहाँ काम कर लेगी।
राजीव: क्या शादीशुदा है?
शीला: जी हाँ शादी को ७ साल हो गए हैं। मगर बेचारी को कोई बच्चा नहीं है। इसके कारण दुखी रहती है।
राजीव: ओह ऐसा क्या? अब ये तो भगवान की मर्ज़ी है ना ?
शीला फिर अपने काम में व्यस्त हो गई और राजीव भी अपने काम में लग गया। फिर उसने शिवा को फ़ोन लगाया: बेटा तुम्हारा कल का हिसाब ठीक है , अब तुम बढ़िया काम कर रहे हो। आज मुझे तुमसे एक ज़रूरी बात भी करनी है। रात को मिलते हैं।
रात को शिवा क़रीब ९ बजे घर पहुँचा और वो दोनों खाना खाए। बाद में राजीव बोला: बेटा, आज मैं तुमको एक बात कहना चाहता हूँ, मैं सविता के जाने के बाद बहुत अकेला हो गया हूँ, मैं सोच रहा था कि मैं दूसरी शादी कर लूँ। तुम्हारा क्या ख़याल है इस बारे में?
शिवा चौक कर बोला: क्या पापा, ये क्या बोल रहे हैं आप? कितना अजीब लगेगा प्लीज़ ऐसा मत करिए।
राजीव: अगर मैं नहीं कर सकता तो तुम कर लो। बेटा, घर में एक औरत होनी ही चाहिए। घर औरत के बिना अधूरा होता है।
शिवा: ठीक है पापा, अगर आप ऐसा चाहते हो तो यही सही।
राजीव: अब ये बताओ कि तुम्हारी कोई गर्ल फ़्रेंड है?
शिवा: पापा आप जानते ही हो कि मेरी किसी लड़की से दोस्ती नहीं है। मुझे तो दुकान से ही फ़ुर्सत नहीं मिलती।
राजीव: तो फिर मैं तेरे लिए लड़की देखनी शुरू करूँ?
शिवा: ठीक है पापा आप देखिए । काश मॉ होती तो ये काम वो करतीं? है ना?
राजीव: हाँ बेटा वो तुम्हारी शादी का बहुत अरमान रखती थी पर बेचारी के अरमान पूरे ही नहीं हो सके।
थोड़ी देर और बातें करके वह दोनों अपने अपने कमरे में सोने चले गए।

Good Starting
 •
      Find
Reply


studboyripzy Offline
Archer Bee
***
Thread Of The MonthThread Of The Year 3rd Place
Joined: 29 Feb 2016
Reputation: 813


Posts: 1,712
Threads: 25

Likes Got: 1,163
Likes Given: 52


db Rs: Rs 54.26
#4
03-05-2017, 08:05 PM
सुबह ५ बजे उठकर राजीव फ़्रेश होकर एक घंटे की सैर पर गया। वहाँ बग़ीचे में कई लड़कियाँ और औरतें भी ट्रैक सूट में अपने गोल गोल चूतरों को उभारे घूम रही थीं और राजीव का मन बड़ा बेचेंन हो रहा था। उनकी छातियाँ भी दौड़ने के दौरान ऊपर नीचे होकर उसकी ट्रैक सूट के अंदर उसके हथियार को कड़ा किए जा रहीं थीं। इसी हालत में वह वापस आया और कमरे में बैठ के पसीना सुखाने लगा। तभी काल बेल बजी और उसने दरवाज़ा खोला।
बाहर एक दुबली सी लड़की खड़ी थी। वह समझ गया कि यह रानी ही होगी। उसने पूछा: तुम रानी हो ना?
रानी: जी साहब मैं ही शीला चाची की भतीजी हूँ।
राजीव: आओ अंदर आओ ।फिर उसने उसे पूरा घर दिखाया और कहा : पहले चाय बना दो। किचन से बाहर आते हुए उसने रानी को भरपूर निगाहों से देखा। वह कोई २०/२१ से बड़ी नहीं दिख रही थी। दुबली पतली , छाती भी छोटी और चूतरों में भी कोई ख़ास उभार नहीं। वह उसकी टाइप की तो लड़की है ही नहीं। उसे तो भरी हुई लड़की अच्छी लगती है।
थोड़ी देर बाद वह चाय लायी । चाय लेते हुए वह बोला: तुम सच में शादी शूदा हो? बहुत छोटी सी दिखती हो ।
रानी: जी साहब मेरी शादी को सात साल हो गए हैं । वैसे मैं ऐसी ही पतली दुबली हूँ शुरू से ।
राजीव: क्या उम्र है तुम्हारी? दिखती तो २०/२२ की हो।
रानी: जी मैं २७ की हूँ। पतली होने के कारण शायद छोटी लगती हूँ। फिर वह अपने काम में व्यस्त हो गयी। राजीव सोचने कहा कि साली थोड़ी सी भरे हुए बदन की होती तो कुछ मज़ा ले भी लेता पर ये तो मरी हुई चुहिया जैसी है। क्या मज़ा आएगा इसके साथ।
थोड़ी देर बाद वह उसके कमरे में झाड़ू लगा रही थी तो उसकी क़ुरती ऊपर चढ़ गयी थी और उसके चूतर सलवार से दिख रहे थे। राजीव सोचने लगा कि इतनी भी बुरी नहीं है। मज़ा लिया जा सकता है। शिवा अभी भी सो रहा था, वह अक्सर ८ बजे से पहले नहीं उठता था।
राजीव ने बात चलायी: कौन कौन घर में है तुम्हारे?
रानी : मेरा पति और मेरी सास।
राजीव जानबुझ कर पूछा: और बच्चे?
रानी उदास होकर बोली: जी नहीं हैं।
राजीव: शादी को सात साल हो गए? डॉक्टर को दिखाया कि नहीं?
रानी: जी दिखाया है वो बोले कि मेरे में कोई कमी नहीं है। और मेरा मर्द तो डॉक्टर के पास जाने को राज़ी ही नहीं है। क्या कर सकती हूँ भला मैं!
राजीव: ओह तो कमी उसी में होगी । सास कुछ बोलती नहीं तुमको?
रानी: दिन भर ताने सुनाती है और बेटे की दूसरी शादी की भी धमकी देती है।
राजीव: ओह ये तो बड़ी समस्या है। वैसे एक बात बोलूँ , तुमको अपने शरीर का ख़याल रखना चाहिए। इतनी दुबली हो अगर गर्भ ठहर भी गया तो बच्चा भी तेरे जैसा दुबला ही होगा ।
रानी: साहब ग़रीब लोग हैं हम लोग। आपके जैसा खाने पीने को थोड़े मिलता है।
राजीव हँसते हुए बोला: चलो अब हमारे घर में रहोगी तो तुम वही खाओगी जो हम खाएँगे। और जल्दी ही तगड़ी हो जाओगी।
रानी उसको अजीब निगाहों से देख रही थी, शायद यह समझने की कोशिश कर रही थी कि यह बुज़ुर्ग उसमें इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रहा है। वैसे उसे यह कुछ बुरा नहीं लगा। ये सच है कि उसे ज़्यादा अटेन्शन नहीं मिलता था। इसलिए साहब का उसमें दिलचस्पी लेना उसे अच्छा ही लग रहा था।
राजीव नहाने चला गया और उसे बग़ीचे की सेक्सी लड़कियाँ याद आ रही थीं और उसका लौड़ा खड़ा हो गया। आऽऽह क्या मस्त दूध थे और क्या उभरी हुई गाँड़ थी। वह अपने लौड़े को दबाए जा रहा था। तभी उसके ध्यान में रानी का बदन और उसके सलवार में चिपके चूतर आये और वह मज़े से मुस्कुराया और सोचा कि शायद उसको चोदने में भी बड़ा मज़ा आएगा।
वह नहा कर बाहर आया और टी शर्ट और लोअर पहन कर तय्यार हुआ और किचन में जाकर रानी को बोला: दो ग्लास केसर बादाम डाल कर दूध बनाओ। साथ ही २ सेब केले और नाशपाती भी काट के लाओ। रानी ने हाँ में सिर हिलाया और काम में लग गयी।
