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All In One चूतो का समुंदर

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All In One चूतो का समुंदर
Sannydub76 Offline
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#1
28-07-2017, 07:47 PM
मैं एक सीधा-साधा लड़का था….पढ़ाई मे होशियार था ऑर दुनिया से अंजान…
मुझे बस प्यार की भूख रहती थी…ऐसा इसलिए था क्योकि मुझे बचपन से माँ-बाप का पूरा प्यार नही मिला

आज मेरा एक भी दिन बिना सेक्स किए नही निकलता….लेकिन ऐसा भी वक़्त था जब मैं सेक्स से अंजान था…वो 1 साल पहले की बात है….पर मेरी लाइफ मे ऐसा ट्विस्ट आया कि मैं सेक्स के दलदल मे फँसने लगा

ऐसा कैसे हुआ ये आगे पता चलेगा….अभी पास्त को रहने देते है और प्रेज़ेंट की बात करते है

बट सबसे पहले थोड़ा इंट्रोडक्षन...

मेरी फॅमिली


फादर - आकाश (एज - 44 एअर) , एलेक्ट्रॉनिक्स का बिज़्नेस है…मुझसे प्यार बहुत करते है बट मेरी लाइफ बनाने के लिए बहुत पॉज़ चाहते है,,,ऑर बिज़्नेस के सिलसिले मे हफ़्तो घर से बाहर ही रहते है…मंत मे 2-3 बार ही मुझसे मिल पाते है.

मदर - अलका (शी ईज़ नो मोर) मेरे जन्म के 2 मंत के बाद डेत हो गई थी उनकी.

यहाँ मेरे परिवार के कुछ अन्य सदस्यो के बारे मे बता दूं, वैसे उनसे मेरा खून का रिस्ता नही बट मेरी लाइफ ऑर मेरे परिवार मे उनका इंपॉर्टेंट रोल है

सविता- (एज -34 एअर, 34-30-36, ये बचपन से मेरी आया है, मैं इन्हे दाई माँ या माँ कहत्ता हूँ)

मेरी मोम की डेत के बार सविता ने ही मुझे पाला है….सविता मेरे ही घर मे रहती है अपने बेटे के साथ…सविता की शादी 18 य्र की एज मे हो गई थी बट वो 19 एअर मे ही बिधवा हो गई थी….ऐसा मुझे पता चला…सविता के पिता मेरे डॅड के माली थे तो उन्होने सविता को मेरी आया बना दिया…सविता का पति नही है बट उसके कुछ रिस्तेदार आते रहते है उससे मिलने …जिनका ज़िक्र बाद मे आयगा तब बताउन्गा.

सोनू- सविता का बेटा है मेरे से छोटा है, काफ़ी शरारती है ऑर अब आवारा होता जा रहा है....बाकी डीटेल आगे कहानी मे मिलेगी

रेखा- मेरे घर खाना बनाती है कमाल की माल है ओर लंड खाने की सौकीन...इसका फिगर सविता से भी आगे है…(34-30-35) इसकी गान्ड शायद कुछ बड़ी ही निकले..
रेखा और उसका पति मेरे घर पर ही रहते है....


हरी – रेखा का पति है और मेरे यहाँ ड्राइवर है.....हॅटा कट्टा है ओर रेखा की जमकर चुदाई करता है बट अभी तक बाप नही बन पाया ....क्यो..???...ये नही पता...

रश्मि- ये हरी की सिस्टर है जो 2 साल पहले ही यहाँ आई है...डॅड ने इसे भी नौकरी दे दी....ये घर की सॉफ सफाई का काम करने लगी

इनके बाद नाम आता है मेरी मोहब्बत का...मतलब मेरे पहले प्यार का....नाम है रेणु....रेणु मेरी बुआ की लड़की है ...मैं इनको प्यार से दी बुलाता हूँ ओर ये मुझे भाई बुलाती है.....कहने के लिए तो हम भाई-बेहन है...लेकिन हम लवर्स है

रेणु – रेणु दी ने ही मुझे चूत ऑर गंद का स्वाद बताया था....रेणु दी ही थी जो मेरे अकेलेपन को दूर किया करती थी....वो मुझे इतना प्यार करती है कि ना सिर्फ़ मुझ पर अपनी जवानी लुटाई बल्कि उनकी गैर मौजूदगी मे ....मेरे लिए घर मे ही चूत ओर गंद का इंतज़ाम कर दिया....रेणु दी मुझसे 2 साल बड़ी है ऑर पटका माल है
वो मेरे लिए नई-नई चूत भी लाती रहती है...

अभी कहानी मे कई और खास करेक्टर है...जैसे-2 आएगे मैं बताता जाउन्गा...
तो आइए चलते है अंकित के रूम मे....जिसे है 
रश्मि- आप कॉफी पीकर मूड फ्रेश करे जब तक मैं अपनी कॉफी(मतलब मेरा लंड रस) पीकर अपना दिन बनाती हूँ



इतना बोलकर रश्मि घुटनो पर आ गई ओर मेरे बरमूडा के साथ मेरी अंडरवर नीचे करके मेरे लंड को हाथ से सहलाने लगी…ऑर देखते ही देखते अपना मूह नीचे ले जाकर अपनी जीभ से मेरे लंड के टोपे की खाल को नीचे करके चाटने लगी….इस वजह से मेरे मूह से आअहह निकल गई...



मैने भी कॉफी को हाथ मे लिया ऑर चुस्की मारने लगा गरमा-गरम कॉफी की...



वहाँ रश्मि लंड चाट ते हुए लंड को पूरा मूह मे भर लेती है ऑर मूह को आगे पीछे करते हुए लंड की चुसाइ सुरू कर देती है…







मैं गरम कॉफी का अपने मूह मे ओर रश्मि के गरम होंठो के अंदर मेरे लंड को फील करते हुए मज़े ले रहा था….अचानक मेरी बॉडी मे खून तेज़ी से दौड़ने लगा ऑर मैं रश्मि के मूह मे झड गया…



रश्मि ने मेरे लंड रस की अंतिम बूद तक लंड को मूह मे भरे हुए चूसना जारी रखा …जब मेरा सारा लंड रस रश्मि अपने गले मे निगल गई तो उसने मेरा लंड छोड़ा ऑर अपना मूह सॉफ करके बाहर जाने लगी ऑर बोली…



रश्मि- आप आप फ्रेश हो जाइए मैं नाश्ता रेडी करती हूँ..undefined



मैं-ओके



रश्मि के जाने के बाद मैने कॉफी ख़त्म की ऑर सीधा बाथरूम मे फ्रेश होने चला गया...



उस दिन मैं नहाते हुए सोच रहा था कि ये कैसी लाइफ हो गई मेरी…मैं चूतो के समुंदर मे आ गया…बिना चूत और गंद मारे मेरा एक भी दिन नही निकलता….



तभी मैने सोचा छोड़ो यार...कैसे हुआ क्यो हुआ...ये भूल जाओ ऑर चूतो के समुंदर मे डुबकी लगाओ….



इस तरह मैं अपने मन को अपने आप से समझा कर नहा कर रेडी हो गया ऑर नाश्ता करके…स्कूल निकल गया





(मैं स्कूल हमेशा अपनी कार से जाता हूँ…ऑर साथ मे मेरा दोस्त संजीव भी जाता है….संजीव मेरा सबसे ख़ास दोस्त है, वो मुझे बचपन से जानता है…कि कवि मैं सीधा-साधा बंदा था…और आज मैं जो भी हूँ…..वैसा क्यो हूँ…ये शुरुआत कहाँ से हुई)



कार से उतरकर मैं ऑर संजीव स्कूल कॅंटीन मे पहुचे ऑर कॉफी का ऑर्डर दिया...



संजीव- तो भाई आज किसकी मॉर्निंग गुड बनाई….सविता,रश्मि या रेखा..??



मैं-आज रश्मि थी यार



संजीव- यार तू कैसा हो गया...ये सब किस लिए कर रहा है….सुधर जा(ऑर हँसने लगा)



मैं-(हँसते हुए)- भाई अब पीछे नही जा सकता....अब ये सब मेरी लाइफ का हिस्सा हो गया है



(इतना बोलकर मैं सोचने लगा अपने सपने के बारे मे, जो मुझे पिछले काफ़ी दिनो से आ रहा था)





संजीव – (मुझे चुप देखकर)- सॉरी भाई मैं तुझे हर्ट नही करना चाहता था,,मैं बस यू ही बोल रहा था…सॉरी भाई



मैं-अरे नही रे मुझे बुरा नही लगता ऑर साले तेरी बात का तो कभी नही लग सकता


संजीव-तो बोल क्या सोच रहा था
मैं अपने मन मे सोचा कि क्या इसे बताऊ मेरे सपने के बारे मे…फिर सोचा कि नही अभी नही फिर कभी)

मैं- अरे कुछ नही भाई, वो आज रश्मि ने लंड चूसा …वही सोच कर लंड अकड़ रहा था

संजीव- साले अभी तो मत सोच ये स्कूल है

मैं- तो क्या हुआ बे

संजीव- क्या भाई अब यहाँ तेरे खड़े लंड को कौन शांत करेगा

मैं-मन मे(पूनम है ना..)

(पूनम संजीव की सिस्टर थी…मैने उसे चोदा था ….ये कैसे हुआ वो कहानी आगे आयगी…वो हम से 2 साल बड़ी है..लेकिन पढ़ाई मे कमजोर है तो जैसे तैसे 11थ मे पहुचि है इस साल…मतलब हम से 1 क्लास पीछे)

संजीव- भाई तेरे तो मज़े है घर पर चूत ओर गंद खुली मिलती है…मैं क्या करू मुझे तो कभी-2 ही मिल पाती है....


(संजीव के घर उसकी ग्रूप फॅमिली थी…संजीव के मोम डॅड के अलावा दो सिस्टर थी …बड़ी पूनम थी,,,ऑर उससे भी बड़ी थी सोनी…जिसकी शादी हो गई थी…इसके अलावा संजीव की 2 कज़िन सिस्टर भी थी….रक्षा ऑर अनु…रक्षा संजीव से 1 साल छोटी थी ऑर अनु संजीव के बराबर ही थी.....दोनो हमारे ही स्कूल मे पढ़ती है)

मैं-(थोड़ा सोच कर)- संजीव 1 बात कहूँ…लेकिन बुरा मत मानना

संजीव- बोल भाई …तेरी किसी बात का बुरा माना है आज तक

मैं- लेकिन भाई अभी जो मैं बोलने वाला हूँ वो सुनकर शायद तू बुरा मान जाय

संजीव-भाई दिल खोल कर बोल…बुरा नही मनुगा…तू बोल ना भाई

मैं(झिझकते हुए)- भाई तू अपने घर मे किसी को सेट कर ले ना. तेरी प्राब्लम सॉल्व हो जाएगी...

संजीव(थोड़ी देर चुप रहने के बाद बोला)- भाई क्या बात कर रहा है....???

मैं-मैने पहले ही बोला था कि बुरा मत मानना, मैने तो इसलिए कहा कि अगर तेरे घर मे तुझे कोई चोदने के लिए मिल गई तो तेरा रास्ता सॉफ हो जाएगा ओर तू घर मे ही मज़े करेगा....

संजीव(थोड़ा खुश होते हुए ऑर झिझकते हुए)- भाई….सच कहूँ….तुझसे क्या छिपाना…..चाहता तो मैं भी हूँ...

मैं- पर क्या..???

संजीव(थोड़ा सोचकर)- मैं किसके साथ…मतलब मुझसे कौन ….समझ ना..

मैं- समझा....ये बात है…अच्छा तू एक बात बता

संजीव-हाँ बोल क्या..???

मैं-तुझे तेरे घर पर किसी को देखकर मन करता है चोदने का...सच बताना

संजीव(काफ़ी देर सोचकर)-हाँ... ....हहा...भाई..बट

मैं-बट क्या..??? ..बोल ना

संजीव(झिझक के साथ)- भाई तू हँसेगा मुझ पर

मैं-भाई तू मेरा खास दोस्त है मैं हँसूँगा नही..बल्कि तेरी हेल्प करूगा....ताकि तू भी मज़े कर पाए

संजीव-(झिझकते हुए)-मेरी...म्म्म...मम्मी

मैं(शॉक्ड होकर)- सच में...????

संजीव-हाँ भाई..ऑर नज़रे झुका लेता है

मैं-तो शरमाता क्यो है बोलना...कि तू तू अपनी मम्मी को छोड़ना चाहता है...??

संजीव-हाँ..बट मम्मी...कैसे..???

मैं (कुछ सोच कर)-अच्छा ये बता कि तेरी फीलिंग्स क्या होती है जब तेरी मोम तेरे सामने आती है ..बोल

संजीव-भाई सच बोलू

मैं-हाँ बिल्कुल सच

संजीव-(शरमाते हुए)-भाई जब मम्मी को देखता हूँ..तो मेरा लंड अकड़ने लड़ता है ऑर उनकी गंद को देख कर तो…हहायी….क्या गाड़ है मेरी माँ की...लगता है कि 1 ही झतके मे लंड उसकी गंद मे उतार दूं पर...

मैं-पर क्या यार..??
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Sannydub76 Offline
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#2
28-07-2017, 07:52 PM
संजीव(गुस्से से)- भाई डर लगता है...ओर वो राह चलती रंडी थोड़े ही है जो मैं बोलू ऑर वो चुदने आ जाय...माँ है मेरी...उसकी गंद के चक्कर मे मेरी गंद ना फट जाए

मैं-(हंसते हुए)-भाई तू बस ये पता कर कि तेरी माँ चुदाई की शौकीन है या नही...बाकी आगे हम देख लेगे

संजीव-भाई चुदासी तो बहुत है

मैं- तुझे कैसे पता

संजीव- भाई मैने 1 दिन मोम-डॅड को चुदाई के दौरान बाते करते हुए सुना था

मैं-क्या तूने उनकी चुदाई देखी...??

संजीव- नही भाई सिर्फ़ सुना

मैं- क्या सुना..??


संजीव- भाई मेरी माँ डॅड से बोल रही थी कि आज फिर आप पीछे रह गये...अब मैं क्या करूँ तो डॅड बोले तुम्हे तो बस लंड चाहिए ...मैं थक जाता हू काम करते हुए...मैं इतना ही कर सकता हूँ...तो मेरी माँ ने कहा ठीक है तो ये बताओ मैं अब मेरी चूत को कैसे ठंडा करूँ...

तो डॅड बोले रुक मैं अभी तेरी चूत चाट कर ठंड करता हूँ..

इसके बाद डॅड मोम की चूत चूसने लगे..

मैं- तूने देखा क्या..??

संजीव –अरे नही यार वो माँ की सिसकारियों से समझ आ गया था…

मैं- तो इसमे ये कैसे पता चला कि तेरी माँ चुदासी है

संजीव- भाई डॅड चूत चूस्ते हुए बोल रहे थे…कि साली अभी भी तेरी चूत इतनी तड़पति है चुदने को तो माँ बोली कि मेरा बस चले तो 2-2 लंड 1 साथ ले लूँ…लेकिन मैं तुमसे ही काम चलाना चाहती हूँ…तो डॅड ने भी हंस के बोला कि कोई नही मैं हूँ ना

उसके बाद मैं वहाँ से निकल गया

मैं- फिर भी सवाल वही है कि तेरी माँ चुद कैसे सकती है

संजीव-भाई अगर उसे कोई तगड़ा लंड मिल जाय ऑर उसे लेने मे कोई बदनामी ना हो तो वो ले लेगी…इतना बोल सकता हूँ

मैं-तो तू दिखा दे अपना

संजीव- नही भाई मेरा तो नॉर्मल है...ऑर मैं उसका बेटा हूँ...नही बहकेगी

मैं- तो फिर क्या...???

संजीव-1 आइडिया है भाई

मैं- ऑर वो क्या है साले..??

संजीव- भाई अगर मेरी माँ तेरा लंड ले ले तो…???

मैं- ऑर भैनचोद वो कैसे लेगी

संजीव-भाई तेरा लंड मुझसे तगड़ा है…ऑर अगर तुझसे चुद भी गई तो बदनामी भी नही होगी उसकी…इतना वो जानती है

मैं- चल साले वो नही मानेगी

संजीव-भाई ट्राइ तो कर मान जाएगी

मैं(थोड़ा सोच कर)- अच्छा माना कि मान गई ऑर मेरा लंड ले लिया …तो इसमे तेरा क्या फ़ायदा

संजीव-भाई तू लेगा तो मैं भी ले लुगा उसकी

मैं- कैसे...???

संजीव- भाई मोम तुझसे चुदने लगेगी तो मैं उसकी चोरी पकड़ लुगा ..ऑर उसे चोदने को बोलुगा

मैं-मतलब, ब्लॅकमेल करेगा साले

संजीव-हाँ

मैं-नही भाई जबरन की चुदाई मे मज़ा नही आता…चुदाई वही अच्छी होती है जब पार्ट्नर दिल से चुदवाये…

संजीव-तब तो मेरा कुछ नही होगा

मैं-(कुछ सोच कर)- भाई 1 काम हो सकता है

संजीव- क्या???
मैं- अगर तू अपनी मोम को मुझसे चुदवाने मे हेल्प करेगा…तो मैं उसे तेरे नीचे ला दुन्गा वो भी तेरी मोम की मर्ज़ी से



संजीव-इंपॉसिबल…नही आयगी



मैं-भाई मैं प्रॉमिस करता हूँ….अगर मैने तेरी माँ की चुदाई कर ली तो तुझे उसकी चूत मैं दिलवाउन्गा



संजीव-(खुश होते हुए)-सच मे..???



मैं –पक्का भाई



संजीव(थोड़ा सोच कर)- ओके भाई तो तू ट्राइ कर तेरी हेल्प मैं करूगा ओक



मैं –बट इसके लिए मुझे तेरी मोम के आस-पास रहना होगा कुछ दिन…



संजीव -हाँ ये तो है



मैं(मन मे सोचते हुए कि तू मुझे तेरे घर तो ले जा …तेरी बेहन को चोदुगा ऑर तेरी बेहन ही मुझे तेरे घर की सारी चूत दिलवायेगी)- क्या हुआ…बोल फिर…कुछ आइडिया है



संजीव-1 प्लान है



मैं-क्या..??



संजीव- अभी हमारे मिड टर्म आ रहे है….



मैं-हाँ तो..??



संजीव- भाई तू मेरे घर रुक जा कुछ दिन पढ़ाई करने के बहाने



मैं(खुश होकर)-ह्म्म्मु…ये हो सकता है



संजीव- हम मिलकर ट्राइ करेगे



मैं – ओके…ये आइडिया वर्क कर सकता है….एक काम करते है



संजीव- क्या



मैं-तू अपने घर मेरी एंट्री करवा दे….मैं तेरे लिए तेरी माँ के साथ तेरी फॅमिली की सारी चूतो तैयार कर दूँगा





संजीव-(शॉक्ड ऑर खुश होते हुए) सच मे भाई….मैं भी सबको देख कर हिलाता रहता हूँ…लेकिन ऐसा होगा कैसे



मैने- वो मेरा काम है…अगर प्लान काम कर गया तो तेरी फॅमिली की चूत ओर गंद मेरे लंड से खुलेगी ऑर बाद मे तू यूज़ करना…हाहहाहा



संजीव-हाहहहहा…ओके भाई …मैं आज ही घर पर बात कर के बताता हूँ



मैं-ओके तो तैयार हो जा चूतो मे डुबकी मारने को



संजीव- हाँ भाई मैं रेडी हूँ



मैं- लेकिन पहले तेरी मॉम …बाकी को आगे देखेगे



संजीव-ओके बॉस



इसके बाद हम दोनो स्कूल आधा छोड़कर मेरी कार से घर निकल आए....


घर आते हुए मैने संजीव को प्लान समझा दिया ऑर उसे उसके घर ड्रॉप करके मैं अपने घर आ गया…
घर आते हुए मैने संजीव को प्लान समझा दिया ऑर उसे उसके घर ड्रॉप करके मैं अपने घर आ गया…अंदर आते ही मुझे रेखा मिल गई…वो बोली



रेखा- सर खाना लगा दूं



मैं- नही अभी मूड नही…



रेखा-सर तो मैं मूड बना दूं....रूम मे आउ क्या..??



मैं रेखा के पास गया ऑर अपने हाथ से उसकी गंद दवाकर बोला



मैं-अभी नही मेरी रांड़…मैं सो रहा हूँ…2-3 घंटे बाद मुझे जगाना …तब तेरी गंद पेलुगा….ओके



रेखा-ओके सर



इसके बाद मैं अपने रूम मे गया ऑर कपड़े निकाल कर बेड पर लेट गया…मैं सिर्फ़ अंडरवर मे लेटा हुआ था….तभी मेरा सेल बजने लगा…मैने सेल देखा तो रेणु का कॉल था



( कॉल पर)



मैं-हाई सेक्सी



रेणु-हेलो माइ स्वीट हार्ट



मैं-कैसे कॉल किया



रेणु-क्या मुझे अपनी जान को कॉल करने के लिए काम होना ज़रूरी है



मैं-नही डार्लिंग…मैं थोड़ा सोने जा रहा था…तो पूछ लिया…अच्छा सुना



रेणु-क्या सुनाऊ…तुझे तो मेरी फ़िक्र ही नही भाई….



मैं-ऐसा क्यो बोल रही है…बोल तो अभी आ जाउ



रेणु-नही भाई अभी नही…मैं तो ऐसे ही बोल रही थी…कुछ दिन बाद मोम ऑर भाई रिलेटिव के यहाँ जायगे तब आना



मैं-ओके मेरी जान…तू जब कहे



रेणु-तब तक मैं वेट कर रही हूँ…अच्छा ये बताओ मैने जो कहा था वो किया..??



(रेणु ने मुझे कहा था कि मैं डॅड से पुच्छू कि हमारी प्रॉपर्टी कितनी है ऑर क्या-क्या है और किसके नाम पर है)



मैं-नही जान अभी नही…डॅड टूर पर है..आएगे तो पूछ लुगा



रेणु—ओके…आते ही पूछ कर बताना..ओके अब सो जाओ बाद मे बात करेगे ..बब्यए जान



मैं-बब्यए जान



फोन रखने के बाद मैं सोचने लगा कि रेणु को क्यो पड़ी है मेरी प्रॉपर्टी के बारे मे जान ने की…फिर मेरे दिल ने कहा कि अरे ऐसे ही पूछ रही होगी…प्यार जो करती है तुझे..



