• HOME
  • AWARDS
  • Search
  • Help
Current time: 29-07-2018, 11:20 PM
Hello There, Guest! ( Login — Register )
› XXX STORIES › Hindi Sex Stories v
« Previous 1 ..... 34 35 36 37 38 39 40 ..... 61 Next »

Incest जबलपुर में पहली चुदाई

Verify your Membership Click Here

Thread Modes
Incest जबलपुर में पहली चुदाई
kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#1
18-09-2014, 03:07 PM
जबलपुर में पहली चुदाई
      Find
Reply


kunal56 Offline
Princess Bee
*******
Poster Of The YearThread Of The Year 2nd Place
Joined: 25 Oct 2013
Reputation: 1,440


Posts: 66,162
Threads: 1,600

Likes Got: 2,000
Likes Given: 474


db Rs: Rs 1,517.53
#2
18-09-2014, 03:08 PM
प्यारी कामरस से लबालब भरी हुई चूतों की मालकनिों को इस कामरस से लबालब भरे हुए लण्ड के मालकि का 69 अंश से प्रणाम।
एक ही जैसी कहानियाँ – उपन्यास आदि पढ़ते-पढ़ते चूत और लण्ड से पानी तक आना बंद हो जाता है इसीलिए सोचता हूँ कि आपको कुछ मज़ेदार ढंग से कहानी परोसी जाए।
उम्मीद करता हूँ कि आपकी चूत इस कहानी को पढ़ते-पढ़ते कामरस से अवश्य भीगेगी।
एक बार जब मैं अपनी प्रेमिका को बाइक पर बैठाकर घुमा रहा था, तो मैंने उससे पहली बार चुम्बन की अभिलाषा जाहिर की।
उसके दूध मेरी पीठ से सटे हुए थे, जिसके कारण, मुझे कामदेव ने तीर मार दिया हो, ऐसा प्रतीत हो रहा था। मेरी प्रेमिका का नाम मैंने बदलकर अन्नू रखा हुआ था।
मैंने जैसे ही उससे चुम्बन की इच्छा जाहिर की, उसका मुँह तत्काल बिगड़ गया, और कहने लगी- देखो, यह सम्भव नहीं है।
बस मैंने भी अपना मूड बिगाड़ा और उससे बातचीत बन्द कर गाड़ी स्पीड से घर की ओर वापस ले जाने लगा।
उसे मेरा नाराज होना अच्छा नहीं लगा, उसने कहा- अच्छा ठीक है, चुम्बन ले लो, मगर यहाँ सड़क पर नहीं। कहीं और चलते हैं।
मैंने कहा- चलो भंवरताल गाडर्न चलते हैं।
तो उसने कहा- नहीं, वहाँ भीड़ रहती है।
मैंने कहा- चलो देवताल चलते हैं।
उसने कहा- नहीं।
मैंने कहा- देखो तुम्हें चुम्बन देना ही नहीं है, इसीलिए यहाँ नहीं-वहाँ नहीं, कर रही हो।
तब उसने कहा- मैं तुम्हें छोटा सा चुम्बन नहीं देना चाहती हूँ, जैसा अंग्रेजी पिक्चर में देखते हैं, वैसा ही। मेरी भी खूब इच्छा है, ऐसा चुम्बन करने की, इसीलिए पब्लिक प्लेस में जाने


से डर रही हूँ।
उसका इतना कहना था कि मेरा लण्ड जबलपुर के दूरदर्शन टॉवर की तरह खड़ा हो गया।
बाइक में बैठे हुए अंदर दर्द सा महसूस होने लगा, गरम और तना हुआ लंड जैसे चाह रहा था कि पैंट को फाड़ते हुए बाहर निकल जाए, आजादी की सांस ले और चूत में घुसकर अपना


सारा पसीना चूत में बहा दे।
मैंने तपाक से कहा- सुनो, मेरा एक दोस्त जो नरसिंहपुर से यहाँ पढ़ने आया है, सविलि लाईन में एक अपाटर्मेंट में किराए से रहता है, उसके यहाँ आने-जाने पर आस-पास के किसी को


भी पता नहीं चलेगा।
तो उसने घबराकर कहा- नहीं-नहीं किसी लड़के के कमरे में नहीं।
मैंने उसे समझाने की कोशिश की, अंतत: वह मान गई।
मैंने तुरन्त अमित के अपाटर्मेंट की ओर गाड़ी मोड़ दी।
अमित के अपाटर्मेंट के पहले वाले मोड़ पर मैंने अन्नू को उतार दिया और कहा कि दो चार मनिट के बाद उस अपाटर्मेंट में सेकेण्ड फ्लोर की तरफ सीढ़ी से चली आना, और वहाँ पर