थोड़ी देर में वह एक ट्रे में दूध का दो गिलास और फल काटकर लायी। और सामने टी टेबल पर रख दिया जो कि सोफ़े के सामने रखा था।
राजीव ने एक गिलास दूध उठाया और उसके हाथ में दे दिया। रानी ने प्रश्न सूचक नज़रों से देखा और बोली: छोटे सांब उठ गए क्या? उनको देना है?
राजीव: अरे वो तो ९ बजे उठेगा। यह तुमको पीना है। मैंने कहा था ना कि तुमको तगड़ी बनाना है। तो चलो पीओ अब।
वह हैरान होकर उसको देखी और राजीव ने दूसरा गिलास उठाया और पीने लगा। और फिर से उसे पीने का इशारा किया। वह धीरे से पीने लगी। साफ़ लग रहा था कि उसे बहुत अच्छा लग रहा था।
फिर राजीव ने फल की प्लेट उठायी और पास ही खड़ी रानी को बोला: लो फल भी खाओ।
वह झिझकते हुए बोली: साहब पेट भर गया।
राजीव ने उसके पेट की तरफ़ इशारा करके कहा: देखो इतना छोटा भी नहीं है तुम्हारा पेट कि इसमे फल की भी जगह नहीं हो। चलो खाओ। फिर उसका हाथ पकड़कर पास में बिठाया और उसके मुँह में सेब का एक टुकड़ा डाल दिया। वो थोड़ी सी परेशान दिख रही थी, पर खाने लगी।
राजीव: सुबह से कुछ खाया है? उसने नहीं में सिर हिलाया। तब उसने एक टुकड़ा और उसके मुँह में डाल दिया। अब राजीव भी खाने लगा और उसे। भी खिलाए जा रहा था। रानी को कभी इतना अटेन्शन नहीं मिला था सो वह भी इन पलों का आनंद लेने लगी। फल ख़त्म होने के बाद राजीव बोला: शाबाश, बहुत बढ़िया। फिर उसके हाथ को पकड़कर बोला: आधे घंटे के बाद मैं पराँठा और ओमलेट खाऊँगा, वो भी मेरे और अपने लिए भी बना लेना। साथ ही खाएँगे। ठीक है?
रानी: जी साहब । फिर वह खड़ी होने लगी तो राजीव ने उसका हाथ छोड़ दिया। वह किचन में चली गयी। राजीव भी पेपर पढ़ने लगा। शिवा अभी भी सो रहा था।
आधे घंटे के बाद वह नाश्ता डाइनिंग टेबल पर लगा दी। उसने राजीव के लिए एक प्लेट भी लगा दी थी।
राजीव: तुम्हारी प्लेट कहाँ है? मैंने कहा था ना कि जो मैं खाऊँगा वही तुमको भी खाना है। चलो प्लेट लाओ और बैठो यहाँ।
रानी: साहब मैं खा लूँगी, अभी आप खालो।
राजीव: पक्का बाद में खा लोगी?
रानी: पक्का खा लूँगी।
राजीव: अच्छा चलो एक कौर तो मेरे हाथ से खाओ। ये कहकर उसने उसके मुँह में एक कौर डाला और वो उसको खाते हुए किचन में चली गयी। उसने बड़े प्यार से गरम गरम पराँठे खिलाए और राजीव ने भी उसकी पाक कला की बहुत तारीफ़ की। वो शायद तारीफ़ की भी भूकी थी क्योंकि वह बहुत ख़ुश हो गयी थी। फिर राजीव ने दो कप चाय माँगी। जब वह चाय लायी तो उसने उसे ज़िद करके अपने बग़ल में बैठाया और चाय पीने को बोला। वह चुपचाप चाय पीने लगी।
राजीव: तुम्हारा पति तुम्हें प्यार तो करता है ना?
रानी की आँख गीली ही गयी और बोली: जैसे आज आपने इतने प्यार से खिलाया ऐसे भी आजतक उसने मुझे सात साल में कभी नहीं पूछा। वो औरत को बस एक काम के लिए ही समझता है।
राजीव ने भोलेपन से पूछा: किस काम के लिए?
रानी ने नज़रें झुका लीं और बोली: वही जो मर्द को चाहिए बिस्तर में औरत से।
राजीव: ओह अब समझा। सच में तुम्हारा मर्द ऐसा है? ये तो बड़ी अजीब बात है।
रानी: साहब हम ग़रीब औरतों का यही हाल है?
राजीव ने उसकी पतली कलाई पकड़ी और उसको सहलाने लगा और बोला: देखो तुम कितनी दुबली हो? मैं तो तुमको तगड़ी करके ही मानूँगा।
रानी हँसकर बोली: क्या आप मुझे तगड़ी बना कर पहलवानी करवाओगे? इस पर दोनों हँसने लगे।
फिर रानी अपने काम में लग गई, थोड़ी देर बाद शिवा भी उठकर आया और राजीव ने उसके लिए भी चाय मँगवाई। रानी चाय लाई और शिवा को नमस्ते की। राजीव ने बताया कि यह नई नौकरानी है। शिवा ने ओह कहकर चाय पी। फिर दोनों बाप बेटा दुकान की बात करने लगे। बाद में शिवा नहाने चला गया। राजीव ने रानी को उसके लिए नाश्ता और लंच के लिए डिब्बा भी बनाने को कहा।
शिवा तय्यार होकर नाश्ता करके लंच का डिब्बा लेकर १० बजे दुकान चला गया। अब घर में फिर से दोनों अकेले हो गए। थोड़ी देर बाद राजीव ने रानी को आवाज़ दी और बोला: मैं ज़रा बाज़ार जा रहा हूँ, तुम्हें कुछ चाहिए? फिर अचानक उसकी निगाहें उसकी बड़ी बड़ी आँख पर पड़ीं और उनमें एक सफ़ेदी सी देखकर वह उसका हाथ पकड़ा और उसकी उँगलियों के नाख़ून को चेक किया और बोला: अरे तुमको तो आयरन की कमी है , ऐसी ही कमी एक बार मेरी बीवी को भी हो गयी थी, तभी तुम इतनी कमज़ोर हो। मैं आज दवाई लाउँगा। ये कहकर उसने उसका हाथ छोड़ा और बाहर निकल गया।
वो पास के बाज़ार में एक दुकान में गया और वहाँ अपने दोस्त से मिला जिसने उसका बड़े तपाक से स्वागत किया। इधर उधर की बातों के बाद चाय पीकर राजीव बोला: यार, मैंने शिवा की शादी करने का फ़ैसला किया है, तेरी निगाह में कोई लड़की है उसके लायक तो बताना।
दोस्त: हाँ यार क्यों नहीं , थोड़ा सोच लेने दे जैसे ही ध्यान में आएगा बताऊँगा।
राजीव: ठीक है भाई फिर चलता हूँ।
वहाँ से निकल कर वह दवाई की दुकान से मल्टीविटामिन और आयरन टॉनिक ख़रीदा और कुछ ज़रूरी चीज़ें लेकर घर आया।
रानी को उसने पानी और चम्मच लाने को कहा। फिर उसने दो दो चम्मच दोनों दवाइयाँ उसको अपने हाथ से पिलायीं। रानी की आँखों में आँसू छलक आए। आज तक किसी ने भी उसकी इतनी फ़िक्र नहीं की थी। राजीव ने उसके आँसू पोंछें और झुक कर उसका माथा चूम लिया और बोला: अरे रो क्यों रही हो, अब तो जल्दी ही तुम तगड़ी हो जाओगी और फिर कुश्ती लड़ना। वह भावुक होकर बोली: आप बहुत अच्छे हैं साहब, मैं आपको बाऊजी बोल सकती हूँ क्या?
राजीव ने उसे खींचकर अपने से लिपटा लिया और बोला: क्यों नहीं ज़रूर बोलो। और उसके गालों पर चिमटी काट दी। वह हँसते हुए भाग गयी। अब जब भी मौक़ा मिलता राजीव उसके हाथ पकड़ लेता और कभी गाल भी सहला देता।
इस बीच राजीव ने अपने रिश्तेदारों को भी फ़ोन किया और शिवा के लिए लड़की ढूँढने को कहा।
Heart Eye teasing Fuck teasing Heart Eye
 •
      Find
Reply