मेरा दिल ओर दिमाग़ अलग-2 सोच रहा था…पता नही दिल सही था या दिमाग़…मैने सोचा अभी दिल ऑर दिमाग़ दोनो को चुप करो ऑर सो जाओ….इतना अपने आप से बोलकर मैं सोने लगा



इसके बाद मैं अपने सपनो की दुनिया मे चला गया…लेकिन फिर से मेरे सपनो मे वही आया कि कई हाथ मेरे गले को दवा रहे है ऑर मैं मर रहा हू….आज फिर आख खुलते ही मैने देखा कि मेरे हाथ ही मेरे गले को दवा रहे है…मैं चौक कर बेड से खड़ा हो गया ओर थोड़ी देर शांत खड़ा रहा…जब मैं नॉर्मल हुआ तो बाथरूम मे घुस गया…



मेरे बाथरूम मे जाते ही रेखा मेरे रूम मे एंटर हुई ओर मुझे बेड पर ना देख कर मेरा वेट करने लगी…



अंदर बाथरूम मे मैं पूरा नंगा था ओर अपने लंड को हाथ मे पकड़ कर देख रहा था जो अवी भी तना हुआ था…मैं सोचने लगा कि ये भी हमेशा चूत मागता है साला..ऑर सोचते ही मुझे हसी आ गई….बाथरूम से मेरी हसी की आवाज़ सुनकर रेखा बोली…



रेखा-क्या हुआ सर…आप अकेले ही हंस रहे है या कोई साथ मे है आपके



मुझे रेखा की आवज़ सुनकर याद आया कि इसे तो मैने ही बोला था जगाने को…आज इसकी गंद मारने को भी बोला था…तो मैने रेखा से कहा



मैं-रेखा आ गई तुम



रेखा-हाँ सर आपने ही तो बुलाया था



मैने बाथरूम का गेट ओपन किया तो रेखा सामने ही खड़ी थी…ओर मैं रेखा के सामने…वो भी पूरा नंगा ऑर मेरा लंड पूरी औकात से खड़ा हुआ था ओर मेरी पूरी बॉडी पर पानी की बूदे चमक रही थी…

मैने देखा कि रेखा की आँखे मेरे लंड पर अटक गई है और रेखा मूह खोले खड़ी हुई थी...



मैने देखा की रेखा मॅक्सी पहने हुए थी…ओर उसमे उसके कबूतर(बूब्स) फड़फदा रहे थे बाहर आने को…क्या बूब्स थे साली के



मैं कुछ देर बाद बोला...



मैं-रेखा मॅक्सी निकाल कर आओ…



रेखा अभी भी लंड को देखकर मूह खोले खड़ी थी…मेरी बात सुनकर बिना कुछ बोले अपनी मॅक्सी निकालने लगी….रेखा की मॅक्सी निकलते ही वो ब्रा-पैंटी मे मेरे सामने थी…अब उसके बूब्स के साथ उसकी गंद भी क़हर ढा रही थी मेरे लंड पर….



रेखा धीरे-2 मेरे पास आई ऑर बाथरूम के गेट पर ही घुटनो के बल बैठकर मेरे लंड को हाथ से सहलाने लगी ऑर मेरे बॉल्स को अपनी जीब से चाटने लगी



मैं-आअहह….ऐसे ही चुमो….आअहह



रेखा- स्ररुउउप्प्प…उूउउंम्म….सस्स्ररुउउप्प्प…आआअहह



मैं- क्या जादू है तेरी जवान मे मेरी रानी…मज़ा आ गया



रेखा-स्ररुउप्प्प…..स्ररुउउप्प्प…सस्स्ररुउप्प्प….उउउम्म्मह 



(रेखा बिना कुछ बोले मेरे बॉल्स को चाट ती रही ओर अपने हाथ से मेरे लंड को हिलाती रही)



थोड़ी देर बाद रेखा मे मेरे लंड को 1 ही झटके मे पूरा का पूरा अपने मूह मे भर लिया ओर जोरदार चुस्साई करने लगी



रेखा-सस्स्सल्ल्ल्ल्ल्लूउउप्प्प…सस्रररुउपप…..ऊऊऊओंम्म्मम…ऊऊम्म्म्म…ग्ग्गहूओ….ग्ग्गहू



रेखा के मूह से बस ऐसी ही आवाज़े आ रही थी....



थोड़ी देर की लंड चुसाइ से ही मैं झड़ने की कगार पर था क्योकि...संजीव की माँ-बहिन को चोदने की बातो से ही मेरा लंड भरा था...ओर फिर रेणु के कॉल ने उसे ऑर भर दिया था....तो अब मेरा लंड जल्द से जल्द खाली होना चाहता था...



मैने रेखा के सिर को दोनो हाथो से पकड़ के अपने लंड पर दवा दिया ओर लंड को तेज़ी से रेखा के मूह मे पेलने लगा



रेखा-ग्ग्गहूओ.......ओउउउम्म्म्मम....ग्ग्गूऊूगगघहूऊ......ऊऊऊम्म्म्ममममम

करे जा रही थी ऑर 



मैं-आआआहह.....आययययययएसस्स.....ऊऊऊहहूऊ....आआहह....यययययई.....को

करे जा रहा था



2-3 मिनिट मे ही मेरे लंड का लावा फुट कर रेखा के गले से होते हुए उसके पेट मे जाने लगा ओर कुछ हिस्सा उसके होंठो से नीचे उसके गले से होते हुए उसके बूब्स पर ऑर फर्श पर जाने लगा….







जब तक मेरे लंड की आख़िरी बूँद ना निकल गई…मैने रेखा के सिर को छोड़ा नही…जब मेरा लंड रस ख़तम हो गया तो मैने रेखा के सिर को छोड़ दिया



मेरे छोटे ही रेख खाँसते हुए खो-खो करने लगी

ऑर जब नोमाल हुई तो बोली



रेखा- माअर ही…खो-खो …डाला



मैं-अवी कहाँ साली…अभी तो मारना बाकी है



रेखा- तो रोका किसने है….मारो



इतना कह कर रेखा अपने होंठो पर ऑर गले पर लगा हुआ मेरा लंड रस हाथ मे लेकर चाटने लगी



रेखा के बारे मे ये बता दूं कि रेखा को वाइल्ड सेक्स ज़्यादा पसंद है…ओर उसकी 1 फंट्सी भी है …वो बाद मे ,,,,



रेखा ने जब पूरा लंड रस चाट लिया तो मैने कहा


मैं- चल साली नंगी हो जा ...आज तेरी गंद के परखच्चे उड़ाने है
रेखा अपनी ब्रा को निकालते हुए बोली..



रेखा- फाड़ डालो....लेकिन प्यार से नही.....कुतिया की तरह ....ऑर हंसने लगी



मैं-तो देख आज तुझे कैसे कुतिया की तरह....मज़ा देता हूँ....बहन की लूडी 2 दिन बेड से भी नही उठ पायगी



रेखा – (पैंटी निकालते हुए)-बिल्कुल ऐसे ही मज़ा आता है मुझे....



ऑर रेखा नंगी होकर मेरे पास आ गई...

मैने रेखा के ईक बूब्स को हाथ से पकड़ा ओर दूसरे को मूह मे भर लिया ओर अपना दूसरा हाथ पीछे ले जाकर उसकी गंद को दबोचा ….

तो रेखा की चीख निकल गई



रेखा- आअहह…..मदर्चोद…हाथ से ही फाडेगा क्या



मैं-चुप कर कुतिया ऑर फिर से मैं उसके बूब को चूसने लगा



मैं रेखा की गंद जोरो से दवा रहा था ऑर हाथ से 1 बूब को मसल रहा था….तभी रेखा की चीख निकल गई …पहले से जोरदरर चीख थी



रेखा- आआआहह….म्‍म्माअररर गग्ग्गाऐइ ….साले काट मत



(मैने रेख के बूब्स को दातों से काट लिया था)



मैं- साली कुतिया की तरह फाड़ना है…तो कुतिया की तरह की खाना होगा तेरे बूब्स को…ओर मैं फिर से बूब्स चूसने लगा…



इधेर रेखा मेरे मुरझाए लंड को हाथ मे लेकर हिला रही थी ऑर मसल रही थी...



रेखा- आअहह….आआहह….आआओउुऊउककच….ककक्कााटततत्तूओ….म्‍म्माअत्त्त



मैं-चुप चाप मज़े ले…रंडी



थोड़ी देर इसी तरह बूब्स चुसाइ करने के बाद मैने रेखा को पलटा कर अपनी गोद मे उठा लिया....मतलब अब रेखा की चूत मेरे मूह के सामने थी ऑर मेरा लंड रेखा के मूह के सामने...







(मैं डेली जिम करता हू...तो बॉडी दमदार है...)



मेरे ऐसा करते ही रेखा ने मेरे आधे खड़े लंड को मूह मे भर लिया ओर उसे तैयार करने लगी ओर मैं रेखा की चूत की चुसाइ करने लगा



रूम मे बस सिसकारियाँ ही सुनाई दे रही थी…मतलब बाथरूम मे



रेखा- उूउउम्म्म्म….सस्स्रररुउउप्प्प….ग्ग्गहूऊ….ऊओंम्म्म



मैं-स्ररुउउप्प्प….ऊओंम्म…सस्स्रर्रप्प्प….आआहह



स्ररुउप्प्प….स्रररुउउप्प्प…उउउम्म्म्मह….उूउउम्म्मह….आअहह…..आआहह.. की आवाज़ो से बाथरूम गूंजने लगा…तभी 1 चीख सुनाई दी…ये रेखा की चीख थी



मैने रेखा की चूत को दातों से काटा तो रेखा के मूह से मेरा लंड बाहर आ गया ओर वो चीख उठी



रेखा—आाआऐययईईईईईईई…..म्‍म्म्मम…..म्‍म्माररर ग्ग्गाऐयइ…म्‍म्म्मादददाअरृरकक्चहूओद्द



मैं-कुतिया चुप कर वरना….चूत को काट के रख दूँगा



मैं रेखा के साथ हमेशा वाइल्ड सेक्स ही करता हूँ…क्योकि उसे भी यही पसंद है...



अब मेरा लंड रेखा के मूह मे पूरा खड़ा हो गया था ऑर रेखा की चूत व 1 बार पानी छोड़ चुकी थी …वो भी चीख के साथ…हाहहहा



इसके बाद मैने रेखा को नीचे उतारा ऑर इशारे से कहा कि वाश्बेसन पर जाकर झुक जाय



रेखा मेरी पालतू कुतिया की तरह वॉशवेशिन पकड़ कर झुक गई..

उसके झुकते ही उसके बड़े-बड़े बूब्स हवा मे लटकने लगे ओर उसकी बड़ी गंद मेरे सामने आ गई...



मैं उसके पीछे से उसके पास गया ओर उसकी गंद को काट दिया…रेखा फिर से चीख उठी



रेखा---आआईयईईई…मदर्चोद…सच मे खा लेगा क्या



मैं- चुप कर कुतिया… ऑर मैं एक साथ 3 उंगली गंद मे डाल दी



रेखा की गांद खुली हुई थी…मैने ही खोला था …फिर भी 3 उंगली एक साथ वो सह नही पाई ऑर चीख उठी



रेखा-म्‍म्म्ममाआआअ….म्‍म्माआरररर …..ददाअल्ल्लाअ….भडवे



मैं- चुप कुतिया



और मैं उंगलियो को रेखा की गंद मे आगे पीछे करने लगा फुल तेज़ी के साथ



रेखा बस कराह रही थी ऑर गालिया बक रही थी ..लेकिन मैने अपनी स्पीड कम नही की



रेखा-आआआआआहह………ब्ब्ब्बाआससस्स….ककककाररर….आआररररराांम्म…सस्सीए…बब्बहाआड़द्द्वववे…

.म्‍म्म्माअदददाअरर्ृररकक्चहूऊओददड़…..म्‍म्म्ममाअरर्र्ररगज्गगाऐयइ…म्‍मम्मूऊऊउम्म्म्ममय्ी



मैं-साली तेरी माँ को भी ऐसे ही चोदुगा…साली कुतिया की बच्ची



थोड़ी देर बाद रेखा को राहत मिली जब मैने अपनी उंगलिया उसकी गंद से बाहर निकाल ली

मैने उंगली निकालते ही अपना लंड जो अब थोड़ा सूख गया था …रेखा की गंद पर सेट करके 1 ही बाद मे अंदर उतार दिया



रेखा—आआआआअ………….ईईईईईईईईईईईईई



बस इतना ही बोल पा रही थी



मैने फिर ताबड़तोड़ तरीके से अपना लंड रेखा की गंद मे फुल स्पीड से आगे-पीछे करना स्टार्ट कर दिया 







रेखा-आआहह….ईईईईईई……..म्‍म्म्मममाआआ

मैं-आआहह….मज़ा आया …मेरी कुतिया



रेखा-आअहह…..हहाा….म्‍म्म्मााू

मैं-साली,अभी तो बड़े नखरे कर रही थी



रेखा-आआहह…..म्‍म्मारर्र्रूऊ……ल्ल्लुउउन्न्ञदड़….म्‍म्मईएररीए,,,ददार्र्र्दद्द,,की,,,दददाआववववाााआअ..है



मैं- आअहह….तो ले फिर



मैं फुल स्पीड से धक्के मारता रहा ओर रेखा सिसकती रही….रेखा की चूत ने पानी छोड़ना सुरू कर दिया



रेखा-आअहह….उउउम्म्म्मम



मैने लंड को पूरा बाहर निकाला ऑर रेखा को पलटा कर उसके मूह मे भर दिया रेखा का मूह चोदने लगा



रेखा-आअम्म्म्मम….उूउउंम्म…गग्ग्घहूऊओ



2 मिनिट बाद मैने लंड को रेखा के मूह से बाहर निकाला ऑर उसे बाथरूम के फर्श पर हथेली के बल झुका दिया..ऑर पीछे आकर उसकी गंद मे 1 ही झटके मे लंड उतार दिया



रेका-आऐईयइ.म्‍म्मा कक्क़ीए ल्ल्लूओऊउद्दीए….म्‍म्माअररर दददाअलल्ल्लाआ



मैने अपनी स्पीड फुल रखी ओर रेखा की गंद मारने लगा ऑर अपना हाथ ले जाकर रेखा की चूत मे 2 उंगली डाल के चूत चोदने लगा



रेखा-आआआआ…..म्‍म्म्ममाआज़्ज़्ज़ाआ…आआ….गगग्गगययययाआ….ऊओररर…त्त्तीईज्ज्ज्ज



मैने लंड ऑर उंगलियो को फुल स्पीड मे रेखा की गंद ओर चूत मे चला रहा था….थोड़ी देर बाद रेखा दुवारा झड़ने लगी..



मैने हाथ को रेखा की चूत से हटा लिया

ऑर दोनो हाथो से रेखा के पैरों को हवा मे उठा लिया ऑर फुल स्पीड से रेखा की गंद मारने लगा



रेखा-आअहह…आअब्ब्ब्ब…सससा…कककार्ररूव



मैं-आअहह…रुक जा कुतिया रुक….आअहह



ऑर मैं भी रेखा की गंद मे झड़ने लगा

जब मैने पूरा लंड रस रेखा की गंद मे भर दिया तो मैने उसे वही फर्श पर छोड़ दिया…ऑर मैं भी साइड में बैठ गया...



थोड़ी देर बाद रेखा उठी ओर मेरे लंड को चाट कर सॉफ करने लगी



मैं-अरे कुतिया उठ गई



रेखा…ऊओंम्मह…हाँ सर मज़ा आ गया….पूरी खुजली शांत हो गई



मैं – चल शवर चालू कर ऑर नहला मुझे

उसके बाद मैं ऑर रेखा नहाने लगे…



नहाते हुए मैने रेखा को गोद मे उठाकर 1 बार फिर चोदा…फिर हम रेडी होकर अपनी-2 जगह पहुच गये…....
चुदाई ऑर नहाने के बाद मैं रूम मे बेड पर लेट गया
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Sannydub76 Offline
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#3
28-07-2017, 07:55 PM
जब टाइम देखा तो 2 घंटे हो गये थे…मैने मोबाइल चेक किया तो उस पर 10 मिस्कल्ल पड़ी थी संजीव की…

मैं कॉल करने ही वाला था कि संजीव का कॉल फिर से आगया..मैने कॉल अटेंड करके बोला

मैं-हाअ…

संजीव-(मेरी बात सुने बिना)-किसकी चूत मे था साले…कब्से कॉल किए जा रहा हूँ

मैं- तुझे कैसे पता कि मैं क्या कर रहा था...

संजीव(हँसते हुए)- स्साले तेरे घर मे तुझे कोई दूसरा काम है भी नही…ऑर इतनी चूत ऑर गंद हो जहाँ मारने को, तो बंदा खाली थोड़े ही होगा

मैं-(हँसते हुए) रुक जा तेरे घर भी चूतो का मेला लगा दूँगा…फिर तू भी लगे रहना

संजीव-भाई इसलिए तो कॉल किया

मैं-बोल क्या प्लान है

संजीव-मैने मोम से बोल दिया कि तू कुछ दिन हमारे घर रहेगा…पढ़ाई के लिए…तो वो मान गई…

मैं-ओके..तो आ जाता हूँ डिन्नर के बाद

संजीव- नही बे मोम ने कहा है कि डिन्नर यही करना…

मैं-ओके…तो कब आउ

संजीव-अभी ..

मैं-ओके…ऑर हाँ…पूनम कहाँ है

संजीव- वो घर पर ही है …क्यो???

(मैं मन मे- अब तुझे क्या बताऊ कि आज रात को उसकी चुदाई करनी है…)

मैं- अरे यार फ्रेंड है तो पूछ लिया…कोई प्राब्लम???

संजीव-नही भाई….बिल्कुल नही….उसकी भी ले ले तो भी प्राब्लम नही...तेरे साथ मुझे भी मिल जाएगी..हाहहहा

मैं-हाहहहहाआ…चल तो बोल रहा है तो उसकी भी फट जायगी…हहहहहहा

संजीव-हाहाहा…ऊकक्क…चल आजा…बब्यए

मैं –बाइ

फोन पर बात करने के बाद मैने कुछ कपड़े ऑर कुछ ज़रूरी समान पॅक किया ओर नीचे आ गया जहाँ सविता अपने बेटे के साथ टीवी देख रही थी

मैं- दाई माँ ,मैं कुछ दिनो के लिए संजीव के घर जा रहा हूँ…वही रहुगा


सविता-लेकिन बेटा ..

मैं- क्या हुआ

सविता-(अपने बेटे को देखा फिर मेरे पास आकर धीरे से बोली)-मेरा क्या..???

मैं (मुस्कुराते हुए)-टेंशन मत लो ..मैं स्कूल से आने के बाद यहा रुक कर जाउन्गा

सविता(खुश होते हुए)- ओकक सर…बट अभी तो स्कूल बंद है ना…आपने कहा था

मैं- तो क्या हुआ…मैं ऐसे ही आ जाउन्गा सोनू(सविता का बेटा) क्या करता रहता है

सविता-उसे क्या काम…आवारा की तरह घूमता रहता है

मैं – तो घर पर रहने का बोलो…नही तो बिगड़ेगा ही..

सविता-कहाँ मानता है मेरी…रुकता ही नही

मैं-कुछ ऐसा करो कि रुकने लगे

सविता-क्या करूँ

मैं-उसे भी जन्नत दिखा दो…फिर पड़ा रहेगा…हाहहाहा

सविता-हे भगवान..क्या बोल रहे हो…बेटा है मेरा

मैं-(गुस्से से)-साली मैं क्या लगता था तेरा..ऑर तू ही कहती तू ना कि चूत ओर लंड के बीच मे रिश्ते नही आते...

सविता(सोच कर)-ये नही होगा

मैं-तू कहे तो मैं हेल्प करूँ…बस तू हाँ बोल...

सविता-मैं आपको ना नही कह सकती,,,आप जानते है…लेकिन बेटे के साथ...

मैं-तू बस नये लंड के बारे मे सोच …ये मत सोच कि किसका है…

सविता...लेकिन सर...

मैं-चुप....मैने बोल दिया ना...तेरी चूत मे तेरे बेटे का लंड मैं डलवाउंगा...बस तू तैयार रहना...

सविता(खुश होते हुए)-सर नया लंड तो मुझे भी पसद है पर ...देख कर कही बेटा भी हाथ से ना चला जाय...लंड के चक्कर मे..

मैं-तू वो मुझ पर छोड़ दे…मैं जैसा कहूँ,,,वैसा करना..बट अभी मैं जा रहा हूँ

सविता-ओके सर जैसा आप कहो...वैसे कुछ लाउ आपके लिए

मैं-ह्म्म्मज…1 कॉफी लाओ फिर...

सविता-जी अभी लाई
सविता कॉफी बनाने चली गई ओर मैने सोच लिया कि अब सविता को उसके बेटे से चुदवा के रहुगा बट अभी फोकस संजीव की घर की तरफ….सविता को बाद मे देखेगे….….

ओर मैं संजीव के घर के लिए प्लान बनाने लगा



कॉफी पीते हुए मुझे कुछ आइडिया आया..अगर ये काम कर गया तो संजीव की मोम के साथ-साथ उसके घर की हर चूत ऑर गंद मैं ही मारूगा…बट इसमे रिस्क है..ऑर मुझे पहले किसी से बात करनी पड़ेगी…अकेले मुस्किल होगा



ये सब सोचते हुए मैने कॉफी ख़त्म की ऑर अपनी कार लेकर संजीव के घर की तरफ निकल गया…..