मैं तुम्हें मलि जाऊंगा, ताकि हमें एक साथ घुसते हुए कोई न देख सके।
मैंने अपाटर्मेंट पहुँचते ही तुरन्त गाड़ी लगाई, और अमित के घर की ओर गया। मेरे लण्ड की किस्मत से अमित घर पर ही था, मैंने उसे
जल्दी-जल्दी में बताया कि तेरी भाभी आ रही है, तू शांत रहना, जैसा मैं बोलूँगा, बस वैसा ही करते जाना।
अन्नू भी पहुँच गई, मैंने उसे अमित से मलिवाया। अमित ने भी ‘राम-राम भाभीजी’ कहकर उसका अभिवादन किया।
तब मैंने अन्नू के सामने अमित से कहा- देख यार, हम लोग अपनी शादी के बारे में कुछ चर्चा करना चाह रहे थे, तुम तो जानते ही हो कि मेरे घर वाले कितने सख्त हैं, अन्नू तो रो


पड़ती है, इसीलिए सोचा यहाँ आकर एकान्त में बात कर लें, और साथ ही साथ उसे जाने का इशारा भी किया।
अमित ने समझदारी दिखाते हुए कहा- मैं तो कोचिंग जाने वाला हूँ, वो उस कोने में ताला-चाबी रखी है, अगर मेरे आने से पहले तुम लोग निकलना चाहो तो वो जो कोचिंग के पास


अमर की पान की दुकान है, वहाँ छोड़ते हुए चले जाना।
बस इस तरह चाय वगैरह बनाने के बाद अमित चला गया। अब कमरे में हम लोग अकेले थे।
अन्नू बहुत घबरा रही थी, थोड़ी घबराहट मेरे मन में भी थी। मैंने उसे अंदर बेडरूम की तरफ आने को कहा।
जैसे ही वो आने लगी मैंने उसे बाहों में उठा लिया और चूमते हुए सीधे बिस्तर पर लिटा दिया।
उसका दुपट्टा शरीर से अलग हो गया था, उसने मुझे सीधे चूमना चालू कर दिया, और I Love You Janu, I Love You कहते हुए मुझे अपने ऊपर गिरा लिया।


मेरा लण्ड अब तोप की भांति गरजना चाह रहा था।
उसे चूमते हुए मैंने हाथ से पैंट के ऊपर से ही लण्ड को थोड़ा सहलाया। अब उसके होंठ खुल चुके थे और मेरी जीभ उसके अंदर घुसकर उसके नवयौवन का आनन्द ले रही थी।
उसने भी मुझे मेरा मुँह खोलने को कहा और मेरे अंदर जीभ डालकर आनन्द लेने लगी।
अब मेरे हाथ उसके उरोजों तक पहुँच गए, और मैं उन्हें दबाने लगा, वो कहने लगी- हाथ से नहीं अपने सीने से दबाओ न।
इस मुख रसपान के बाद मैंने उससे कहा- सैक्स के बारे में कितना जानती हो?
उसने शमार्कर कहा- धत्त… ये सब अभी नहीं।
मैंने कहा- ठीक है अभी नहीं, शादी के बाद तो होगा ही। कम से कम मुझे पता तो चले कि मेरी होने वाली दुल्हन मुझे कितना सुख दे पायेगी।
तो उसने नाराज़ होते हुए कहा क्या सभी लड़कियाँ शादी के पहले यह सब करती हैं।
वो आगे और कुछ बोलती उससे पहले मैंने फ़िर उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी। और उसके शरीर पर अपना हाथ धीरे-धीरे सहलाने लगा। मैं उसे गर्म कर चुका था और जानता था


कि आदमी का लण्ड जब चोदने के लिए खड़ा हो जाता है, तो औरत की चूत भी तो लण्ड चाहेगी ही।
‘मेहनत का फल जरुर मलिता है’ सोचकर मैं उसे किस पर किस करता रहा।
अब उसने खुद ही बताया कि मैं सिर्फ़ इतना जानती हूँ कि तब हम नंगे हो जाएँगे और तुम अपनी नुन्नी मेरी बुर में डालोगे। और शायद बहुत दर्द भी होता है। बस मुझे जैसे बुर की