studboyripzy Offline
Archer Bee
***
Thread Of The MonthThread Of The Year 3rd Place
Joined: 29 Feb 2016
Reputation: 813


Posts: 1,712
Threads: 25

Likes Got: 1,163
Likes Given: 52


db Rs: Rs 54.26
#5
03-05-2017, 08:07 PM
इसी तरह पाँच दिन निकल गए और अब भी राजीव रानी को अपने हाथ से ही फल खिलाता और दवाई भी पिलाता। रानी की झिझक अब काफ़ी कम हो गयी थी। कई बार वह उसे अपने से चिपका लेता और प्यार से उसके गाल भी सहला देता। क़रीब पाँच दिनों में ही दोनों ने एक तरह का बोंड सा हो गया था। राजीव का अकेलापन दूर हो गया था और रानी भी अटेन्शन की भूकी थी जो उसे भरपूर मिल रहा था। वो सुबह आती फिर २ बजे अपने घर चली जाती और फिर ५ बजे से ८ बजे तक रात का खाना बना कर चली जाती। राजीव उसके तीनों टाइम के खाने का ध्यान रखता और उसे खिलाकर ही छोड़ता था। इस तरह के अच्छे खाने और ख़ुश रहने के कारण उसके चेहरे में एक चमक सी आने लगी थी और शरीर भी थोड़ा सा गदराने सा लगा था।
क़रीब एक हफ़्ते के बाद एक दिन सुबह जब उसने रानी के लिए दरवाज़ा खोला तो उसकी आँख के नीचे गाल में सूजन थी। वह चौंक कर बोला: रानी क्या हुआ ? ये चोट कैसी?
रानी अंदर आयी और ज़मीन पर बैठ गयी और फफक कर रोने लगी। राजीव थोड़ा सा परेशान हो कर उसको उठाया और सोफ़े पर बिठा कर उसके बग़ल में बैठ गया और उसको अपने से सटा कर उसकी पीठ पर हाथ फेरा और बोला: अरे क्या हुआ? बताएगी भी? क्या मर्द ने मारा?
रानी उसके कंधे पर सिर रखकर रोते हुए बोली: हाँ बहुत मारा। ये देखिए, कहते हुए उसने अपना गला भी दिखाया जहाँ लाल निशान थे । फिर उसने अपनी सलवार भी पैरों से उठाकर अपनी टांगो को दिखाया जहाँ लाल निशान थे । उसकी बाँह भी लाल हुई जा रही थी। राजीव उठकर दवाई लाया और उसकी सब जगह दवाई लगाया। वह फिर से रोने लगी और बोली: मैं मर जाऊँगी। मुझे नहीं जीना।
अब राजीव ने उसे खींचकर अपनी गोद में बिठा लिया और उसके गाल को चूमते हुए बोला: ऐसा नहीं बोलते। मैं हूँ ना अभी । अच्छा अब बताओ क्या हुआ था?
रानी: कल रात को वह देर से आया और उसने शराब पी हुई थी। वह बिस्तर पर आया और मेरी मैक्सी उठाने लगा। मैंने मना किया कि तुम बहुत बास मार रहे हो। वह ग़ुस्सा हो गया और चिल्लाया कि साली बच्चा भी नहीं पैदा कर सकती और मुझे करने भी नहीं देती, मादरचोद , आज तेरी लेकर ही रहूँगा। मैं बहुत चिल्लायी और रोई पर उसने एक नहीं मानी और मेरी मैक्सी उठाने लगा। मेरे विरोध करने पर उसने मुझे बहुत मारा और आख़िर में उसने अपनी मन की कर ही ली।
राजीव उसकी बाँह सहलाते हुए बोला: ओह तो वो तुमको ज़बरदस्ती चोद लिया? ये तो बलात्कार हुआ।
रानी एक मिनट के लिए राजीव की भाषा पर चौकी पर उसके घर में तो इस तरह की भाषा का उपयोग होते ही रहता था , सो उसने ध्यान नहीं दिया। रानी बोली: क्या करें बाऊजी हम औरतों का तो यही हाल होता है? साला ख़ुद नामर्द है और मुझे बाँझ कहता है। कमीना कहीं का। ये कहते हुए उसने राजीव की छाती पर अपना सिर रख दिया। वो अभी भी उसकी गोद में बैठी थी।
अब राजीव ने उसे प्यार से देखते हुए उसकी बाँह को सहलाते हुए उसके गाल चूमने शुरू किए। फिर वह उसके सब लाल निशान को चूमने लगा। उसकी बाँह गाल और गरदन भी चूमा। फिर उसने अपने से जकड़ कर कहा: इस समस्या का एक ही हल है रानी।
रानी ने उसकी छाती से अपना सिर उठाया और बोली: क्या हल है बाऊजी?
राजीव उसकी आँखों में देखते हुए बोला: तुम्हें माँ बनना पड़ेगा। तभी उस कमीने का मुँह बंद होगा।
रानी: पर ये कैसे होगा?
राजीव झुका और उसके होंठ चूमकर बोला: मैं हूँ ना, इस काम के लिए।
रानी चौक कर बोली: आप ये क्या कह रहे हैं? मैं ऐसी औरत नहीं हूँ।
राजीव ने फिर से उसके होंठ चूमे और बोले: मुझे पता है तुम औरत हो ही नहीं। असल में तुम तो अभी छोटी सी लड़की हो जिसे कभी प्यार मिला ही नहीं। और वह प्यार मैं तुमको दूँगा बहुत बहुत प्यार , ढेर सारा प्यार। समझी? उसने अब उसे अपने बदन से भींच लिया और उसकी गरदन चूमने लगा।
रानी भी अब कमज़ोर पड़ने लगी थी। उसे भी अच्छा लगने लगा। वह भी समर्पण के मूड में आने लगी।
राजीव: एक बात बताओ कि तुम्हारा पति तुम्हें कितने दिन में चोदता है? और कितनी देर चोदता है?
रानी इतने खुले शब्दों से हकला सी गयी: वो वो तीन चार दिन में एक बार। क़रीब ५/६ मिनट ही चो-- मतलब करते हैं।
राजीव: ओह इतनी जल्दी झड़ जाता है? तो तुम तो प्यासी रह जाती होगी?
रानी ने सिर हाँ में हिलाया और शर्माकर उसकी छाती में छिपा लिया। राजीव ने उसके कान को चूमते हुए कहा: जानती हो मैं कितनी देर चोदता हूँ? कम से कम एक घंटा और आधा घंटा तो मैं धक्के ही मारता रहता हूँ।
रानी की आँख फैल गयी वो बोली: एक घंटा? ओह इतना ज़्यादा ?
राजीव: अरे एक बार चुदवा के तो देखो मज़े से मस्त हो जाओगी। और मेरा दावा है कि भगवान ने चाहा तो एक महीने में तुमको गर्भवती कर दूँगा। ठीक है मेरी रानी? ये कहकर वो अब उसके होंठ को चूसने लगा।
फिर होंठ छोड़कर बोला: चलो अब तुमको हल्दी वाला दूध पिलाएँ। इससे तुम्हारा दर्द भी कम होगा और चोट में भी आराम मिलेगा।
वह उसकी गोद से उठी और राजीव ने खड़े होकर उसको अपनी गोद में उठा लिया और किचन के प्लेटफ़ार्म पर बिठा दिया और उसके लिए दूध तय्यार किया और अपने हाथ से पिलाने लगा। रानी को लगा कि वो बहुत भाग्यशाली है जो बाऊजी उसका इतना ध्यान रखते हैं। फिर राजीव ने उसको गोद में लेकर उतारा और पूछा: अब कैसे लग रहा है?
रानी हँसकर बोली: मुझे क्या हुआ है? ऐसी पिटाई तो मेरे लिए आम बात है । चलिए आप बैठिए मैं आपको बढ़िया चाय पिलाती हूँ। राजीव उसके गाल चूमकर बाहर आ गया।
थोड़ी देर में वो चाय लायी तो राजीव ने उसे फिर से अपने पास खींच लिया और बोला: तो फिर माँ बनना हैं ना एक महीने में? अब उसके हाथ उसकी कमर पर था। जिसे सहलाते हुए वह पहली बार उसके चूतर पर ले गया और उसको भी हल्के से दबा दिया। रानी भी मस्ती से भरने लगी।
वह बोली: आऽऽह सच में में मॉ बनना चाहती हूँ। आप मुझे एक महीने में मुझे गर्भबती बना देंगे?
वह उसे अपने गोद में बैठाकर बोला: हाँ मेरी रानी पक्का एक महीने में ही तुम गर्भबती हो जाओगी। असल में मैं तुम्हारी जैसी तीन लड़कियों को पहले ही माँ बना चुका हूँ और वो भी एक महीने की चुदाई से ही। भगवान ने मुझे शायद तुम्हारी जैसी लड़कियों को माँ बनाने के लिए ही पैदा किया है। चलो अब शिवा के दुकान जाने के बाद हम तुमको माँ बनाने की कोशिश में लग जाएँगे। ठीक है ना?
यह कहते हुए उसने रानी के होंठ चूमे और पहली बार उसकी छाती पर हाथ रखा और हल्के से दबाया। आऽऽऽऽहहहह क्या ठस छाती थी एकदम कड़क। रानी भी उसके मर्दाने स्पर्श से मज़े से भर गयी। फिर उसकी गोद से उठते हुए बोली: बाऊजी, बहुत काम है छोड़िए ना।
राजीव उसे छोड़ते हुए बोला: तो फिर पक्का है ना माँ बनने का प्रोग्राम ?
रानी हँसते हुए धत्त कहकर भाग गयी। उसकी हँसी में हामी भरी हुई थी।
Heart Eye teasing Fuck teasing Heart Eye
1 user likes this post1 user likes this post  • me2work4u
      Find
Reply