(संजीव का घर दो फ्लॉर का था

ग्राउंड फ्लॉर पर उसके मोम-डॅड ऑर उसके चाचा-चाची का रूम था ऑर बाकी सब भाई बेहन के रूम 1स्ट फ्लॉर पर थे…



संजीव के डॅड ओर अंकल साथ मे बिज़्नेस करते थे …उनकी स्वीट्स की शॉप थी….ज़्यादा बड़ी तो नही बट अच्छी शॉप थी ऑर पैसा अच्छा था क्योकि…उनकी शॉप की स्वीट्स शहर भर मे फेमस थी…क्वालिटी अच्छी देते थे ना……इसके अलावा अंकल को शेर मार्केट मे ट्रेडिंग करने की आदत थी…वो बेट्टिंग भी करते थे…पैसे की भूख थी उन्हे)





मैने कार बाउंड्री मे पार्क की ऑर मेन गेट पर नॉक किया ही था कि….

एक खूबसूरत माल ने गेट ओपन करते ही बोला…



लड़की-आ गये जनाब



मैं-(अंदर झाँक कर, आस-पास कोई नही था)-हाँ मेरी रानी



(ये लड़की ऑर कोई नही पूनम ही थी…संजीव की बड़ी बेहन ऑर मेरी 1 ऑर रांड़…ये मेरी कैसे बनी ये कहानी आगे आयगी…वेट कीजिए)



पूनम-अब यही रुकने का इरादा है या अंदर आओगे



मैं-क्यो नही…यहाँ अंदर आने के लिए ही तो आया हू,,,ऑर मेरा घौड़ा भी अंदर आयगा



पूनम-(मुस्कराते हुए)-हाँ…वो तो ज़रूर जाएगा…अब कहाँ –कहाँ जा पाएगा..ये तो कह नही सकते



मैं-अगर आप साथ दे तो हर जगह जायगा..इतना बोल कर मैने पूनम को आँख मार दी



तभी मुझे संजीव नीचे उतरकर मेरे पास आता हुआ दिखा ..मैने कहा



मैं-हाई ड्यूड



संजीव- आ गया तू



(संजीव की आवाज़ सुनकर पूनम सरीफ़ बनते हुए...अंदर चली गई ओर मैं संजीव के साथ हॉल के अंदर आ गया)



संजीव-मोम…अक आ गया है



(यहाँ मैं संजीव की मोम को मैं आंटी 1 ऑर संजीव की आंटी को आंटी 2 लिखुगा)



आंटी1-अर्रे …आओ-आओ बेटा(ये कहते हुए आंटी किचन से बाहर आई….



(मैने संजीव की मोम को पहले भी देखा था …माल तो वो थी ही लेकिन आज तो क़हर ही ढा रही थी …ऐसा इसलिए था क्योकि आज मैं उन्हे चोदने का सोच कर आया था)



मैं-हेलो आंटी



आंटी1- ऑर कैसे हो बेटा ..डॅड कैसे है



मैं-अच्छे है आंटी आप बताए



आंटी1-बस बेटा मज़े मे है



मैं आंटी को देख कर खुश हो गया ..क्या माल थी यार…38 के बूब्स होगे शायद …मज़ा आज़ायगा…ऑर गंद तो 40 से भी बड़ी होगी…इसकी गंद मारने मे मज़ा आयगा…यही सब सोच ही रहा था कि मेरे कंधे पर एक हाथ पड़ा...



संजीव- क्या सोच रहा है



मैं(मुस्कुराते हुए)- कुछ नही भाई



आंटी1- बेटा तुम बैठो मैं कॉफी लाती हूँ…तुम्हे कॉफी पसंद है ना…



मैं- हाँ आंटी…आपको याद है



आंटी 1- हाँ बेटा ,,,तुम भूल गये मुझे लेकिन मुझे तो सब याद है



(बचपन मे मैं आंटी के बूब्स देखता रहता था …एक बार आंटी ने मुझे ऐसा करते हुए देख भी लिया था…शायद वही बोल रही थी)



मैं-अरे नही आंटी मैं भी नही भूला….अब यहाँ रुकने वाला हूँ तो सब यादे ताज़ा हो जायगी….ऑर मैने मुस्कुरा दिया



आंटी1- (मुस्कुराते हुए)- हाँ बेटा सब ताज़ा हो जायगी…



इतना बोल कर आंटी1 किचेन मे चली गई तभी….दूसरी तरफ से एक मीठी सी आवाज़ आई…आरीए ..अक…कैसा है तू…मैने आवाज़ की तरफ देखा तो मेरी आँखे बड़ी हो गई



मेरे सामने संजीव की आंटी खड़ी थी….ये भी मस्त माल थी….38-32-40 का दमदार फिगर ऑर वो भी ब्लू कलर की मॅक्सी मे कयामत ढा रही थी…मेरा तो लंड तन ने लगा



आंटी2- क्या हुआ…पहचाना नही क्या



मैं-(होश मे आते हुए)- हाँ आंटी …पहचाना क्यो नही…कैसी है आप



आंटी2- आज टाइम मिला है पूछने का कि कैसी हू मैं…..कभी आता भी नही अब तो



मैं- अर्रे आंटी पढ़ाई ऑर स्कूल मे ही बिज़ी रहता हूँ….सॉरी



आंटी2-कोई बात नही पढ़ाई तो ज़रूरी है…बट कभी-2 आ जाया कर



मैं-हाँ आंटी बिल्कुल



इतने मे आंटी1 कॉफी लेकर आ गई ऑर हम सबने बैठ कर कॉफी विद अक स्टार्ट कर दिया…हाहहहहा…





तभी हॉल मे 2 लड़किया एंटर हुई ऑर आंटी2 से बोली…मोम मुझे मैथ की ट्यूशन करना है कुछ समझ नही आता स्कूल मे…दूसरी लड़की भी साथ देते हुए बोली मोम मुझे भी…



जब मैने मुड़कर देखा तो ये रक्षा ओर अनु थी…मुझे देखते ही



रक्षा-भैया आप….कैसे हो…कब आए


अनु- भैया इतने दिनो बाद …कहाँ रहते हो आप

वो दोनो मुझसे पूछ रही थी ऑर मैं उन्हे देख कर खो सा गया कि क्या माल हो रही है दोनो….इनकी मिल जाय तो कली से फूल बना दूं…



अचानक अपनी सोच से बाहर आकर मैने कहा



मैं-मैं यही रहता हूँ…घर पर..ऑर इतने दिनो मे आया…मतलब क्या…कभी बुलाया जो ऐसा बोल रही हो...



रक्षा-तो आप बुलाने पर ही आओगे क्या….अपनी बहनो से मिलने भी नही आ सकते



अनु-हाँ भैया बोलो अब



मैं(मन मे सोचते हुए कि मुझे पता होता कि यह माल ही माल बन गये हो तुम सब तो ज़रूर आता…कोई बात नही अब आया हूँ तो आता ही रहुगा)



मैं-अरे ऐसा नही है…अच्छा बाबा सॉरी अब शिकायत का मौका नही दूगा ओके



रखा-ओके भैया…अब आप यही रुकिये कुछ दिन हमारे साथ



अनु-हाँ भैया…हमे मैथ पढ़नी है आपसे…आप तो स्कूल मे मत के टॉपर हो



(मैं चुदाई के पहले पढ़ाई मे भी आगे ही…अपने स्कूल का टॉपर ऑर मैथ मे तो मास्टर हूँ)



अनु ऑर रक्षा की बात सुनकर आंटी1 बोली...



आंटी1- हाँ बेटा अक 15 दिन यही रहेगा हमारे साथ 



अनु-वाउ



आंटी-और ये तुमको भी पढ़ा देगा क्यो बेटा(यानी कि मैं)



मैं- हाँ आंटी क्यो नही…..इन्हे तो सिखाना ही पड़ेगा…तभी तो आगे बढ़ेंगी



रक्षा-सच्ची भैया….थॅंक यू



अनु-थॅंक्स भैया



आंटी2-अब तुम दोनो चेंज करके पढ़ने बैठ जाओ ….अक भैया भागे नही जा रहे



रक्षा-ओके मोम



अनु-ओके मोम



मैं संजीव आंटी1 और आंटी2 कुछ देर ऐसे ही बातें करते रहे फिर आंटी बोली



आंटी1-बेटा क्या बनाऊ…आज तुम्हारे मन का खाना बनाउन्गी



मैं-ऑंटी..आप जो बनाए वो ही अच्छा लगेगा मुझे तो



आंटी2-वेरी स्वीट …फिर भी तुम्हे बताना ही होगा



संजीव-मोम अक को तो चिकन ही सबसे ज़्यादा पसंद है



आंटी1- तो आज चिकन ही बनेगा



आंटी2- संजू(संजीव को प्यार से संजू बुलाते है) जाओ तुम मार्केट से चिकन लाओ…आज अक को अपने हाथ से बना के खिलाती हूँ



मैने मन मे कहा …तेरे जैसी मुर्गी मिल जाय तो रात भर दवा कर खाउन्गा



संजीव- अवी जाता हूँ



मैं-अर्रे ..क्या ज़रूरत है…ऑर कुछ बना लो



आंटी1-तू चुप कर…..संजू आ मैं पैसे देती हूँ, चिकन ला…ऑर मेघा(आंटी2) तू तैयारी कर खाने की….अक बेटा तू फ्रेश हो जा …मैं भी नहा लेती हूँ जब तक



(इसके बाद आंटी1 ऑर संजीव आंटी1 के रूम मे गये ऑर आंटी 2 मुझे उपर जाने का बोल कर किचेन मे चली गई)



मैने सीडीयो से उपर पहुचा तो दोनो तरफ 2-2 रूम थे

मैं 1 तरफ जा ही रहा था कि अचानक 1 रूम का गेट खुला ओर 1 हाथ ने मुझे पकड़ कर अपनी तरफ खीच कर रूम के अंदर कर दिया ओर फिर अंदर से गेट बंद कर दिया

मैने पलट कर देखा तो पूनम थी

मैं- क्या कर रही है

पूनम-अब कंट्रोल नही होता…ओर इतना कह कर पूनम मेरे उपर टूट पड़ी ओर मुझे चूमने लगी

मैने उसे पीछे करते हुए कहा

मैं- यार कोई देख लेगा तो

पूनम- कोई नही आयगा …सब बिज़ी है…अनु ऑर रक्षा नहाने गई है…मेरी मोम भी नहाने गई है…भाई (संजीव) चिकन लेने मार्केट गया…आंटी किचेन मे है…डॅड ओर अंकल शॉप पर है..



इतना बोल कर पूनम मेरे पास आई ओर मेरे होंठो को चूसने लगी…मैं भी उसका साथ देने लगा…5 मिनट की किस्सिंग के बाद हम गरम होने लगे कि तभी नीचे से आवाज़ आई

आंटी 1- पूनम मैं नहाने जा रही हूँ…अक को कुछ चाहिए हो तो पूछ लेना

पूनम-हाँ मोम…उसे जो चाहिए वो दे दुगी..आप टेन्षन मत लो…ऑर पूनम मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी….ऑर मैं भी उसका साथ देने लगा



फिर हम किस करने लगे ….ऑर पूनम बोली

पूनम-आज रात को रेडी रहना….

मैं-बट संजीव

पूनम-तुम बस चुप रहना बाकी मुझ पर छोड़ दो

मैं-ओके

इतना बोलकर पूनम रूम से बाहर निकल गई…क्योकि ये रूम संजीव का था ऑर अगले 15 दिनो तक मेरा भी…

मैने भी अपना समान रखा ऑर फ्रेश होने के लिए बाथरूम मे चला गया…..



आज मैं संजीव के बाथरूम मे था….नहाते हुए मैं सोच रहा था कि ऐसा क्या करू कि संजीव की माँ को चुदाई के लिए तैयार करूँ…
मैं सोच रहा था कि पूनम की चुदाई भी करनी है बट संजीव के होते हुए कैसे कर पाउन्गा….
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Sannydub76 Offline
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#4
28-07-2017, 08:10 PM
मैं सोच रहा था कि पूनम की चुदाई भी करनी है बट संजीव के होते हुए कैसे कर पाउन्गा….
तभी मुझे 1 आइडिया आया कि क्यो ना मैं पूनम से बात करूँ कि मैं उसकी माँ को चोदना चाहता हूँ….वो मानेगी???....ट्राइ करने मे क्या हर्ज़ है…चलो पहले यही ट्राइ करता हूँ…अगर बात नही बनी तो कुछ ऑर सोचुगा….
बट मुझे मन ही मन लग रहा था कि पूनम तो मेरे लंड की दीवानी है…उसे मनाना ईज़ी होगा…ऑर अगर पूनम ने साथ दिया तो पूनम की मोम के साथ उसके घर की दूसरी गरमा-गरम चूत भी मिल सकती है…चलो देखते है क्या होता है….
ऐसा सोचते हुए मैं नहा लिया ऑर रेडी होकर संजीव के रूम मे टीवी ऑन करके संजीव का वेट करने लगा
तभी अचानक गेट पर नॉक हुई..
मैं- कौन है
तो बाहर से 1 प्यारी सी आवाज़ आई.....क्या मैं अंदर आ सकती हू
मैं- हाँ हाँ क्यो नही...आइए
ये पूनम की आवाज़ थी ……मेरे कहते ही पूनम अंदर आ गई ऑर बोली
पूनम- रेडी हो???
मैं- हाँ…बोलो क्या करना है…
पूनम-(शरमाते हुए)- करना तो है बट अभी….
मैं-अभी क्या
पूनम-(नखरती हुई)-कुछ नही जनाब….नीचे चलिए….डिन्नर रेडी है
मैं-ओके…बट संजीव तो आया नही...डिन्नर रेडी कैसे हो सकता है...चिकन तो वही लाने गया था
पूनम- भाई आ गया है….तभी तो डिन्नर बना…वो नीचे ही है….डॅड से बात कर रहा है
मैं- ओह…अंकल आ गये क्या
पूनम- जी हाँ….अब चलो भी(ऑर पूनम मुझे हाथ से पकड़ कर बेड से उठाने की कोसिस करने लगी)
मैने अपने दूसरे हाथ से पूनम को खीच कर अपनी गोद मे बैठा लिया..

पूनम(डरते हुए)- छोड़ो ना…कोई आ जायगा
मैं-छोड़ने की कीमत चुकानी पड़ती है मेडम(ओर मैने एक सरारती मुस्कान दी)
पूनम-नही अभी नही बाद मे(पूनम डर रही थी कि कही कोई देख ना ले)
मैं-बस एक किस….कुछ नही होगा
पूनम-नही नही…प्लीज़ मान जाओ ना
मैं-बोला ना एक किस
और इतना बोलकर मैने अपने होंठो को आगे ले जाकर पूनम के होंठो पर रख दिया
पूनम-उूउउम्म्म्मम…..एम्म्म(डर के मारे पूनम के चेहरे से पसीना आने लगा)
मैने मौके की नज़ाकत को समझते हुए पूनम को छोटा सा किस कर के छोड़ दिया…मेरे किस ख़तम करते ही पूनम सकपका कर मेरी गोद से निकल गई ऑर बोली
पूनम(तेज साँसे लेते हुए)-आप मरवा डालोगे भाई
मैं-अरे नही मेरी जान …मैं ऐसा कर सकता हूँ क्या..??
पूनम-तो ये क्या है….कोई आ जाता तो(थोड़ा गुस्से मे)
मैं-ओके…सॉरी…कुछ हुआ तो नही ना
पूनम(नॉर्मल होते हुए)-अब मन की कर ली हो तो डिन्नर के लिए चलेगे जनाब
मैं-(मुस्कुराते हुए)-हाँ चलिए…फिर स्वीट डिश भी खानी है…(इतना कह करके मैने पूनम की गंद को कपड़ो के उपर से दवा दिया
पूनम-आअहह….हाँ मुझे भी खानी है(ऑर मुस्कुराने लगी)


इसके बाद मैं पूनम के साथ नीचे डाइनिंग टेबल पर आ गया …बाकी से लोग वहाँ पहले से ही आ चुके थे
मेरे पहुचते ही..अंकल बोले
(मैं यहाँ संजीव के डॅड को अंकल 1 ऑर संजीव के अंकल को अंकल 2 लिख रहा हूँ)
अंकल 1-अरे आओ बेटा बैठो-बैठो
मैं-हेलो अंकल…आप लोग कब आए
तो संजीव के अंकल बोले
अंकल2- बस बेटा थोड़ी देर पहले…कैसे हो तुम
मैं-बस अंकल…एकदम मस्त
अंकल 1-बैठो बेटा पहले खाना…बाते बाद मे

इतना बोल कर अंकल 1 ने मुझे बैठने का इशारा किया 1 चेर की तरफ…
मैं चेर पर बैठ गया

(हम ने खाना ख़त्म किया ओर वही हॉल मे टीवी देखने लगे …हम सब बच्चे हॉल मे नीचे ही बैठे हुए थे…. …संजीव ओर अनु मेरे आगे की तरफ थे ऑर पूनम ऑर रक्षा मेरे आजू बाजू थी…..ऑर हम दीवाल से टिक कर बैठे हुए थे…संजीव मेरे पैर से टिका हुआ था…मैने 1 पैर मोड़ कर ऑर दूसरा सीधा रखा हुआ था…मेरे लेफ्ट साइड रक्षा थी ऑर रक्षा के पैरो से टिक कर अनु लेटी हुई थी…मेरे राइट साइड पूनम थी बट वो सबके सामने मुझसे थोड़ी दूर ही थी….ऐसे ही मस्ती मैं हम सब टीवी देखते हुए गपसप कर रहे थे कि अचानक लाइट चली गई….
हॉल मे आधेरा छा गया…
अंकल1 – कोई टॉर्च .या कॅंडल तो लाओ
आंटी1- अरे अधेरे मे कौन जाय…आप टेन्षन मत लो लाइट आती ही होगी 10 मिनट मे…आज पड़ोसन ने बताया था कि रात मे 10 मिनट के लिए लाइट जानी है..
अंकल 1- ओह हाँ…मैं भूल गया…चलो कोई नही…10 मिनट अधेरे मे ही काट लो बच्चो(ऑर अंकल1 हँसने लगे…साथ मे सब भी हंस दिए)

मैं अंधेरे मे दीवाल से टिका हुआ सोचने लगा कि अब मुझे आगे क्या करना है कि आंटी हाथ मे आ जाय तभी अचानक मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरी कॅप्री के उपर से मेरा लंड टच किया हो…मैने सोचा शायद किसी का हाथ लग गया होगा अंधेरे मे…ऑर मैं ये भूलकर अपने प्लान के बारे मे सोचने लगा….अचानक…फिर से मेरे लंड पर हरकत हुई ..ऑर इस बार सिर्फ़ टच ही नही हुआ …बल्कि कोई हाथ से मेरा लंड सहला रहा था…मैं कंफ्यूज था…लेकिन हाथ रुका नही ऑर मेरा लंड मसलता रहा ….मैने सोचा ये पूनम होगी…साली मरवा ना दे…लाइट आने से पहले इसे हटाना होगा…
मैं थोड़ा आगे आया ओर उस हाथ को पकड़ लिया…तो उस हाथ वाले ने अपना हाथ झटके से दूर कर लिया…)

मैने सोचा शायद पूनम थी…मान गई साली…वरना फस जाते…ऑर ये सोच कर मैं दीवाल से फिर से टिक गया….1 मिनट बाद ही लाइट आ गई..ऑर सब चाहक उठे…मैने राइट साइड मे नज़रे पूनम की तरफ की..तो पूनम मुझे देखकर शर्मीली मुस्कान देने लगी…मैने सोचा यही थी …ऑर मैने आँखे दिखा दी पूनम को...तो उसने मुँह बना लिया ऑर चली गई)
थोड़ी देर बाद हम अपने रूम्स मे सोने के लिए चले गये….....



मैं ओर संजीव रूम मे जाते ही टीवी ऑन करके ….अपने प्लान की बात करने लगे



बैठने के साथ ही संजीव बोला

संजीव-भाई घर मे तो एंट्री हो गई तेरी..अब आगे क्या???

मैं-भाई सोचने तो दे…मैं क्या जादूँगार हूँ जो जादू से मना लूँ तेरी माँ को..

संजीव –भाई गुस्सा मत कर...मैं बस पूछ रहा था ...करना क्या है..*??

मैं-रुक थोड़ा ...सोचने दे

(हम दोनो थोड़ी देर खामोश रहे ओर सोचते रहे...संजीव बोला)

संजीव-भाई 1 आइडिया है

मैं-क्या

संजीव- भाई मोम को परसो अपनी फ्रेंड के घर शादी मे जाना है...पास वाले गाओं मे

मैं-तो मैं करू

संजीव-सुन तो सही

मैं –हाँ बोल

संजीव-मोम ने डॅड से कहा था बट डॅड नही जा पाएगे काम की वजह से…

मैं-(संजीव की बात आधे मे ही काट कर बोला)-भाई ये मुझे क्यो बता रहा है…मॅटर क्या है ऑर तू क्या बात कर रहा है

संजीव – भाई सुन तो सही पूरी बात

मैं-अच्छा सुना फिर

संजीव-डॅड ने मुझसे कहा कि मैं मोम के साथ जाउ …..

मैं-हाँ तो

संजीव-भाई मैं सोच रहा हूँ कि मैं अपनी जगह तुझे भेज दूं

मैं- उससे क्या फ़ायदा होगा

संजीव-यार तू ऑर मोम 2 दिन साथ रहोगे ऑर वहाँ अकेले पूरी रात ऑर बापसी मे भी अकेले….इतने टाइम मे तू पटा ले

मैं(ज़ोर से हँसते हुए)-साले अकेले होने का मतलब क्या…रेप कर लूँ..भाई उन्हे मन से तैयार करना है….वो कैसे मान जाएँगी इतनी जल्दी

संजीव(थोड़ा सोचते हुए)-भाई अकेले मे सिड्यूस तो कर सकता है ना

मैं- ठीक है…ट्राइ करने मे क्या हर्ज़ है…अच्छा ये बता ये कौन सी फरन्ड है तेरी मोम की ..गाओं की है क्या????

संजीव-मोम की फरन्ड यही रहती है बट वो शादी अपने गाओं से कर रहे है…वो बहुत घमंडी ऑर पैसे वाली है ऑर मोम को सुनाती रहती है कि तू सहर मे रह कर भी गाओं की लगती है…

मैं(संजीव को रोकते हुए)-रुक….ये बता तेरी मोम सुन कर रह जाती है….कुछ नही कहती

संजीव- भाई मोम भी मॉर्डन बन कर रहना चाहती है बट डॅड की वजह से नही रह पाती…उन्हे बहुत शर्मिंदगी होती है अपनी फरन्ड के सामने

मैं-तुझे कैसे पता…तुझसे बोला क्या तेरी मोम ने

संजीव- नही भाई एक बार मैने सुना था ..मोम आंटी से बोल रही थी…जब उनकी फरन्ड उन्हे सुना कर चली गई थी..