लोकसभा का टिकट मलि गया, मैंने भी अपने उम्मीदवार लण्ड के चुनाव प्रचार में अपनी मेहनत लगा दी, और उसे कान पर, गदर्न पर, दूध के ऊपर से ही चूमने लगा।
मैंने उससे कहा- देखो, अगर तुम्हें मेरे ऊपर विश्वास है तो मेरी बात मानो, अपने इन कपड़ों को उतारो, मैं अच्छी तरह से समझा सकूँगा।
थोड़ी ना-नुकुर के बाद वो मान गई, मैं खुद ही उसके कपड़े उतारने लगा, वो और कामुक होकर सिसकारने लगी और कहा- तुम भी उतारो न।
मैंने कहा- जरूर उतारूंगा।
उसने मुझसे फ़िर से वायदा लिया कि मैं अपनी नुन्नी उसकी बुर में नहीं डालूँगा।
मैंने उसकी कसम खाकर कहा- जब तक तुम्हारी इजाजत नहीं होगी, मैं तुम्हारा विश्वास नहीं तोड़ूंगा। मैं तो अपना लण्ड मुठ मारकर झड़वा लूँगा।
उसने पूछा- ये मुठ क्या होती है?
मैंने कहा- अभी सब पता चल जाएगा।
अन्नू का शरीर, शरीर नहीं कयामत तक को पीछे छोड़ देने वाला वो हाहाकरी बदन था, जिसे देखकर अच्छे से अच्छे अपने पैंट में ही झड़ चुके होंगे।
अन्नू भी इस बात को जानती थी और मुझे बताती रहती थी कि मुझे देखकर लड़के कमेन्टस पास करते हैं। लेकिन खुलकर नहीं बताती थी, उसे डर था कि मैं कहीं उन लड़कों से


लड़ाई झगड़ा न कर जाऊँ।
अब अन्नू पूरी नंगी मेरे सामने थी, मैंने भी दो सेकेण्ड के अंदर अपने सारे कपड़े उतार दिए।
लण्ड को देखते ही जैसे वो गश खा जाएगी, आश्चर्य करके बोली- अरे बाप रे, तुम्हारी नुन्नी तो बहुत बड़ी है।
मैंने उसे कहा- जानू, इसे नुन्नी नहीं, लण्ड कहते हैं।
अब मेरी नजर उसकी बुर पर थी, जिस पर बहुत ही छोटे-छोटे सुनहरी रंग के बाल आए हुए थे, मैंने कहा- देखो, बिना तुम्हें चोदे आज मैं तुम्हें चुदाई का आनन्द दूँगा।
तो वो घबरा गई, उठकर बोलने लगी- नहीं-नहीं, शादी के पहले ही मैं माँ नहीं बनना चाहती।
तब मैंने उसे बिस्तर पर लिटाकर, उसके बाजू में लेटकर उसके दूध को धीरे-धीरे से दबाते हुए विस्तार से आधे घंटे तक चुदाई के बारे में समझाया। उसे पूरी तरह समझाया कि कैसे


झड़ने पर आनन्द मलिता है, और फ़िर उस आनन्द से निकले हुए शुक्राणु और अण्डाणु के मेल से गर्भ ठहरता है।
अब मैंने उठकर उसकी चूत जो कि पूरी तरह गीली हो चुकी थी, अपनी जीभ से चाटना प्रारम्भ कर दिया।
वो तो मानो पागल हो गई हो, आह-ऊँह करते करते अपने ही हाथों से अपने चूचे सहलाने लगी।
मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी चूत को थोड़ा सा फाड़कर अपनी जीभ उसकी चूत में घुसा दी और उसकी चूत से बहते हुए पानी को गटकने लगा, और उसे बताता रहा- देखो, तुम्हारी