dpmangla Offline
Archer Bee
***
Joined: 22 Jul 2016
Reputation: 60


Posts: 4,861
Threads: 0

Likes Got: 212
Likes Given: 6,365


db Rs: Rs 59.79
#6
03-05-2017, 08:27 PM
(03-05-2017, 08:07 PM)studboyripzy :
इसी तरह पाँच दिन निकल गए और अब भी राजीव रानी को अपने हाथ से ही फल खिलाता और दवाई भी पिलाता। रानी की झिझक अब काफ़ी कम हो गयी थी। कई बार वह उसे अपने से चिपका लेता और प्यार से उसके गाल भी सहला देता। क़रीब पाँच दिनों में ही दोनों ने एक तरह का बोंड सा हो गया था। राजीव का अकेलापन दूर हो गया था और रानी भी अटेन्शन की भूकी थी जो उसे भरपूर मिल रहा था। वो सुबह आती फिर २ बजे अपने घर चली जाती और फिर ५ बजे से ८ बजे तक रात का खाना बना कर चली जाती। राजीव उसके तीनों टाइम के खाने का ध्यान रखता और उसे खिलाकर ही छोड़ता था। इस तरह के अच्छे खाने और ख़ुश रहने के कारण उसके चेहरे में एक चमक सी आने लगी थी और शरीर भी थोड़ा सा गदराने सा लगा था।
क़रीब एक हफ़्ते के बाद एक दिन सुबह जब उसने रानी के लिए दरवाज़ा खोला तो उसकी आँख के नीचे गाल में सूजन थी। वह चौंक कर बोला: रानी क्या हुआ ? ये चोट कैसी?
रानी अंदर आयी और ज़मीन पर बैठ गयी और फफक कर रोने लगी। राजीव थोड़ा सा परेशान हो कर उसको उठाया और सोफ़े पर बिठा कर उसके बग़ल में बैठ गया और उसको अपने से सटा कर उसकी पीठ पर हाथ फेरा और बोला: अरे क्या हुआ? बताएगी भी? क्या मर्द ने मारा?
रानी उसके कंधे पर सिर रखकर रोते हुए बोली: हाँ बहुत मारा। ये देखिए, कहते हुए उसने अपना गला भी दिखाया जहाँ लाल निशान थे । फिर उसने अपनी सलवार भी पैरों से उठाकर अपनी टांगो को दिखाया जहाँ लाल निशान थे । उसकी बाँह भी लाल हुई जा रही थी। राजीव उठकर दवाई लाया और उसकी सब जगह दवाई लगाया। वह फिर से रोने लगी और बोली: मैं मर जाऊँगी। मुझे नहीं जीना।
अब राजीव ने उसे खींचकर अपनी गोद में बिठा लिया और उसके गाल को चूमते हुए बोला: ऐसा नहीं बोलते। मैं हूँ ना अभी । अच्छा अब बताओ क्या हुआ था?
रानी: कल रात को वह देर से आया और उसने शराब पी हुई थी। वह बिस्तर पर आया और मेरी मैक्सी उठाने लगा। मैंने मना किया कि तुम बहुत बास मार रहे हो। वह ग़ुस्सा हो गया और चिल्लाया कि साली बच्चा भी नहीं पैदा कर सकती और मुझे करने भी नहीं देती, मादरचोद , आज तेरी लेकर ही रहूँगा। मैं बहुत चिल्लायी और रोई पर उसने एक नहीं मानी और मेरी मैक्सी उठाने लगा। मेरे विरोध करने पर उसने मुझे बहुत मारा और आख़िर में उसने अपनी मन की कर ही ली।
राजीव उसकी बाँह सहलाते हुए बोला: ओह तो वो तुमको ज़बरदस्ती चोद लिया? ये तो बलात्कार हुआ।
रानी एक मिनट के लिए राजीव की भाषा पर चौकी पर उसके घर में तो इस तरह की भाषा का उपयोग होते ही रहता था , सो उसने ध्यान नहीं दिया। रानी बोली: क्या करें बाऊजी हम औरतों का तो यही हाल होता है? साला ख़ुद नामर्द है और मुझे बाँझ कहता है। कमीना कहीं का। ये कहते हुए उसने राजीव की छाती पर अपना सिर रख दिया। वो अभी भी उसकी गोद में बैठी थी।
अब राजीव ने उसे प्यार से देखते हुए उसकी बाँह को सहलाते हुए उसके गाल चूमने शुरू किए। फिर वह उसके सब लाल निशान को चूमने लगा। उसकी बाँह गाल और गरदन भी चूमा। फिर उसने अपने से जकड़ कर कहा: इस समस्या का एक ही हल है रानी।
रानी ने उसकी छाती से अपना सिर उठाया और बोली: क्या हल है बाऊजी?
राजीव उसकी आँखों में देखते हुए बोला: तुम्हें माँ बनना पड़ेगा। तभी उस कमीने का मुँह बंद होगा।
रानी: पर ये कैसे होगा?
राजीव झुका और उसके होंठ चूमकर बोला: मैं हूँ ना, इस काम के लिए।
रानी चौक कर बोली: आप ये क्या कह रहे हैं? मैं ऐसी औरत नहीं हूँ।
राजीव ने फिर से उसके होंठ चूमे और बोले: मुझे पता है तुम औरत हो ही नहीं। असल में तुम तो अभी छोटी सी लड़की हो जिसे कभी प्यार मिला ही नहीं। और वह प्यार मैं तुमको दूँगा बहुत बहुत प्यार , ढेर सारा प्यार। समझी? उसने अब उसे अपने बदन से भींच लिया और उसकी गरदन चूमने लगा।
रानी भी अब कमज़ोर पड़ने लगी थी। उसे भी अच्छा लगने लगा। वह भी समर्पण के मूड में आने लगी।
राजीव: एक बात बताओ कि तुम्हारा पति तुम्हें कितने दिन में चोदता है? और कितनी देर चोदता है?
रानी इतने खुले शब्दों से हकला सी गयी: वो वो तीन चार दिन में एक बार। क़रीब ५/६ मिनट ही चो-- मतलब करते हैं।
राजीव: ओह इतनी जल्दी झड़ जाता है? तो तुम तो प्यासी रह जाती होगी?
रानी ने सिर हाँ में हिलाया और शर्माकर उसकी छाती में छिपा लिया। राजीव ने उसके कान को चूमते हुए कहा: जानती हो मैं कितनी देर चोदता हूँ? कम से कम एक घंटा और आधा घंटा तो मैं धक्के ही मारता रहता हूँ।
रानी की आँख फैल गयी वो बोली: एक घंटा? ओह इतना ज़्यादा ?
राजीव: अरे एक बार चुदवा के तो देखो मज़े से मस्त हो जाओगी। और मेरा दावा है कि भगवान ने चाहा तो एक महीने में तुमको गर्भवती कर दूँगा। ठीक है मेरी रानी? ये कहकर वो अब उसके होंठ को चूसने लगा।
फिर होंठ छोड़कर बोला: चलो अब तुमको हल्दी वाला दूध पिलाएँ। इससे तुम्हारा दर्द भी कम होगा और चोट में भी आराम मिलेगा।
वह उसकी गोद से उठी और राजीव ने खड़े होकर उसको अपनी गोद में उठा लिया और किचन के प्लेटफ़ार्म पर बिठा दिया और उसके लिए दूध तय्यार किया और अपने हाथ से पिलाने लगा। रानी को लगा कि वो बहुत भाग्यशाली है जो बाऊजी उसका इतना ध्यान रखते हैं। फिर राजीव ने उसको गोद में लेकर उतारा और पूछा: अब कैसे लग रहा है?
रानी हँसकर बोली: मुझे क्या हुआ है? ऐसी पिटाई तो मेरे लिए आम बात है । चलिए आप बैठिए मैं आपको बढ़िया चाय पिलाती हूँ। राजीव उसके गाल चूमकर बाहर आ गया।
थोड़ी देर में वो चाय लायी तो राजीव ने उसे फिर से अपने पास खींच लिया और बोला: तो फिर माँ बनना हैं ना एक महीने में? अब उसके हाथ उसकी कमर पर था। जिसे सहलाते हुए वह पहली बार उसके चूतर पर ले गया और उसको भी हल्के से दबा दिया। रानी भी मस्ती से भरने लगी।
वह बोली: आऽऽह सच में में मॉ बनना चाहती हूँ। आप मुझे एक महीने में मुझे गर्भबती बना देंगे?
वह उसे अपने गोद में बैठाकर बोला: हाँ मेरी रानी पक्का एक महीने में ही तुम गर्भबती हो जाओगी। असल में मैं तुम्हारी जैसी तीन लड़कियों को पहले ही माँ बना चुका हूँ और वो भी एक महीने की चुदाई से ही। भगवान ने मुझे शायद तुम्हारी जैसी लड़कियों को माँ बनाने के लिए ही पैदा किया है। चलो अब शिवा के दुकान जाने के बाद हम तुमको माँ बनाने की कोशिश में लग जाएँगे। ठीक है ना?
यह कहते हुए उसने रानी के होंठ चूमे और पहली बार उसकी छाती पर हाथ रखा और हल्के से दबाया। आऽऽऽऽहहहह क्या ठस छाती थी एकदम कड़क। रानी भी उसके मर्दाने स्पर्श से मज़े से भर गयी। फिर उसकी गोद से उठते हुए बोली: बाऊजी, बहुत काम है छोड़िए ना।
राजीव उसे छोड़ते हुए बोला: तो फिर पक्का है ना माँ बनने का प्रोग्राम ?
रानी हँसते हुए धत्त कहकर भाग गयी। उसकी हँसी में हामी भरी हुई थी।

Lovely
 •
      Find
Reply


studboyripzy Offline
Archer Bee
***
Thread Of The MonthThread Of The Year 3rd Place
Joined: 29 Feb 2016
Reputation: 813