मैं-क्या सुना तूने

संजीव-वो बोल रही थी कि मैं भी उस रंडी से ज़्यादा मॉर्डन बनकर रह सकती हू लेकिन संजू के पापा को अच्छा नही लगता इसलिए साड़ी ही पहनती हू....मैं भी मॉर्डन ड्रेस पहन कर घूम सकती हूँ ऑर उससे ज़्यादा हॉट भी लगुगी.......अब देखना उसके घर शादी मे वो फिर से सुनाएगी ऑर मैं कुछ नही कर पाउन्गी...ऑर वो रोने लगी



मैं(कुछ सोचने के बाद)- आ गया आ गया

संजीव- क्या भाई क्या..??

मैं(खुशी से)-भाई आइडिया आ गया….

संजीव- बातायगा भी अब

मैं-देख तेरी माँ जैसा चाहती है मैं उन्हे वैसा बना कर ही शादी मे ले जाउन्गा

संजीव-छोड़ ना वो नही हो सकता

मैं-ये मुझ पर छोड़ दे

संजीव-चल मान लिया कि वो मान जायगी...लेकिन भाई बात तो उनकी चुदाई की है ना...वो कैसे करेगा

मैं(सोच कर)-भाई ये मैं प्लान पूरा होने पर बताउन्गा...अब तू देखता जा...अगर प्लान वर्क कर गया तो परसो शादी तेरी मोम की फ्रेंड के घर होगी ओर वही मैं तेरी मोम के साथ सुहागरात मनाउन्गा....(ऑर मन ही मन मैं खुश होने लगा)

संजीव- ठीक है भाई जो करना है कर बस मोम की चूत दिला देना

मैं – तू टेन्षन ना ले….मैं हूँ ना…अब सो जा



(इसके बाद संजीव ने टीवी ऑफ की ऑर रूम की लाइट भी ऑफ कर दी क्योकि हम दोनो को अंधेरे मे सोने की आदत थी....ऑर हम बेड पर लेट गये...बेड पर लेट ते ही...मेरा सेल बजने लगा…मेसेज आया था)





मैने देखा तो मेसेज पूनम का था

पूनम(मेसेज मे)- क्या हो रहा है



संजीव बोला कौन है भाई…मैने बोल दिया कि मेरी रेणु दी है ओर संजीव ओके बोल कर दूसरी तरफ मुँह करके सोने लगा…मैं पूनम से मेसेज से चॅट करने लगा

(मसेज से चॅट)

मैं- कुछ नही बस लेटा हुआ हूँ …तुम बताओ

पूनम-लेट गये ऑर मेरा क्या

मैं-तुम्हारा….मैं क्या बताऊ(बनते हुए)

पूनम-तो आप नही जानते कि मैं क्या बोल रही हूँ

मैं(अंजान बनते हुए)-नही तो 

पूनम (गुस्से से)-तो सो जाओ गुड नाइट

मैं-अरे जान गुस्सा मत हो….बोलो क्या करना है….

पूनम-गुस्सा नही तो क्या करूँ….मेरी चूत मे आग लगा दी ओर अब सोने वालो हो

मैं-मैने कहाँ आग लगाई

पूनम-मेरे घर मे हो मेरे ही रूम के बगल मे हो…ऑर मेरी चूत बिना गरम हुए रह जायगी क्या..???

मैं-ओके जान गुस्सा छोड़ो ये बताओ कि होगा कैसे

पूनम-मैं क्या कहूँ

मैं-ओके मैं संजीव के सोने के बाद तुम्हारे रूम मे आता हूँ

पूनम-नही अभी नही जब मैं मेसेज करू तब आना

मैं-क्यो क्या हुआ

पूनम-अरे वो रक्षा मेरे साथ है पढ़ाई कर रही है….उसके जाते ही मैं मेसेज कर दुगी…
मैं ओके…आइ म वेटिंग 
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Sannydub76 Offline
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#5
29-07-2017, 12:54 AM
इसके बाद मैने सेल रख दिया …ऑर लेट गया …लेटने के बाद पता ही नही चला कि कब मेरी आँख लग गई…शायद आज सुबह की दमदार चुदाई ऑर मस्त चिकन खाने से बॉडी रेस्ट माँग रही थी….मैं कब सो गया मुझे पता ही नही चला….

रात को मुझे लगा कि मेरे लंड पर हरकत हो रही है…पहले मैने सोचा की सपना देख रहा हूँ….लेकिन थोड़ी देर बाद मेरी कॅप्री ऑर अंडरवर नीचे को सरका दी किसी ने…तब मुझे पता चला कि ये हक़ीक़त मे हो रहा है

मैने सकपका कर आँखे खोल दी…जब तक उस इंसान ने मेरे लंड को हाथ मे लेकर सहलाना सुरू कर दिया था….
अब मैं समझा कि मैं सो गया था तो पूनम ही आ गई है ….लेकिन साली ये क्यो भूल गई कि मेरे साथ उसका भाई सोया हुआ है….फिर मैने सोचा कि संजीव की नीद तो ऐसी है कि नगाड़े भी बजाओ तब भी मुस्किल से खुलती है….शायद पूनम भी जानती है…तभी आ गई साली….मैं सोच रहा था ऑर वो मेरे लंड को सहला के बड़ा कर रही थी …5 मिनट मे मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया…फिर भी वो हाथ से ही मेरी मूठ मारे जा रही थी….
मैने धीरे से बोला—अब क्या हाथ से ही निकालोगी मुँह मे लेकर चूसो ना
वो-सस्शह

मुझे अंधेरे मे दिख तो नही रहा था…मैने सोचा कि उसे डर है कि संजीव जान ना जाय…चलो कोई नही लेने दो मज़े….मुँह मे भी ले लेगी…ऑर यही सोच कर मैं लेट गया ऑर वो मेरे लंड को मूठ मारती रही…जब अगले 5 मिनट के बाद भी लंड उसने मुँह मे नही लिया तो मेरे सबर का बाँध टूट गया ऑर मैं थोड़ा तेज ओर गुस्से मे बोला

मैं-साली करना क्या चाहती है …ऐसे ही झाड़ा देगी क्या मुँह मे ले...
वो-सस्शह....
मैं-अरे नखरे कर रही है जैसे पहली बार कर रही हो...मुँह मे ले कर चूस जैसे चूस्ति है....साली वैसे तो मेरा लंड रस पिए बिना तेरा पेट नही भरता...आज क्यो नखरे कर रही है...

वो फिर भी लंड को हिलाती रही....लेकिन मुँह मे नही लिया

मैं-तेरी माँ को चोदु….लेती है मुँह मे कि नही....

वो फिर भी लंड हाथ मे लिए रही ...हाँ हिलाना बंद कर दिया

मैं-(गुस्से मे)-साली आज मुँह मे नही लिया तो आज के बाद मेरे पास मत आना रंडी…

मैने ऐसा बोलते हुए उसका हाथ लंड से हटाना चाहा पर उसने हाथ झटक दिया ऑर धीरे-2 लंड के टोपे को जीभ से चाट ने लगी
मैं-अब आई ना लाइन पर अब मुँह मे पूरा भरकर चूस जैसे हमेशा चूस्ति है…कुतिया की तरह
वो धीरे-2 लंड को मुँह मे भर रही थी…लेकिन अभी तक ¼ हिस्सा ही उसके मुँह मे था
मैने फ्र्स्टेशन मे उठकर उसके सिर को दोनो हाथो से पकड़ कर लंड पर दवा दिया…ऑर स्ल्लूउप करते हुए पूरा लंड उसके मुँह मे चला गया….वो झटपटाने लगी लेकिन मैं गुस्से मे था तो मैने उसको छोड़ा नही बल्कि उसके सिर को ज़ोर से दवाए रखा ओर बोला
मैं-चल रंडी नखरे बंद कर चूस इसे

लेकिन वो अभी भी लंड को बाहर करने की कोसिस कर रही थी ऑर मेरा गुस्सा बढ़ रहा था…
मैने गुस्से से उसका सिर ऑर ज़ोर से पकड़ा ऑर सिर को अपने लंड पर उपर-नीचे करने लगा ओर बोलने लगा

मैं(गुस्से मे)- ले साली …तू नही मानेगी ना…अब देख मैं क्या करता हूँ
ओर इतना बोल कर मैं उसके सिर को तेज़ी से उपेर-नीचे करने लगा…

अंधेरे मे कुछ दिख तो नही रहा था बट शायद सीन कुछ ऐसा रहा होगा...




करीब 5 मिनट तक मैने ऐसे ही करता रहा
ओर वो झटपटाती हुई आवाज़े निकालती रही
वोकहू…ऊओंम्म्म…..उूउउम्म्म्मम….कक्खहूनन्न…..कककखहूओन्न

मैने उसकी एक ना सुनी ऑर उसके सिर को उपर नीचे करता रहा ..जब मैं झड़ने वाला था तो बोला

मैं-ये ले भर ले तेरा पेट…पी जा कुतिया ...पूरा पी जा..

ओर ये कहते हुए मैं उसके मुँह मे झाड़ गया...ऑर जब तक पूरा लंड रस उसके मुँह मे नही निकल उसका सिर छोड़ा नही
जब मैं खाली हो गया तो मैने उसके सिर को छोड़ दिया ऑर वो झटके के साथ पीछे होकर…कराहने लगी

वो-खो…खूओंन्न…कक्खहूओ…आआहह…कक्ख़्हूओ…कक्ख़्हूओ

मैं-देखा मुझसे पंगा लेने का अंजाम….सराफ़त से मान जाती तो अच्छा होता ना….अब कभी भी पंगा नही लेना मुझसे ..समझी
वो-खो…खूओंन्न्न…(लेकिन कुछ बोली नही)

मैं-अब रुक तेरी गांद मारता हू…ऑर मैं बेड से उठने लगा …लेकिन उसके पहले ही वो उठके भाग गई ऑर मुझे सिर्फ़ गेट खुलने ओर बंद होने की आवाज़ आई

मैं(मन मे)-साली को हो क्या गया…आज कितने नाटक कर रही है साली….वैसे तो मर रही थी चुदवाने के लिए…..शायद गुस्सा हो गई?????
हां….जाने दो आ जायगी थोड़ी देर मे ….चूत खोलकर….जायगी कहाँ
ये सोचते हुए मैं बाथरूम गया ऑर बापिस आकर फिर से लेट गया..इस इंतज़ार मे कि वो आयगी…सोचा कि मेसेज कर दूं…फिर सोचा कि नही…खुद ही आयगी कुतिया

ऑर सोचते हुए कब मैं सो गया पता ही नही चला
जब आँख खोली तो सुबह हो चुकी थी ओर संजीव मुझे हिलाते हुए जगा रहा था….



संजीव-उठ जा भाई …कब तक सोएगा….9 बज गये

मैं-आँखो को खोलते हुए….क्या???

संजीव-भाई 9 बज रहे है उठ जा

मैं(चौक्ते हुए)-क्या 9 बज गये

संजीव- हां भाई उठ जा

मैं-(आँख मलते हुए बेड पर बैठ गया)

संजीव-क्या हुआ भाई आज 9 बजे तक सोता रहा ….तू तो जल्दी उठ जाता है



(मैं डेली जल्दी ही जागता हूँ सुबह…एक्सरसाइज़ करने के लिए…मेरे घर पर पर्सनल जिम है)



मैं-हाँ यार ये कैसे हो गया…लगता है तेरे घर नीद ज़्यादा आती है(ऑर मैं हँसने लगा)

संजीव-(हँसते हुए)-हाँ शायद यही है…चल फ्रेश हो कर नीचे आजा …नाश्ता करते है

मैं –तू चल …मैं आया



इतना बोल कर मैं फ्रेश होने निकल गया ऑर संजीव नीचे

जब मैं नीचे पहुचा तो नाश्ते के लिए पूनम रक्षा अनु ऑर संजीव भी बैठे थे…सब मेरा ही वेट कर रहे थे



मैं-गुड मॉर्निंग एवेरिवन

अनु,पूनम,संजीव- गुड मॉर्निंग

रक्षा-(चुप रही ऑर मुझे गुस्से से देख कर नज़रें घुमा ली)

मैं(मन मे)-अब इसे क्या हुआ…



आंटी1 किचन से नाश्ता लाते हुए



आंटी1-गुड मॉर्निंग बेटा…नीद अच्छी आई

मैं(आंटी को देखते हुए)-गुड’मॉर्निंग आंटी..हाँ मस्त रात गुज़री…ऑर ये कह कर मैने पूनम की तरफ स्माइल की…पूनम ने भी मुस्कुरा कर जवाब दे दिया



इधर आंटी नाश्ता सर्व कर रही थी ऑर मैं आंटी को देख रहा था ….क्या लग रही थी….ब्लू साड़ी मे दमदार फिगर…बड़े-2 बूब्स…ओर हेवी गंद….साला किसी का भी लौदा खड़ा कर दे उपर से भीगे हुए खुले बाल ऑर उनमे से टपकती हुई पानी की बूंदे….मस्त नज़ारा था….अचानक



आंटी1-बेटा क्या सोचने लगे नाश्ता पसंद नही क्या

मैं(नाश्ते को देखा , आंटी ने आलू के पराठे बनाए थे….फिर हड़बड़ाते हुए बोला)-अरे नही आंटी…ये तो मुझे आसंद है

औनटु1(कातिल स्माइल करते हुए)- तो फिर कहाँ खो गये थे

मैं(चौुक्ते हुए)-वो…वो आंटी अंकल लोग ऑर आंटी2 नज़र नही आ रहे

आंटी1-अंकल लोग शॉप निकल गये ऑर आंटी2 अपनी फ्रेंड के घर गई है ,यही पड़ोसे मे

मैं-ओके(ऑर मैने नज़रे रक्षा की तरफ की….वो अभी भी मुझे गुस्से से घूर रही थी…मेरे देखते ही उसने आँखे झुका ली नाश्ते की तरफ)



उसके बाद मैने पूनम को देखा जो मेरे साइड मे ही थी….पूनम मुझे स्माइल कर रही थी…ओर अचानक मुझे अपनी जाघो पर हाथ का एहसास हुआ…मैं समझ गया कि ये पूनम ही है साली….मैं नॉर्मल होते हुए नाश्ता करने लगा)





क्योकि आज सनडे था तो स्कूल ऑफ थे….तो नाश्ता करने के बाद आंटी1 अपने काम मे लग गई ऑर पूनम, रक्षा ऑर अनु अपने रूम मे चली गई…रह गये मैं ऑर संजीव…हम दोनो हॉल मे टीवी देखने लगे



थोड़ी देर बाद अनु ऑर रक्षा तैयार होकर नीचे आई …दोनो जींस ओर टॉप मे थी…क्या माल लग रही थी….टाइट टॉप ऑर जींस…ऑर टॉप के अंदर कड़क-कड़क बूब्स…हाय..लंड देखते ही फडक उठा मेरा तो…..

मैने पूछा



मैं-तुम लोग कहाँ चल दी…आज तो छुट्टी है ना

अनु-भैया.पड़ोस मे फरन्ड के घर जा रहे है…लेकिन रक्षा ने मुझे फिर से गुस्से मे देखा ऑर कुछ नही बोली

अनु-आंटी(संजीव की मोम) हम थोड़ी देर मे आते है

आंटी1- हाँ बेटा सम्भल के जाना

अनु-ओके आंटी



इतना बोलकर अनु ऑर रक्षा जाने लगी ऑर मैने उन्हे पीछे से देखने लगा …क्या गांद थी दोनो की …जीन्स के अंदर मस्त दिख रही थी….



मैं देख ही रहा था कि रक्षा ने पलट कर मुझे उनकी गंद देखते हुए पकड़ लिया ऑर फिर से गुस्से मे घूर्ने लगी….मैने नज़रे घुमा ली ऑर वो दोनो निकल गई……

मैं सोचने लगा इस साली रक्षा को क्या हो गया है???





मैं सोच ही रहा था कि संजीव बोला



संजीव -भाई अब प्लान सुरू करे

मैं-कौन सा प्लान बे

संजीव-भाई वो ही …तुझे माँ के साथ भेजने का….

मैं-ओह…हाँ..कर बट बोलेगा क्या

संजीव-भाई बोल दूँगा कि तवियत ठीक नही

मैं-साले सिर्फ़ बोलने से क्या होगा…पकड़ा जायगा….तू कही से बीमार नही दिख रहा

संजीव-तो अब क्या करू

मैं-कुछ ऐसा की तू बीमार लगे

संजीव-जैसे

मैं-चल तुझे उपेर ले जाकर नीचे पटक देता हूँ....हाथ पैर टूट जायगे नही तो ऐसा तो हो ही जायगा कि चल ना पाय....हाहहहहाआ



संजीव-छोड़ ना....कुछ अच्छा बता साले
मैं- हाँ सोचता हूँ..तू भी सोच…

हम थोड़ी देर ऐसे ही सोचते रहे कि क्या किया जाय जिस से संजीव आंटी के साथ ना जा पाय ऑर उसकी जगह मैं चला जौ...मुझे तो कुछ ठीक समझ नही आ रहा था ...तभी संजीव बोला...



संजीव-भाई 1 आइडिया है ...काम बन सकता है

मैं-कैसे

संजीव-भाई मैं बीमार हो सकता हूँ….

मैं- पागल ऐसे कैसे हो जायगा…बता तो

संजीव-भाई मेरे अंकल के पास कई सारी मेडिसिन होती है….क्योकि वो अक्सर बीमार रहते है

मैं-तो साले मेडिसिन से बीमारी दूर होती है ऑर तुझे बीमार होना है

संजीव-भाई जानता हूँ…बट उनके पास ऐसी गोली भी है जिससे पेट मे अगर अकड़ हो तो उसे पानी बना देता है

मैं-मतलब???

संजीव-भाई जो जल्दी से फ्रेश ना हो पा रहा हो तो उसके पेट के खाने को पानी बना देती है

मैं-तो उससे क्या

संजीव-भाई अगर नॉर्मल बंदा खा ले तो वो बीमार पड़ जायगा

मैं-हाँ…बट इतनी बड़ी रिस्क…नही भाई कुछ ऑर सोचते है

संजीव- अरे यार कुछ नही होगा….थोड़ी प्राब्लम होगी तो झेल लुगा ना

मैं-भाई कुछ हो गया तो…नही नही रिस्क नही लेते

संजीव- भाई मोम की चूत के लिए ये रिस्क बहुत कम है…

मैं(हँसते हुए)- ओककक….हाहहहा….भाई मान गये तेरी तड़प

संजीव-हाहहहा…तो चल



हम दोनो संजीव के अंकल के रूम मे गये ऑर मेडिसिन देखने लगे….हम मेडिसिन बॉक्स मैं देख ही रहे थे कि मेरी नज़र 1 टॅबलेट पर पड़ी…..



मैं –भाई ये तो नीद की गोली है ना

संजीव(टॅबलेट हाथ मे लेते हुए)- हाँ भाई….वो क्या है चाचा को नीद ना आने की प्राब्लम है तो कभी-कभीले लेते है….बट साइडिफक्ट नही होता इनसे

मैं-ओह…चल अपने काम की देख…



थोड़ी देर बाद…………



संजीव-मिल गई..ये रही(एक टॅबलेट को हाथ मे लेकर)

मैं-ओके चल अब यहाँ से..



मैं ऑर संजीव अंकल के रूम से बाहर आ गये….ऑर फिर से टीवी देखने लगे



आंटी1-(किचन से)-बेटा कॉफी लोगे

मैं-हां आंटी

संजीव- मैं भी



थोड़ी देर बाद आंटी कॉफी लेकर आई ऑर हमे कॉफी देकर बोली

आंटी1-संजू आज शॉपिंग चलना है…याद रखना

ऑर इतना बोलकर आंटी अपने काम मे लग गई

संजीव- भाई चल अब टॅबलेट का कमाल देखते है….ये काम कर गई तो मोम की शॉपिंग भी तेरे साथ फिक्स

मैं(हँसते हुए)- ओके चल फिर



इसके बाद हम ने अपनी कॉफी ख़त्म की ओर टीवी ऑफ करके उपर संजीव के रूम मे आ 

गये….



रूम मे आते ही संजीव ने टॅबलेट खाई ऑर बोला



संजीव-भाई अब मैं लेट जाता हूँ…थोड़ी देर मे इसका असर हो जाना चाहिए

मैं-ओके तू लेट मैं पूनम के साथ बात करता हूँ….जब तेरी तवियत बिगड़ने लगे तो आंटी को ही बोलना सबसे पहले

संजीव- बट तू जा क्यो रहा है

मैं-(बहाना बना कर)-भाई मैं यहाँ रहुगा ऑर तू आंटी के पास पहुचा तो आंटी मेरे बारे मे पूछेगी...ऑर मैं चाहता हूँ कि तुम्हारे ऑर आंटी के बीच मैं ना रहूं....ताकि तू अकेले मे उनको मेरे साथ जाने की बोल भी दे ओके



(मन मे सोचा कि ये मान जाय…मुझे तो पूनम के पास जाना है…क्योकि जब से नाश्ता करते हुए उसने मेरा लंड सहलाया था …तबसे…मुझे चुदाई की तड़प लगी थी…इसलिए मेरे मन मे जो आया मैने वैसा बहाना बोल दिया संजीव से)



संजीव(कुछ सोच कर)- ओके…ठीक कहता है…मैं मोम को अकेले मैं मना लुगा….तू जा

मैं(चैन की साँस लेते हुए)- ओके भाई

इतना बोल कर मैं संजीव के रूम से बाहर आया ऑर गेट को बाहर से बंद करके पूनम के रूम पर नॉक किया 



पूनम(अंदर से ही)- कौन है

मैं-हहुउऊंम्म….मैं हू

पूनम-ऑर कौन है

मैं-मतलब…..मैं ही हू

पूनम-ओके आ जाओ



मैने रूम का गेट ओपन किया तो देखा कि पूनम अपने बेड पर आधी लेटी हुई थी….वो सिर्फ़ लेगी ऑर टॉप मे थी….