बुर का पानी बहुत ही नमकीन और जायकेदार है और मुझे बहुत आनन्द आ रहा है, क्या तुम्हें नहीं आ रहा है?
तो उसने कहा- जानू, मेरी चूत बहुत खुजला रही है, चाटते ही जाओ पूरा मुँह घुसेड़ दो अंदर।
मैं समझ गया कि अन्नू की बुर अब लण्ड मांगने लगी है तो मैंने सोचा कि अगर चाटता रहा तो वो झड़ जाएगी और मेरा चोदने का सपना अधूरा ही रह जाएगा।
तो मैंने उठकर अपने लंड को उसके मुँह में देना चाहा तो उसने कहा- पहले इसे साफ कर लो।
मैंने कहा- जानू असली मजा इसी लंड को चाटने में है, देखो यह मेरा नमकीन पानी है, एक बार चूसोगी तो बार-बार मांगोगी।
उसने मेरा लंड अपने मुँह में डाला, लेकिन सिर्फ़ सुपाड़ा ही।
तो मैंने उसके बाल पकड़कर झटके से चार इंच घुसेड़ दिया। तो वो गूँ-गूँ करने लगी और अपना सिर छुटाकर बोली- गले में लग रहा है। मैंने कहा- जानू प्यार से लो, पूरा अंदर


जाएगा।
फ़िर वो धीरे-धीरे मेरे लंड को चूसने लगी और जितना भी अंदर ले सकती थी उसने लिया, थोड़ी देर बाद मेरे लण्ड पर मेरा नियंत्रण समाप्त होता नजर आया और मैं झड़ने ही वाला था,


सोचते सोचते आखिर उसके मुँह में ही झड़ गया।
वो घबरा गई, और मेरे लंड को निकालने के लिए कोशिश करने लगी, लेकिन मैंने उसकी एक भी न चलने दी, उसके बाल पकड़ कर जबरदस्ती जब तब आखरी बूँद नहीं झड़ गई, लण्ड


निकालने नहीं दिया।
लंड निकालते ही उसने बिस्तर पर ही पूरा वीर्य थूक दिया और कहने लगी- जल्दी से पानी लाओ, मेरा मुँह कसैला सा हो रहा है।
तो मैंने तुरंत अपना मुँह उसके मुँह में दे दिया और चाट-चाटकर उसका पूरा मुँह साफ कर दिया।
उसने भी पूरी इच्छा से मेरा साथ दिया।
उसकी जीभ चाटते-चाटते मेरा लंड फ़िर से खड़ा हो गया।
मैंने फ़िर से उसकी चूत चाटना चालू कर दी। वो फ़िर गर्म होकर अपनी चूत चटवाने लगी। मैं उसकी चूत में जीभ डालता ही रहा तभी मेरी ध्यान उसकी गाण्ड पर गया वो बहुत ही


छोटा सा एकदम साफ और गुलाबी छेद था। उसकी गाण्ड भी उसकी बुर की तरह बिल्कुल गुलाबी थी।
तभी मैंने अपनी जीभ से उसकी गाण्ड भी चाटी, तो वो अचानक जोर-जोर से उचकने लगी, अपनी गाण्ड उठा-उठा कर सिसकारने लगी। मुझे लगा कहीं इसे दौरा तो नहीं पड़ गया,


लेकिन वो कहने लगी- चाटो और चाटो।
मैं समझ गया कि यह अब गर्म हो गई है, अब चोद ही देना चाहिए।
अब मैंने उसकी गाण्ड चाटते हुए अपनी एक उंगली उसकी बुर में डाल दी। मुझे मालूम था कि यह चूत तो सीलबंद है मगर उसकी बुर के पानी ने उँगली को बड़े आराम से अंदर जाने


दिया, और मैंने उंगली से उसे चोदना चालू कर दिया।
मैं उसके जी-स्पाट को छेड़ने लगा, अब वो सचमुच में पागल हो उठी और कहने लगी- आहहह…हह… जानू उँगली नहीं, अपना लंड डाल दो। आहह मुझे चोद दो, मुझे अपने बच्चे की


माँ बना दो, मुझे पटक-पटक कर चोद दो, इस बुर को फाड़ दो राजा, आहहहह !
मैंने कोई खतरा मोल न लेते हुए तुरंत अपनी उँगली निकाली और उसके ऊपर मिशनरी पोजीशन में आकर अपने लंड को उसकी बुर में रख दिया।
वो जोर-जोर से अपनी गाण्ड उठाने लगी और लंड को जैसे खा जाना चाहती हो, उचकने लगी।
मैंने बुर में लंड रखकर धीरे से धक्का लगाया, तो वो तुरंत अंदर घुस गया, तभी वो चीख पड़ी, और चिल्लाने लगी- निकालो इसे, अरे ये क्या कर डाला, निकालो इसे।
और वो जोर जोर से रोने लगी।
मैंने तुरंत लंड निकालकर उसकी बुर की तरफ देखा। वहाँ से खून की छोटी सी धार बह रही थी और मेरे लंड पर भी खून लग गया था। मैं समझ गया कि इसकी सील टूट गई है। अब