Posts: 1,712
Threads: 25

Likes Got: 1,163
Likes Given: 52


db Rs: Rs 54.26
#7
10-05-2017, 07:11 PM
क़रीब १० बजे शिवा नाश्ता करके अपना टिफ़िन लेकर घर से चला गया। उसके जाने के बाद राजीव ने सोचा कि वो अपनी ओर से पहल नहीं करेगा, देखते हैं कि रानी को भी कितनी इच्छा है चुदवाने की। वह चुपचाप दुकान का हिसाब देखता रहा। आधा घंटा गुज़र गया और उसने एक बार भी रानी को नहीं पुकारा।
तभी रानी अपना पसीना अपनी चुन्नी से पोंछते हुए आयी और बोली: बाऊजी, चाय बनाऊँ?
राजीव ने कहा: नहीं रहने दो। फिर काम में लग गया। रानी थोड़ी देर उसको काम करते हुए देखी और बोली: आज बहुत ज़्यादा ही काम हो रहा है? क्या बात है?
राजीव समझ गया कि वह बात आगे बढ़ाना चाहती है , पर वह बनते हुए बोला: हाँ थोड़ा है तो?
रानी अपना मुँह उतार के बोली: ठीक है तो मैं किचन में जा रही हूँ, कुछ काम हो तो बुला लीजिएगा।
राजीव: एक काम के लिए तो बोला था पर शायद तुम उसके लिए राज़ी नहीं हो।
रानी: कौन सा काम?
राजीव: वही तुमको माँ बनाने वाला काम? तुमने तो हाँ कही ही नहीं?
रानी शर्माकर: ओह वो काम? मैंने नहीं भी तो नहीं कहा।
राजीव: देखो रानी मैं तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती नहीं करना चाहता हूँ, तुम्हारे पति की तरह। अगर सच में यह तुम चाहती हो तो चलो आओ और अभी मेरी गोद में बैठ जाओ वरना किचन में चली जाओ। यह कहते हुए उसने अपना काम बंद किया और अपनी टाँगें फैला दी जैसे कह रहा हो आओ रानी यहाँ बैठो।
रानी एक मिनट के लिए झिझकी और दूसरे ही पल जैसे कुछ निर्णय ले लिया हो वह आकर उसकी गोद में बैठ गयी, और अपना मुँह उसकी छाती में छिपा ली। उसके बदन से तेज़ पसीने की गंध आ रही थी जिससे वह मस्त होने लगा।
राजीव अपनी गोद में बैठी उस लड़की को जकड़ लिया और उसके गाल और होंठ चूम लिया। फिर उसने उसकी गरदन में भी चूमना शुरू किया।
रानी बोली: मुझे बहुत पसीना आया है , मैं मुँह धो लूँ क्या?
राजीव उसके पसीने को चाटते हुए बोला: आह्ह्ह्ह्ह्ह क्या स्वाद है तुम्हारा पसीना, चाटने में बहुत मज़ा आ रहा है।
रानी: छी इसमे क्या मज़ा आ रहा है?
राजीव ने उसकी चुन्नी हटा दी और कुर्ते के ऊपर से उसकी कसी हुई चूचियों को पकड़कर दबाते हुए कहा: आऽऽहहह तुम्हारी तो चूचियाँ किसी कमसिंन लौंडिया के जैसी हैं। मस्त सख़्त हैं। क्या गोल गोल हैं रानी। ज़रा इनको दिखाओ ना प्लीज़।
रानी को अपनी गाँड़ के नीचे उसका लौड़ा खड़ा होकर चुभता सा महसूस होने लगा था सो वह भी मस्ती से बोली: आऽऽऽंहहह उतार लीजिए ना क़ुरती हाऽऽऽऽऽय किसने मना किया है। राजीव के द्वारा किए जा रहे चूचि मर्दन से वह आऽऽऽहहह करे जा रही थी।
राजीव उसका कुर्ता उतारने लगा और रानी ने अपने हाथ ऊपर कर दिए। कुर्ता निकालने के बाद उसकी ठोस चूचियाँ एक सस्ती सी पुरानी ब्रा में मस्त लग रही थीं। वह उसकी चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही चूमने लगा।
रानी को अब उसका लौड़ा बुरी तरह से गड़ रहा था और उसने अपनी गाँड़ हिलायी ताकि उसकी चुभन कम हो जाए। अब राजीव ने ब्रा का हुक भी खोला और रानी ने हाथ उठाकर उसकी ब्रा निकालने में मदद की। राजीव की आँखों के सामने बड़े सेब की आकार की दो चूचियाँ आ गयीं जिनके काले लम्बे निपल बिलकुल तने हुए थे जो रानी की उत्तेजना को दिखा रहे थे। राजीव कुछ देर तक उनको एकटक देखा और फिर उनपर अपने दोनों पंजे रखा और उनकी सख़्ती और कोमलता को महसूस करने लगा। उसने आज तक इतनी ठोस चूचियाँ नहीं दबायीं थीं। वह उनको बहुत देर तक दबाते रहा। फिर उसने उसकी बाहों को उठाया और बालों से भरे बग़ल को देखकर कहा: यहाँ भी जंगल उगा रखा है। फिर अपनी नाक लगाके बालों से भरी बग़ल को सूँघा और फिर जीभ निकालके वहाँ चाटने लगा। फिर वह चूचिया दबाने लगा।
तब रानी बोली: आऽऽऽऽऽह बाऊजी , क्या उखाड़ ही डालोगे इनको?
राजीव : अरे नहीं, पर क्या करूँ, जी ही नहीं भर रहा है दबाने से । क्या मस्त चूचियाँ है। फिर वह झुककर एक चूचि मुँह में ले लिया और चूसने लगा। उसके बड़े मुँह में उसकी आधी से भी ज़्यादा चूचि चली गयी थी और उसकी जीभ निपल को सहलाए जा रही थी और रानी आऽऽऽऽझ्ह्ह्ह्ह्ह बाउजीइइइइइइइइइइ करके सिसकी भर रही थी। अब राजीव ने उसकी सलवार का नाड़ा खोला। उसने रानी को उठने का इशारा किया तो रानी खड़ी हुई और उसकी सलवार नीचे गिर गयी। अब उसकी पुरानी सी पैंटी में छुपी बुर का हिस्सा दिख रहा था और सब तरफ़ से घने बाल भी दिख रहे थे । उसने रानी की पैंटी भी एक झटके में उतार दी और उसके सामने काले बालों का एक झुंड था जिसमें से उसकी बुर बहुत थोड़ी सी ही दिख रही थी।
राजीव उसकी जाँघों को सहलाते हुए बोला: ये क्या इतने बाल उगा रखे हैं, कभी सफ़ाई नहीं करती क्या?
रानी: मैं जब कभी समय मिलता है कैंची से काट लेती हूँ। वैसे भी मेरे पति को तो कोई फ़र्क़ ही नहीं पड़ता, वह तो इसीमे कुछ धक्के मारता है और पाँच मिनट में झड़ जाता है।
राजीव ने उसे खींच कर अपनी गोद ने बिठा लिया और उसके होंठ चूमते हुए उसकी चूचि और निपल्ज़ दबाकर उसको गरम कर दिया। फिर उसने उसकी बुर को ऊपर से सहलाया और बालों को अलग करके उसने दो ऊँगली अंदर डाली और उसको बिलकुल गीला पाकर वह उँगलियाँ अंदर बाहर करने लगा। उसने सोचा कि आऽऽऽह क्या टाइट बुर है जैसे किसी कुँवारी कन्या की बुर हो। पता नहीं उसका पति उसे चोद भी पाता है या नहीं! वह और ज़ोर से उँगलियाँ हिलाने लगा।
रानी भी जल्दी ही अपने कमर को उछालकर उसकी उँगलियों की चुदाई का मज़ा लेने लगी। फिर उसने उसकी clit को रगड़ते हुए उसकी बुर में ऊँगली डालनी जारी रखी । अब रानी आऽऽऽऽऽह्ह्ह्ह्ह बाउuuuuuuजीइइइइइइ कहकर ज़ोर ज़ोर से कमर उछालकर झड़ने लगी। हाऽऽऽऽऽऽऽयय्यय मजाऽऽऽऽऽ आऽऽऽऽऽऽ रहाऽऽऽऽऽ है बाअअअअअउउउउउउउजीइइइइ।
राजीव की उँगलियाँ पूरी भीग गयी थीं। रानी ने सिसकारियाँ भरते हुए अपना सिर उसकी छाती में छिपा लिया। अब वह गहरी सासें ले रही थी। राजीव ने उसको हिलाया और उसकी आँखों में देखकर बोला: मज़ा आया रानी? कैसा लगा?
रानी: आऽऽहहहह बाऊजी बहुत अच्छा लगा। आपकी उँगलियों में तो जादू है। मज़ा आ गया।
राजीव: ऊँगली से इतना मज़ा आया तो सोचो कि मेरे लौड़े से कितना मज़ा आएगा?
रानी शर्मा गयी और मुस्कुरा दी। राजीव ने कहा: चलो अब तुम बेड रूम में आओ मेरे साथ। ये कहते हुए उसने उसको एक बच्ची की तरह गोद में उठा लिया और बिस्तर पर लिटा दिया। वह चुपचाप नंगी बिस्तर पर आँख बंद करके लेट गयी।
राजीव किचन में जाकर आइस क्रीम लाया और अपने हाथ से उसको खिलाने लगा और बोला: तुम अभी झड़ी हो ना तो थक गयी होगी। ये खाओगी तो ताक़त मिलेगी।
रानी इतने प्यार से अंदर तक भीग गयी और वह राजीव से चिपट गयी। दोनों एक दूसरे को चूमे जा रहे थे।फिर रानी ने कहा: आप मुझे तो नंगी कर चुके हो और ख़ुद कपड़े पहन कर बैठे हो।
राजीव: तुम्हारे कपड़े मैंने उतारे तो तुम मेरे उतारो।
रानी हँसती हुई बैठ गयी और उसको भी बिठाके उसकी टी शर्ट निकाल दी। उसकी बालों से भरी चौड़ी छाती देखकर वह मस्त हो गयी। फिर उसने लोअर उतारा और उसके सामने चड्डी में बहुत फूला हुआ लौड़ा उसके मज़बूत जाँघों के बीच में जैसे चड्डी फाड़कर निकलने को बेताब था। उसने चड्डी के ऊपर से उसको सहलाया। फिर चड्डी उतारने लगी। उसके नंगे लौड़े को देखकर वह हैरान रह गयी। कितना लम्बा और मोटा था। उसके बॉल्ज़ भी बहुत बड़े थे। वह मंत्र मुग्ध होकर उस शानदार हथियार को देखती रही। उसकी चारों ओर बाल भी बहुत ही कम थे, जैसे हाल ही में शेव किया गया हो।
राजीव: रानी क्या देख रही हो? पसंद नहीं आया मेरा लौड़ा?
रानी: हाय ये तो बहुत बड़ा है। ये मेरे अंदर कैसे जाएगा। मेरे पति का तो इससे आधा ही लम्बा होगा और बहुत पतला भी है।
राजीव हँसते हुए: अरे शादी के सात साल बाद एकदम कुँवारी लड़की की तरह बात कर रही हो? ले लोगी आराम से इसको भी और मज़े से चिल्लाओगी और चोदो और चोदो । समझी कुछ? इसको पकड़ो तो सही और थोड़ा सहला कर तो देखो मेरी रानी।
रानी ने अपने हाथ बढ़ाए और उसके लौड़े को अपनी मुट्ठी में लेकर सहलाने लगी। वह सोची कि बाप रे कितना बड़ा और मोटा है और मस्त गरम है । फिर उसने उसके बॉल्ज़ को सहलाया और बोली: आपके ये आँड भी कितने बड़े हैं?
राजीव: अरे मेरी जान, इसी में तो तुमको माँ बनाने वाला रस भरा है। इसका रस जब मेरे लौड़े से तेरी बुर में जाएगा, तभी तो तुम माँ बनोगी।
Heart Eye teasing Fuck teasing Heart Eye
 •
      Find
Reply


studboyripzy Offline
Archer Bee
***
Thread Of The MonthThread Of The Year 3rd Place
Joined: 29 Feb 2016
Reputation: 813