पूनम-लॉक कर दो

मैने(सिर हिलाते हुए)---ओके

ओर मैने रूम का गेट अंदर से लॉक कर दिया



मैं गेट लॉक करके पलटा ही था कि अचानक पूनम तेज़ी से आकर मुझसे लिपट गई ओर बेतहासा चूमने लगी मुझे

मैं सोचने लगा साली रात मे इतने नखरे ऑर अब मरी जा रही है

मैं भी पूनम का साथ देने लगा ऑर हम एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे …मैने अपने हाथ पूनम के पीछे ले जाकर उसकी गंद को हाथो मे थाम लिया ऑर दवाने लगा…



थोड़ी देर बाद जब हम एक दूसरे के होंठो को चूस चुके तो पूनम ने अपना हाथ मेरे आधे खड़े लंड पर रखा दिया ऑर उपर से ही लंड मसल्ने लगी…..

मेरा लंड तो तड़प ही रहा था …तो लंड हार्ड होने लगा…



पूनम ने देर ना करते हुए मेरे लंड को बाहर निकाल लिया ऑर हाथ से सहलाने लगी..
थोड़ी देर बाद पूनम घुटनो पर बैठ गई ऑर लंड को हाथ से मुठयाते हुए मेरी बॉल्स को चाटने लगी ओर आँखे उपर करके मुझे देखने लगी
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Sannydub76 Offline
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29-07-2017, 12:57 AM
मैं(मन मे)- साली रात मे तो दूर भाग रही थी ऑर अब देखो….सटा सट ….क्या चीज़ है ये….ऐसा चेंज…फिर मैने सोचा की आज इसको तडपा के चोदुन्गा…रात का हिसाब बराबर जो करना था

नीचे पूनम ने अब मेरी बॉल्स को मुँह मे भर लिया ऑर लंड को हाथ से हिला रही थी.....



मैं-आअहह(बॉल्स पूनम के मुँह मे जाते ही मेरी आह निकल गई)

पूनम(बॉल्स को मुँह से निकाल कर)-आअहह….मेरी जान…कब्से तड़प रही थी….आप पूरा बसूल करूगी…(ऑर इतना बोलकर पूनम 1 ही बार मे मेरे लंड को पूरा मुँह मे ले गई…मेरी तो आहह निकल गई
मैं-आअहह…..मेरी रानी…..मेरा लंड भी कब्से तड़प रहा था… चूस ले……आअहह
पूनम-उउउम्म्म्ममममगग्घहूंम्म्म....उउउम्म्म्म
मैं-आअहह....ओर तेज...हहाअ...अंदर तक....आअहह...मज़ा एयेए...गगगययाअ
करीब 5 मिनट मेरे लंड को ताबड़तोड़ चूसने के बाद पूनम ने मेरा लंड अपने मुँह से निकाल के कहा
पूनम-आअहह….मज़ा आ गया….
मैं-रुक क्यो गई ….रस तो पी ले
पूनम-अभी नही राजा….आज तो इसको सीधे अंदर ही डालुगी….मुँह से नही…चूत से
मैं-नही…आज तेरी गंद से जायगा तेरे अंदर
पूनम-तो दो बार निकालना होगा...मुझे चूत मे भी चाहिए
मैं(सोच कर…कि टाइम कम है)- ओके जान आज तेरी मानता हू…गंद बाद मे..
पूनम- थॅंक यू जान
मैं-तो आजा फिर

पूनम खड़ी हुई और मेरा लंड पकड़े हुए बेड की तरफ जाने लगी…बेड के पास पहुच कर उसने मुझे बेड के किनारे पर बैठाया ऑर खुद घुटनो पर बैठ के एक ही बार मे लंड को मुँह मे भर गई ऑर चूसने लगी…




पूनम मेरा लंड चूस रही थी कि मेरा सेल्ल्ल बजने लगा…
मैने सेल देखा ….अरे संजीव का मेसेज

संजीव(मेसेज)- भाई टॅबलेट काम कर गई…बाथरूम के दो राउंड हो गये…पूरा पेट पानी हो गया…तू कहाँ है
मैने रिप्लाइ किया
मैं(मेसेज से)-भाई मैं पूनम के रूम मे ही हूँ...अब तू जा ऑर आंटी को सब बता दे ऑर बोल दे कि वो मेरे साथ शॉपिंग जाए…तू जा नही पायगा ओके
संजीव(मेसेज)-ओके…तू कर क्या रहा है…बोर तो नही हो रहा
मैने (मन मे )-साले तेरी ऐसी रंडी बेहन के होते हुए भला कौन बोर होगा ऑर मैं क्या कर रहा हूँ ये कैसे बताऊ…कि तेरी बेहन से लंड चूसा रहा हू ऑर चुदाई भी करूगा….सोचते-सोचते मैं हँसने लगा ऑर मेसेज का रिप्लाइ दिया
मैं(मेसेज)- भाई मेरी टेन्षन मत ले…तेरे लिए बोर भी हो लुगा , तू काम पर ध्यान दे…फिर बता मुझे
संजीव(मेसेज)-ओके
मैने सेल साइड मे रखा ...जब तक मैं मेसेज कर रा था , पूनम मेरा लंड ही चूस्ति रही….फिर लंड को मुँह से निकाल कर बोली
पूनम-आहह…कौन था
मैं-तेरा भाई
पूनम(घबडा कर)-यहाँ तो नही आ रहा
मैं-नही तू टेन्षन मत ले…मैने बोल दिया कि तेरी बेहन चुद रही है मुझसे ...यहाँ मत आ... बाद मे आता हूँ(ऑर हँसने लगा)
पूनम(गुस्से से)-सच बोलो
मैं-टेन्षन मत ले वो बाथरूम गया है...जब तक तेरी ठुकाई करता हूँ
पूनम-(रिलॅक्स होते हुए)-तब ठीक है..पर जल्दी करो
मैं-ह्म्म...तो आजा…तेरा चूत रस पिला

मैने पूनम को उपर आने को बोला ऑर मैं बेड पर लेट गया….
मैने इशारे से पूनम को मेरे मुँह पर बैठने को कहा…पूनम ख़ुसी से मेरे मुँह के आजू-बाजू अपने घटनो को रखते हुए …धीरे -2 मेरे मुँह के उपर आ गई….

अब मेरी आँखो के सामने पूनम की प्यारी चूत थी…बिल्कुल चिकनी…शायद आज ही सेव की थी…
चूत की खुसबू मेरी नाक मे अंदर तक आ रही थी 
साला…पता नही क्यो लेकिन चूत चूसने मे मुझे बहुत मज़ा आता है …

मैने अपने मुँह को उपर करके..अपनी जीभ को पूनम की चूत से टच ही किया कि पूनम की आह निकल गई…
पूनम---आअहह

मैने धीरे-2 पूनम की चूत पर जीभ फिराता रहा ओर पूनम मस्ती मे सिसकती रही....



थोड़ी देर तक चूत चाट ने के बाद मैने पूनम की गंद पकड़ कर उसकी चूत को अपने मुँह के ऑर पास कर लिया…ऑर जीभ को अंदर डालने लगा

पूनम-आआहह…बब्बहाऐईइ…आआहह
मैने अपनी जीभ को चूत के अंदर तक ले जाकर…घुमा रहा था…मैं लगभग 2 मिनट तक कंटिन्यू जीभ को चूत मे घुमाता रहा…



पूनम---आआहह….ससीईसीई…ब्ब्बभहाऐईयइ…क्क्क्ययय्याअ…क्कार्र…र्राहहीए….हमम्म्म…..आआहह……म्म्म्मा आज़्ज़्ज़्ज़ाअ…..हहाअ….

.कककाररर्त्ततीए…..हमम्म्म…कक्खाअ…..ज्ज्जाआ……आआहह

पूनम भी अपनी गंद घुमा कर अपनी चूत मे जीभ को अंदर घुसाने की पूरी कोसिस मे साथ दे रही थी



पूनम—आअहह…बब्बहाऐईयइ….आअन्न्न्ंददार्रर…आअहह…बब्बहाइईइ….म्म्मारयन..आऐईयईईई….आहहाहह



इतना कह कर पूनम मेरु मुँह पर अपनी चूत के रस को बरसाने लगी ओर मैं भी प्यासे की तरह…मज़े ले पूरा चूत रस पी गया….ऑर फिर पूनम की चूत मे अंदर जीभ डाल कर बचा हुआ रस चाट गया….



चूत रस पीने के बाद मैने पूनम को साइड किया ऑर वो मेरे साइड मे आ कर लेट गई…



मैं-आहह…मज़ा आया मेरी जान

पूनम-आअहह…भाई क्या कमाल की चुसाइ की है आज….मज़ा आगया

मैं-तेरी चूत है ही ऐसी की देखते ही खा जाने का मन करता है

पूनम-तो रोका किसने है…आपकी है भाई…जब चाहे तब खाओ..



इसके बाद हम किस करने लगे, लेटे हुए……



थोड़ी देर किस करने के बाद…मैने किस छोड़ कर कहा…



मैं-चल आजा…टाइम कम है…तुझे सवारी करवाता हूँ

पूनम-इसके लिए तो हमेशा तैयार हूँ मैं



इसके बाद पूनम बैठ कर मेरे लंड के उपर झुक गई…ऑर लंड को चूसने लगी….लंड को चूस के गीला करने के बाद पूनम मेरी जाघो के दोनो तरफ पैर रख कर घुटनो पर बैठते हुए …अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत पर सेट करने लगी ओर धीरे-धीरे बैठने लगी



मैने मौका देखा ऑर उसकी कमर को पकड़ कर झटके के साथ उसे अपने लंड अंदर तक बैठा दिया



ऐसा करने से पूनम की चूत मे मेरा पूरा लंड एक ही झटके मे अंदर तक चला गया…ऑर पूनम के मुँह से चीख निकल गई…बट उसने चीख कंट्रोल कर ली ओर उसका मुँह खुला का खुला रह गया



पूनम-आअहह…म्म्मा अररर गई..



मैं-अभी कहाँ…अब देख



ऑर मैने पूनम की कमर पकड़ कर उसे उपर नीचे करना सुरू कर दिया …



(मैने पूनम को पीछे 5-6 मंत से चोद रहा था…इसलिए…अब उसे ज़्यादा दर्द नही होता…मेरे लंड की आदत लग गई है उसे)



पूनम ने अपनी बॉडी को मेरे उपर झुका दिया ओर मैं उसके बूब्स को मुँह मे भर कर चूसने लगा...….









पूनम थोड़ी देर मे मस्ती मे सिसकने लगी...



पूनम-आअहह….ऑर तेज…आहह…हाँ आईइस्सी हहिि...



मैं-(बूब को मुँह मे भरे हुए)-मम्मूउउहह



पूनम-हाँ ओर तेज…आहह…..आआअहह….तेज..बब्बहाऐईइ



मैं(बूब्स को मुँह से निकाल कर कहा)- तू मुझे भाई क्यो बोलती है चुदाई के टाइम...



पूनम-तू बब्बहाइईइ ही है….भाई का दोस्त भाई...

मैं- तुझे चोदते हुए सैयाँ हूँ तेरा...भैया क्यो बोलती है..???

पूनम-अया भाई....भाई से चुद रही हूँ ये सोच कर चूत ज़्यादा गरम हो जाती है....आअहह...इसलिए...आअहह भाई..चोदो अपनी बहन को...आअहह



मैं(हँसते हुए)-तो तू अपने भाई से चुद रही है

पूनम- हहााअ…बब्बहाऐईयइ……म्म्माहआज़्ज़्ज़ाअ बढ़ जाता है….भाई से चुद्कर..



मैं-(सोचकर)- तो तू संजीव से भी चुद जाएगी...???



पूनम(जो अभी चुदाई के नशे मे थी)-हाअ....उउउस्सी भाई.....बबबीएहंनंन्ककचहूओद्द...हमम्म्म.....बना ......आअहह....दुगी



मैं-(मन मे...ये तो साली सच मे रंडी है)



पूनम-आअहह…भाई…ज्ज्ज्ूओर्रर…सस्सीए…..कक्चछूड्ड़डूव….ब्ब्बबबीएहाआंन्न ..क्कूव…ज्ज्ज्ूओर्रर्र सससी



मैने पूनम को पलटा कर बेड पर डाला ओर उसके पैरो को घुटने से मॉड्कर…उसके सीने से लगा दिया ऑर तेज़ी से उसे चोदने लगा....









पूनम-आअहह…बब्बहाईयाीई……ब्ब्ीएंन्नकचहूओद्दड़….फ्फ़ाआड्द्ड़ द्डडीईए…बबबीईहनन्न क्क्कीईइ..



मैं-आअहह….मेरी प्यारी बेहन….ले भाई का ….अंदर तक ले

पूनम-आअहह बब्बहाइईइ…ऊओररर त्ट्तीएजज़्ज़्ज्ज्ज…..फ़फफाद्दद्ड द्डूडू

मैं-ययईए ले….रंडी बेहन…..पूरा ले



पूनम-आअहह....उउउम्म्म्म......बब्बहाऐईइ म्माऐईिईन्न्न आआईयइ

ऐसा बोलते ही पूनम झड़ने लगी.....



मैं-मैं भी आया बेहन......आआहह...मेरी रंडी

पूनम- ब्ब्बभाअररर दददू बब्बहाऐईयईई......आअदददाअरर हहिि बब्बहाअररर दददू....



मैं-तो ये ले(ये कहते हुए पूनम की चूत मे झड़ने लगा)


जब मैं पूरा झड गया तो मैं पूनम के उपर लेट कर उसके बूब्स चूसने लगा
पूनम(मेरे सिर पर हाथ घूमाते हुए)-आअहह भाई मज़ा आ गया…कल रात की कसर निकल…गई



मैं-(बूब्स चूस्ता रहा)



पूनम- रात मे पता नही कैसी आँख लगी भाई कि सुबह ही खुली



मैं(चौन्कते हुए…बूब्स को मुँह से बाहर निकला ऑर बोला)-क्या???



पूनम- हाँ भाई कल पता नही दूध पीकर सो गई ओर सुबह ही आँख खुली..



(मैं ये सुनकर चक्कर मे पड़ गया की अगर रात मे मेरा लंड चूसने वाली ये नही थी तो कौन थी….मैं तो अभी तक यही सोच रहा था कि पूनम ही थी….

फिर मैने सोचा ….कि इसे बताऊ कि नही….दिल ने जवाब दिया कि मत बता….)



मैं(सोच से बापिस आते हुए)- कोई नही मेरी प्यारी बेहन…अब तो खुश है ना



पूनम-हन भाई…बस ऐसे ही अपनी बेहन को चूत का ख्याल रखना मेरे भाई(ओर पूनम ने मुझे किस कर दिया)



अब हम अलग हुए ऑर मैने कहा



मैं-अब कपड़े पहन ले…तेरा भाई वेट कर रहा होगा…यहाँ ना आ जाय



पूनम –हां(ऑर ये कहकर वो भी अपने कपड़े पहन ने लगी



कपड़े पहन ने के बाद हम ने रूम का गेट अंदर से खोल दिया ऑर बेड पर बैठ गये ओर मैं संजीव के मेसेज का वेट करने लगा...



मैने पूनम से कहा

मैं-पूनम …तू कह रही थी कि भाई से भी चुदवाउन्गी….सच मे



पूनम-अरे वो तो ऐसे ही निकल गया मुँह से(ओर उसने नज़रे घुमा ली)



मैं-सच बोल…



पूनम-(गुस्से से)- बोला ना ऐसा कुछ नही…कुछ ऑर बात करो…हटाओ इसे



(पूनम की आँखे ऑर ज़बान अलग-2 बाते कर रही थी…पर मैने सोचा अभी बात को आगे नही बढ़ाते…इसे फिर कभी देखेगे…ओर वैसे भी अभी ये भी पता करना है कि अगर कल रात मेरा लंड चूसने वाली पूनम नही थी…तो था कौन….??? )



मैं सोच ही रहा था कि मेरे सेल पर संजीव का मेसेज आ गया---



संजीव(मेसेज)-इट्स डन भाई….आज तू ऑर मोम जायगे नीचे आजा…मोम बुला रही है

मैने मेसेज पड़कर सेल पॉकेट मे डाला ऑर पूनम को किस करके जाने लगा



पूनम(पीछे से)-अब कब करोगे



मैं-टेन्षन मत ले जल्दी ही करूगा...वैसे भी गंद की चुदाई बाकी है..हाहहहा.



पूनम(शरारती मुस्कान के साथ)-गंद को इंतज़ार रहहा



मैने पूनम को स्माइल दी ओर नीचे आ गया….वहाँ संजीव ओर उसकी मोम बैठे हुए 

मेरे आने का वेट ही कर रहे थे….....

मैने पूनम की चुदाई करके नीचे आ गया , जहाँ संजीव ओर उसकी मोम सोफे पर बैठे हुए थे….संजीव थोड़ा थका सा लग रा था….



मैं- क्या हुआ संजीव…थका सा लग रहा है



संजीव कुछ बोलता उसके पहले उसकी मोम ने कहा



आंटी1- बेटा संजू को लूजमोषन हो गया है….



मैं-क्या यार…ऐसा कैसे हो गया…क्या खा लिया…



संजीव-कुछ नही यार….पता नही कैसे हो गया



मैं-कोई नही चल डॉक्टर के पास चलते है



संजीव-नही भाई…मैं ठीक हूँ…टॅबलेट ले ली है शाम तक ठीक हो जाउन्गा…डॉन’ट वरी



मैं-ओके तो चल तुझे तेरे रूम मे छोड़ देता हूँ…रेस्ट कर



संजीव-हाँ छोड़ देना…पर पहले मेरी बात सुन



मैं-हां बोल



संजीव(अपनी मोम को देखते हुए)-वो यार मोम को शॉपिंग ले जाना था….ओर मैं जा नही सकता इस हालत मे..



आंटी1(बीच मे ही बोल पड़ी)-अरे तुम रेस्ट करो शॉपिंग रहने दो



संजीव(मासूमियत से)-बट मोम आपको शादी मे जाना है ना….



आंटी1-तो क्या हुआ…मेरे पास बहुत सी साड़ियाँ है…शॉपिंग की खास ज़रूरत नही



संजीव-बट मोम आप शॉपिंग जाओ….वैसे भी वो आंटी आपको गाओं की कह कर ताने देती है…मैं नही चाहता कि मेरी मोम को कोई ताने दे


(ये संजीव से मैने ही कहा था कि मेरे सामने अपनी मोम से आंटी के तानो की बात ज़रूर करना …ये मेरे प्लान का हिस्सा था)
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Sannydub76 Offline
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#7
29-07-2017, 01:00 AM

मैं(अंजान बनते हुए)-क्या..??...आंटी आप को ताने…बट किस लिए

आंटी तो खामोश रही बट संजीव बोला
संजीव-भाई वो क्या है कि मोम सिंपल साड़ी पहन कर ही रहती है….ओर उनकी फरन्ड थोड़ी सी मॉर्डन है…इसलिए…

मैं-ये तो ग़लत है…मॉर्डन ड्रेस से कोई सहर का नही हो जाता ऑर ना ही सिंपल रहने वाला गाओं का….

आंटी अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बोली
आंटी-छोड़ो भी वो तो है ही ऐसी…मैं तो वही करूगी जो मुझे पसंद है

संजीव-ठीक है मोम पर आप प्लीज़ शॉपिंग कर आओ….ओके

आंटी-बट बेटा ..तुम…

मैं बीच मे ही आंटी की बात काट कर बोला

मैं-नही आंटी संजीव ठीक कह रहा है….आंटी अब तो आपको शॉपिंग जाना ही होगा…चलो मैं चलुगा आपके साथ….अब देखते है कोई कैसे आपको ताने देता है..

आंटी1(जो ताने की बात सुनकर थोड़ा दुखी ओर गुस्से मे आ गई थी)-कोई कुछ भी कहे कहने दो…क्या फ़र्क पड़ता है…मैं तो अपने मन की शॉपिंग करूगी

मैं-नही आंटी हमारे होते हुए कोई आपको ताने दे ये नही होने देगे…आप चलिए प्लीज़…मेरे साथ चलिए

आंटी1- ओके…चल चलते है ….बट संजू का ख्याल कौन रखेगा

संजीव(बीच मे ही बोल पड़ा)-मोम आप लोग जाओ मैं ठीक हूँ…ओर पूनम दी है ना घर पर…कुछ होगा तो उनसे बोल दूँगा
आंटी1-ओके बेटा ..मैं पूनम से बोल कर रेडी होती हूँ….जब तक खाना खा लो

(इसके बाद आंटी ने पूनम को बुलाकर सब बात बता दी ऑर तैयार होने चली गई….पूनम ने मुझे खाना लगाया ऑर हम ने मिलकर मस्ती के साथ खाना खाया…जब तक संजीव वही सोफे पर बैठा रहा ..पेट पकड़े हुए)

खाना खाने के बाद मैं संजीव को रूम मे लाया ऑर उसे रेस्ट करने का बोल कर ….चेंज करने लगा

मैं रेडी हुआ ही था कि आंटी की आवाज़ आई ….
आंटी1-अक…बेटा रेडी हो
मैं-(उपर से ही)-हाँ आंटी बस 1 मिनट मे आया
मैने संजीव को देखा वो अभी जाग रहा था ऑर बोला
मैं-भाई तेरी माँ की चूत के लिए सफ़र सुरू…..हाहहहा

संजीव ने भी मुस्कुरा दिया ओर हाथ से इशारे से बेस्ट ऑफ लक बोल दिया

मैं नीचे आया तो आंटी को देखता ही रह गया
क्या लग रही थी आंटी….पिंक कलर की साड़ी के साथ मॅचिंग ब्लाउस….इयररिंग….पर्स..ओर होंठो पर शाइन करती हुई पिंक लिपस्टिक भी…

मैं- वाउ …आंटी..लुकिंग ब्यूटिफुल
आंटी-(खुश होते हुए)- थॅंक्स बेटा…चले

मैं ऑर आंटी घर से बाहर आ कर मेरी कार से मार्केट के लिए निकले….मैं कार चलाते हुए आंटी को तिरछी नज़रों से देख रहा था ऑर बाते भी कर रहा था
मैं-आंटी 1 बात बोलूं…
आंटी-हाँ बोल ना
मैं-आंटी ..आप बुरा तो नही मनोगी ना
आंटी-अरे नही बेटा बोल ना
मैं-आंटी..वो…वो आप
आंटी-डर क्यो रहा है …बोल ना…ये क्या वो वो कर रहा है
मैं-आंटी आप आज बहुत हह..हॉट लग रही हो(मैने पहला तीर छोड़ दिया)
आंटी-(शरमाते हुए)-चल,पागल कही का…मैं कहाँ से हॉट लग रही हूँ
मैं-(शरमा गई मतलब अगला तीर छोड़ने का टाइम)- आंटी आप उपर से लेकर नीचे तक हॉट दिख रही हो

आंटी(थोड़ा ज़्यादा शरमाते हुए)-तू पागल हो गया….मैं कहाँ…….
मैं-(बीच मे ही बोल पड़ा)-कसम से आंटी…हॉट हो आप
आंटी(अचानक शांत हो गई)-क्या मतलब???