मेरी भी गाण्ड फट गई, अब क्या होगा, यह तो रोने लगी।
तभी मैंने स्थिति को समझते हुए उसे चूमना चालू कर दिया और समझाने लगा- देखो, अभी तो समझाया था ना कि सिर्फ़ पहली बार सील टूटने पर ही दर्द होता है, यह देखो थोड़ा सा


खून निकला है, अब डालने से अब दर्द नहीं होगा।
लेकिन वो उठने का प्रयास करने लगी और कहने लगी- नहीं-नहीं मुझे नहीं डलवाना, मुझे माफ कर दो, मुझे छोड़ दो प्लीज।
मैंने उसे बैठने को कहा और पास ही पड़े रूमाल से उसकी बुर साफ करने लगा, वो अभी भी रो रही थी।
बुर साफकर मैंने फ़िर अपनी जीभ से चूसने लगा।
थोड़ी देर के बाद उसे फ़िर मजा आने लगा, मैंने धीरे से उसके स्तनों को दबाते हुए उसे लिटा दिया और फ़िर उसके ऊपर सवार हो गया। अब वो कुछ नहीं कह रही थी।
उसे चूमते हुए मैंने फ़िर से अपने लंड को सही दिशा में रखकर उसकी बुर में डाल दिया और थोड़ा-थोड़ा डालकर अंदर बाहर करने लगा। उसका चेहरा देखकर तो लग रहा था कि उसे


मजा और दर्द दोनों का अहसास हो रहा है।
धीरे-धीरे मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई, अन्नू फ़िर मेरा साथ देने लगी और उसने अपने दोनों हाथों से मेरे सीने को जकड़ लिया।
उसने कहा- सच जानू, बहुत मजा आ रहा है, चोदो मुझे, जोर से चोदो, मुझे दर्द नहीं हो रहा। इस दर्द में भी मजा है।
मैंने भी पूरे जोश में आकर उसकी चुदाई चालू कर दी, तभी उसने कहा- जानू, बहुत मजा आ रहा है।
और जोर-जोर से गाण्ड उठाकर चुदवाने लगी, मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है, और जोर-जोर से चोदने लगा।
लेकिन मैंने अपने लंड पर थोड़ा नियंत्रण किया यह सोचकर कहीं मैं इसके अंदर न झड़ जाउँ नहीं तो पंगा हो सकता है।
तभी अन्नू ने जोर से आहहह… हहह… बोलते हुए ‘कुत्ता हरामी चोद दे मुझे’ कहते हुए निढाल हो गई, अन्नू झड़ गई थी।
मैंने तुरंत अपना लंड निकाल लिया और निढाल पड़ी हुई अन्नू की छाती के पास बैठकर अपना लंड उसके मुँह में देना चाहा।
वो समझ गई कि इसे फ़िर से चूसना है, उसने भी बड़ी अच्छी तरह से लंड की पप्पी लेते हुए उसे अपने मुँह में भर लिया और पूरा भर कर चूसने लगी।
मैंने उससे कहा- ये जो नीचे गोलियाँ लटक रहीँ हैं, इन्हें भी चूसो।
उसने गोलियों को भी चूसना चालू कर दिया।
मैंने उसे उठने को कहा, वो बैठ गई और मैं पलंग से नीचे उतर कर खड़ा हो गया। अब वो बैठे-बैठे ही मेरा लंड चूस रही थी और उसके दोनों हाथ मेरे चूतड़ों पर थे।
तभी उसने भी मजाक करते हुए मेरी गाण्ड के छेद पर उँगली रख दी। मेरे पूरे शरीर में करंट सा दौड़ गया और मैं भी आहहहहह… करते-करते उसके मुँह को अपने कामरस से भरने


लगा।
उसने पूरा का पूरा कामरस गटक लिया और जब तक मैंने मुँह से निकालने को नहीं कहा वो मुँह से ही लंड को चूसती रही।
यह मेरा और अन्नू का पहला चुदाई का अनुभव था। इसके बाद भी हम लोगों ने कई बार चुदाई की। बाद में उसके घरवालों ने उसकी शादी एक इंजीनियर लड़के के साथ तय कर दी,