Posts: 1,712
Threads: 25

Likes Got: 1,163
Likes Given: 52


db Rs: Rs 54.26
#8
10-05-2017, 07:13 PM
रानी को शायद बॉल्ज़ की महत्ता नहीं पता थी इसलिए वह चुपचाप उसकी बात सुन रही थी और लौड़े को सहलाए जा रही थी।
राजीव: चलो पहले मैं तुम्हारे बालों की सफ़ाई कर देता हूँ। चलो मैं पुराने न्यूज़ पेपर लेकर आता हूँ।
वह पेपर लाया और बिस्तर पर बिछाया और रानी के चूतरों को उनपर रखा और बाथरूम से शेविंग सेट ले आया। अब उसने उसकी टांगों को मोड़कर फैला दिया और ब्रश में साबुन लगाकर उसकी झाँटों में मलने लगा। फिर रेज़र से उसकी झाँटें काटने लगा। बालों के बड़े बड़े गुच्छे पेपर में जमा होने लगे। उसने बड़े मेहनत से उसकी झाँटे साफ़ की। फिर उसने उसकी कमर को और उठाया और थोड़े से बाल भूरि सी सिकुड़ी हुई मासूम सी गाँड़ में भी दिखाई दिए। उसने वहाँ भी साबुन लगाया और शेविंग की।अब उसने उसकी बुर और गाँड़ पर अपनी उँगलियाँ फिरायी और बोला: वह क्या माखन सी चिकनी हो गयी है तुम्हारे दोनों छेद । वह आऽऽह कर उठी।
राजीव उसकी गाँड़ में ऊँगली डाला और बोला: अब तो एकदम बच्ची की सी हो गई है तुम्हारी गाँड़ और बुर।
रानी: आआऽऽहहह क्या आप गंदी जगह में ऊँगली डाल रहे हैं? छी मत करिए ना।
राजीव: तुम्हारी गाँड़ गंदी नहीं मस्त जगह है चुदाई के लिए। देखना तुम्हें दोनों छेदों का मज़ा दूँगा ।
फिर वह बोला: चलो बाथरूम में चलते हैं। वह उसे उठाके बाथरूम में लेज़ाकर उसको टोयलेट की सीट पर बिठा दिया और बोला: चलो मूत लो जल्दी से ।
रानी शर्म से दोहरी हो गयी पर शायद उसको पिशाब आ रही थी सो करने लगी। वहाँ सीइइइइइइइइइ की आवाज़ आने लगी। वह अपने खड़े लौड़ेको मसलने लगा। जब रानी का हो गया तो उसने उसको एक ओर खड़ा किया और हैंड शॉवर से उसकी बुर और गाँड़ को धोने लगा। फिर उसने बुर पर साबुन लगाया और उस जगह को अच्छी तरह से साफ़ किया। फिर वह उसके पीछे जाकर उसकी चूतरों को धोया और फिर उसकी गाँड़ की दरार में साबुन लगाके वहाँ भी हाथ डालके अच्छी तरह से सफ़ाई की।
अब उसने शॉवर चालू किया और रानी को अपने से चिपका लिया और वह दोनों एक साथ नहाने लगे । रानी के लिए सब एक नया अनुभव था उसका लौड़ा उसकी नाभि में धँसा जा रहा था । फिर नहाने के बाद उसने अपने आप को फिर रानी को तौलिए से सुखाया। रानी की चूचियाँ, बुर और गाँड़ को भी अच्छी तरह से पोंछा।
फिर वह बिस्तर में जाकर उसके साथ लेटा और दोनों एक दूसरे से चिपक कर चुम्बन की मस्ती में डूब गए। राजीव के हाथ उसकी पीठ, कमर से होते हुए उसके चूतरों को दबाने लगे और फिर उसकी दरार में जाकर उसकी गाँड़ और बुर के साथ छेड़खानी करने लगे। रानी भी मस्ती में आके उसके लौड़े को मुठियाने लगी।
बदन की गरमी थी कि बढ़ती ही जा रही थी। राजीव उसके होंठों को चूसे जा रहा था । अब उसके हाथ उसकी चूचियाँ भी दबा रहे थे । जल्दी ही वह चूचियाँ चूसने लगा। रानी भी आऽऽह्ह्ह्ह्ह कहकर अपनी मस्ती का इजहार कर रही थी। अब वह नीचे आकर उसके पेट और नाभि को चूमने लगा और फिर नीचे जाके उसने उसकी चिकनी बुर को देखा और उसमें मुँह डालकर उसको चूमने लगा। रानी चौंक कर बोली: छी आप ये क्या गंदी जगह को मुँह लगा रहे हैं?
राजीव मुँह उठाकर हँसा और बोला: तुम्हारी सबसे प्यारी जगह को तुम गंदी बोलती हो? अरे मेरी जान मेरा बस चले तो मैं यहाँ से मुँह ही नहीं हटाऊँ। ये कहकर वह उसकी बुर को अब चाटने लगा। रानी आऽऽऽह्ह्ह्ह्ह कर उठी । अब उसे बहुत मज़ा आने लगा था। वह अपनी कमर उछालकर उसके मुँह में अपनी बुर दबाने लगी थी।
अब उसने उसकी टांगों को और ऊपर उठाया और उसकी गाँड़ चाटने लगा। फिर से रानी चिल्लाई: क्या कर रहे हैं वह तो बिलकुल ही गंदी जगह है हटाइए मुँह वहाँ से ।
राजीव: अरे मेरी जान कोई भी अंग धुलने के बाद गंदा नहीं रहता । देख क्या मस्त चिकनी गाँड़ है तेरी। यह कहते हुए वह उसकी गाँड़ चाटने लगा और जीभ से उसकी गाँड़ में रगड़ाई करने लगा। रानी अब हाऽऽव्य्य्य्य उईइइइइइइइइ माँआऽऽऽऽऽऽ कहते हुए वह अपनी गाँड़ उसके मुँह पर दबाने लगी।
अब उसने फिर से उसकी बुर पर ध्यान दिया और उसे चाटने लगा और clit को जीभ से छेड़ने लगा। उसकी बुर पूरी तरह से पनिया गई थी और वह जानता था कि कुछ मिनटों में ही वह झड़ जाएगी। अब उसने अपना मुँह उठाया और अपने लौड़े में ढेर सारा थूक लगाया और फिर उसकी बुर के ऊपर अपने सुपाडे को रखकर दबाया और उसकी बुर में सुपाड़ा पूरा चला गया। वह चिल्लाई: आऽऽऽहहह आपका बहुत मोटाआऽऽऽ है। हाय्य्य्य्य्य्य।
अब राजीव उसके ऊपर झुका और और उसकी चूचियाँ दबाकर उसके होंठ चूसते हुए एक करारा धक्का लगाया और अपना लौड़ा आधे से भी ज़्यादा उसकी बुर में उतार दिया। वह ज़ोर ज़ोर से कमर हिलाकर चिल्लाई: आऽऽऽहहह बाउउउउउउउउउउजीइइइइइ निकाऽऽऽऽऽऽऽल लोओओओओओओओ नाआऽऽऽऽ उईइइइइइइइइइइ मरीइइइइइइइइइइइ । छोड़ो आऽऽऽह्ह्ह्ह्ह।
राजीव को लगा कि वह कुँवारी बुर को चोद रहा है। आऽऽह क्या टाइट बुर है । उसने उसकी चूचियाँ चूसीं और निपल्ज़ को मसलकर उसको बहुत गरम कर दिया। फिर वह बोला: रानी अब चोदूँ?
रानी: आऽऽऽह जी चोदिए आऽऽऽह बहुत मज़ा आ रहा है। हाऽऽयय्यय ।
अब राजीव ने आख़री धक्का लगाया और उसका लौड़ा जड़ तक उसकी बुर में समा गया था। रानी को लगा कि उसका लौड़ा उसके बच्चादानी को ठोकर मारने लगा। वह ख़ुशी से भर गयी क्योंकि ऐसी फ़ीलिंग उसे कभी भी नहीं हुई थी। पहली बार उसे चुदाई में इतना मज़ा आ रहा था।
अब रानी भी अपनी कमर हिलाके उसका साथ देने लगी। राजीव भी मज़े से धक्के लगाने लगा। कमरे में चुदाई का मानो तूफ़ान आया हुआ था। फ़च फ़च की आवाज़ गूँज रही थी। साथ ही रानी की सिसकारियाँ भी आऽऽऽहहह और चोओओओओओओओओओदो बाअअअअअअअअउउउउउजीइइइइइइइइइ । फ़ाड़ दोओओओओओओओओ मेरीइइइइइइइइइइइ फुद्दीइइइइइइइइइ। राजीव उसके चूतरोंको दबाके उसकी ज़बरदस्त चुदाई कर रहा था और उसकी एक ऊँगली उसकी गाँड़ जे छेद में भी हलचल मचा रही थी।
अब रानी से नहीं रहा गया और वह ज़ोर से चिल्लाई: हाऽऽऽऽऽय्यय मैं गईइइइइइइइइइइइइ आऽऽऽह्ह्ह्ह्ह्ह कितना अच्छा लग रहा है और ज़ोर से चोदोओओओओओओओप्प बाऊजीइइइइइइइइइइइइ। उइइइइइइइइइ मैं गईइइइइइइइ। ये कहकर उसने अपनी जाँघों को दबाकर उसके लौंडे को जकड़ लिया और अपने ऑर्गैज़म के चरम आनंद में डूबने लगी। राजीव भी अब मज़े से उसकी बुर में अपना रस गिराने लगा। उसने पूरा लौड़ा दबाकर रस को अंदर तक छोड़ दिया । रानी को महसूस हुआ कि उसकी बच्चादानी के मुँह पर ही उसका वीर्य गिर रहा था।
वह आनंद से भर कर अपनी आँख बंद कर ली और चरम आनंद में डूब गई। अब राजीव भी बहुत मस्त होकर उसको चूमा और उसके साइड में लेट गया। अब दोनों नंगे अग़ल बग़ल लेटे हुए थे।
राजीव: मज़ा आया रानी?
रानी उससे लिपट कर बोली: सच बोलूँ ? मुझे तो आज ही पता चला कि असली चुदाई क्या होती है। आह सच में बहुत मज़ा आया बाऊजी । मैं आज बहुत ख़ुश हूँ।
फिर वह उसके लौड़े को पकड़कर प्यार से सहलाते हुए बोली: आज मुझे विश्वास हो गया है कि आप मुझे भी माँ बना ही देंगे जैसे अपने उन तीन लड़कियों को बनाया है। मुझे आप उन लड़कियों की कहानी कब सुनाएँगे?
राजीव उसके चूतरों को दबाकर बोला: ज़रूर बताऊँगा पर आज नहीं।
तभी उसका फ़ोन बजा उसने फ़ोन उठाया ।
राजीव: हेलो , अरे रमेश तुम? बोलो क्या बात है?
रमेश जो उसका दोस्त है: अरे तुमको अपने बेटे की शादी नहीं करनी है क्या?
राजीव: अरे करनी है ना , कोई है क्या तुम्हारी नज़र में?
रमेश : हाँ एक लड़की है मेरे एक दोस्त की ही बेटी है। अच्छी सुंदर और सुशील है और पढ़ी लिखी भी है।
राजीव: अरे तो फिर देर किस बात की है। बात आगे बढ़ाओ।
रमेश: ठीक है मैं फिर तुमको बताऊँगा उन लोगों से बात करके । ठीक है ना?
राजीव : बिलकुल ठीक है। मैं इंतज़ार करूँगा। बाई।
राजीव को ख़ुश देख कर रानी उसके बॉल्ज़ को सहला कर बोली: आप शिवा भय्या की शादी तय कर रहे हैं?
राजीव उसकी चूचि दबाके बोला: हाँ लड़की खोज रहा हूँ। देखो कब मिलती है?
फिर दोनों एक दूसरे से लिपट गए और राजीव उसको दूसरे राउंड की चुदाई के लिए तय्यार करने लगा।
Heart Eye teasing Fuck teasing Heart Eye
1 user likes this post1 user likes this post  • me2work4u
      Find
Reply