मैने सोचा साली डान्टेगी बट ये तो मतलब पूछने लगी…शायद इसे उतना बुरा नही लगा

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मैं-आंटी, मैं ये बोल रहा हूँ कि आप हॉट ही हो….क्या दिख रही हो….लग ही नही रहा कि आप 2 बड़े बच्चों की मोम हो
आंटी(शरमा गई)-कुछ भी….

मैं-कसम से आंटी

आंटी-अच्छा मान लिया….तुझे हॉट लगी तो हॉट हूँ,,,अब ठीक
मैं-हाँ

(हमारे यहाँ 2 मार्केट है….छोटे वाले मे सामान तो अच्छा मिलता है बट मॉर्डन सामान बड़े मार्केट मे मिलता है जो थोड़ा दूर पड़ता है…मैने छोटे मार्केट को छोड़कर बड़े मार्केट का रास्ता ले लिया )

आंटी-अर्ररे…बेटा मार्केट तो पीछे रह गया…कहाँ ले जा रहा है
मैं(शरारती स्टाइल मे)-अपनी हॉट आंटी को भगा कर ले जा रहा हूँ
आंटी(थोड़ा गुस्सा दिखाते हुए)-चुप...मुझे भगा ले जायगा....बेटा किसी हॉट लड़की को भगाने की एज है तेरी....हहहही

मैं-(मन मे सोच कर कि ये गुस्सा नही हुई...मतलब काम बन रहा है)- अरे आंटी आपके आगे कोई लड़की क्या लगेगी....ऑर प्यार मे एज डोएसन्थ मॅटर...हाहहाहा

आंटी(हँसते हुए)-अच्छा बाबा मुझे भगा ले जा...पर ये तो बता कि कहाँ ले जा रहा है
मैं-आंटी ...हम बिग मार्केट से शॉपिंग करेगे
आंटी-पर क्यो…यहाँ भी अच्छा समान मिलता है बेटा
मैं-आंटी यहाँ मॉर्डन ड्रेस नही मिलती है…
आंटी-मॉर्डन ड्रेस…किसके लिए चाहिए
मैं-आपके लिए ऑर किसके लिए
आंटी(चौुक्ते हुए)-कयय्या…मैं क्या करूगी मॉर्डन ड्रेस का
मैं-आंटी आप उसे पहन कर अपनी फ्रेंड के घर शादी मे जाएगी
आंटी(डबल शॉक्ड)-क्या…नही बेटा मैं…नही
मैं-क्यो नही आंटी
आंटी-बेटा मोर्डन ड्रेस जवान लोग ही पहने तो अच्छा लगता है
मैं-आंटी…ये क्या कह रही है….आप भी जवान ही हो…..
आंटी-अरे नही बेटा….मैं तो
मैं-आंटी आपकी फरन्ड भी तो आपकी एज की है…वो पहन सकती है तो आप क्यो नही
आंटी-पर…वो तो बेटा..नही ना
मैं-आंटी आप आज भी जवान लड़की से ज़्यादा हॉट दिखती है
आंटी(शरमा कर)-ठीक है बट ड्रेस क्यो
मैं-आंटी आपकी फरन्ड जो आपको सुनाती है ….उसका मुँह बंद करने को
आंटी(उदास हो गई)
मैं-आंटी पूनम ऑर संजीव ने मुझे बताया है….वो समझती क्या है आपको
आंटी(उदास स्वर मे)-अरे बेटा उसके घर आज़ादी है…पति है नही ऑर बेटी उसी की तरह सोचती है तो वो कुछ भी पहन कर घूमती है..ऑर घमंडी भी है तो ताने मारती है

इतना बोलकर आंटी का चेहरा उतर सा गया

मैं-नही आंटी आप ऐसा मत सोचो...मैं बोल रहा हूँ...आप सबसे अच्छी हो...अभी भी आपका फिगर कयामत धाता है(ये बोलने के बाद आंटी मुझे बड़ी-2 खा जाने वाली नज़रो से देखने लगी...ओर मैने सोचा कि क्या बोल गया...जल्दी कर दी क्या...तो बात संभालते हुए बोला)

मैं-मैने कुछ ग़लत कह दिया क्या

आंटी-(कुछ देर चुप रही फिर बोली)-नही बेटा ...पर तू ऐसी बाते कहाँ से सीख गया
मैं-अरे इसमे सीखना क्या आंटी ...जवान हो रहा हूँ....तो सब अपने आप ही आ रहा है...हाहहाहा
आंटी(शरमाते हुए)-बदमाश...बड़ा जवान हो रहा है....मुझे तो पता ही नही चला
मैं(1 तीर ऑर छोड़ा)-अर्रे आंटी कभी मौका दो तो बताउन्गा कि जवान हुआ कि नही…आपने मौका ही नही दिया
आंटी(सकपकाते हुए)-क्या मतलब
मैं(बात घूमाते हुए)-मतलब आपने कभी ध्यान ही नही दिया मुझ पर
आंटी(हँसते हुए)-आगे से ज़रूर ध्यान दूगी…पर बेटा अभी ड्रेस का रहने दो
मैं-क्यो आंटी
आंटी-बेटा संजू के पापा को ये सब अच्छा नही लगता…
मैं-आंटी वो आप मुझ पर छोड़ दो…बस आप गर मुझसे थोड़ा भी प्यार करती हो तो मॉर्डन ड्रेस ही लोगि
आंटी(अंदर से खुश होते हुए)-चाहती तो मैं भी हूँ…लेकिन संजू के पापा
मैं-आंटी बोला ना कि आप बस हां बोलो…….बाकी मैं संभाल लूँगा…ट्रस्ट मी
आंटी-ठीक है बट मैने आज तक ऐसी ड्रेस खरीदी नही…कैसे होगा..???
मैं-आंटी, उसकी टेन्षन भी मत लो मैं हूँ ना…आपको बेस्ट ड्रेस ही दिलवाउंगा
आंटी-ओके…तो चलो देखते है 
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Sannydub76 Offline
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#8
29-07-2017, 01:02 AM
इतना कहने के बाद हम बाते करते हुए बिग मार्केट मे पहुच गये….मैं कार पार्क की ओर हम माल की तरफ जाने लगे….मैने गौर किया कि कुछ लोग…आंटी को ही घूरे जा रहे है….आंटी लग भी तो कमाल रही थी……ऑर हम माल मे एंटर हो गये…
हम माल मे एंटर हुए ऑर वमेन्स सेक्षन मे गये…वहाँ 1 से बढ़ कर 1 मॉर्डन ड्रेस दिख रही थी…..आंटी तो देखकर ही खुश हो गई….ओर मैं आंटी को देख कर

मैं-आंटी…देखा कितनी मस्त ड्रेस है यहाँ…
आंटी-हाँ ये तो है…बट ज़्यादा तर छोटी है
मैं-अरे आंटी वो छोटी नही…मॉर्डन है…आज कल ऐसे ही चलती है
आंटी-अच्छा…पर…
मैं-छोड़ो भी अब आप…चलो ड्रेस खरीदते है….

हम उसके बाद 1 सेल्स गर्ल के पास पहुचे

सेल्सगर्ल- बोलिए सर
मैं-आप बिल्कुल न्यू स्टाइल ड्रेस दिखाइए
सेल्सगर्ल-किसके लिए
मैं(आंटी की तरफ इशारा कर के)-इनके लिए
सेल्सगर्ल-ओके सर इस तरफ प्ल्ज़्ज़

मैं ऑर आंटी सेलेज़्गर्ल के पीछे 1 कॉनटर पर पहुचे….वहाँ वो आंटी को उनके साइज़ के हिसाब से ड्रेस दिखा रही थी …तभी मेरी नज़र 1 ड्रेस पर पड़ी जो छोटी थी बट ज़्यादा नही….मैने वो ड्रेस निकलवा के आंटी को दे दी

मैं-आप ये ट्राइ करो
आंटी-ईए…नही बेटा ये छोटी है…
मैं(डाइरेक्ट हाँ करवाना चाहता था)-आपको मेरी कसम आप ये ज़रूर लेगी
आंटी-बेटा…ययईई…क्क्एययू
मैं-(मुस्कुरा कर)-क्योकि आप हॉट हो….ओर ये ड्रेस हॉट बॉडी के लिए ही है

आंटी(मेरी तरफ अजीब सी नज़रो से देखने लगी जैसे पूछ रही हो कि इरादा क्या है)

मैं(आंटी की आँखो मे देख कर ,बात आगे बढ़ते हुए)-ऑर अगर मेरी गर्लफ्रेंड होती तो मैं उसे यही पहनाता
आंटी-तो अपनी गर्लफ्रेंड को ही देना ना
मैं-आंटी गर्लफ्रेंड तो है नही….आपको ही बना लूँ….हाहहहा
आंटी-पागल कुछ भी बोलता है…ऑर शरमा गई

मैने सोचा आंटी तो बिल्कुल भी गुस्सा नही हो रही…क्या ये सही टाइम होगा…इन्हे कुछ ऐसा बोलने का क़ी ये मुझसे पट जाय….पता नही….???..चलो ट्राइ करते रहता हूँ
यही सोच कर मैने बातें कंटिन्यू की….



मैं-सच आंटी…आप जैसी हॉट लेडी मेरी गर्लफ्रेंड बन जाए तो मज़ा आ जाय
आंटी(मेरे गाल पर हाथ फेरते हुए)-बेटा ये कैसे हो सकता है

मैं शॉक्ड था कि ये तो पूछ रही है, जैसे कह रही हो कि बना ले अगर तुझे अच्छा लगे तो…वाउ लगता है आज दिन सच मे लकी है…मैं कंटिन्यू करता हूँ…
मैने आंटी की आँखो मे मुस्कुराते हुए देख कर कहा

मैं-आंटी आप चाहो तो सब कुछ हो सकता है….वो भी बिना किसी को पता चले(ये बोलते हुए मैं आंटी की आँखो मे ही देख रहा था,,,,ऑर लास्ट की बात मैने धीरे से उनके चेहरे के पास जाकर कही…तो उनकी आँखो मे शर्म …डर…ख़ुसी..का मिक्सर दिखाई…दिया)
आंटी तो मेरी बात सुन कर कही खो सी गई थी…


मैं(चुटकी बजा कर)-आंटी कहाँ खो गई
आंटी-वो..वो…कही नही…तू भी पागल है

ओर आंटी ड्रेस देखने लगी

मैं आंटी के साइड से उनके पास गया ऑर बोला
मैं-आंटी…पागल तो हू….बस आपके लिए …

आंटी ने मेरी तरफ मुँह किया तो हमारी नज़रे मिल गई ओर मैने देखा कि आंटी की आँखो मे अब गुस्सा नही था …बस डर ऑर एग्ज़ाइट्मेंट था…मौका देखते हुए मैने चौका मारा….

मैं-आंटी…किस सोच मे पड़ गई….बोलिए ….मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी…..???
मैने अपना तीर मार कर…मन की बात बोल तो गया बट मेरी गंद फट रही थी कि आंटी गुस्सा हो गई तो….चूत मारना तो दूर की बात…अपनी गंद बचाना भारी पड़ जाएगा….

लेकिन मेरी सोच के ऑपोसिट आंटी मेरी आँखो मे देखती रही…पर बोली कुछ नही…

मैं समझ गया कि तीर निशाने पर है तो मैने नेक्स्ट स्टेप लेते हुए अपना हाथ आंटी के कंधे पर रखा तो आंटी सकपका कर मेरी तरफ मुँह किए देखने लगी बट अभी भी चुप ही थी

मैं(आंटी के चेहरे के पास अपना चेहरा ले जा कर)-बोलिए आंटी…मुझे आपकी ज़रूरत है…ऑर मैं भी आपको खुश रखूँगा.. ….ऑर मैने आंटी का कंधा दबा दिया तो आंटी का मुँह खुला रह गया

मैने नज़रे घुमा कर देखा तो सेल्स गर्ल हमे ही देख रही थी…तो मैं आंटी से दूर हुआ ऑर उन्हे 1 ड्रेस पकड़ाते हुए बोला….अगर आप ये ड्रेस पहन के दिखा देगी तो मैं हाँ समझुगा …नही तो ना…

आंटी मुझे देखते हुए उस ड्रेस के साथ कुछ ऑर ड्रेस ले कर चेंजिंग रूम की तरफ निकल गई….तो मैने सेल्स गर्ल को बुला कर उसे 2000/- दिए और कहा

मैं-तुम ये पैसे रखो ऑर कुछ लेटेस्ट डिज़ाइन की ब्रा पैंटी दिखाना इन्हे(आंटी को)

सेल्सगर्ल(मुस्कुरा कर)-ओके सर ऑर कुछ

मैं- उन्हे लेटेस्ट शॉर्ट ड्रेस ही दिखाना…ऑर हर ड्रेस की मॅचिंग ब्रा-पैंटी

सेल्सगर्ल-ओके सर…ऑर कुछ

मैं-ऑर हाँ…इन्हें 1 मस्त इंडियन-वेस्टर्न मिक्स ड्रेसस्स दिखाना(शादी मे पहनेगी…)

सेल्सगर्ल-ओके. ऑर कुछ

मैं-हाँ 1 काम ऑर करना बट वो थोड़ी देर बाद बताउन्गा….

सेल्सगर्ल- ओके सर…मैं यही हूँ

मैं-ओके…अवी ये पैसे रखो ऑर वेट करो…ओके

सेल्सगर्ल-ओके सर….वैसे सर 1 बात कहूँ…बुरा मत मान ना

मैं-हम बोलो
सेल्सगर्ल(मेरे पास आकर धीरे से)-आइटम मस्त है…फुल मज़ा देगी(ऑर वो मुस्कुरा कर दूर हो जाती है)

मैने भी मुस्कुरा दिया ओर सोचने लगा की पता नही आंटी क्या कहेगी…ओर मैं यही सोच कर आस-पास के माल देखने लगा…तभी किसी ने मेरे हाथ को टच किया ऑर मैं पलटा…..ये सेल्स गर्ल थी


मैं-यस?

सेल्सगर्ल-(मुस्कुरा कर)-आपको अंदर बुला रही है

मैं-कौन???

सेल्सगर्ल-आपकी आइटम ऑर कौन…हहेहहे

मैं चेंजिंग रूम की तरफ गया …वहाँ सारे रूम लॉक थे तो मैने कहा

मैं-आंटी..???

आंटी-(अंदर से ही)-1 मिनट
आंटी ने 1 रूम का गेट थोड़ा सा खोला ऑर दाएँ बाएँ देख कर पूरा गेट खोल दिया
मैं आंटी को देख कर मस्त हो गया…उन्होने वही ड्रेस पहनी थी जो मैने दी थी…मतलब आंटी भी मेरी गर्लफ्रेंड बनना चाहती है….
मैने आंटी को ये ड्रेस दिलवाई थी .





मैं-वाउ(मेरा मुँह खुल का खुला रह गया,,,,,1 तो ख़ुसी से ,,,क्योकि अओंती ने वही ड्रेस पहनी थी…जिससे पता च्ला की आन्सर हा मे आए…दूसरी बात आंटी सच मे पटाखा लग रही थी)

मुझे ऐसे देखते हुए आंटी शर्मा गई ऑर बोली

आंटी-क्या देख रहा है

मैं-अपनी गर्लफ्रेंड को…मस्त माल है यार

आंटी(शरमा गई)

मैं-सच मे मेरी तो किस्मत खुल गई

आंटी-चुप कर अब…अब खुश है ना

मैं आंटी के पास गया ओर उनके गाल पर 1 किस कर दिया 

मैं-हाँ,,,,बहुत खुश

आंटी शरमा कर अंदर चली गई….थोड़ी देर बाद फिर से 1 बेव ड्रेस पहन कर दिखाई…ऑर ऐसे ही हम ने 5 ड्रेस फाइनल की

ड्रेस फाइनल होने के बाद सेल्सगर्ल ने मेरे कहे अनुसार ब्रा-पैंटी ऑर नाइटी दिखाई….मैने ऑर आंटी ने 8 ब्रा पैंटी सेट 3 नाइटी के सेट सेलेक्ट कर लिए…इस सब के बीच मे आंटी शरमाती रही…बट शरमाना..कम भी हो गया था…जो मेरे लिए अच्छी बात थी

सब खरीदने के बाद

आंटी-बेटा मेरे पास इतने पैसे नही है

मैं-पहली बात अब मैं आपका बाय्फ्रेंड ऑर आप मेरी गिर्ल्फ़रणड हो….तो बेटा मत कहना
दूसरी बात बाय्फ्रेंड के रहते हुए गर्लफ्रेंड को क्या टेन्षन….मैने इतना बोलकर सेल्सगर्ल को कार्ड दिया ओर सब हिसाब करके हम शॉप से बाहर आने लगे…आंटी साड़ी मे ही थी

मैं-अरे आप साड़ी क्यो पहने हो…न्यू ड्रेस पहनो

आंटी-नही…अभी नही

मैं-अब आप अपने न्यू बाय्फ्रेंड का कहा भी नही मानेगी

आंटी-अरे बेटा.. यहाँ संजू के पापा के फ्रेंड मिल सकते है ऑर जान-पहचान वाले भी

मैं(सोच कर)-हाँ सही कहा...सॉरी मैने सोचा ही नही....चलो आइस क्रीम खाते है

आंटी-हाँ 2 मिनट…मुझे कुछ मेक-अप का सामान भी लेना है

मैं-ओके..आप लो मैं यही हूँ

आंटी मेक-अप का समान लेने गई ऑर मैं उस सेलेज़्गर्ल को देखने लगा….

जैसे ही आंटी मेक-अप काउंटर पर गई मैने ड्रेस दिखाने वाली सेलेज़्गर्ल को बुलाया

सेल्सगर्ल-जी सर…काम हो गया क्या…???

मैं(मुस्कुरा कर)-हाँ हो गया, अब सुनो

सेल्सगर्ल-जी..कहिए
मैं-ये पैसे लो..ऑर कुछ लेटेस्ट मिनी ड्रेस …जिसमे बॉडी हॉट लगे वो भिजवा देना …जब मैं कॉल करूँ…ओर मैने 10,000 रुपय उसे दे दिए

सेल्सगर्ल- ऑर कुछ सर 
मैं- हां.. एक- दो वेड्डींड ड्रेस भी भिजवाना...वेस्टूर्न लुक मे...
सेल्सगर्ल-सर जैसा आप कहे…काम हो जायगा…ऑर कुछ कर सकती हूँ आपके लिए

मैं(शरारत करते हुए)-ह्म्म…ऑर कुछ मे ह्म्म्मी ..ऑर क्या दे सकती है आप

सेल्सगर्ल-(मुस्कुरा कर)-सर आप जो कहे….फुल मज़ा

मैं-(मुस्कुरा कर)-ओके…कभी मज़े भी लूँगा…अपना नंबर दे दो…
सेल्सगर्ल-जब भी आप कहे

ऑर उसने मुझे अपना नंबर दिया ऑर मेरा नंबर भी ले लिया…
तब तक आंटी भी मेक-अप का सामान ले कर आ गई 
इसके बाद हम आइस-क्रीम पार्लर पर जाने लगे

मैने जाते हुए आंटी की कमर मे हाथ डाला तो आंटी कुछ नही बोली बस मुझे देख कर मुस्कुरा दी….ऑर हम आइस-क्रीम खाने निकल गये…

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हम ने आइस क्रीम ऑर्डर की ओर बैठ कर आइस-क्रीम का वेट करने लगे

मैं-आंटी 1 बात पूछ सकता हूँ

आंटी(प्यार से देख कर)-हां बेटा पूछ ना

मैं-आंटी आपने हाँ बोल दिया ना मेरी गर्लफ्रेंड बनने के लिए

आंटी(थोड़ा रुक कर)-क्यो तुझे अच्छा नही लगा क्या

मैं-अरे नही-नही…मैं तो चाहता हूँ कि आप ही मेरी गर्लफ्रेंड बनो

आंटी-तो बेटा ,,,अब बन तो गई ना

मैं-सच मे आंटी

आंटी-कोई शक है क्या….