तब मैं बेरोजगार था।
अन्नू ने खुद मुझसे कहा कि मैं घरवालों की मर्जी से ही शादी करना चाहती हूँ, लेकिन तुम्हारे लिए हमेशा पत्नी बनी रहूँगी।
इस तरह वो शादी करके बाहर चली गई। आज तक दुबारा उसकी चुदाई नहीं कर पाया।
इस कहानी को पढ़कर आपकी बुर में पानी आया कि नहीं,



Find
Reply


« Next Oldest | Next Newest »


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Desi  लंड और चूत के बीच में दो दीवारें थी। एक तो उसकी सलवार और दूसरा उसकी कच्छी. Incest lover 24 2,247 3 hours ago
Last Post: Pooja das
Wife  बीवी की चुदाई (part-2) Incest lover 6 2,040 4 hours ago
Last Post: Pooja das
Desi  मेरी पहली चुदाई Incest lover 2 2,784 27-07-2018, 09:14 PM
Last Post: anita manoj
Incest  ससुर और बहु के बीच में पर्दा और मर्यादा Incest lover 5 1,529 27-07-2018, 05:17 PM
Last Post: Pooja das
Incest  दादी माँ बहन हम सभी चुदाई के बड़े मस्त मज़े लेते है ।। Incest lover 3 3,320 25-07-2018, 03:44 PM
Last Post: Pooja das
Incest  हमारे परिवार में जो भी जब चाहे किसी को भी चोद लेता है. Incest lover 2 4,469 25-07-2018, 03:43 PM
Last Post: Pooja das
Wife  बदबूदार लंड वालो से बीवी की सामूहिक चुदाई anita manoj 1 1,659 21-07-2018, 05:02 PM
Last Post: Incest lover
Wife  वो सेक्स की इतनी भूखी थी कि उसकी चुत में जैसे चुदाने की आग लगी थी. anita manoj 3 1,521 21-07-2018, 05:00 PM
Last Post: Incest lover
Wife  दोनों पति पत्नी की गांड को साथ में चुदवाया जाए। anita manoj 0 1,465 21-07-2018, 01:45 PM
Last Post: anita manoj
Wife  अपनी खूबसूरत पत्‍नी को किसी दूसरे मर्द की बाँहों में देखने की कल्‍पना! Incest lover 4 1,369 19-07-2018, 08:35 PM
Last Post: anita manoj

  • View a Printable Version
  • Subscribe to this thread


Best Indian Adult Forum XXX Desi Nude Pics Desi Hot Glamour Pics

  • Contact Us
  • en.roksbi.ru
  • Return to Top
  • Mobile Version
  • RSS Syndication
Current time: 29-07-2018, 11:20 PM Powered By © 2012-2018
Linear Mode
Threaded Mode


tamil sex stories amma  hot desi aunties pictures  telugu romantic story  desi anal videos  sex rape kahani  aria giovanni 2014  indian pon pics  exbii in hindi  bhai behan sex story hindi  kashmiri sexy girl  hot bhabhi hindi story  hota xxx.com  hindi sex rap story  manchi puku  telugu hot kathalu  auntys telugu  sexy bengali boudi  marathi incest stories  desi seduce  hot neha nair  siblings fuck stories  sexy stories of chachi  telugu xxx  indian sex kannada  sex kadakal malayalam  free indian prons videos  incest cartoons free  suhagrat ki kahaniya  maa ka group sex  www.telugu sex stores  ladki ka jism  indian sex in telugu  blufilm vidio  sexy porn stories in urdu  sex with shakeela  rakhi ki chudai  indian panty peek  सेकसियोनि से बचा जन्म देता हुवा वीडीयो  telugu sex stoies  telugu top sex stories  urdu sex stories in roman  nude aerobic exercise  hindi sex story iss  bur choda  shakeela photo gallery  bengali gay stories  bahane serial  namitha big butt  intlo dengulata  lucy fire porn  malayalam sexxx  chut main lund  pakistani mms scandle  urdu fantasy stories  hindi sex chudai stories  chavat kavita  7 inch penis pics  hindi desi sexi kahaniya  exbii tamil story  savita bhabhi comics story  bengali aunty hot photos  real life aunty boobs  indian bahu sex stories  maa ke sath sex stories  ग्राहकों के लौड़ों पर बैठना और अपनी जवानी का रस पिलाना  hot aunties saree photos  vulgar stories in hindi  hindi sex story by mastram  lucy fire xxx  dirty sex kahaniya  savita bhabhi adult story  malayalam sec stories  blow job specialist  hindisexstories  hindi me sexy stories  sister bro sex story