dpmangla Offline
Archer Bee
***
Joined: 22 Jul 2016
Reputation: 60


Posts: 4,861
Threads: 0

Likes Got: 212
Likes Given: 6,365


db Rs: Rs 59.79
#9
10-05-2017, 07:46 PM
(10-05-2017, 07:13 PM)studboyripzy :
रानी को शायद बॉल्ज़ की महत्ता नहीं पता थी इसलिए वह चुपचाप उसकी बात सुन रही थी और लौड़े को सहलाए जा रही थी।
राजीव: चलो पहले मैं तुम्हारे बालों की सफ़ाई कर देता हूँ। चलो मैं पुराने न्यूज़ पेपर लेकर आता हूँ।
वह पेपर लाया और बिस्तर पर बिछाया और रानी के चूतरों को उनपर रखा और बाथरूम से शेविंग सेट ले आया। अब उसने उसकी टांगों को मोड़कर फैला दिया और ब्रश में साबुन लगाकर उसकी झाँटों में मलने लगा। फिर रेज़र से उसकी झाँटें काटने लगा। बालों के बड़े बड़े गुच्छे पेपर में जमा होने लगे। उसने बड़े मेहनत से उसकी झाँटे साफ़ की। फिर उसने उसकी कमर को और उठाया और थोड़े से बाल भूरि सी सिकुड़ी हुई मासूम सी गाँड़ में भी दिखाई दिए। उसने वहाँ भी साबुन लगाया और शेविंग की।अब उसने उसकी बुर और गाँड़ पर अपनी उँगलियाँ फिरायी और बोला: वह क्या माखन सी चिकनी हो गयी है तुम्हारे दोनों छेद । वह आऽऽह कर उठी।
राजीव उसकी गाँड़ में ऊँगली डाला और बोला: अब तो एकदम बच्ची की सी हो गई है तुम्हारी गाँड़ और बुर।
रानी: आआऽऽहहह क्या आप गंदी जगह में ऊँगली डाल रहे हैं? छी मत करिए ना।
राजीव: तुम्हारी गाँड़ गंदी नहीं मस्त जगह है चुदाई के लिए। देखना तुम्हें दोनों छेदों का मज़ा दूँगा ।
फिर वह बोला: चलो बाथरूम में चलते हैं। वह उसे उठाके बाथरूम में लेज़ाकर उसको टोयलेट की सीट पर बिठा दिया और बोला: चलो मूत लो जल्दी से ।
रानी शर्म से दोहरी हो गयी पर शायद उसको पिशाब आ रही थी सो करने लगी। वहाँ सीइइइइइइइइइ की आवाज़ आने लगी। वह अपने खड़े लौड़ेको मसलने लगा। जब रानी का हो गया तो उसने उसको एक ओर खड़ा किया और हैंड शॉवर से उसकी बुर और गाँड़ को धोने लगा। फिर उसने बुर पर साबुन लगाया और उस जगह को अच्छी तरह से साफ़ किया। फिर वह उसके पीछे जाकर उसकी चूतरों को धोया और फिर उसकी गाँड़ की दरार में साबुन लगाके वहाँ भी हाथ डालके अच्छी तरह से सफ़ाई की।
अब उसने शॉवर चालू किया और रानी को अपने से चिपका लिया और वह दोनों एक साथ नहाने लगे । रानी के लिए सब एक नया अनुभव था उसका लौड़ा उसकी नाभि में धँसा जा रहा था । फिर नहाने के बाद उसने अपने आप को फिर रानी को तौलिए से सुखाया। रानी की चूचियाँ, बुर और गाँड़ को भी अच्छी तरह से पोंछा।
फिर वह बिस्तर में जाकर उसके साथ लेटा और दोनों एक दूसरे से चिपक कर चुम्बन की मस्ती में डूब गए। राजीव के हाथ उसकी पीठ, कमर से होते हुए उसके चूतरों को दबाने लगे और फिर उसकी दरार में जाकर उसकी गाँड़ और बुर के साथ छेड़खानी करने लगे। रानी भी मस्ती में आके उसके लौड़े को मुठियाने लगी।
बदन की गरमी थी कि बढ़ती ही जा रही थी। राजीव उसके होंठों को चूसे जा रहा था । अब उसके हाथ उसकी चूचियाँ भी दबा रहे थे । जल्दी ही वह चूचियाँ चूसने लगा। रानी भी आऽऽह्ह्ह्ह्ह कहकर अपनी मस्ती का इजहार कर रही थी। अब वह नीचे आकर उसके पेट और नाभि को चूमने लगा और फिर नीचे जाके उसने उसकी चिकनी बुर को देखा और उसमें मुँह डालकर उसको चूमने लगा। रानी चौंक कर बोली: छी आप ये क्या गंदी जगह को मुँह लगा रहे हैं?
राजीव मुँह उठाकर हँसा और बोला: तुम्हारी सबसे प्यारी जगह को तुम गंदी बोलती हो? अरे मेरी जान मेरा बस चले तो मैं यहाँ से मुँह ही नहीं हटाऊँ। ये कहकर वह उसकी बुर को अब चाटने लगा। रानी आऽऽऽह्ह्ह्ह्ह कर उठी । अब उसे बहुत मज़ा आने लगा था। वह अपनी कमर उछालकर उसके मुँह में अपनी बुर दबाने लगी थी।
अब उसने उसकी टांगों को और ऊपर उठाया और उसकी गाँड़ चाटने लगा। फिर से रानी चिल्लाई: क्या कर रहे हैं वह तो बिलकुल ही गंदी जगह है हटाइए मुँह वहाँ से ।
राजीव: अरे मेरी जान कोई भी अंग धुलने के बाद गंदा नहीं रहता । देख क्या मस्त चिकनी गाँड़ है तेरी। यह कहते हुए वह उसकी गाँड़ चाटने लगा और जीभ से उसकी गाँड़ में रगड़ाई करने लगा। रानी अब हाऽऽव्य्य्य्य उईइइइइइइइइ माँआऽऽऽऽऽऽ कहते हुए वह अपनी गाँड़ उसके मुँह पर दबाने लगी।
अब उसने फिर से उसकी बुर पर ध्यान दिया और उसे चाटने लगा और clit को जीभ से छेड़ने लगा। उसकी बुर पूरी तरह से पनिया गई थी और वह जानता था कि कुछ मिनटों में ही वह झड़ जाएगी। अब उसने अपना मुँह उठाया और अपने लौड़े में ढेर सारा थूक लगाया और फिर उसकी बुर के ऊपर अपने सुपाडे को रखकर दबाया और उसकी बुर में सुपाड़ा पूरा चला गया। वह चिल्लाई: आऽऽऽहहह आपका बहुत मोटाआऽऽऽ है। हाय्य्य्य्य्य्य।
अब राजीव उसके ऊपर झुका और और उसकी चूचियाँ दबाकर उसके होंठ चूसते हुए एक करारा धक्का लगाया और अपना लौड़ा आधे से भी ज़्यादा उसकी बुर में उतार दिया। वह ज़ोर ज़ोर से कमर हिलाकर चिल्लाई: आऽऽऽहहह बाउउउउउउउउउउजीइइइइइ निकाऽऽऽऽऽऽऽल लोओओओओओओओ नाआऽऽऽऽ उईइइइइइइइइइइ मरीइइइइइइइइइइइ । छोड़ो आऽऽऽह्ह्ह्ह्ह।
राजीव को लगा कि वह कुँवारी बुर को चोद रहा है। आऽऽह क्या टाइट बुर है । उसने उसकी चूचियाँ चूसीं और निपल्ज़ को मसलकर उसको बहुत गरम कर दिया। फिर वह बोला: रानी अब चोदूँ?
रानी: आऽऽऽह जी चोदिए आऽऽऽह बहुत मज़ा आ रहा है। हाऽऽयय्यय ।
अब राजीव ने आख़री धक्का लगाया और उसका लौड़ा जड़ तक उसकी बुर में समा गया था। रानी को लगा कि उसका लौड़ा उसके बच्चादानी को ठोकर मारने लगा। वह ख़ुशी से भर गयी क्योंकि ऐसी फ़ीलिंग उसे कभी भी नहीं हुई थी। पहली बार उसे चुदाई में इतना मज़ा आ रहा था।
अब रानी भी अपनी कमर हिलाके उसका साथ देने लगी। राजीव भी मज़े से धक्के लगाने लगा। कमरे में चुदाई का मानो तूफ़ान आया हुआ था। फ़च फ़च की आवाज़ गूँज रही थी। साथ ही रानी की सिसकारियाँ भी आऽऽऽहहह और चोओओओओओओओओओदो बाअअअअअअअअउउउउउजीइइइइइइइइइ । फ़ाड़ दोओओओओओओओओ मेरीइइइइइइइइइइइ फुद्दीइइइइइइइइइ। राजीव उसके चूतरोंको दबाके उसकी ज़बरदस्त चुदाई कर रहा था और उसकी एक ऊँगली उसकी गाँड़ जे छेद में भी हलचल मचा रही थी।
अब रानी से नहीं रहा गया और वह ज़ोर से चिल्लाई: हाऽऽऽऽऽय्यय मैं गईइइइइइइइइइइइइ आऽऽऽह्ह्ह्ह्ह्ह कितना अच्छा लग रहा है और ज़ोर से चोदोओओओओओओओप्प बाऊजीइइइइइइइइइइइइ। उइइइइइइइइइ मैं गईइइइइइइइ। ये कहकर उसने अपनी जाँघों को दबाकर उसके लौंडे को जकड़ लिया और अपने ऑर्गैज़म के चरम आनंद में डूबने लगी। राजीव भी अब मज़े से उसकी बुर में अपना रस गिराने लगा। उसने पूरा लौड़ा दबाकर रस को अंदर तक छोड़ दिया । रानी को महसूस हुआ कि उसकी बच्चादानी के मुँह पर ही उसका वीर्य गिर रहा था।
वह आनंद से भर कर अपनी आँख बंद कर ली और चरम आनंद में डूब गई। अब राजीव भी बहुत मस्त होकर उसको चूमा और उसके साइड में लेट गया। अब दोनों नंगे अग़ल बग़ल लेटे हुए थे।
राजीव: मज़ा आया रानी?
रानी उससे लिपट कर बोली: सच बोलूँ ? मुझे तो आज ही पता चला कि असली चुदाई क्या होती है। आह सच में बहुत मज़ा आया बाऊजी । मैं आज बहुत ख़ुश हूँ।
फिर वह उसके लौड़े को पकड़कर प्यार से सहलाते हुए बोली: आज मुझे विश्वास हो गया है कि आप मुझे भी माँ बना ही देंगे जैसे अपने उन तीन लड़कियों को बनाया है। मुझे आप उन लड़कियों की कहानी कब सुनाएँगे?
राजीव उसके चूतरों को दबाकर बोला: ज़रूर बताऊँगा पर आज नहीं।
तभी उसका फ़ोन बजा उसने फ़ोन उठाया ।
राजीव: हेलो , अरे रमेश तुम? बोलो क्या बात है?
रमेश जो उसका दोस्त है: अरे तुमको अपने बेटे की शादी नहीं करनी है क्या?
राजीव: अरे करनी है ना , कोई है क्या तुम्हारी नज़र में?
रमेश : हाँ एक लड़की है मेरे एक दोस्त की ही बेटी है। अच्छी सुंदर और सुशील है और पढ़ी लिखी भी है।
राजीव: अरे तो फिर देर किस बात की है। बात आगे बढ़ाओ।
रमेश: ठीक है मैं फिर तुमको बताऊँगा उन लोगों से बात करके । ठीक है ना?
राजीव : बिलकुल ठीक है। मैं इंतज़ार करूँगा। बाई।
राजीव को ख़ुश देख कर रानी उसके बॉल्ज़ को सहला कर बोली: आप शिवा भय्या की शादी तय कर रहे हैं?
राजीव उसकी चूचि दबाके बोला: हाँ लड़की खोज रहा हूँ। देखो कब मिलती है?
फिर दोनों एक दूसरे से लिपट गए और राजीव उसको दूसरे राउंड की चुदाई के लिए तय्यार करने लगा।
Lovely
 •
      Find
Reply