मैं-नही आंटी बस सोच रहा हूँ..कि आज मेरी किस्मत खुल गई

आंटी(मुस्कुरा कर)-किस्मत तो मेरी खुल गई जो इतना हॅंडसम बाय्फ्रेंड मिला है मुझे

तभी हमारी आइस-क्रीम आ गई…ऑर हम आइस-क्रीम खाने लगे

(मैं आइस-क्रीम खाते हुए सोच रहा था कि ये आंटी इतनी जल्दी लाइन पर आ गई…क्यूँ???....मुझे जवाब नही मिल रहा था …फिर सोचा शायद इसकी चूत मे ज़्यादा ही आग है ऑर मैं मुस्कुराने लगा)

आंटी-क्या हुआ …हँस क्यो रहे हो

मैं-कुछ नही आंटी…खुशी के मारे…आज मैं बहुत खुश हूँ

आंटी- मैं भी…बस मुझे ऐसे ही खुश रखना

मैं-बिल्कुल आंटी….हमेशा…आज से आपको खुशी ही मिलेगी(ऑर ये कह कर मैने आंटी का हाथ पकड़ कर छोटा सा किस कर दिया

आंटी-मैं भी तुम्हे गर्लफ्रेंड की सारी ख़ुसीया दूँगी बेटा

मैं- सच आंटी...सारी खुशी जो गर्लफ्रेंड देती है

आंटी(आँखे नचाते हुए)-हाँ...सारी की सारी

मैं(हँसते हुए)- तो अब चले

आंटी - ओके

मैं ऑर आंटी माल से बाहर आगये ऑर कार मे बैठ गये…

कार को स्टार्ट करके हम निकल गये घर की तरफ

आंटी - सुनो

मैं- क्या हुआ

आंटी -हम ये समान घर नही ले जा सकते…

मैं(अंजान बनते हुए)-क्यो

आंटी -तुम जानते हो ....इसमे क्या -2 तो दिलवा दिया ऑर अब कह रहे हो क्यो

मैं-अरे जानता हूँ…डॉन’ट वरी मैं मज़ाक कर रहा था…इसे मेरे घर रख कर चलते है…..कल शादी मे जाने से पहले ले लेगे

आंटी -ओह माइ गॉड

मैं-क्या हुआ अब

आंटी - शादी मे तो संजू के साथ जाना है …उसे क्या बोलुगी

मैं-अरे आप टेंशन मत लो मैं हूँ ना

आंटी -क्या करोगे

मैं-शादी में गर्लफ्रेंड अपने बाय्फ्रेंड के साथ जाएगी

आंटी(शरमाते हुए)-गर्लफ्रेंड की बहुत फ़िक्र है…ह्म्म्म 

मैं- ऑर नही तो क्या…अभी तो मिली है…डॉन’ट वरी मैं संजू को मना लूँगा ऑर वैसे भी वो बीमार है

आंटी-ओके.…वैसे तुम क्यों जाना चाहते हो मेरे साथ

मैं-अब न्यू गर्लफ्रेंड को प्यार तो करना बनता है ना…

आंटी- चुप करो…बड़ा आया प्यार करने वाला

मैं- आंटी , क्या आप प्यार नही करने दोगि मुझे

आंटी(शरमा जाती है)-चलो गाड़ी चलाओ

मैं-नही पहले बताओ…क्लियर बता दो….मज़ाक नही

आंटी(थोड़ा सोच कर)- ठीक है …चलो …कल देखते है कि कैसे प्यार करता है तू

मैं-कल नही आज…

आंटी-अरे इतनी जल्दी ठीक नही बेटा

मैं-आप मेरी गर्लफ्रेंड हो…ऑर मैं आज ही अपनी गर्लफ्रेंड को प्यार करूगा…ऑर खुश कर दूँगा

आंटी-देखते है कितना खुश कर पाता है…हहेहहे

मैं-चलिए आपको दिखाता हूँ …ऑर मैने कार घर की तरफ दौड़ा दी…हम बात करते-करते मेरे घर पहुच गये…



(हम घर मे एंटर हुए ,,,ऑर सविता ने हमे कॉफी पिलाई ऑर हम , मेरे रूम मे आ गये
आंटी -रूम तो अच्छा है ….सब कुछ है यहाँ 

( मेरा रूम आलीशान था ज़रूरत का हर समान था…बड़ा सा बेड गद्देदार बिस्तर….डाइनिंग टेबल…सोफा…अटेच बाथरूम…एसी…एट्सेटरा…मतलब शानदार इंसान का आलीशान रूम)
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Sannydub76 Offline
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#9
29-07-2017, 01:04 AM
मैं- हाँ …मेरा रूम तो देख लिया अब अब अपना रूम कब दिखओगि(डबल मीनिंग)

आंटी -वेट करो…बहुत जल्दी है क्या बेटा….जल्दी ठीक नही है(अब आंटी की शरम भाग गई थी..बस थोड़ी सी ऑर भागनी थी)

मैने रूम को अंदर से लॉक किया ऑर आंटी का हाथ पकड़ कर अपनी बाहों मे खींच लिया

आंटी(गुस्से से) –ये क्या बदतमीज़ी है
मैं ( कंफ्यूज हो कर)-मेरी गर्लफ्रेंड हो ..….क्या हुआ आपको

आंटी - बस रुक जाओ…गर्लफ्रेंड…गर्लफ्रेंड…मतलब करना क्या चाहते हो

मैं(मन मे –साली चोदना चाहता हूँ तुझे ऑर क्या)

आंटी-देख क्या रहे हो बोलो अब…क्या करना चाहते हो

मैं(कन्फ्यूज होकर)- मैं…वो…प्यार

आंटी-प्यार मतलब क्या…तुमने मुझे समझ क्या रखा है 

मैं-आप…वो…कहा था ना..कि आप…मेरी…गर्लफ्रेंड…(मैं हिचकिचाते हुए बोला)

आंटी-बस..बहुत हुआ…अब मैं घर जा रही हूँ(ऑर ये कह कर आंटी गेट की तरफ जाने लगी)

मैं-रूको आंटी…मैं साथ चलता हूँ आपके

आंटी- कोई ज़रूरत नही मैं अकेली जा सकती हूँ

मैं(तेज आवाज़ मे)-ज़रूरत है...संजीव क्या सोचेगा..

आंटी(चुप चाप खड़ी रही)

मैने आंटी का समान एक तरफ रखा ऑर कार की कीज़ लेकर बोला

मैं (गुस्से मे) -अब चलिए

इसके बाद हम संजीव के घर चल दिए…पूरे रास्ते हमने कोई भी बात नही की….मैं सोच रहा था कि क्या औरत है….1 मिनट मे यहाँ ऑर 1 मिनट मे वहाँ

संजीव के घर आते ही मैं कार पार्क करने लगा जब तक आंटी घर मे एंटर हो गई ऑर अपने रूम मे चली गई…मैं भी सीधा उपर आ कर संजीव के रूम मे गया…वो अभी भी सो रहा था…मैं भी उसी के बाजू मे लेट गया ऑर…कब नीद आ गई पता ही नही चला…….
मैं शाम तक सोता रहा ...
शाम को भी कुछ खास नही हुआ…

आंटी मेरे सामने आई तो बिल्कुल नॉर्मल बिहेव कर रही थी…लेकिन मेरा गुस्से से सिर फटा जा रहा था….

मैं बापिस संजीव के साथ रूम मे आ गया ऑर टीवी देखने के बाद सोने की कोसिस करने लगा….


Re: चूतो का समुंदर
Posted: 26 Apr 2016 19:16
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by Ankit

अचानक मेरा सेल बजने लगा…कोई अकनोन नंबर. से कॉल था..मैने कॉल पिक की…

(कॉल पर)
अननोन-क्या कर रहे हो
मैं(ये तो कोई औरत की आवज़ है)-कुछ नही…वैसे कौन ??

अननोन-सो गये थे क्या???

मैं-(कौन है साली)- नही…बट बोलो तो हो कौन??

अननोन-नीचे आओ…चुपके से

मैं(नीचे , मतलब इसी घर से है कोई…कौन हो सकता है…संजीव की मोम..???)- आप हो कौन

अननोन- आज ही गर्लफ्रेंड बनाई ऑर आज ही भूल गये

मैं(हाँ वही है साली, गुस्से मे)-क्या काम है अब..

अननोन-आओ तो, एक सर्प्राइज़ तुम्हारा वेट कर रहा है…

इतना बोल कर आंटी ने कॉल कट कर दी…

मैं सोचने लगा…वाकई ये औरत तो समझ नही आ रही….कैसा मूड है जो बदलता ही रहता है…

अब पता नही कैसा मूड है…मेरे फ़ायदे का या न्यू टेन्षन…चलो देखते है

मैं बेड से उठा ऑर रूम के बाहर आकर देखा…सब रूम मे ही थे…हालाकी अभी सिर्फ़ 10 ही बजे थे…तो सब रूम के अंदर जाग ही रहे थे

मैं जैसे ही नीचे पहुचा..तो आंटी का रूम क्लोज़ था…मैने 1 बार ही नोक किया ..

आंटी-कौन है

मैं-मैं हूँ…आपने बुलाया…

आंटी(बीच मे ही)-अंदर आ जाओ

मैं अंदर गया…तो देखा आंटी 1 चद्दर लपेटे खड़ी हुई थी..

मैं(गुस्से मे)-क्या हुआ…क्यो बुलाया
आंटी-सस्स्शह(उंगली मुँह पर रख कर)

मैं(धीरे से)-ओके…अब बताइए भी

आंटी-गेट बंद करो पहले

मैं कनफ्युज था कि गेट बंद करके ये क्या करने वाली है…फिर भी मैने गेट बंद कर दिया ऑर जैसे ही पीछे मुड़ा….

मेरी आँखे फटी की फटी रह गई….ओर मेरे मुँह से 1 वर्ड भी नही निकला…बस मे देखे जा रहा था….

मेरे सामने आंटी सिर्फ़ ब्रा–पैंटी मैं थी….वो बेड पर एक जाँघ को दूसरी जाँघ पर चढ़ा कर बैठे हुए इतरा रही थी....

ये उन्ही ब्रा-पैंटी सेट्स मे से 1 से था….क्या माल लग रही थी..कसम से दिल किया कि अभी खा जाउ इसे….






मैने सोचा समान तो मेरे घर पर रखा था फिर ये यहाँ कैसे…मैं अपने ख़यालो मे खोया था , तभी आंटी बोली

आंटी-क्या हुआ हीरो….कैसा लगा सर्प्राइज़..???

मैं(होश मे आते हुए)-फंदू….क्या पटाखा माल हो आप…दिल करता है कि….कि....

आंटी-रुक क्यो गये …बोलो दिल क्या करता है

मैं-यही कि आपको खा जाउ

आंटी-वेट करो....वो मौका भी मिलेगा...

मैं-लेकिन आप तो बोल रही थी कि…मतलब …अब कैसे…ऑर ये आप लाई कब

आंटी-अरे,अरे कितने सवाल करोगे

मैं-तो आप जवाब दो 

आंटी-ये मैं चुपके से ले आई थी….क्योकि तुम्हे दिखाना था कि तुमने अपनी गर्लफ्रेंड के लिए जो खरीदा है उसमे तुम्हारी गर्लफ्रेंड कैसी लगती है….

ओर जो मैने गुस्सा दिखया था…वो तो ऐसे ही..

मैं-ऐसे ही मतलब …मेरी तो फट गई थी डर से…कि पता नही आप क्या करोगी

आंटी-अच्छा डर गये थे….ऑर कुछ

मैं-हां…मेरे हाथ से इतना मस्त माल भी निकल गया था ना

आंटी(हँसते हुए)-ये माल तो तुम्हारा हो गया….

मैं-तो वो सब …क्यो किया..

आंटी-ताकि तुम समझ सको कि मैं ऐसी औरत नही जो किसी के भी पास आसानी से आ जाउन्गी…मैने अपने पति के अलावा किसी के साथ नही गई…आज तक

मैं-तो आपने मुझे हाँ क्यो बोला

आंटी-पता नही पर तुम्हे देख कर मैं गरम हो जाती हूँ….ओर मुझे अब तुम्हारी ज़रूरत भी है..

मैं-तो आपने तब मना क्यो किया…प्यार करने को

आंटी(मुस्कुरा कर)-तुम्हे तड़पाने के लिए

मैं-पर क्यो
आंटी-क्योकि तड़प जितनी बढ़ती है…प्यास भुजने मे उतना ही मज़ा आता है…

मैं-तो अभी प्यास भुजा लूँ

आंटी-फिर जल्दबाज़ी….थोड़ा तड़पो….सब मिलेगा….तुम्हारा ही है सब

मैं-तो अभी ले लूँ, मेरा ही है

आंटी-अभी तो कुछ सोचना भी मत, अंकल आने वाले है,…मुझे जो सर्प्राइज़ देना था वो दे दिया…बाकी कल..अब जाओ

मैं-ऐसे तो नही जाउन्गा

आंटी-समझो ना….अब थोड़ा रूको…फिर इस बॉडी पर तुम्ही राज़ करना

मैं-सच

आंटी(डरी हुई थी कि कोई आ ना जाय ऑर मुझे भागने के लिए बोली) -हाँ बिल्कुल…अगर मेरी प्यास बुझा दोगे…तो तुम्हारी रखैल बन जाउन्गी….ओके

मैं-तो रेडी हो जाओ…कल से तू मेरी रखैल

आंटी-देखते है बेटा …कितना दम है….ऑर हाँ, अगर मैं प्यासी रह गई तो हाथ भी नही लगाने दुगी

मैं-ठीक है प्रॉमिस

आंटी-अब जाओ भी

मैं-ऐसे नही

और मैं आंटी की तरफ बढ़ने लगा…आंटी डर से पीछे हो रही थी …लेकिन पीछे बेड के लास्ट मे पहुच गई अब आगे जगह नही थी….

मैने आंटी के पास पहुचे…उनकी आँखो मे डर दिखाई दे रहा था…साथ मे हवस भी…मैने उनके लिप को किस किया ऑर बूब्स को प्रेस करके कहा

मैं-कल …ये बॉडी मेरी हो जाएगी…आज रात भर के लिए आज़ाद हो…कल से मेरी गुलाम होगी

आंटी-अगर तुम मेरी उम्मीदों पर खरे उतरे तो तुम्हारी गुलाम बन कर …किस्मत मेरी चमक जाएगी…अब जाओ प्लीज़
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मैने मौके की नज़ाकत को समझा ऑर धीरे से निकल कर उपर रूम मे आ गया…ऑर बेड पर लेट कर सोचने लगा

मैं(मन मे)-ये साली रंडी है कि क्या है….खुला आमंत्रण दे दिया….कि चुदाइ मज़ेदार होगी तो मेरी रखैल बन जायगी….

कोई नही आंटी जैसे तेरी बेटी मेरी गुलाम है वैसे कल से तू भी मेरे लंड की गुलाम होगी….फिर देख मैं क्या करता हूँ…कैसे यूज़ करता हूँ तुम दोनो माँ-बेटी को

सोचते हुए मैं सो गया ऑर जब आँख खुली तो कल की तरह आज भी कोई मेरा लंड सहला रहा था…

मैने सोचा…करने दो..जो भी है…देखते है आज क्या करती है ये…इतना तो पक्का था कि ये पूनम नही हो सकती….क्योकि वो मेसेज किए बिना आती नही….ये कल वाली ही है…

अब है कौन….आंटी हो नही सकती…पूनम है नही, आंटी2..??, अनु?? …या रक्षा..???

पता नही कौन होगा…आज कैसे भी पता करना होगा…बट अभी चुप रहने मे ही भलाई है

ऐसा सोच कर मैं शांति से लेटा रहा ओर वेट करने लगा कि देखु तो कि ये आगे क्या-क्या करती है….....
मैं आँखे बंद किए हुए लेटा था ऑर वो मेरे लंड को सहलाए जा रही थी...करीब 10 मिनट मे मेरा लंड झड़ने के करीब पहुचने लगा...मुझे लगा कि आज तो साली हाथ से ही झडा देगी...

मैने सोचा साली को कल की तरह पकड़ कर मुँह चोद दूं...लेकिन फिर सोचा कि अगर इसकी असलियत जान नी है तो चुपचाप रहने मे ही भलाई है...

अचानक मुझे झटका लगा जब मुझे मेरे लंड पर जीभ का अडसास हुआ....मैने सोचा चलो बढ़िया है...कुछ तो किया साली ने....

मैने दुआ करने लगा कि अब बस ये मुँह मे लेकर चूसे...तो मज़ा आ जाए

लेकिन ऐसा नही हुआ....5 मिनट वो जीभ से लंड का टोपा ही चाट रही थी.....

मुझे लगा कि शायद आज किस्मत मे यही है...बट मैं ग़लत था

अचानक वो मेरे लंड को होंठो से होते हुए मुँह मे ले गई ...लेकिन बस ¼ हिस्सा ही अंदर लिया....

मैं(मन मे)- लगता है साली को कल की लंड चुसाइ पसंद आई...चलो बढ़िया है....

मैं लेता हुआ मज़े लेने लगा ऑर सोचने लगा कि अब आगे क्या करती है साली....


मुझे आज झटके पे झटका मिल रहा था...पहले आंटी ने झटके दिए ऑर अब इसने....

ऐसा सोच ही रहा था कि एक ऑर झटका मिला...वो साली मेरे लंड को अपने गले की गहराई मे ले कर चूसने लगी....

मैं तो खुशी से आसमान मे उड़ने लगा...ऑर लंड चुसवाने का मज़ा लेने लगा...मैं अपने आख़िरी चरम पर था...मेरा लंड उसके मुँह की गर्मी अब ज़्यादा बर्दास्त नही कर सकता था...ऑर मैं तेज़ी से झड़ने लगा.....


मैं आंटी की वजह से गरम तो था ही....तो तेज़ी से झड़ने लगा ऑर ऐसा लगा की इस बार कुछ ज़्यादा ही झड रहा हूँ...शायद नये मुँह के द्वारा मर्ज़ी से लंड चूसे जाने की खुशी थी.....

मैं अपने आनद मे मगन था ऑर वो मेरे लंड रस को निगल रही थी....जब वो मेरा पूरा रस पी गई...तो लंड को चाट कर सॉफ करने लगी...

लंड को सॉफ करके उसने बड़ी सराफ़त से मेरे लंड को मेरी अंडरवर के अंदर करके लोवर को उपर चढ़ा दिया….ऑर सरीफ़ लड़की की तरह उठ कर गेट की तरफ जाने लगी…

बट आज तो मुझे पता करना था कि ये है कौन …तो मैं बेड से उठा 

मैं शान्ती से पीछा करना चाहता था बट उठते हुए मेरा हाथ बाजू की टेबल पर रखे फ्लॉवेरवाश से टकरा गया….ऑर मेरे मुँह से भी निकल गया

मैं- ओह्ह…ये क्या…

फ्लॉवेरवाश ऑर मेरी आवाज़ सुनकर वो साली बिजली की स्पीड से मेरे रूम से निकल गई….जब तक मैं उठ कर रूम के बाहर पहुचा…वहाँ कोई नही था…बिल्कुल सन्नाटा…

मैं(मन मे)- भैनचोद…निकल गई….आज साला किस्मत ही गन्दू है

( मैने सोचा सायद नीचे गई होगी ऑर मैने नीचे देखने चला गया…वहाँ मुझे कुछ लोगो की आवाज़े सुनाई दी ऑर मैं ध्यान से आवाज़ का पीछा करते हुए आगे बढ़ा…
जब मुझे आवाज़ सॉफ-सॉफ सुनाई देने लगी तो मैं वही रुक गया ऑर ध्यान से सुनने लगा…)


जब मैं वो बातें सुन रहा था तो शॉक्ड हो गया ऑर मुझे गुस्सा भी आया …

वहाँ मेरे बारे मे ही बातें हो रही थी…मन तो किया कि सामने चला जाउ ऑर गान्ड मार दूं उनकी…. फिर सोचा कि अभी नही, प्लान करके कुछ करूगा ओर मैं बापिस अपने रूम मे आ गया…)

ऑर मैं अपने आप पर गुस्सा होते हुए बापिस बेड पर लेट गया ऑर सोचने लगा कि…
ये क्या चल रहा है….मेरे खिलाफ ऐसी साज़िश…
अब इस न्यू प्राब्लम का क्या करे…

फिर मैने अपने आप से कहा …इनको तो तरीके से निपटाउंगा…

मेरे साथ खेल खेलना चाहते है….…, अब देखो मैं क्या खेल खेलता हूँ…..
वो बाद मे ….अभी पहले ये पता लगाना है कि रूम मे कौन था

मैने अपना फोकस लंड चूसने वाली पर किया ऑर सोचने लगा…
क्या अब वो आयगी या नही….फिर सोचा जब आयगी तब देखेगे…

अगर अबकी बार आई तो कन्फर्म पता कर लूँगा…बट कुछ ऑर आइडिया सोचना होगा…क्योकि अब वो भी सतर्क हो गई होगी…ओर समझ भी गई होगी कि मैं सोने का नाटक कर रहा था

चलो देखते है.सोचेगे कुछ…ऐसा मैं अपने आप से कहता हुआ सो गया.....
जब सुबह मेरी नींद खुली तो मुझे प्यारी सी आवाज़ मे कोई मुझे उठाने की कोसिस कर रहा था…

मैं(बिना आँख खोले हुए)- सोने दो ना….

अनु-अरे भैया उठ जाइए…आंटी बुला रही है

मैं(अरे ये तो अनु है, आँखो को खोलते ह)-गुड’मॉर्निंग बेटा

अनु-हाँ भैया…मेरी मॉर्निंग तो गुड है….आप उठ जाओ…तो आपकी भी गुड हो जाएगी

मैं-अरे यार…इतनी जल्दी क्या ज़रूरत है

अनु-अरे भैया, जल्दी कहाँ…9 बज गये ऑर आपको जाना भी है

मैं-मुझे कहाँ जाना है

अनु-शादी मे , आंटी के साथ

इतना सुनते ही मेरी आँखे पूरी तरह खुल गई

मैं-ओह माइ गॉड, मैं तो भूल ही गया था

अनु-अब याद आया …चलिए जल्दी तैयार होकर आ जाइए…सब नाश्ते पर वेट कर रहे है

इतना बोल कर अनु नीचे चली गई ओर मैं बाथरूम के अंदर
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#10
29-07-2017, 01:09 AM
मैं बाथरूम मे आकर फिर से सोचने लगा , रात के बारे मे…
कि जो मैने सुना वो क्या सच है..या मेरा वहम

अगर सच है तो आज से उनको सबक सिखाने के प्लान पर काम करना होगा …
ऑर हाँ मेरे रूम मे आने वाली…वो कौन थी ….ऐसा क्यो कर रही है….कैसे पता लगाउन्गा…..

थोड़ी देर बाद मेरा माइंड ये सब छोड़ कर आज के बारे मे सोचने लगा कि आज आंटी के साथ सफ़र करना है….आंटी को चुदाई के लिए रेडी करना है….
बट करूगा कहाँ….ह्म्म्मछ…देखते है…चलने तो दो….

यही सब सोचते हुए मैं नहा कर रूम मे आ गया ऑर मस्त तरीके से रेडी हुआ ऑर कुछ सामान ऑर कपड़े साथ मे लिए….शादी मे जाने को….ऑर नीचे चला गया..



मैने जाते ही बोला

मैं-गुड’मॉर्निंग एवेरिवन

अचानक से वहाँ सब लोग मुझे देखने लगे ऑर स्माइल देने लगे….

अंकल 1-आओ-आओ हीरो
मैं-हीरो??

अंकल1-हाँ भाई हीरो…आज बिल्कुल हीरो लग रहे हो…है ना??

अंकल2- हाँ भैया सच कहा आपने

आंटी2- हां…हीरो ही है ये तो

अनु-सच मे भैया कमाल दिख रहे हो….सब आपको ही देखेगे

मैं-आप लोग मुझे चने के झाड़ पे मत चढ़ाओ

पूनम-नही भाई सच मे

आंटी1(किचन से आते हुए)-तू तो है ही मेरा हीरो….मतलब सब सच बोल रहे है …आज तू कमाल लग रहा है

मैने आंटी को देखा ऑर हमारी आँखे मिल गई….आंटी की आँखो मे खुशी दिख रही थी….

संजीव(धीरे से)-भाई सच मे आज तो चूत वाली पीछे पड़ जाएगी

मैं(संजीव के कान मे)-तेरी माँ आ जाय बस…ऑर हम हँसने लगे

अंकल1-क्या बाते कर रहे हो हमे भी बताओ

मैं(मन मे)-अब तुझे क्या बोलू गन्दू…कि तेरी बीवी को चोदने का बोल रहा हूँ…ऑर वो भी तेरे ही बेटे से…हाहहाहा

मैं-कुछ नही अंकल

अंकल1-ओके नाश्ता करो…फिर तुम्हे जाना भी है…पर बेटा तुम्हारा स्कूल…???

संजीव(बीच मे बोला)-डॅड वो एग्ज़ॅम था क्लास नही होगी

अंकल1-ओके

और हम नाश्ता करने लगे…

मैने नज़र घुमा के देखा …कि शायद रात वाली का कुछ पता चले…जिससे भी नज़रें मिलती वो स्माइल कर देता ऑर मैं भी…..बट रक्षा आज फिर मुझे गुस्से से घूरे जा रही थी…जैसे ही मैने उसे देखा उसने मुँह नीचे कर लिया ऑर नाश्ता करने लगी

मैं(मन मे)-साला इसे क्या हो गया….ऐसा तो नही कि यही हो….लेकिन अगर ये होती तो नज़रे चुराती….गुस्सा क्यो होती….नही-नही ये नही हो सकती….तो फिर साला कौन होगा….दिमाग़ का दही कर दिया…लंड चाहिए तो सीधे माँग ले ना…चोरी-चोरी क्यो….दिमाग़ हिल गया

आंटी1-बेटा ऑर कुछ लोगे

मैं(होश मे आते हुए)-अभी नही …(मैं मुस्कुरा दिए)

आंटी-(शरारती हँसी के साथ)-ओके बेटा जो भी चाहिए , माँग लेना… समझ गये….ऑर हँसते हुए दूसरो को सर्व करने लगी

मैं(मन मे)-साली आज तेरी चूत ऑर गान्ड ही खाउन्गा….देखती जा


नाश्ता ख़त्म होने के बाद….सब अपने -2 काम मे लग गये….

Pos
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अंकल लोग शॉप पर निकल गये ऑर आंटी को अच्छे से जाने का बोल गये….ऑर मुझे भी…

पूनम अपनी फ्रेंड के घर निकल गई , अनु ऑर रक्षा अपने कमरे मे….आंटी 2 किचन मे ऑर आंटी1 मुझसे बोली

आंटी-ओके, बेटा अब मैं तैयार हो कर आती हूँ…चलो चलते है

मैं(मन मे)-हाँ साली मैं तो इसी लिए रेडी हू

संजीव-भाई इतनी जल्दी क्यो…शादी तो कल है ऑर संगीत रात मे…ऑर 4 घंटे मे तो पहुच जाओगे

मैं(मन मे)-भाई थोड़ा टाइम तो तेरी माँ को चोदने मे ही निकल जायगा

संजीव-क्या सोचने लगा

मैं –कुछ नही भाई…वो आंटी ने कहा था कि जल्दी पहुच जाएगे तो अपनी फरन्ड के काम मे हेल्प कर पाएँगी

संजीव-ओके..तो भाई आगे क्या सोचा

मैं(मन मे-इसे कल जो हुआ वो नही बताना)-अर्रे कुछ नही अभी तक तो आगे बात नही बढ़ी…आज देखते है

संजीव-भाई जल्दी कर ना

मैं(गुस्सा दिखाते हुए)-साले तेरी माँ है…रंडी नही…जो सीधा बोल दूं…थोड़ा टाइम लगता है यार

संजीव-गुस्सा मत कर…तू अपने तरीके से काम कर ..हुआ तो ठीक…ऑर नही हुआ तो कोई नही यार…कुछ ऑर सोचेगे

मैं-ओके…ये हुई ना बात

मैं पता नही क्यो ये सोचने लगा था कि संजीव को गोली मारो ऑर इसकी फॅमिली की जितनी चूत मिलेगी उनको मैं मारूगा...

संजीव की बात कौन करे किसी से...जब मैं सबकी ले लूँगा...तब इसका सोचूँगा...हाँ, ये ठीक रहेगा...नही तो पता चला इसे चूत दिलाने के चक्कर मे मेरे हाथ भी कुछ ना लगे

इतने मे आंटी रेडी हो कर हॅंड बेग के साथ आ गई...

आंटी-आइ एम रेडी

मैने आंटी को देखा तो देखता रह गया…क्या माल थी यार…लाइट ब्लू साड़ी, स्लीवलेशस ब्लाउस…पिंक लिप्स…गोरे-2 हाथ…ऑर बड़े-बड़े बूब्स…आज तो मेरी निकल पड़ी

संजीव-मोम आपने कपड़े नही लिए

ये सुनकर आंटी चुप रह गई…मैं भी सोचने लगा कि आंटी का समान तो मेरे घर पर है…जो आंटी ले जाने वाली है…अब क्या बोलेगी ये

आंटी(बहाना बनाकर)-संजू,वो मेरी फरन्ड अपने सामान के साथ मेरे कपड़े भी ले गई….मैने सोचा जाना तो वही है तो अलग से क्या ज़रूरत है

संजीव- ओके

आंटी(राहत की साँस लेते हुए)-चले बेटा , लेट ना हो जाएँ

मैं-ओके आंटी चलो….ओके संजीव जाते है…

संजीव-ओके बाइ…बाइ मोम…सेफ जर्नी

आंटी…बाइ बेटा…थॅंक्स न्ड टेककेअर

इतना बोलते हुए हम घर से बाहर आए ऑर कार से निकल गये…संजीव अपने रूम मे निकल गया.....

( कार के अंदर आते ही)

आंटी-चलो जल्दी…सामान उठा लेते है

मैं-हाँ चलते है…बट सामान उठना ही नही है…ऑर भी कुछ करना है

आंटी- ऑर क्या??

मैं-आप चलो तो, मैं बताता हूँ…आप बस वेट करो

आंटी(शरमाते हुए)-अच्छा, इसी लिए तो जल्दी आई हूँ

मैं-हहे मेरी रानी….मज़ा आ गया

आंटी-रानी ????, ओके तो तुम मेरे राजा…पर याद है ना

मैं-क्या

आंटी-वही जो रात को बोला था

मैं(अंजान बनते हुए)-क्या???

आंटी-भूल गया

मैं- बता भी दो ना

आंटी-यही कि अगर मैं खुश हो गई तो मैं हमेशा के लिए तुम्हारी…नही तो आगे से कुछ भी नही

मैं-आंटी…आज आप मेरी हो जाओगी…ओर उसके बाद मैं अंकल के पास भी नही जाने दूँगा…सोच लो

आंटी-अगर तूने खुश कर दिया तो…उसके पास जाउन्गी भी नही….तेरे पास ही आउन्गी.

मैं-ओके…तो वेट करो बस

( इसके बाद मैं सोचने लगा कि साली मेरे साथ गेम…कोई बात नही खेलो …स्टार्ट तुमने कर दिया अब अंजाम मैं दिखाउन्गा…साली जिंदगी भर पछताएगी कि मुझसे पंगा क्यो लिया…)

ऐसे ही बाते करते हुए ऑर सोचते हुए मेरा घर भी आ गया…


मैं-कैसी हो रश्मि…सब लोग कहाँ है???

रश्मि-सविता ताई मार्केट गई है...ऑर रेखा अपने ससुराल

मैं-तुम नही गई रेखा के साथ

रश्मि-नही….घर खाली छोड़ कर कैसे जाती..आप भी नही थे

मैं-ओके…2 कॉफी बनाओ…जल्दी(मैने रश्मि को आँख मार दी)…हमे जाना भी है
रश्मि-(मेरी बात समझ कर) – जी वो कॉफी ख़त्म हो गई...आप चलो मैं मग़वा लेती हूँ....जल्द से जल्द आती हूँ
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मैं ऑर आंटी मेरे रूम मे गये ओर मैने जाते ही आंटी को बाहों मे भर लिया
आंटी-अरे अभी नही….जाना है ना…वहाँ मज़े करेगे

मैं-नही …आपको खुश तो यहीं करूगा …मेरे रूम मे…ऑर इतना बोल कर मैने आंटी को कस के बाहों मे भर लिया ऑर लिप किस करने लगा..

आंटी मेरी बाहों मे झटपटाने लगी…

आंटी-सुनो तो….आआहह..मेरी बात …उउउंम्म..सस्सुनो तो
मैने(रुक कर)-क्या ??

आंटी-ओके…लेकिन साड़ी तो निकालने दो…खराब हो जाएगी तो दूसरी शादी भी नही है

मैं(कुछ सोचकर)-वो टेन्षन मुझ पर छोड़ दो….ओर मैने फिर से आंटी के होंठो को चूसना स्टार्ट कर दिया….

अब आंटी भी मेरा साथ दे रही थी ओर देखते ही देखते आंटी मुझसे भी ज़्यादा तेज़ी से होंठो को चूसने लगी….ऐसे ही हम 5 मिनट होंठो की चुसाइ मे लगे रहे…
फिर….

मैं-आंटी, अब आगे बढ़ें…टाइम कम है

आंटी-शरमाते हुए..स्माइल दे देती है…

मैने तुरंत ही आंटी की साड़ी को निकालना चालू किया….आंटी बोलती रही कि आराम से…बट मैने 1 ना सुनी ऑर आंटी की साड़ी निकाल दी….

साड़ी निकालने के बाद आंटी स्लीव्लेस्स ब्लाउस ऑर पेटीकोटे मे थी….मैने साड़ी को 1 तरफ फेका ओर आंटी के पास जाकर फिर से किस करने लगा

आंटी भी गरम होने लग गई ऑर किस करने मे पूरा साथ देने लगी…
मैने अपने हाथ नीचे करके…होंठो को चूमते हुए आंटी के दोनो बूब्स प्रेस कर दिए 

आंटी-आआहह…आराम से …

मैं-आंटी क्या बूब्स है आपके….1 हाथ मे भी नही आते ….चूसने मे मज़ा आयगा…ऑर मैं बूब दबाते हुए होंठो को चूस रहा था

आंटी-उम्म्म्ममम….तो रोका किसने है…चूस डाल…हो सकता है अब इन पर तेरा ही राज हो जाय….उम्म्म्मममम

मैने फिर बूब्स दावाना चालू किया….

थोड़ी देर तक दवाने के बाद मैने दोनो हाथो से ब्लाउज पकड़ा ऑर फाड़ डाला…जिससे आंटी चौक गई

आंटी-उम्म्म…ये क्या किया….अब मैं क्या पहनूँगी….निकाल नही सकते थे

आंटी गुस्सा थी बट मैने दूसरे ही पल आंटी की ब्रा भी वैसे ही फाड़ दी…ऑर आंटी के दोनो बड़े-2 बूब्स उछल कर बाहर आ गये

आंटी(गुस्से मे)-ये क्या है….फाड़ क्यो रहा है…मैं पहनूगी क्या

मैं अब भी चुप रहा ऑर मैने अपने हाथ आंटी के पेटिकॉट मे फसा कर उसे भी फाड़ कर अलग कर दिया…नाडा टूट गया ऑर पेटिकोट फट गया

अब आंटी का गुस्सा बढ़ गया …उन्होने मुझे पीछे धकेला ऑर बोली

आंटी-जानवर हो क्या….कपड़े फाड़ कर कोई,,,चुदाइ करता है..???

मैं-गुस्सा मत हो जान…

आंटी-गुस्सा क्यो ना होऊँ….सब कपड़े फाड़ दिए ..अब क्या पहन के जाउन्गी

मैं आंटी के पेटिकोट को नीचे करके बोला

पहले आप ये फटे हुए कपड़े निकाल के फेक दो…फिर मैं बताता हूँ

आंटी ने गुस्से मे ब्लाउस ब्रा ऑर पेटिकोट निकाल फेका ओर सिर्फ़ पैंटी मे खड़ी थी.. 


आंटी(गुस्से से)-अब बोलो

मैं-आंटी….आप वही ड्रेस पहन कर चलेगी जो हम लाए थे….ऑर वही ब्रा-पैंटी भी
आंटी-पर शादी के दिन क्या करूगी

मैं – उसका इंतज़ाम हो गया है

आंटी-ऑर बाकी के दिन...???

मैं- मिनी ड्रेस…जिसमे आप हॉट लगेगी
आंटी-ठीक है फिर

मैं(मन मे)-साली मान गई…लगता है इसकी फरन्ड के घर सब ऐसे ही कपड़े पहन के आने वाले होंगे

आंटी-बेटा ,,,एक बात बताओ ..तुम मुझे वैसी ही ड्रेस क्यो पहनाना चाहते हो

मैं-आप सिर्फ़ मान जाओ …वो मैं आपको बाद मे सम्झाउन्गा

आंटी-अब कर भी क्या सकते है…ठीक है पर यहाँ कोई देख ना ले…ऑर शादी के टाइम ..संभाल लेना

मैं- वो मैं संभाल लूँगा
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थोड़ी देर सोच कर आंटी बोली…

आंटी-ठीक है तुम कहते हो तो…..ओके

मैं जाकर बेड पर बैठ गया…आंटी वैसी ही खड़ी थी…

मैं-अब आ जाओ रानी

आंटी पलटी ओर मैने एक झटके से उन्हे खींच कर गोद मे बिठा लिया

आंटी-आओउउक्च्छ…आराम से

मैं(आंटी के बूब को मसल्ते हुए)- इन्हे देखने के बाद कौन कम्बख़्त आराम कर सकता है

आंटी अपने बूब्स की तारीफ़ सुन कर शरमा गई…मैने उसी समय 1 बूब को मुँह मे भर लिया

आंटी-आआअहह….

मैं बूब चूस रहा था ऑर दूसरे बूब को हाथ से मसल रहा था…

आंटी-आआहह…..आअककचहाअ चूस्ता है…आआहह….कचूवस्ससस बेटा

मैं बूब्स चूस्ता रहा ऑर मसलता रहा ….आंटी भी मस्ती मे सिसकारी लेकर मज़ा ले रही थी…तभी आंटी बोली

आंटी-बेटा वो आअहह…रश्मि

मैं(रुकते हुए)-रश्मि ..क्या???

आंटी-वो आ गई तो

मैं-आंटी…मेरे रूम मे नही आ सकती…जब तक मैं ना बुलाऊ…ऑर आयगी भी तो बता के आएगी

आंटी-पर उसने देख लिया तो ..या…शक हो गया तो???

मैं-तो उसे भी चोद दूँगा….ओर ये कहकर मैने आंटी की गांद दबा दी

आंटी-आअहह….सच मे

मैं-आंटी अब टाइम बर्बाद मत करो ना…ऑर मज़ा लो

आंटी-तो रोका किसने है

ओर मैं आंटी के बूब्स दबाते हुए मज़ा लेने लगा......
[/size]

[size=undefined]आंटी के ऐसा कहते ही मैने आंटी को अपने सामने खड़ा किया ओर उनकी पैंटी भी पकड़ कर फाड़ दी

अब आंटी मेरे सामने पूरी नंगी थी….लेकिन कमाल की बात ये थी कि वो शरमा नही रही थी

आंटी ने अपने दोनो हाथ अपने सिर के पीछे रख लिए,…


फिर आंटी ने इतराते हुए पूछा…

आंटी-पसंद आया माल

मैं-ऐसा माल किस्मत वालो को मिलता है

मैने इतना बोल कर आंटी को अपनी तरफ खींचा ऑर पलटा कर उनकी गंद को देखने लगा

आंटी-आअहह…क्या कर रहा है

मैं-उस गंद को देख रहा हूँ…जो मुझे मारनी है

आंटी(खुलकर बात कर रही थी)- मस्त है ना

मैं-आंटी …आप इतनी बोल्ड होगी ये सोचा भी नही था…ऐसे खुल कर बोल रही हो

आंटी(पलटकर)-अभी कहाँ…देखते जाओ मेरे जलवे….कि मैं चीज़ क्या हूँ…हहेहीहे

मैने – सब देखुगा…मेरी रानी….अब आ भी जा...

आंटी-हाँ जल्दी करो....मुझे मेरा माल दिखाओ

मैने जल्दी से आंटी को बेड पर पटक दिया…वो बेड पर पैर नीचे किए हुए…डाली थी..ओर मैने उठ कर अपनी जकेट ऑर टी-शर्ट निकाली

ऑर आंटी के पैरो के पास आकर दोनो हाथो से उनके दोनो पैरो को पकड़ कर उपेर किया…

मेरे सामने आंटी की बिना बालों की चूत आ गई…जिसे देखकर मेरे मुँह मे पानी आ गया ओर लंड कड़क होने लगा

मैं-आंटी…क्या मस्त चिकनी चूत है आपकी
आंटी-तेरे लिए ही चिकनी की है बेटा…

मैं-खा जाउन्गा इसे तो…..ऑर मैने जीभ से चूत को चाट लिया

आंटी-आअहह…खा जाओ बेटा….खा जाओ

मैं मुँह आंटी की चूत पर रख कर चाट ने लगा ओर आंटी सिसकने लगी

सीन कुछ ऐसा था...



मैं-सस्स्ररुउउप्प…सस्ररुउउप्प्प…

आंटी-आअहह…आआहह्ा…आहहह

मैं-सस्स्ररुउउप्प्प…आआहह…आंटी मज़ा आया

आंटी-आअहह…हहाा…..कक्खहाअ ज्ज्ज्जाऊओ

मैने अचानक जीभ को नुकीला करके आंटी की चूत के अंदर डाल दिया

आंटी-आआहह…..उउउंम्म….

मैने जीभ से चूत को चोदना स्टार्ट किया ऑर आंटी मस्ती मे आके बड़बड़ाने लगी

आंटी-आअहह…ययययए कक्क्क्यय्य्ाआ…क्क्कीिईयय्य्ाआ
आऐईीससाअ तो संजू के पापा ने…भी नही…ककक्कीिईयय्याअ
…आअहह

मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी ओर जीभ से चुदाई चालू रखी

आंटी-आआहह…..म्म्म्मा ज़्ज़्ज़ाआ…एयेए गयगगयययाअ….आआववववीिइ त्ताआक्कक कक्खाअ त्ततहाअ…….तततुउउ

मैने मज़े से चूत चुदाई करते हुए आंटी की बाते सुन रहा था

आंटी—आऐईीइसस्साअ……पता होता……त्त्त्तूओ…कककाब्ब का तेरे.प्प्पाआससस्स…एयाया ज्ज्जात्त्तीइ…आआआहह…उूुुउउम्म्म्मम…आहह…माआईयईईई

इतना बोलते ही आंटी झड गई ऑर मैं चूत रस पीने लगा जब मैने चूत रस पूरा पी लिया.....
चूत रस पी कर मैं खड़ा होकर आंटी को देख कर बोला

मैं-आंटी ….मज़ा आया????

आंटी-आअहह…मेरे राजा इतना मज़ा पहली बार आया

मैं-खुश हो ना

आंटी-हाँ बेटा,….आज पहली बार जीभ से चुदि हूँ…खुश कर दिया तूने तो

मैं-अभी तो शुरुआत है…आगे-2 देखते जाओ

आंटी-हां बेटा…जल्दी दिखा…चूस्ता ऐसा है तो आगे तो कमाल करेगा….अब जल्दी आजा बेटा

मैने भी टाइम ना लेते हुए अपनी पेंट ऑर अंडरवर निकाल दी ….मेरा लंड जो लगभग पूरा खड़ा हो गया था…जैसे ही आंटी ने देखा तो…

आंटी-ओह माइ गॉड….ये तो...सच मे…बड़ा..

मैं-तो आपने क्या समझा था

आंटी बैठ कर लंड को हाथ मे लेकर देखने लगी ऑर

आंटी-इतना बड़ा कैसे……क्या ख़ाता है तू

मैं-आंटी…आपको पसंद आया कि नही

आंटी-बताती हूँ..ऑर आंटी मेरे लंड को किस करके मुँह मे ले गई ऑर चूसने लगी....



आंटी-सस्स्स्सुउउउप्प्प…ऊओंम्म….उउउंम्म….सस्स्रर्र्र्र्रप्प्प्प

मैं-आआहह…आंटी….क्कक्या चूस्ति हो….ओर तेज,…हहाअ …ऐसे ही

आंटी-सस्स्स्र्र्ररुउउप्प्प…..ऊओंम्म….उउउंम्म…सस्स्रररुउउप्प

मैं-आअहह…..पक्की रंडी हो….ऑर तेज…मेरी रंडी…आअहह…

जब मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो मैने आंटी के मुँह से लंड निकाल लिया
मेरे लंड निकलते ही आंटी का मुँह ऐसा हो गया जैसे भूके से रोटी छीन ली हो…उनकी हालत देख कर मेरी हँसी निकल गई

आंटी-एयेए…क्या हुआ…

मैं-आंटी अब आपके उपर के होंठो का काम ख़तम ऑर नीचे वाले होंठो का काम स्टार्ट…

इतना कहकर मैने आंटी के पैरो को पकड़ कर उन्हे लिटा दिया…ऑर बिना कुछ बोले…लंड को चूत पर सेट करने लगा…
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