kamaldeep abbott Offline
Archer Bee
***
Joined: 02 Feb 2015
Reputation: 523


Posts: 1,991
Threads: 8

Likes Got: 1,951
Likes Given: 321


db Rs: Rs 80.78
#10
12-05-2017, 09:30 AM
(10-05-2017, 07:46 PM)dpmangla : Lovely

NICE UPDATE 
I LIKE THIS STORY
ALL PICTURE ARE TAKEN FROM NET IF ANY BODY HAVE OBJECTION
I WILL REMOVE
Groupwave :  GroupwaveGroupwave :
SEEMAKISEEMA//en.roksbi.ru/javvids/thread18554.html,LUNDKISHOKEEN,//en.roksbi.ru/javvids/thread-21408.htmlSELFEE-//en.roksbi.ru/javvids/thread-20211.html
 •
      Find
Reply


« Next Oldest | Next Newest »
Pages ( 2 ): 1 2 Next »


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Desi  Main , Meri Family Aur Mera Gaon (Part -02) rajbr1981 3,026 5,492,019 4 hours ago
Last Post: Pooja das
Incest  SWATI EK BAHU (COMPLETE) Zohra muskan 29 3,362 8 hours ago
Last Post: Saket Bhardwajh
Desi  Vicky Aur Memsaabs ShakirAli 256 156,540 26-07-2018, 09:48 PM
Last Post: ShakirAli
Incest  Ma ki chut mari aur mrwai Incest lover 4 3,294 25-07-2018, 03:46 PM
Last Post: Pooja das
Incest  Maa Ki Mamta Mili Mujhe Aur Mere Dost ko Incest lover 4 2,987 25-07-2018, 03:45 PM
Last Post: Pooja das
All In One  padosi ki bahu betiyo ko slut banaya shubh11ag 93 206,329 07-07-2018, 05:25 PM
Last Post: urc4me
Romantic  Main Aur Mera Gaon (Completed) princeoflove 285 248,840 02-07-2018, 01:15 AM
Last Post: Butt gee
Incest  MAA KI BEHNO AUR BHABHI SE SHURUVAT Zohra muskan 91 43,610 01-07-2018, 12:16 AM
Last Post: priyeshhero
Incest  Ghar sa maza aur kahan(long incect story) Yogeshsisfucker 24 55,785 24-06-2018, 11:48 PM
Last Post: అరుణ్
Incest  Papa beta aur Internet, Zohra muskan 48 14,324 23-06-2018, 05:15 PM
Last Post: maakaloda

  • View a Printable Version
  • Subscribe to this thread


Best Indian Adult Forum XXX Desi Nude Pics Desi Hot Glamour Pics

  • Contact Us
  • en.roksbi.ru
  • Return to Top
  • Mobile Version
  • RSS Syndication
Current time: 29-07-2018, 11:39 PM Powered By © 2012-2018
Linear Mode
Threaded Mode


தமிழ் நடிகை கிரண் காம கதை  babita in tarak mehta  indian sex kahani hindi  desi aunties hot images  new malayalam sex kathakal  desiincest stories  bangla sexy wife  non veg story in hindi  desi sex chats  desi sexy aunty hot  sexy cip  model choti  hindi sex kahaniyan  sex bichy chudai bhabi photos boor .in  mastram stories hindi language  pinoy malibog stories  nude oriya actress  sexy shakila  madhuri dixit ki shadi photo  desi sex scandal mms videos  bollywood naked heroines  maa bete ka pyar  sexy blackmail stories  aunty exbii  10 inch penis pic  mother son incet  telugu sex stories telugulo  desi girl blow job  sxy story  xxx indian sex stories  biwi ki chut ni dilaya parmosan  andhra telugu sex stories  iyutan tagalog story  desi aunty hidden  xxx sex arabia  sex stories in telugu to read  xxxpictures  actor shakeela  bangla font stories  xxxn vedioes  malayalam sex novel  super hot aunty  maa ki gaand mari  hindi fonts sex story  bollywood actresses nipple slip photos  mature aunt pics  muslims boobs  hindi sex stories pdf  sexy bengali girl video  www.vedeos xxx  desi bikini aunties  telugu sex stiries  cross dresser sex stories  Nude gand ma phnsi shilwar  telugu hot stories in telugu lipi  madhvi tarak mehta  sexy saree aunties  poes lek  xxx stories in telugu  south indian aunty navel  tabkal kahana sexy images  pictures of shakeela  xx3 video blue  Pati ki jagah paltu kutte se bharpur anand  sali ki kahani  hindi sex kahaniya in hindi font  hindi gays stories  free xxx incest comics  girls dressed and undressed  paki desi video  yum hindi sex stories  चूत मदनलाल ससुर  hot telugu stories in telugu  srilankan sex pics  tamel xxx  the fuckstones comic  photos of undressed girls  pathan ka lund  pooku rasam  tamil dirty stories.com  desi bhabhi story in hindi  amake chodo  hindi sex stories mastram  chut lund story  kashmiri hot girl  sexy satorys  amazingindian aunties  mature aunt pics  xxn porn stories  xxxnx picture  xxx selfshot  desi scandals porn  desi threads  desi underarm  tamil sex kathai in tamil font  desi lund story  south indian aunty photos  meri maa chud gai  tamil srx stories